बडा लंड सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे पड़ोसन भाभी की बड़ी बेटी मेरा लंड लेने के लिए उतावली हुई जा रही थी. मैंने उसे पूरी नंगी कर लिया और …
मैं पूजा को लेकर बेड पर लेट गया और पूजा को अपने ऊपर लिटा लिया. वह उत्तेजित हो गई और मेरे ऊपर पूरी तरह से चढ़ गई. उसने अपनी पकोड़ा सी चूत को मेरे पैंट में तने लंड के ऊपर रख प्रिया और रगड़ने लगी.पूजा ने ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी. चूत रगड़ने से पूजा की पैंट गीली हो गई थी.
मैंने पूजा से कहा- ऐसे ही रगड़ती रहोगी या दिखाओगी कुछ?पूजा बोली- मुझे शर्म आती है, आप खुद देख लो.
अब आगे की बडा लंड सेक्स कहानी:
मैंने पूजा के टॉप को पकड़ा और उसकी बांहों में से निकाल प्रिया. पूजा के बड़े- बड़े दो कबूतरों जैसे मम्मे उसकी छाती पर निकल कर खड़े हो गए.मुझसे रुका नहीं गया, मैंने फटाक से एक मम्मे को अपने मुंह में भरकर चूसना शुरू कर प्रिया. बारी बारी से पूजा के मम्मों को चूसता और मसलता रहा.
गोरे गोरे मम्मों के ऊपर बहुत ही गुलाबी कलर के निप्पल थे जो कामवासना से इतने सख्त हो चुके थे कि उनको चूसते हुए बहुत मजा आ रहा था.
जैसे जैसे मैं पूजा का मम्मा चूस रहा था, पूजा मेरे सिर को पकड़कर अपने मम्मों के ऊपर दबा रही थी और तरह तरह की आ … हा … आहा … आवाज निकल रही थी.
मेरा सब्र टूटा जा रहा था. मैंने पूजा की पैंट में हाथ डाला और उसको टांगों में से निकाल कर पूजा को बिल्कुल नंगी कर प्रिया.
पूजा बेड के ऊपर किसी नंगी संगमरमर की मूर्ति की तरह से लेटी हुई थी. उसने अपनी चूत की सफाई बहुत ही सुंदर तरीके से कर रखी थी. पूजा के सुंदर चिकने और हाथी की सूंड जैसे पट और उसके नीचे पांव की बनावट, पांव की उंगलियां, हाथों की उंगलियां देख कर ऐसा लग रहा था मानों पूजा स्वर्ग की अप्सरा हो.
मैंने पूजा की टांगों को चौड़ा किया, उनको थोड़ा मोड़ा. मैं पूजा की चूत देखकर एकदम झूम उठा क्योंकि इतनी सुंदर चूत मैंने पहले कभी नहीं देखी थी.अक्सर सुंदर औरतों की चूत काली और पिटी हुई होती है क्योंकि आदमी उसको चोद चोद कर काला कर देता है. लेकिन पूजा की चूत किसी अंग्रेज औरत की चूत की तरह गुलाबी रंग की थी.
पूजा की चूत की दोनों ऊपर की पुटियां एकदम सुंदर, उभरी हुई, कसी हुई और तरोताजा लग रही थी.
मैंने उंगली और अंगूठे से पूजा की चूत के बाहरी होंठों को थोड़ा खोला तो चूत की दरार के ऊपर बहुत ही सुंदर गुलाबी रंग का मोती सा बना हुआ था जो उसका क्लीटोरियस था. उसके नीचे गुलाबी रंग लिए चूत की झिरी जिसके ऊपर छोटे गुलाब की पंखुड़ियों की तरह दो पत्तियां चूत के गुलाबी छेद को बंद किये हुए थीं.
चूत के नीचे के भाग में पूजा की सुंदर गुलाबी गांड का छेद था जिसके बाहर दो सुडौल सुंदर और गोरे नितंब थे.पूजा का पेट, धुन्नी और उसकी चूत के बालों वाली जगह बहुत ही सुंदर और चिकनी सपाट थी.
मैंने पूजा के माथे को चूम लिया, माथे को चूमने के बाद मैं पूजा के नाक होंठ, ठुड्डी, उसकी गर्दन उसके मम्मों को चूमते हुए उसके पेट, धुन्नी और चूत तक आ गया.
पूजा की चूत पर मैंने एक बहुत ही जोरदार किस किया. उसकी चूत की दरार में अपनी जीभ को नीचे से ऊपर की ओर ले जाते हुए उसके मोती जैसे क्लीटोरियस को होंठों से चूसा.उसकी चूत का छेद इतना तंग था कि कोई नहीं कह सकता कि वह एक बच्चे की माँ है. दरअसल बच्चा होने के बाद पूजा की चूत मारी ही नहीं गई थी.
फिर मैंने पूजा के दोनों पटों को किस करते हुए नीचे की ओर उसके पांव को चूमा और उसके पांव के अंगूठे को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा.
इस सारी क्रिया से पूजा को इतना मजा आया कि पूजा अपने शरीर को दाएं बाएं हिलाती रही.और जैसे ही मैंने अंगूठे को चूसा उसने अपनी चूत को जांघों में भींच कर दो तीन बार हिलाया, अपने सिर को हिलाया और आ … आ … करके झड़ गई.
मैं पूजा के साथ लेट गया और उसके गाल पर हाथ रखकर होंठ को चूमा तो पूजा बोली- मेरा काम तो ऐसे ही हो गया.कुछ देर मैं पूजा के साथ ऐसे ही लेटा रहा और उसके चिकने बदन पर हाथ फिराता रहा.
मैंने उसकी चूत के ऊपर हाथ रखा और बड़ी उंगली को चूत के छेद में डाल प्रिया.पूजा एकदम तड़प उठी. उसने कहा- आपने तो मेरा सब कुछ देख लिया पर आपने अभी तक कुछ नहीं दिखाया है?
मैंने तुरंत बेड से नीचे खड़े होकर अंडरवियर छोड़कर सारे कपड़े निकाल दिए. अंडरवियर के अंदर मेरा लंबा और मोटा लौड़ा तनकर ऊपर की तरफ आया हुआ था.पूजा बेड पर नीचे पांव लटका कर बैठ गई. पूजा मेरे लंड की तरफ देखे जा रही थी.
मैंने पूजा को इशारा किया और कहा- निकालो इसे बाहर!पूजा ने जैसे ही मेरे अंडरवियर के इलास्टिक में अपनी नाजुक उंगलियां फंसा कर अंडरवियर को नीचे किया. एकदम फुँफकार मारता हुआ लंड मोटे नाग की तरह से झूल कर सामने खड़ा हो गया.
मैंने लंड को थोड़ा झटका प्रिया और लंड पेट की तरफ गया पूजा के मुंह से एकदम चीख निकल गई और बोली- उई मां … इतना बड़ा … हाय … यह क्या है?तो मैंने पूजा से कहा- अमित का ऐसा नहीं है क्या?पूजा- नो नो नो … अमित का तो छोटा है, इससे बहुत छोटा.
मैंने पूजा को कहा- इसे छू कर देखो.पूजा ने मेरा लौड़ा अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और सुपारे को देखने लगी. पूजा की आंखें अभी तक फटी हुई थी.वह कहने लगी- राज, इसका सुपारा तो इतना बड़ा है? कैसे अंदर जाता है यह औरत की चूत में? यह तो चूत को फाड़ ही देगा.
मैंने पूजा से पूछा- पूजा तुम्हारी और अमित की सेक्स लाइफ कैसी थी?पूजा ने बताया- वैसे तो हमारी लव मैरिज थी, लेकिन विकास का मेरे अंदर कम ही इंटरेस्ट था. शादी के एक महीने बाद ही मैं प्रेग्नेंट हो गई थी और प्रेगनेंसी के 2 महीने बाद मैं यहां मम्मी के पास आ गई थी. यहां आए हुए मुझे डेढ़ साल हो गया हमारा कोई शारीरिक संपर्क नहीं हुआ है.
पूजा बोली- जितनी भी बार हमने सेक्स किया है मुझे कभी पूरी संतुष्टि नहीं हुई. अमित अंदर करते झड़ जाता था और सो जाता था.
मेरी बिल्डिंग की हसीना
मैंने खड़े खड़े अपने लंड को पूजा की चूचियों पर रगड़ा और पूजा से कहा- पूजा, आज मैं तुम्हें वह मजा दूंगा कि तुम्हें जीवन का आनंद आ जाएगा, लेकिन बाद में मेरी सारी बातें तुम्हें माननी होंगी?पूजा कुछ नहीं बोली और अपनी आंखें बंद कर दी.
मैंने पूजा को खड़ा किया और उसे बांहों में लेकर उसकी थोड़ी सी टांगें चौड़ी की और अपने लंड के सुपारे को उसकी चूत के छेद पर लगा प्रिया.पूजा ने अपनी आंखें बंद कर रखी थी.
मैंने पूजा के नीचे वाले होंठ को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगा. पूजा बारबार उत्तेजित हो रही थी. उसके मोटे मोटे मम्मे मेरी छाती पर खड़े हुए थे. दरअसल तीनों ही मां बेटियों की चूचियां और चूतड़ बहुत ही शानदार और बड़े थे.
मेरे लंड का सुपारा पूजा के चूत के दाने पर टिका हुआ था. पूजा अपने आप मेरे सुपारे के ऊपर चूत को रगड़ने लगी.मैंने पूजा के दोनों चूतड़ों को पकड़ा और उसे अपने लंड की तरफ खींच लिया.
पूजा के मुंह से आह … आह … की आवाजें निकलने लगी. पूजा का बुरा हाल हुआ जा रहा था.वह मेरे कान के पास अपना मुंह ले जाकर बोली- राज, अब करो ना, अंदर डालो.
मैंने पूजा को बेड पर लिटा लिया और उसकी टांगों की तरफ जाकर थोड़ा उसके घुटनों को मोड़ा और अपने लंड को चूत पर रखने की पोजीशन बनाई.पूजा की चूत पानी छोड़ छोड़कर गीली हो चुकी थी. मेरा लंड भी प्रिकम से सुपारे को गीला कर चुका था.
मैंने पूजा की चूत को एक बार दोबारा से किस किया, उसके क्लीटोरियस को उंगली से रगड़ा और अपना मोटा सुपारा पूजा की चूत के छेद को थोड़ा फैला कर रख प्रिया.
पूजा ने आनंद से अपनी आंखें बंद कर ली. कुछ देर तक मैंने सुपारे को छेद पर लगाए रखा. पूजा ने अपनी चूत को एक दो बार सुपारा लेने के लिए ऊपर उठाया लेकिन मैंने सुपारा अंदर नहीं डाला.मैं पूजा की लण्ड के लिए तड़प देखना चाहता था.
उसने मेरी तरफ आंखें खोल कर देखा और कहा- अंदर डालो न प्लीज.पूजा के कहते ही मैंने अपने लंड पर दबाव बढ़ाया, सुपारा अंदर जाने लगा, ऐसा लग रहा था जैसे लौड़ा कोरी चूत में जा रहा हो.
मेरा लौड़ा पूजा की चूत की दीवारों को फैलाते हुए अंदर की ओर जाने लगा. पूजा थोड़ा कसमसाने लगी. पूजा ने अपना हाथ मेरी छाती पर लगा लिया और बोली- राज, धीरे धीरे करना, पता नहीं इतना बड़ा अंदर ले पाऊंगी या नहीं?
मैं पूजा की चुचियों पर झुक गया और मैंने अपनी दोनों कोहनियां पूजा के अगल बगल में रखकर हाथों से पूजा के कंधों को पकड़कर उसे बिल्कुल अपने नीचे काबू कर लिया और लंड को अंदर धकाने लगा, आधा लंड अंदर चला गया था.
पूजा ने एक बार अपनी चूत पर हाथ ले जाकर बचे हुए लंड का जायजा लिया.इससे पहले की पूजा कुछ बोलती मैंने एक झटके में पूरा लंड पूजा की चूत में घुसा प्रिया. पूजा के गले में एकदम हिचकी सी अटक गई और उसके माथे पर पसीना आ गया.
मैंने पूजा से पूछा- क्या हुआ?पूजा बोली- कुछ नहीं, बहुत बड़ा लंड है, पहली बार लिया है, ऐसा लगता है जैसे सुपारा बच्चेदानी के अंदर घुस गया है?
मैंने कहा- दर्द हो रहा है या मजा आ रहा है?पूजा ने आंखें बंद करते हुए कहा- एक बार दर्द हुआ था, अब मजा आ रहा है!और यह कहकर पूजा ने अपने दोनों हाथ मेरी कमर पर कस लिए.
मैं अपने चूतड़ों को हरकत देकर लंड को चूत में आगे पीछे करने लगा. पूजा ने अपनी टांगें बहुत ज्यादा खोल रखी थी जिससे उसकी चूत का छेद पूरा खुला हुआ था.मैंने पूजा के होंठों को अपने होंठों में लिया, उसकी दोनों चुचियों को अपने हाथों से मसला और चुदाई शुरू की. मैंने पूजा की चूचियों को जगह जगह से काटना शुरु किया. पूजा के होंठों को काटते, चूसते हुए पूजा के गालों को चूस रहा था.
पूजा कहने लगी- राज, इनके ऊपर निशान मत डालना, नहीं तो मम्मी को शक हो जाएगा?मैंने मन में सोचा मम्मी तो इन निशानों को देखकर खुश होगी.
पूजा अपने ही बेड पर अपने ही घर में, एक अजनबी से चुद रही थी और खुश हो रही थी.
मैंने पूजा के घुटनों के नीचे अपनी बाजू डाली और उसकी टांगों को ऊपर की तरफ उठाते हुए उसकी चूत की मोटे लौड़े से ठुकाई करनी शुरू की.
पूजा हर झटके पर आ … आ … आई … हाय … चोदो … फाड़ दो … मेरी … हाय … राज … पहले कहां थे … अब मैं हर रोज चुदूंगी तुमसे … बोलो … चोदोगे ना … मुझे …मैंने कहा- हाँ मेरी … रानी … मैं तुम्हें. … अपनी रानी … बनाकर हर रोज चोद दूंगा. मैं रात को तुम्हारे कमरे में आ जाया करूंगा और रोज रात को तुम्हारी लूंगा, बोलो दोगी ना?पूजा बोली- हां.. मेरे राजा … जैसे मर्जी … चोदो … रात को … चोदो, दिन में चोदो.. सुबह चोदो … शाम को चोदो … अब आपको मेरी आग को हर रोज बुझाना होगा.
मेरा लंड पूजा की चूत में सटासट जा रहा था, पूजा की नंगी जांघों के ऊपर मेरी जाँघें थप थप करके बज रही थी. पूजा की चूत भट्टी की तरह से सुलग रही थी.
चोदते चोदते मैंने पूजा की कमर के नीचे हाथ डाला और उसे ऊपर उठा कर अपने लंड पर बैठा लिया. मेरे दोनों घुटने बेड पर टिके थे और मेरे लंड के ऊपर पूजा अपनी चूत के सहारे टंगी थी. मैंने पूजा के चूतड़ों के नीचे अपने दोनों हाथों का सहारा दे रखा था.
मैं पूजा को चूतड़ों से उठा उठा कर लंड पर मारने लगा. पूजा हर झटके पर आह … आह … करती रही.
दोस्तो पूजा की चुदाई बडा लंड सेक्स कहानी में आपको मजा आ रहा है ना? ये लड़की कैसे कैसे चुदी मुझसे … वो सब अगले भाग में!
बडा लंड सेक्स कहानी जारी रहेगी.