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जवान लड़की पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 506 बार

प्रतिशोध की ज्वाला-3

पूनम चोपड़ा

19 Dec 2015 को प्रकाशित

प्रतिशोध की ज्वाला-3
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अब तक आपने मेरी इस कहानी में पढ़ा था अपनी बदले की आग को बुझाने के लिए मैं भी रंडी बनने की राह पर चल पड़ी थी. एक आदमी मुझे कार में ही मस्ती से मुँह में लंड से चोदने लगा था.अब आगे..

कुछ देर बाद वो मुझे किसी गेस्ट हाउस में ले आया और बोला- अब मुझे तुम बताओ कि तुम्हें किसभैन के लौड़ेसे बदला लेना है?मैंने अपने पति का नाम और पता बता कर कहा कि इसकी माँ और बहन को इसी से ही चुदवाना है.वो बोला- यह तो काम बहुत मुश्किल है.. खैर देखता हूँ. अच्छा यह बताओ इस कि इसकी बहन क्या करती है?मैंने कहा- नौकरी की तलाश कर रही है.वो बोला- ठीक है.. मैं अब पूरी कोशिश करूँगा.

उसने किसी से फ़ोन करके पूछा- देखो जो नौकरी कुछ दिन पहले निकाली थी, उसमें कोई इस नाम की लड़की की एप्लिकेशन आई थी क्या?

कुछ देर बाद उसका फोन आया और बोला- जी हां सर, आई हुई है.तब उसने कहा- तुम कल ही उसे इंटरव्यू के लिए बुला लो.उसने कहा- जी सर.

उसके बाद उसने अपनी चुदाई का काम शुरू कर प्रिया और मुझे कुतिया बना कर चोदा. जैसे ही वो पीछे से मेरी चूत पर धक्का मारता था, तो मैं अपने चूतड़ से पीछे की तरफ को धक्का मारती थी.इस तरह से चुदाई होने के बाद में वो बोला- अब तो पहले डिनर करेंगे, फिर बाद में दूसरा राउंड शुरू होगा.

डिनर में उसने चिकन और राइस का ऑर्डर प्रिया और उसके बाद आइसक्रीम का कहा. फिर खा पी कर हम लोग वापिस बेड पर आ गए.

बिस्तर पर आते ही उसने मुझे पहले तो पूरी नंगी किया और फिर पॉकेट से एक शहद की शीशी निकाल कर मेरी चूत के आस पास लगा दी और जो बाकी बची थी, उसको चूत के अन्दर डाल प्रिया. फिर वो मेरी चूत से शहद को चाटने लगा. इस तरह से उसने मेरी चूत को चाट चाट कर पूरा हिला प्रिया. चूत अभी पानी निकालने वाली ही थी कि उसने उसमें अपना लंड घुसेड़ प्रिया.

अब चूत का पानी चूत में.. और फ़च पच की आवाजों से पूरा कमरा गूंजने लगा. थोड़ी देर तक वो अपना लंड चूत में हिलाता रहा, फिर लंड को निकाल कर अपना मुँह मेरी चूत पर लगा कर उसका सारा रस पीने लगा.

जब वो मेरी चुत का रस पी चुका तो फिर से अपना लंड डाल कर मेरी चुदाई करने लगा. इस तरह से वो ना खुद सोया और ना मुझे सोने प्रिया. बस पूरी रात चूत और लंड को एक दूसरे के साथ भिड़ाता रहा.अगर लंड पूरी तरह से ढीला होता था, तो मम्मों के ऊपर ध्यान देकर उनको मसलने लगता.

फिर सुबह 5 बजे अपने ड्राइवर से बोला- इनको इनके घर पर छोड़ कर जल्दी से आओ.. मुझे दो घंटे बाद प्लेन से जाना है.

इसका मतलब था कि आज रात की चुदाई नहीं होगी. जब मैं घर पहुँची तो तबस्सुम सो रही थी.

घंटी की आवाज़ सुन कर उसने दरवाजा खोला तो मुझे देख कर बोली- आज जल्दी छोड़ प्रिया.. क्या बात है?

मैंने उसको बताया कि उसको अभी प्लेन से कहीं जाना था इसलिए छोड़ प्रिया.

जब मैं अन्दर आई तो उसने कहा- तुम इसी कमरे में सो जाओ.

मैंने कहा- ठीक है.. अन्दर कोई खास बात?उसने कहा- एक मेहमान है अन्दर. अगर उसने तुम्हें देख लिया तो तुम्हें भी चोद देगा.अब मुझे पता लग गया था कि तबस्सुम लड़कों को घर पर भी बुला कर अपनी चूत को चुदवाती है. खैर मुझे इस से क्या.

सुबह सुबह वो लड़का उसको चोद चाद कर चला गया और तब तबस्सुम मेरे पास आ कर अपने बॉस के लिए बोली- वो तुम्हारी पूरी मदद करेगा, जिनसे तुमको बदला लेना है.. उनकी खबर लेने की जिम्मेदारी अब बॉस की है.

एक दिन उसके साथ दो लड़के रात को आए.. तो वो मुझसे बोली- यार एक को तुम इस कमरे में ठंडा करो.. मैं दूसरे को ठंडा करके आती हूँ.

मगर उससे उस लौंडे का लंड ठंडा क्या होना था, वो तो खुद ही बहुत कामुक हो रही थी, जैसी उसकी आवाजें आ रही थीं.. उससे साफ़ मालूम चल रहा था.

वो बोल रही थी- साले चोद दबा कर कर.. आज पूरी रात तेरे को नहीं छोड़ूँगी. जो बाहर बैठा है, वो उससे कर लेगा जो बाहर बैठी है. मैं तो तेरे लंड का आज पूरा पानी निकाल दूँगी ताकि पूरे हफ्ता तेरा चुन्नू ठंडा रहे.

उसकी आवाज सुन कर वो लड़का जो मेरे पास बैठा था.. बोला- क्यों क्या विचार है.. सुन लिया ना.. वो मेरे को आज तुम्हारे लिए ही ले कर आई है. तबस्सुम बोल रही थी कि वो बेचारी चुदाई देख देख कर गरम होती है, उसका भी कोई इलाज तो करना है ना. आख़िर वो मेरी दोस्त है, उसका अगर मैं ख्याल नहीं रखूँगी, तो कौन रखेगा.

मेरी चूत वास्तव में पूरी गरम हो गई थी और उसका लौड़ा छत को देख रहा था. मेरे कपड़े ट्रांसपेरेंट थे, उनमें से मेरा सब कुछ नज़र आ रहा था.मैंने उसकी बात का कोई उत्तर नहीं प्रिया, जिसे उसने मेरी मौन स्वीकृति मान ली.

बस फिर वो मुझ पर टूट पड़ा. वो मेरे मम्मों को दबा दबा कर चूसने लगा. मैं भी उसके लंड को दबाने में लग गई. एक कमरे में तबस्सुम चुद रही थी और दूसरे कमरे में मैं लंड लेने को तैयार थी.

थोड़ी देर बाद तबस्सुम चुद कर मेरे कमरे में आई और बोली- अब हम अपना पार्ट्नर बदल लेंगे.. तुम मेरे साथ आओ मिस्टर.जिस लंड से वो चुद रही थी, उसने उसको मेरे पास भेज प्रिया.

अब क्योंकि वो अपना पानी निकाल चुका था, इसलिए उसे गरम होने में कुछ टाइम लग रहा था. वो मेरे मम्मों को दबाने लगा और चूसने लगा. वो मेरे बूब ऐसे चूस रहा था, जैसे कि कोई आम चूसता है.

वो बोला- मेरे लंड मुँह में लो और इसे खड़ा करो.मैंने उसे जैसे ही मुँह पर लगाया वो तो उछलने लग गया. एक मिनट में हो पूरा लोहे का लंड बन गया.वो बोला- तबस्सुम को तो मेरे लंड से जल्दी छुटकारा मिल गया, मगर तुम्हें नहीं मिलेगा. अब यह जल्दी से नहीं अपना पानी निकालेगा.

इस तरह से बोल कर उसने एक ही झटके में अपना 7 इंच लंबा लौड़ा मेरी चुत में घुसेड़ प्रिया और बोला- अब लगा धक्का और दिखाओ दम अपनी चुत का.मैं जितना हो सकता था, धक्का मारने में लग गई.वो बोला- साली, तेरी चुत क्या इस तरह से धक्के मारना जानती है. सीख ज़रा तबस्सुम से.. धक्के कैसे मारे जाते हैं.

अब वो धक्के मारना शुरू हुआ तो उसने मेरी चुत की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं.मैं बोलती रही- आह.. ज़रा धीरे करो मारोगे क्या?मगर वो सुन ही नहीं रहा था, जैसे कि बहरा हो. उसने कोई बीस मिनट तक धक्के मार मार के मेरी चुत पूरी लाल कर दी.. जो कि पहले ही पूरी तरह से चुदी हुई थी.

वो जब अपना पानी निकालने लगा तो मेरी टांगों को जितना अधिक फैला सकता था, फैला कर लंड पूरे का पूरा चुत में घुसा कर झड़ना चालू हो गया. अब मेरी चुत को पता लग रहा था कि उसके अन्दर एक झरना चलना शुरू हो गया है, जिसका उदगम लंड का सुपारा है.

पानी निकालने के बाद भी वो मुझ पर जब तक चढ़ रहा.. जब तक उसका लंड अपने आप ढीला हो कर बाहर नहीं निकला.

अब यह काम आम हो गया.

एक दिन बॉस ने जिसने मुझे कहा था कि मैं तुम्हारी सहायता करूँगा, उसी बदले के लिए तो उसने मुझे रात को बुलाया. रात को बुलाने का मतलब था कि उसके लंड की सेवा करना और मैं इसके लिए तैयार ही थी.जब उसकी पूरी सेवा कर चुकी तो वो बोला- कल मेरे ऑफिस में आना और तुम्हें किसी लड़की का इंटरव्यू लेना है.मैंने कहा- क्या बात कर रहे हैं सर आप?वो बोला- जिससे तुमको बदला लेना है, उसी का इंटरव्यू है.

मैं तो ये सुन कर उछल पड़ी. पर मैंने जो कपड़े डालने शुरू किए थे, बॉस की बात सुनकर मैंने फिर से उतार कर उसके लंड को अपने मुँह में ले कर फिर से खड़ा कर प्रिया और उस पर चूत टिका कर चढ़ गई.

मैं बोली- सर यह मेरी तरफ से आज सुबह का आपको गिफ्ट है.वो बोला- फिर तो ऐसे गिफ्ट तेरे को कई बार देने पड़ेंगे.मैं लंड पर ठोकर लगाते हुए बोली- मैं कहाँ पीछे हटने वाली हूँ.

अगले दिन में पूरी सेक्सी ड्रेस डाल कर इंटरव्यू लेने के लिए पहुँच गई और जब मेरे पति की बहन को बुलाया गया. तो वो मुझे नहीं पहचान पाई. वो मेरी तरफ देख कर अपनी आँखें झुका कर बोली- जी मैडम.मैंने कहा- बैठ जाओ और नज़रें नीचे नहीं, उँची करके बात करो. नौकरी चाहिए या यूँ ही आई हो.वो बोली- नहीं मैडम, मुझे नौकरी की सख्त ज़रूरत है.

मैंने पूछा- कौन कौन है तुम्हारी फैमिली में?वो बोली- मेरे पापा कुछ दिन पहले ही गुजर गए हैं.. और मेरे भाई की, जो वो नौकरी करता था, वो भी छूट गई है. मुझे नौकरी की बहुत ज़रूरत है.मैंने कुछ हमदर्दी दिखलाते हुए पूछा- क्यों क्या हुआ था तुम्हारे पापा को?वो बोली- उन्हें पता लगा था कि भाई ने किसी लड़की के साथ ग़लत किया था जिसका सदमा जब उन्हें पता लगा, तो वो उसे बर्दाश्त नहीं कर सके.

मैंने कुछ हमदर्दी दिखा कर बोला कि भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. मगर तुम्हारे भाई ने ऐसा क्या किया था, जो बात यहाँ तक पहुँच गई?उसने रोना शुरू कर प्रिया तो मैंने कहा- चलो छोड़ो.. तुम्हारे परिवार का मामला है.वो चुप हो गई.

फिर मैंने उससे पूछा कि यहाँ नौकरी तो मैं दिलवा दूँगी मगर देर तक बैठना पड़ता है.. क्या तुम बैठ पाओगी?उसने जवाब प्रिया- मैडम मजबूरी क्या नहीं करवा लेती.मैंने कहा- ठीक है फिर तुम कल से आ जाना और तुम्हें सेलरी अभी 15000 दे जाएगी अगर काम ठीक तरह से किया तो मैं इसको बढ़ा कर पहले 20000 और बाद में 25000 भी करवा दूँगी. मगर काम जो करोगी वो किसी को पता नहीं लगना चाहिए. सीक्रेसी हमारे बिजनेस का सब से बड़ा उद्देश्य है.

उसको उम्मीद नहीं थी कि उसको आठ हजार की नौकरी भी मिल सकेगी. वो यह सब सुन कर मेरे हाथ जोड़ कर बोली- मैं भगवान से प्रार्थना करूँगी कि आपको भगवान, जितनी भी वो आप को उँचाइयों तक ले जा सकता है, ले जाए.मैं मुस्कुरा दी.

जब वो बाहर जाने लगी तो मैंने उससे पूछा कि अभी कैसे जाओगी?तो वो बोली कि उसकी माँ बाहर खड़ी हैं उसके साथ जाएगी.

मैं बाहर नहीं निकली क्योंकि उसकी माँ मुझे पहचान सकती थी. जब वो बाहर जाने लगी तो मैंने उसे फिर से बुलाया और बोली- देखो कल से यहाँ कुछ तड़क भड़क वाले कपड़े डाल कर आना क्योंकि यहाँ हमारा बिज़नेस ऊँचे लोगों से होता है और वो नहीं चाहते कि कोई रोती हुई सूरत उन्हें नज़र आए. अगर तुम्हारे पास नहीं हैं, तो मैं तुम्हें कल दे दूँगी, जो तुम यहाँ बदल लेना.“जी बहुत अच्छा…” बोल कर वो चली गई.

मुझे अब उसकी मासूमियत पर रहम आ रहा था कि मैं बदला लेने के लिए किस को मोहरा बना रही हूँ. यही सब सोचते हुए मैं घर वापिस आई. वहाँ पर पहले से ही रात की चुदाई का प्रोग्राम सैट था इसलिए कोई बात ना किसी से कह पाई और ना ही सोच पाई. रात की चुदाई में सब कुछ भूल गई और जब सुबह तबस्सुम जाने को निकली तो मैंने उससे अपने दिल की बात कही.मैंने उसको कहा कि मेरा दिल उसको खराब करने का नहीं मान रहा.उसने जवाब प्रिया- देखो अगर भावुक हो कर कुछ भी करोगी तो जिंदगी में सफल नहीं हो पाओगी. उससे कोई ज़बरदस्ती ना करो, उसे इस रंग में डाल दो कि वो खुद ही लंड की चाहत करे.

अगले दिन वो बोल कर आई थी कि आज ओवर टाइम करना है. मगर मेरा दिन नहीं मान रहा था कि इसको किसी कसाई के आगे बकरी की तरह कटने के लिए दे दूं.मैंने उससे कहा- आज नहीं फिर कभी सही.. मगर तुम्हें मैं कुछ पैसे दे देती हूँ.

सारी रात मुझे नींद नहीं आई कि मैं क्या कर रही हूँ. मुझे अपना टाइम नज़र आने लगा, जब मेरे पति ने मुझे नंगी कर के भेड़ियों के आगे फैंक कर मेरी पिक्चर बना कर सब को दिखा कर मुझे घर से निकलवा प्रिया. मैं सोच रही थी कि इस बेचारी का क्या कसूर है. बस यही कि यह उस दरिंदे की बहन है. इसको तो मेरी शकल तक याद नहीं. यह मुझे अपनी हमदर्द समझती है.

आप मेरी कहानी बदले की आग के लिए अपने ईमेल भेज सकते हैंsupport@mohakkisse.comमेरी ये सच्ची चुदाई की कहानी जारी है.

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अभिषेक सन्नी

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राज सेक्स 1995

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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