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जवान लड़की पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 598 बार

बहन की जवान बेटी की बुर चुदाई की लालसा-1

पार्थ सारथी

02 Mar 2021 को प्रकाशित

बहन की जवान बेटी की बुर चुदाई की लालसा-1
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मैं आप लोगों के लिए मेरी एक नई और सच्ची सेक्स कहानी लेकर आया हूँ, यह घटना यही साल भर पहले की है।

जवानी की शुरूआत में ही मुझे मेरी भाभी ने अच्छा ख़ासा ज्ञान और अनुभव दे दिया था.. जिसके कारण मैंने अपनी बहन और भाभी दोनों से सेक्स का मजा बहुत लिया है।भाभी और बहन की चूत चुदाई की कहानी है-भाभी ने चूत दिखा कर बहनचोद बनाया

उम्र के साथ-साथ मेरी सेक्स की भूख भी बढ़ती जा रही थी, अब तो जिस भी सेक्सी लड़की को देखता.. तो उसे चोदने के लिए बेचैन हो उठता… किसी भी लड़की की चूचियां देखते ही मेरे हाथों में खुजली होने लगती, उसकी उभरी गांड को देखते ही लंड खड़ा हो जाता।

एक दिन मैं अपने घर पर ही था कि घर के बाहर गाड़ी के रुकने की आवाज सुनाई दी। मैंने मेनगेट खोला तो देखा मेरी दीदी की ननद ऑटो से उतर रही थीं.. साथ में उनकी बेटी रोमा भी थी।

वे लोग बिहार के हाज़ीपुर के रहने वाले हैं।

मैंने उन दोनों का स्वागत किया और उन्हें घर के अन्दर ले गया, मेरे घर वाले उन्हें देख कर बहुत ही खुश हुए।थोड़ी बहुत बातचीत के बाद बेबी दी (दीदी की ननद का नाम) गेस्ट रूम में फ्रेश होने के लिए चली गईं।यहाँ मैं बता दूँ कि दीदी की ननद जो कि मुझसे बड़ी थीं.. उन्हें भी मैं दीदी कह कर ही बुलाता था।

रोमा अभी भी हम लोगों के पास बैठी थी, रोमा से बातचीत के बाद पता चला कि वो हमारे शहर में एग्जाम देने आई है।रोमा बहुत ही खूबसूरत और बोल्ड लड़की थी, वो मुझे बहुत ही सेक्सी लग रही थी, पर मैं उसे जी भर के देख नहीं पा रहा था क्योंकि वो मेरी भतीजियों के साथ थी, वे सब आपस में बातें कर रही थीं।

रोमा की उम्र यही कोई 20 साल की होगी, उसकी चूचियाँ संतरे के आकार की होंगी और उसकी गांड भी बड़ी और उठी हुई थी।वो लैगीज और शार्ट कुरती में कयामत ढा रही थी।

चूंकि मेरी भतीजियां भी उसे घेर कर बैठी थीं.. तो मैं चोरी से सबकी नजरें बचा कर रोमा की नुकीले पहाड़ सी तनी हुई चूचियों को देख कर अपने लंड को मसल रहा था।मैं मन ही मन उसे चोदने का प्लान सोच रहा था। वो हमारे यहाँ करीब एक सप्ताह रुकने वाली थी, यह सोच कर मैं बहुत खुश हो रहा था कि एक सप्ताह में साथ दिन होते हैं यानि कि जब दुनिया एक सप्ताह में सात बार घूम सकती है तो क्या कोशिश करने से मैं एक बार रोमा की बुर नहीं चूम सकता।

खैर.. जैसे-तैसे दिन बीता। मैं ज़्यादा समय रोमा के आगे-पीछे मौके की तलाश में घूमता रहा.. पर उसके चूचियों को छूने का कोई मौका नहीं मिला, हाँ एक-दो बार मैंने उसके चूतड़ों को हल्के हाथों से टच जरूर कर लिया था.. जिसका उसे पता नहीं चला.. या शायद उसे पता भी चल गया होगा.. पर मैंने इस अंदाज में उसके गोल मुलायम उभरे हुए चूतड़ों को टच किया था कि उसे लगा होगा कि ये अंजाने में हुआ।

शरीर से चिपकी हुई मुलायम कपड़े की लैगीज के ऊपर से भी मैंने उसकी गांड की गर्मी को महसूस किया था।

मेरा लंड का तो हाल पूछो ही मत दोस्तो.. अगर मैं पजामे के अन्दर चड्डी नहीं पहना होता.. तो शायद लंड महाशय अब तक पजामे को फाड़ चुके होते।

जब वो चलती.. तो मेरी नजर उसकी बल खाती पतली कमर के साथ ऊपर-नीचे होती गांड पर ही जम कर रह जाती। बुर की प्यास से मेरा गला बार-बार सूख रहा था.. जिसे पानी नहीं भिगो पा रहा था।उस वक़्त मेरे पास मेरी प्यास बुझाने वाला और कोई भी नहीं था।

इतनी हसीन लड़की को अपने घर में पा कर मैं चुदाई करने के लिए बेचैन हो गया था। अगर रोमा कभी अकेली मिलती.. तो मैं उसे खींच कर बात भी करता.. पर मेरी भतीजियां उसे अकेला छोड़ ही नहीं रही थीं।किसी तरह समय बीत रहा था।

रोमा को चोदना है.. इसके अलावा मेरे दिमाग़ में और कुछ आ भी नहीं रहा था कि मैं कोई प्लान भी बना सकूँ। उसकी चूचियां और चूतड़ ही मेरे दिमाग़ में घूम रहे थे। उत्तेजना के मारे मेरा बुरा हाल था.. जिसे मेरी भाभी ने पढ़ लिया।

जब सब रात का खाना खा रहे थे, तो भाभी ने मुझे अपने कमरे में आने को कहा। भाभी की उम्र अभी करीब 40 साल की होगी। अब वो मुझे उतना समय नहीं दे पाती थीं क्योंकि मेरा पूरा घर बच्चों से भर गया था। साथ ही भाभी का भी सेक्स में इंटरेस्ट कम हो गया था, बस अब वो भैया तक ही सिमट कर रह गई थीं, कभी कभार ही महीनों में मुझे चान्स मिलता.. जब भैया कहीं बाहर होते।

खैर.. मैं भाभी के रूम में गया, तो भाभी मेरा इंतजार कर रही थीं। भाभी ने मुझे अपने पास बैठाया.. फिर मुझसे बोलीं- क्या बात है तुमने खाना क्यों नहीं खाया और इतने परेशान से क्यों हो?

भाभी पहले तो मुझे देख कर मुस्कुराईं.. फिर अचानक ही भाभी ने अपना एक हाथ मेरे पजामे में डाल दिया। अब भाभी मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगीं।

मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ी हुई थी कि भाभी के द्वारा मेरे लंड को सहलाने से मेरी आँखें बंद हो गईं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’भाभी मेरे होंठों को भी चूसने लगी थीं।दो ही मिनट में मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी।

भाभी ने कसके मुझे अपने से चिपका लिया और मेरे कान में बोलीं- मेरे राजा अभी मेरा महीना आया है.. इसलिए इतने से ही काम चलाओ, अब चलो जल्दी से खाना खालो।

मुझे थोड़ी राहत मिली.. और मैं भाभी के पीछे चल दिया। मैंने खाना खाया और अपने रूम में सोने के लिए चला गया।

अपने कमरे में जाते हुए मेरी आँखें रोमा को ढूँढ रही थीं.. पर वो मुझे नहीं दिखी। अपनी भतीजी राखी से पूछने पर पता चला कि वो पढ़ रही है, क्योंकि कल ही उसका एग्जाम है।

करवटें बदल-बदल कर किसी तरह रात बीती।सुबह-सुबह नींद आई ही थी कि रोमा मेरे रूम में पहुँच गई, वो अकेली ही आई थी, वो मुझे उठाने लगी, यह मौका में कैसे गंवाता।

अनजान बनते हुए मैंने रोमा को बांहों में समेट लिया और उसे अपने साथ लिटा लिया और बोला- गुड मॉर्निंग बच्चा.. क्यों सुबह उठा रही है राखी.. सोने दे ना.. तेरी चाची है साथ में!

यह सब करते हुए मेरी आँखें बंद थीं, रोमा के शरीर की भीनी खुशबू मेरी सांसों में समा रही थी। शायद वो नहा चुकी थी क्योंकि उसके गीले बाल मेरी गर्दन महसूस हो रहे थे।रोमा मेरी बांहों में कसमसाते हुए बोली- मामाजी.. मैं राखी नहीं.. रोमा हूँ, उठिए और फ्रेश हो जाइए। आपको मुझे एग्जाम दिलाने ले चलना है।

इतना कहते हुए वो मेरी बांहों से छूटने की कोशिश करने लगी। उसके ऐसा करने से उसकी चूचियां जो मेरे सीने में दबी थीं.. वो सीने से रगड़ने लगीं।

मैंने उसे अपने ऊपर खींच लिया था और मैं उसे छोड़ ही नहीं रहा था। उसके मखमली जिस्म की छुअन से मेरा लंड खड़ा होकर उसकी जाँघों के बीच में बुर से सटा हुआ था। रोमा जब जब हिलती.. तो कपड़े के ऊपर से मेरा लोहे की तरह कड़ा लंड उसकी बुर से रगड़ ख़ाता।

‘मामाजी उठिए ना.. मामाजी छोड़िए ना..’ यह कहते हुए वो हिल-हिल कर मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी और मैं आँखें बंद किए उसे कसके जकड़े हुए था।शायद रोमा को अपनी बुर पर मेरे लंड का स्पर्श अच्छा लगने लगा था.. इसीलिए उसने इधर-उधर हिलना कम कर दिया और अपनी बुर को मेरे लंड पर दबाने लगी थी।

अब मुझे लगने लगा था कि रोमा की बुर भी फड़क उठी है और आज नहीं तो कल ये मेरे लंड पर झूल ही जाएगी।मेरी सेक्स स्टोरी अगले भाग में समाप्त होगी।support@mohakkisse.com

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बहन की जवान बेटी की बुर चुदाई की लालसा

कुल भाग: 4
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13 मिनट 573

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

साहिल पा जी

1 month ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

समीर खान 54

1 month ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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