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गुरु घण्टाल पठन समय: 3 मिनट पढ़ा गया: 771 बार

बस चूत पटाना जरूरी है

संगम तिवारी

11 Sep 2011 को प्रकाशित

बस चूत पटाना जरूरी है
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मैं एक सम्भ्रांत शिक्षक हूँ.. यह कहानी मेरी एक ट्यूशन शिष्या के साथ मेरी कामक्रीड़ा की कहानी है। अगर लिखने में कोई त्रुटि हो.. तो उस पर ध्यान न दीजिएगा।

मेरी वो शिष्या जिसका नाम रीता है, बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। मैं उसे उसके उससे छोटे भाई बहनों के साथ ट्यूशन पढ़ाता था।सब कुछ सामान्य रहा.. लेकिन उसकी चूचियाँ काफी बड़ी-बड़ी थीं.. तो मुझे लगा कि वह सेक्स की प्यासी है। ऐसा मुझे इसलिए लगा क्योंकि अधिकतर चूचियों का बड़ा होना इस बात को दर्शाता है कि चूचियों को खुद ही मसला गया गया है.. जिसका एकमात्र कारण चुदास का बढ़ जाना ही होता है।

ऐसा कई बार करने पर शायद उसे अच्छा लगने लगा.. तो उसने अपना पैर हटाना बन्द कर प्रिया।अब तक अंधेरा हो चुका था और टेबल पर लाईट जला होने से नीचे अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.. तो मैं अपने पैरों से उसके पैरों को प्रत्यक्ष रूप से सहलाने लगा।

जब उसकी कोई भी आपत्ति नहीं हुई.. तो ऐसे ही कुछ देर करने के बाद मैंने अपने पैरों को उसकी जांघ पर दोनों पैरों के बीच रख प्रिया और पैर की उंगलियों से हल्के-हल्के सहलाने लगा.. इससे रीता पूरी तरह गर्म हो गई और कुर्सी पर आगे की ओर सरक आई।

अब मैंने अपने पैर के अंगूठे को उसकी चूत तक पहुँचा प्रिया और अंगूठे से ही उसकी चूत को सहलाना शुरू कर प्रिया।अब उसकी आवाज भी भारी होने लगी और उसने अपनी कमर को लोच देते हुए चूत को खुद ही उठा कर मेरे अंगूठे पर रगड़ना शुरू कर प्रिया।अब मैं भी थोड़ा और दबाव देकर अपने पैर के अंगूठे से ही उसकी चूत को रगड़ने लगा।

इसी प्रकार कुछ देर करने के बाद उसकी चूत ने अपना पानी छोड़ प्रिया और तब उसने पीछे सरक कर धीरे से मेरा पैर सरका प्रिया और मैंने इशारा समझ कर अपना पैर वापस खींच लिया।

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तब तक मेरे जाने का समय हो गया, मैं वहाँ से अपने घर चला आया।

अगले दिन से यह क्रिया 2 या 3 दिनों तक जारी रही। अब रीता की चूत चोदने का समय आ चुका था।इस काम को अंजाम देने में मुझे कोई दिक्कत नहीं आने वाली थी.. क्योंकि मुख्य कार्य तो चूत और चुदने वाली को राजी करना ही था.. जोकि मैं कर चुका था।

मैंने उसे अपनी कामकला से परिचित कराते हुए एक दिवस अपने घर पर बुला लिया। फिर एक लड़की को किस तरह से संतुष्ट किया जा सकता है.. वो तो आप सभी जानते ही हैं।

कृपया कहानी के बारे में अपनी राय जरूर दीजिएगा।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

पंकज मलिक

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

क्वीन आपा मिर्ज़ा

4 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

संदीप त्यागी

4 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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