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Group Sex Story पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 464 बार

बीच पर बिकिनी में गर्म लड़की और सेक्स-2

सीमा सिंह

08 Jun 2020 को प्रकाशित

बीच पर बिकिनी में गर्म लड़की और सेक्स-2
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मेरी इस कहानी का पहला भागबीच पर बिकिनी में गर्म लड़की और सेक्स-1आप पढ़ चुके हैं। लीजिये अब पेश है कहानी का दूसरा भाग!

नील रात को अपने साथ एक दोस्त को भी ला रहा था, मैं दो लंड से चुदने का सोच कर ही रोमांचित हो रही थी।

रात को हम दोनों पति पत्नी ने लाउन्ज में खाना खाया, खाना खा कर फिर बीच पर टहलने चले गए।मैं वहाँ पे नील को ढूंढ रही थी, मगर वो नहीं मिला।

सारे रास्ते पतिदेव बहुत रोमांटिक मूड में थे, कभी होंठ चूमे, कभी बोबे दबाये, कभी मेरी गांड में उंगली की।एक बार तो बोले- अरे सुन, बीच पर ही सेक्स करते हैं।

वैसे तो यह बहुत ही रोमांटिक आइडिया था, मगर मैंने मना कर प्रिया और वापिस कमरे में चलने को कहा।हम दोनों वापिस अपने होटल रूम में आ गए।आते ही पति ने मुझे पकड़ लिया, उसका पूरा मूड था, मगर मेरा नहीं, मुझे तो नील का और उसके दोस्त का लंड चाहिए था।

पहले पति ने मेरी चूत चाटी, फिर अपना लंड भी चुसवाया, मैं सब कुछ बेमन से करती रही।

उसके बाद पति ने अपना लंड मेरे अंदर डाला और 5-6 मिनट की चुदाई करके अपना पानी बाहर मेरे पेट पे गिरा प्रिया।

जब वो फारिग हो गया, तो मैंने कहा- एक गिलास रेड वाईन हो जाए।

पति ने बड़ी खुशी से वाईन की बॉटल मँगवाई।जब मैं गिलास में वाईन डाल रही थी, तो पति के गिलास में नील की दी हुई गोली डाल दी, और उस गिलास से एक सिप लेकर अपने पति को प्रिया।

पति ने गिलास पिया और कोई 10 मिनट बाद वो तो फ्लैट… गहरी नींद मे…मैं बैठ कर नील का इंतज़ार करने लगी।

कोई घंटे भर बाद नील का फोन आया, तो मैंने उसे बता प्रिया- लाईन क्लीयर है आ जाओ।

वो मेरे रूम में आया, उसके साथ उसका एक दोस्त भी था, बिल्कुल नील जैसा और नील से दुगना काला।खैर मैंने दोनों को अंदर बुला लिया।पहले नील ने मेरे पति को चेक किया, फिर आकर बोला- सब ठीक है, अब ये सुबह तक नहीं उठेगा, अब बताओ क्या प्रोग्राम है।

मैंने कहा- प्रोग्राम तो वही है, दोपहर वाला, अगर तुमने कुछ खाना पीना है तो बोलो, मैं ऑर्डर कर देती हूँ।नील बोला- ठीक है, अपनी चूत, चूचे और गांड ऑर्डर कर दो, बस वही खाने हैं।हम तीनों हंस पड़े।

नील मेरे पास आया और मेरी टी शर्ट उतारने लगा।मैंने भी उतारने दी, ब्रा तो मैंने पहले ही नहीं पहनी थी।

मेरा एक स्तन नील अपने मुंह में लेकर चूसने लगा, मगर उसका दोस्त खड़ा देख रहा था।नील बोला- जॉन, वहाँ क्या खड़ा है, आजा और चूस ले।

उसने खुद जॉन को खींच के अपने पास किया और उसका मुंह मेरे दूसरे बूब से लगा प्रिया।दोनों मेरे बूब्स चूसने लगे तो मैं स्वाभाविक ही उन दोनों के बालों में उँगलियाँ फिराने लगी।

चूसते चूसते नील ने मेरी निकर भी उतार दी और मुझे बिल्कुल नंगी कर प्रिया।जॉन नीचे बैठ गया और मेरी चूत से मुंह लगा लिया, मैंने भी अपनी टाँगें खोल कर उसके मुंह को अपनी जांघों में फिट कर लिया।

मैंने नील की शर्ट और पेंट उतारी, फिर चड्डी भी उतार दी।जॉन भी उठ कर खड़ा हुआ और उसने खुद ही अपने कपड़े उतार प्रिया।

दोनों लड़कों के 7-8 इंच के लंबे मोटे लंड तन चुके थे।मैंने दोनों के लंड अपने हाथों में पकड़े और दोनों को हिलाने लगी।वो दोनों भी मेरे बूब्स चूसने लगे।

सच में एक साथ दो लोगों से बूब्स चुसवाने का, दो लंडों से एक साथ खेलने के मज़ा ही कुछ और है।

बूब्स चूसते चूसते वो दोनों ऊपर आए और बारी बारी से मेरे होंठ और गाल चूसने लगे, मैं भी उन दोनों के मुंह में अपनी जीभ डाल डाल कर मज़े ले रही थी।जॉन ने अपनी एक उंगली मेरी चूत में डाल दी, तो नील ने एक उंगली मेरी गांड में घुसा दी।

मैंने पूछा- यह क्या कर रहे हो? उंगली निकालो और डालने वाली चीज़ डालो।नील बोला- डालेंगे वो भी डालेंगे, थोड़ा मज़ा तो लेने दे साली!

मगर मुझे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं जल्द से जल्द दोनों लंड अपने अंदर लेना चाहती थी इसलिए मैं नीचे कार्पेट पे ही लेट गई। मेरे लेटते ही ही नील मेरी बगल में लेट गया और बोला- रीमा, तुम ऊपर आ जाओ।

मुझे क्या दिक्कत थी, मैं झट से नील के ऊपर बैठ गई, उसका लंड अपनी चूत पे सेट किया और अंदर ले लिया।तना हुआ, मजबूत, जवान लंड, जैसे किसी ने मेरी चूत में कीला गाड़ प्रिया हो।

मैं धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी, जॉन मेरे पीछे आ कर बैठ गया, उसका तना हुआ लंड मेरे चूतड़ों के बीच में लग रहा था।

मुझे यह था कि अब यह दूसरा लंड मेरी गांड में जाएगा, मैंने जॉन से कहा- जॉन, मेरी जान, तुम क्यों तड़पा रहे हो, तुम भी डाल दो।जॉन ने पूछा- ले सकोगी दोनों को एक साथ?मैंने कहा- हाँ पहले भी बहुत बार लिया है, आने दो।

जॉन ने मेरी पीठ पर दबाव बनाया, और मैं नील के सीने पर लेट गई।

मगर ये क्या, जॉन ने भी अपना लंड मेरी चूत पर ही रख प्रिया।मैंने जॉन से कहा- जॉन ये क्या कर रहे हो, यहाँ तो पहले से एक डला है, तुम दूसरे छेद में डालो न!मगर जॉन बोला- बेबी, हम दोनों तो हमेशा एक ही छेद में डाल कर करते हैं, ये देखो!

कह कर जॉन ने ज़ोर लगाया और उसके लंड का टोपा मेरी चूत में घुस गया।‘उफ़्फ़…’ ये दर्द तो मेरी बर्दाश्त से बाहर था… दो लंड और दोनों मेरी चूत में!

थोड़ा और ज़ोर लगा कर जॉन ने और अपना लंड मेरी चूत में घुसा प्रिया।मैंने उठना चाहा, मगर नील ने मुझे पकड़ लिया- जानेमन, डरो नहीं, एक साथ दो लंड का मज़ा लो।

मैंने कहा- अरे यार इसमें तो मुझे बहुत दर्द हो रहा है, तुम अपने दोस्त से कहो कि पीछे डाल ले, मुंह में डाल ले मगर यहाँ से निकाले। मेरी आवाज़ में गुस्सा था, मगर उन दोनों हरामज़ादों पर कोई असर नहीं था।

जॉन ने और ज़ोर लगाया और अपना लंड मेरे अंदर घुसाता रहा, मैं मारे दर्द के बिलबिलाती रही।

नील बिल्कुल शांत लेटा था, मैं दर्द के कारण तड़प रही थी, मगर जॉन मज़े में था, वो बड़े आराम से मेरी चुदाई कर रहा था।

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कोई 2-3 मिनट ऐसे ही मेरी चुदाई करने के बाद जॉन ने अपना लंड निकाल लिया और मेरे सामने आ कर मेरे मुंह में ठूंस प्रिया, अब नील नीचे से हिलने लगा।

मुझे बहुत आराम सा महसूस हुआ अपनी चूत में… मैं जॉन का लंड चूसते हुये, नील से चुदवा रही थी।थोड़ी देर की चुदाई के बाद, नील बोला- ऐसा करो, अब मेरा लंड अपनी गांड में लो।

मैंने पहले भी बहुत बार अपनी गांड मरवाई थी, इसलिए मुझे गांड में लंड लेना भी बहुत अच्छा लगता था, सो मैंने नील का लंड अपनी चूत से निकाला और अपनी गांड में ले लिया।

मैं ऊपर बैठी थी और गांड से कोई पानी भी नहीं आता है इसलिए नील का लंड बहुत सख्त और सूखा लग रहा था।जब नील का लंड आधे से ज़्यादा मेरी गांड में घुस गया, तो जॉन ने फिर से मेरी पीठ पर दबाव बनाया।मैंने जॉन से कहा- अरे नहीं यार, पहले तुमने चूत फाड़ दी, अब गांड में मैं वो सब नहीं करने दूँगी, तुमने ढंग से सेक्स करना है तो करो, वरना रहने दो।

मगर जॉन बोला- यार बुरा मत मानो, एक बार ट्राई करने दो, अगर नहीं गया, तो रहने देंगे। मैंने इस बात का भी विरोध किया, मगर दोनों लड़के ज़िद करके बैठ गए और फिर जॉन ने कोशिश की।

मगर जब भी वो अपना लंड गीला करके मेरी गांड पे रखता मैं अपनी गांड सिकोड़ लेती और उसका लंड अंदर नहीं घुस पाता।

काफी कोशिश के बाद भी जॉन सफल नहीं हो पाया तो उसने अपना लंड मेरे मुंह में दे प्रिया, मैंने खूब चूसा, एक गांड में और दूसरा मुंह मे!

फिर नील अपना लंड मेरी गांड से निकाल लिया और मेरे मुंह में दे प्रिया।जॉन ने मुझे घोड़ी बना कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदना शुरू किया, क्या गजब की ताकत थी लड़के में… मेरे तो अंजर पंजर ढीले कर दिये, ऐसा लगा जैसे कोई मशीन मुझे चोद रही हो।

इधर नील ने मेरे मुंह में अपनी मशीन चला दी, मेरी तो सिट्टी पिट्टी गुम कर दी दोनों लड़को ने!5 मिनट से भी पहले मेरा काम हो गया, जब मेरी चूत ने पानी छोड़ा, तो मैं तो नीचे ही गिर गई।

मगर जॉन ने मेरे पर कोई रहम नहीं किया, मैं नीचे चित्त लेटी थी और मुझ पर आन चढ़ा, अपना लंड मेरी चूत में डाला और फिर से शुरू हो गया।वही स्पीड…सर से लेकर कमर तक मैं ऐसे हिल रही थी जैसे कोई वाइब्रेटर लगा हो।

10 मिनट चोदने के बाद जॉन ने मेरे पेट पर अपनी जवानी का रस टपका प्रिया। मैंने थोड़ा चैन की सांस ली कि चलो ये तो झड़ा, मगर उसके उतरते ही नील आ चढ़ा और फिर से वही वाइब्रेटर शुरू… मुझे तो पागल कर प्रिया।

अगले 2 मिनट में मैं फिर से स्खलित हो गई मगर नील तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।मैंने नील से कहा- बस करो नील, मेरा दो बार हो चुका है, तुम भी माल गिरा दो, थोड़ा आराम करते हैं, उसके बाद फिर से करेंगे।

मगर नील बोला- अब तुम्हारी किस्मत में आराम नहीं है, चल जॉन तैयार हो जा।

उसके कहते ही जॉन ने अपना ढीला सा लंड मेरे मुंह में दे प्रिया, जिसे मैंने बड़े बेमन से चूसने लगी।

मगर क्या जबरदस्त मर्द था वो भी… 1 मिनट चूसने पर ही उसका लंड फिर से अकड़ गया।जब नील का माल गिरा तो अभी मैंने अपना पेट साफ भी नहीं किया था कि जॉन ने मुझे फिर से पकड़ लिया।

मैंने कहा- जॉन थोड़ा रुक जा यार!

मगर जॉन बोला- मुझे इसके बाद जाना है, बस एक बार घोड़ी बन के अपनी चूत दे दे।बस मुझे घोड़ी बनाया और जॉन फिर से शुरू हो गया।

पिछले आधे घंटे से मैं चुद रही थी लगातार… दोनों लड़कों ने मेरी चूत को अंदर तक छील के रख प्रिया।इतनी चुदाई एक हाउस वाईफ कहाँ बर्दाश्त कर पाती है।

अगले 18-20 मिनट तक जॉन ने मेरी रेल बना दी। एक बार तो मेरे कानों को हाथ लग गए कि यार कहाँ इन गोवा के लड़कों से पंगा ले लिया, सालों ने माँ चोद कर रख दी मेरी।मगर वो तो लगे रहे।

जॉन ने मेरी चूत के अंदर ही इस बार अपना माल गिराया, जब वो स्खलित हुआ, तो मैं तो अपना पेट पकड़ कर लेट गई, साली अंदर तक की अंतड़ियाँ भी जैसे अपनी जगह से हिल गई हों।पेट में दर्द, चूत में दर्द, मुंह में दर्द, गांड में दर्द, बुरा हाल कर प्रिया मेरा!

उसके बाद जॉन ने कपड़े पहने और चला गया।मगर नील ने मुझे फिर से पकड़ लिया, मैंने बहुत मना किया तो नील बोला- ”चल गांड में कर लूँ, अगर तेरी चूत दुख रही है तो?

मगर मैं तो कहीं भी करवाने को तैयार नहीं थी।

कोई घंटा भर हम दोनों नंगे ही साथ साथ लेटे रहे, नील मेरे बदन से खेलता रहा और मैं उसके लंड को सहलाती रही। मैंने उसे बताया कि आज जितना मज़ा मुझे ज़िंदगी में पहले कभी नहीं मिला और आज जितना दर्द भी कभी नहीं मिला।

नील ने भी बताया उसकी एक जापानी कस्टमर थी, उसके पति के साथ उसने उस जापानी औरत को चोदा तो तब पहली बार उसनेकिसी औरत की चूत में दो लंड एक साथ घुसते देखे।उसके बाद उसकी गांड में भी दो लंड घुसा दिये, मगर उसकी गांड फट गई और खून निकालने लगा, मगर इसके बावजूद वो औरत बोलती रही- और डालो, और डालो।

मैंने पूछा- तो क्या मेरी गांड फाड़ने का भी इरादा था?वो बोला- इरादा तो नहीं था, मगर अगर तुम ले लेती तो डाल भी देते।मैंने हंस कर उसको गले से लगा लिया।

नील ने पहले मुझे चूमा, और फिर बोला- अच्छा तुम बताओ, अब कहाँ पे चुदना पसंद करोगी?मैंने कहा- मेरी तो इतनी तसल्ली हो गई है कि अगले हफ्ते तक मैं सेक्स के बारे में सोचूँगी भी नहीं।

नील बोला- ओके, ऐसा करते है, एक राउंड और लगाते हैं, उसके बाद मैं जाता हूँ।मैंने कहा- ऐसे करो, करना चूत में ही… मगर बड़े आराम से, धीरे धीरे!

उसके बाद नील ने मुझे बड़े प्यार से धीरे धीरे चोदा, कोई आधा घंटा वो मेरे साथ कुश्ती करता रहा और फिर अपने गर्म वीर्य से मेरी चूत को भर प्रिया, कुछ तो बाहर भी टपक गया।

मैं वहीं लेटी रही और वो उठ कर चला गया, मैं वहीं सो गई।सुबह पति ने जगाया, तैयार होकर हम लोग वापिस अपने घर आ गए।

मगर आज भी मैं नील को याद करती हूँ। उसके साथ व्टस ऐप, फेसबुक पर जुड़ी हूँ, दोनों बहुत से बातें करते हैं।

आज फिर मेरा मन कर रहा है कि उड़ कर गोवा जाऊँ और फिर से वही मज़ा लूटूँ।देखो किस्मत कब मेरी बात सुनती है।

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बीच पर बिकिनी में गर्म लड़की और सेक्स

कुल भाग: 2
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Hello dosto, yeh kahani shuru hoti hai tab, jab Main aur Priya normal sex se bor ho gaye the, tab humne kuch adventure karne ka plan banaya.

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Ab tak apne is sex story me padha – Uski baat sun kar sabhi khush ho gye.. ek to muft ki daaru aur upar se amit ke ghar beth kar uski biwi ke jalvon ko dekhne ka mika milega..

11 मिनट 934

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

दीप

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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