बेस्ट वाइफ पोर्न एक्शन करवाया मैंने अपनी बीवी से … रात के समय मैंने उसे रिसोर्ट रूम से कैंप फायर तक पूरी नंगी होकर जाने को कहा. वो भी एकदम नंगी हो गयी.
कहानी के तीसरे भाग
में आपने पढ़ा कि रिसोर्ट में रूम की बालकनी में सेक्स का भरपूर आनन्द लेने के बाद अंकित और रीना एकदम नग्न एक दूसरे से चिपके हुए बैठे थे.रूम की बालकनी में बीवी को नंगी चोदा
अब आगे बेस्ट वाइफ पोर्न एक्शन:
हल्की सी आहट से अंकित ने आंख खोल दीं.
पड़ोसी पति पत्नी बाल्कनी में खड़े थे. उनके हाथ में कैमरा था.रीना इस बात से अनजान थी.
अंकित रीना को जल्दी से उठाकर बेडरूम में ले गया.वो दोनों अन्दर थोड़ी देर आराम करने लगे.
कुछ समय बाद लंच के लिए जाना था तो अंकित ने रीना से तैयार होने को कहा.
रीना शीघ्र ही लंच के लिए तैयार हो गई.उसने घुटने से काफी ऊपर एक लो-कट पतले कपड़े की फ्रॉक पहन रखी थी, ऊंची ऐड़ी की सेंडल तथा हल्का-सा मेकअप किया था.
चलने पर उसके नितम्ब बल खा रहे थे.वस्त्र पतला होने से शरीर के हर अंग प्रत्यंग का स्पष्ट आभास हो रहा था.अगर हवा थोड़ी भी तेज चले, तो उसकी चिकनी चूत और नितंबों की झलक भी दिख सकती थी.
इसी कामुक विचार से अंकित रोमांचित हो रहा था.
रेस्तरां के लगभग मध्य में एक खाली टेबल पर जाकर पति पत्नी आमने सामने बैठ गए.कुर्सी पर बैठने से तीन चौथाई जांघें खुल गई थीं.
जैसे ही मेनू कार्ड पढ़ने के लिए रीना थोड़ी झुकी, उसके आधे से ज्यादा स्तन बाहर झलकने लगे थे.
वहां पर बैठे लोगों का ध्यान रीना की तरफ ही जा रहा था, यह देख देख कर अंकित रोमांचित हो रहा था.
एक बार अंकित का ध्यान आकर्षित कर रीना ने फ्राक उठा कर उसे अपनी चूत के दर्शन भी करवा दिए.खाना बढ़िया था, साथ में चूत के दीदार ने अंकित के खाने का स्वाद बढ़ा प्रिया था.
कमरे में वापस आने पर रीना ने कहा- अंडर गारमेंट्स नहीं पहने थे इसलिए रेस्तरां में ऐसा लग रहा था कि मैं बिल्कुल नंगी बैठी हूं.‘चिंता न करो, वो दिन भी दूर नहीं है.’ अंकित शरारत से बोला.
आज का एक्ट थोड़ा थका देने वाला था, दोनों बेडरूम में जाकर लेट गए.जल्द ही नींद ने घेर लिया.
जब अंधेरा होने को था, तब उनकी आंख खुली.चुंबनों का आदान प्रदान होने लगा.
अंकित ने कहा- रीना, आज तुमने सहयोग देकर मेरा एक असंभव ख्वाब सच्चाई में बदल प्रिया है. तुमने बाल्कनी में जो हिम्मत दिखाई, उसके सहारे बाकी के दिन अच्छे से व्यतीत होने वाले हैं.ये कह कर अंकित ने उसे कसकर आलिंगन में भर लिया.
वो दोनों तैयार होकर रिसॉर्ट के अन्दर टहलने निकल पड़े तथा कुछ हल्का फुल्का भोजन कर कॉटेज में वापस आने की सोचने लगे.
रीना अपनी मम्मी से फोन पर व्यस्त हो गई.इस बीच अंकित ऑफिस में जाकर कैंप फायर का सामान भिजवाने के लिए कह आया तथा साथ ही ये भी मालूम कर आया कि बगल वाली कॉटेज में आज कोई नहीं आने वाला है.
उधर से ही उसे करीब पंद्रह किलोमीटर दूर पहाड़ पर सन राइज प्वाइंट की जानकारी मिल गई थी.वहां तक जाने वाला कच्चा रास्ता जंगल में से निकलता था और आजकल कोई ज्यादा भीड़ भी नहीं होती है.
सुबह साढ़े पांच बजे कार से निकल कर आराम से पहुंचा जा सकता है.आज रिसॉर्ट में बहुत कम मेहमान रुके थे.
रेस्तरां खाली सा ही था. भोजन कर थोड़ी देर वहीं पर बैठ गए थे. लग रहा था कि अंकित को कॉटेज पहुंचने की कोई जल्दी नहीं थी.वो इधर उधर घूम कर समय व्यतीत कर रहे थे.
रीना मन ही मन थोड़ा संशय में थी कि अब अंकित के दिमाग में पता नहीं क्या विचार चल रहा है.आखिरकार रात के नौ बज गए.
वो दोनों लोग धीरे धीरे कॉटेज की तरफ बढ़ने लगे.पूरा रिसॉर्ट सुनसान हो चुका था.
आते ही रीना सीधे बाथरूम में चली गई, उधर से एक सेक्सी सा नाईट गाउन पहनकर वो बाहर आ गई.
अंकित ने जब तक अपना बैग तैयार कर लिया था.
रीना ने पूछा- क्या हम कहीं जा रहे हैं?‘हां, हम पीछे कैंप फायर तक चलने वाले हैं.’ अंकित कैमरा हाथ में पकड़ते हुए बोला.
अंकित ने कपड़े नहीं बदले थे.रीना ने एक पतला सा शाल ओढ़ लिया था.
वो दोनों नीचे उतरने लगे.जैसे ही वो दरवाजे के पास पहुंचे, अंकित बोला- लेकिन यहां पर एक ट्विस्ट है, तुम्हें अपने कपड़े यहीं छोड़ कर चलना है.
‘कुछ भी न पहनूं?’ रीना ने अचंभे से पूछा.अंकित ने कहा- ना, कुछ भी नहीं, आज बहुत खास अनुभव होने वाला है.
रीना बिल्कुल विरोध न करती हुई बोली- ओके, जिसमें आपको खुशी मिलती है, मैं वो सब करूंगी.
वो मुस्कुराती हुई एक एक करके सारे कपड़े उतार आदमजात अवस्था में आ गई.अंकित से लिपट कर उसने एक गहरा चुंबन लिया- मुझे भी इस सब में बहुत रोमांच महसूस हो रहा है.
वो दरवाजा खोल बिंदास बरामदे में आ गई. वहां पर स्ट्रीट लाईट की पर्याप्त रोशनी थी.अंकित ने मुख्य दरवाजे का ताला लगा प्रिया.
‘क्यों न यहां पर हम थोड़ी फोटोग्राफी करें?’ रीना ने प्रस्ताव रखा.‘हां क्यों नहीं.’
कुछ फोटो लेने शुरू हो गए.
बैकग्राउंड में पीछे रोड और कॉटेज दिखाई दे रहे थे.कंपाउंड के गेट से झूलते हुए सबसे बेहतरीन शॉट लिया गया.
कॉटेज के बगल से होते हुए वो पीछे कैंप फायर की तरफ चल पड़े.रीना बिल्कुल नग्न अपने कूल्हे मटकाते हुए आगे आगे चल रही थी.
अंकित कैमरा लिए पीछे पीछे आ रहा था.कैमरा अब नाईट मोड पर था.
वहां पर रोशनी सिर्फ पगडंडी पर ही थी, एक छोटा सा बल्ब हट में जल रहा था.अंकित लकड़ियां जमाते हुए बोला- कैंप फायर के प्रकाश में शायद हम देखे जा सकते हैं.‘ना, अब इधर कोई नहीं आने वाला है. जब सूर्य के प्रकाश में दिन के लंबे एक्ट में कुछ नहीं हुआ, तो अब क्या होगा.’ रीना बेफिक्री से बोली.
इस पर अंकित मुस्कुरा प्रिया क्योंकि असलियत तो उसे ही पता थी.
थोड़ी ही देर में लकड़ियां तेज लौ के साथ जलने लगी थीं, प्रकाश काफी हो गया था.रीना ने जमीन पर बैठकर अपने हाथ पीछे टिका लिए और अपनी कमर उठा कर चूत आग की तरफ उठा दी.
चूत की सिकाई के बाद उसने अपनी गांड आग की तरफ का दी.उस पर मस्ती छाने लगी.
वो आग के चारों तरफ घूम कर कुछ डांस स्टेप करने लगी.अंकित कैमरे में मशगूल था.
कैंप फायर से लगा हुआ हट बीचों बीच एक कंक्रीट के पिलर पर बना था.उससे सटी दो बेन्चें रखी हुई थीं.
अंकित और रीना बेंच पर बैठ गए. रीना पैर चौड़े करके अंकित की तरफ मुँह कर उसकी गोद में बैठ गई.
रीना के उन्नत स्तन अंकित की छाती से चिपक गए थे. रीना की बांहें अंकित के गले को घेरे हुई थीं. चुंबनों का आदान प्रदान चलने लगा था.
‘क्या तुम ठीक से हो?’ अंकित ने हाथों से रीना की पीठ एवं नितंब सहलाते हुए पूछा.
रीना पैंट के ऊपर से लंड सहलाते हुए बोली- हां, मुझे बहुत मजा आ रहा है. पर मेरी चूत बहुत प्यासी हो रही है.
‘अभी थोड़ा और सब्र करो मेरी जान, आज की रात यादगार होने वाली है.’ अंकित ने रीना को उठाते हुए कहा.
उसने रीना को कंक्रीट पिलर से पीठ सटा कर खड़ा कर प्रिया.फिर उसने रीना के हाथ पिलर के पीछे कर कलाइयां रस्सी से बांध दी.
तीन फुट का लेग स्प्रेडर पैर फैलाकर टखनों से बांध प्रिया. रीना के स्तनों पर से घुमाकर बाजुओं को पिलर से टाईट बांध प्रिया.
अंकित ने नीचे बैठ कर चूत की पप्पियां लीं, जीभ घुमा घुमा कर चूत के होंठ चाटे, भग्नासा चाटते हुए दो उंगलियों से चूत चोदने लगा.
रीना के तनबदन में आग लग गई.थोड़ी ही देर में उसकी चूत लपलपाने लगी, मस्ती में आंखें बंद हो गईं.
‘अब ज्यादा मत तड़पाओ, चूत अब लंड की प्यासी है.’ रीना मदहोशी में बोली.
मेरी बीवी की चूत में 40 लंड
अंकित वाईब्रेटर डिल्डो रीना की चूत में घुसा प्रिया.डिल्डो बाहर न निकल जाए इसके लिए रस्सी से बांधकर दोनों छोर उसकी जांघों से घुमा कर पिलर से अच्छी तरह से बांध दिए.
अब रीना पिलर से दो जगह से मजबूती से बंधी हुई थी.गले से रस्सी घुमा पिलर से बांध दी गई थी. रीना बिल्कुल भी हिलने डुलने में असमर्थ थी.
अंकित ने उसी हालत में आलिंगन कर चुंबन लिया.
‘यह बंधक सेक्स मुझे बहुत पसंद आ रहा है.’ रीना मस्ती में बोली.अंकित ने माउथ गैग की गेंद उसके मुँह में भरकर बेल्ट अच्छे से लगा दी.
आखिर में ब्लाईड फोल्ड को आंखों के ऊपर बांध प्रिया. फिर सबसे कम स्पीड में वाईब्रेटर चालू कर प्रिया.
‘मैं यहीं पर तुम्हारे पास ही हूं प्रिये.’ अंकित रीना के कान में फुसफुसाया.कैंप फायर में और लकड़ियां डालकर आग तेज कर दी.
एकदम से रोशनी फैल गई.कुछ अच्छे फोटो भी लिए गए.
अंकित रीना को वहीं छोड़ वापस कॉटेज में आ गया.बेडरूम में जाकर पीछे की बाल्कनी में गया.
लकड़ियां लौ के साथ जलने से काफी प्रकाश हो रहा था. रीना उसे स्पष्ट दिखाई दे रही थी.
सुनसान जगह पर अकेली खुले में खंभे से बिल्कुल नंगी उसकी प्यारी पत्नी बंधी हुई है, यह सोच कर अंकित बहुत उत्तेजित हो उठा था.उसने वहीं बाल्कनी से कई फोटो लिए.
यह बेस्ट वाइफ पोर्न एक्शन … सब कुछ अर्चना से बाहर हो रहा था.रीना खुशी खुशी वगैर किसी विरोध के इतना साथ देगी, उसे विश्वास नहीं हो रहा था.
बहुत देर तक अंकित वहीं पर खड़ा होकर अपना लंड सहलाता रहा.नीचे आकर अंकित ने भी अपने तमाम कपड़े उतार दिए.
मुख्य दरवाजे को बाहर से ताला लगाकर वगैर कोई आहट किए रीना की तरफ चल पड़ा.वह नहीं चाहता था कि रीना को अहसास हो कि वह इतने देर से बिल्कुल अकेली थी.
पास जाकर अंकित बेंच पर बैठ गया.रीना का शरीर पसीने से भीग गया था. उसके पैरों के खिंचाव से लग रहा था कि वो चरमोत्कर्ष के बहुत करीब है. डिल्डो लगातार अपना कम कर रहा था.
थोड़ी ही देर में हल्के झटके लगने लगे. रीना का शरीर थोड़ा ढीला पड़ गया.अंकित रीना के पास जाकर उसके उरोजों के अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. हाथों से शरीर सहलाने लगा.
उसने रीना की आंखों से ब्लाइंड फोल्ड और मुँह से माउथ गैग निकाल प्रिया.उसे अपनी बांहों में लेकर एक लम्बा किस किया.
संतुष्टि से रीना की आंखें चमक रही थीं.‘लगता है, आपने दूर से देख कर बहुत आनन्द उठाया है. मेरा तो दो बार हो गया है.’ रीना ने बताया.
वाईब्रेटर अभी भी चालू था.अंकित ने घुटनों पर नीचे बैठ कर वाईब्रेटर निकाल प्रिया.
अब वाईब्रेटर की जगह अंकित की जीभ चूत की दरारों पर फिसलने लगी थी.उंगली से चूत के होंठों को फैला जीभ अन्दर तक पेल दी और जीभ चूत का मुआयना करने लगी.
थोड़ी ही देर में रीना को फिर से मस्ती सी आने लगी.‘इस बार मुझे आपका लंड अपनी चूत में अन्दर तक चाहिए. आपने आज बहुत तड़पाया है जान!’
रीना की बात सुनकर अंकित ने स्तन एवं गले से बंधन थोड़ा ढीला कर प्रिया, लेग स्प्रेडर हटा प्रिया.फिर नितंब के नीचे हाथ लगाकर रीना के शरीर को खंभे के सहारे थोड़ा ऊपर, अपने लिंग के स्तर तक खिसका प्रिया.
रीना की पीठ धनुष आकार की हो गई थी.अंकित उसके फैले हुए पैरों के बीच आ गया. उसने कुछ देर अपने लंड को चूत पर रगड़ा, फिर लंड के सिर से उसकी चूत के होंठों को पीछे धकेल प्रिया.
एक तेज झटके से उसका लंड पूरी तरह से रीना की नम सुरंग के अन्दर घुस गया था.उसने पूरी तरह से लंड को बाहर खींचा और फिर जल्दी से अन्दर घुसा प्रिया.जितना संभव हो उतना गहरा.
और फिर से ऐसा किया.चार पांच बार ऐसा करने से उसका लंड नम सुरंग में और गहरे जोर के साथ पेवस्त होने लगा था.रीना का चेहरा दर्द से भर उठा था.
उसके शब्द दर्द और खुशी दोनों को इंगित करने लगे थे.उसकी चूत पूरी तरह से सूजे हुए लंड से भर गई थी.
बार-बार लंड चूत की गहराइयों में समा जा रहा था.रीना ने अपने पैरों से अंकित की कमर को कस रखा था.
‘तेज और तेज, आज अगर चूत फट भी जाए तो चिंता नहीं है.’ रीना सिसकारी भरती हुई कह रही थी.अंकित लगतार जोश के साथ पेलता गया.
थोड़ी देर में ही रीना का शरीर अकड़ उठा, उसके पैरों ने अंकित की कमर को और ज्यादा कसकर जकड़ लिया था.सांसें तेज हो गई थीं.
कुछ देर तक वो दोनों उसी पोजीशन में बने रहे.फिर अंकित ने खंभे के पीछे हाथ डालकर सभी रस्सियां खोल दीं.
रीना ने अपनी बांहें अंकित के गले में डाल दीं.लंड अभी भी चूत के अन्दर था.
अंकित ने नितंबों को मजबूती से पकड़ लिया और खड़े खड़े ही पंपिग करने लगा.
थोड़ी ही देर में लंड चूत की गहराई में उल्टी करने लगा.रीना को गोद में लिए हुए वो बेंच पर बैठ गया.
दोनों गाढ़े आलिंगन में बहुत देर तक बैठे रहे.लंड अभी भी चूत के अन्दर हांफ रहा था.
‘जानू कैसा लगा?’ अंकित ने बहुत प्यार से उसकी पीठ सहलाते हुए पूछा.
‘ये तो सुबह से भी ज्यादा उत्तेजक था, मैंने कभी इसकी अर्चना भी नहीं की थी कि मैं इस तरह नंगी खुले में बंधने को तैयार हो जाऊंगी और हम इस तरह से उत्तेजक बंधक सेक्स करेंगे.’रीना बोल उठी.
अंकित ने उसे चूम कर प्यार किया.
‘जानू अब मैं बहुत थक गई हूं, तुम मुझे उठा कर बिस्तर तक ले चलो.’ रीना मचलती हुए बोली.अंकित ने अपने बैग में सब सामान भरकर रीना की पीठ से लटका प्रिया और रीना को अपनी पीठ पर लाद लिया.
रीना की बांहें अंकित के गले में लिपटी हुई थीं.उसने अपने पैर आगे की ओर अंकित की कमर से लपेटे हुए थे.
अंकित ने अपने हाथ पीछे करके रीना के नितंबों को सहारा प्रिया.फिर वो वैसे ही नंगे कॉटेज की तरफ चल दिए.वीर्य चूत में से रिस कर अंकित की पीठ पर बह रहा था.
रास्ते में अंकित सनराईज पांईट जाने की बात करने लगा.रात का एक बज चुका था.
बरामदा अभी भी स्ट्रीट लाईट की रोशनी से जगमगा रहा था. सामने सड़क बिल्कुल सुनसान थी.अंकित ताला खोलकर कमरे के अन्दर आ गया.
रीना तो रास्ते में ही सो गई थी.
अंकित ने धीरे से रीना को पलंग पर लिटा प्रिया, कम्बल अच्छे से ओढ़ा कर उसके बालों में प्यार से हाथ फिराने लगा और माथे पर एक चुम्बन ले लिया.फिर पीछे से आगोश में भरकर वो भी सो गया.
सुबह के पांच बजे रीना ने अंकित को जगाते हुए कहा- उठिए, हमको सनराईज के लिए जाना है, आप फ्रेश होकर नीचे आ जाओ, मैं चाय बना रही हूं. मैंने कार मंगवा ली है.
अंकित तैयार होकर नीचे आ गया.उसने बरमूडा एवं टी-शर्ट पहन रखी थी.
रीना ने फुल स्लीव नितंबों से थोड़ी नीचे तक एक काली शर्ट पहन रखी थी जो लाल डोरे से कमर पर बंधी थी.
दोनों ट्रेकिंग शूज पहन कर तैयार हो गए.
रीना काली शर्ट में बहुत खूबसूरत लग रही थी. शर्ट के नीचे जांघों तक खुले पैर सेक्सी लुक दे रहे थे.
सनराईज प्वांइट सुनसान जगह पर एक पहाड़ी के छोर पर बना था, जिसके तुरंत नीचे एक गहरी घाटी थी.करीब दस किलोमीटर रास्ता जंगल में होकर जाता था, जो कच्चा था.
वहां पर एक मजबूत रेलिंग लगी थी, बैठने के लिए अर्थ गोलाकार चौड़ी सीढ़ियां बनाई गई थीं.लगभग सौ व्यक्ति वहां पर बैठ सकते थे.
रीना काली शर्ट में बहुत खूबसूरत लग रही थी. शर्ट के नीचे जांघों तक खुले पैर सेक्सी लुक दे रहे थे.
वो लोग सवा छह तक पहुंच गए.
दोस्तो, अगले भाग में एक ऐसी सनसनी भरी फंतासी का जिक्र करूंगा, जिसे पढ़ कर आप भी मस्त हो जाएंगे. इस बेस्ट वाइफ पोर्न एक्शन पर अपने विचार जरूर भेजेंsupport@mohakkisse.com
बेस्ट वाइफ पोर्न एक्शन कहानी का अगला भाग:उत्तराखण्ड में रिसॉर्ट का रोमांच भरा सेक्स- 5