होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 959 बार

अब मैं तुम्हारी हो गई -1

भगु

31 Dec 2024 को प्रकाशित

अब मैं तुम्हारी हो गई -1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्यारे पाठको !

मैंने शादी से पहले और शादी के बाद भी किसी को बुरी नज़रों से नहीं देखा। हमारी शादी को १५ साल हो गए हैं और मेरे भाई की शादी को दस साल। मेरे भाई की बीवी देखने में बहुत खूबसूरत है। वो मुझे कभी कभी अज़ीब निगाहों से देखती है।

दोपहर को जब मैं खाना खाने घर पर जाता हूँ तो मेरी बीवी मुझे खाना देती है, अगर वो नहीं होती तो मेरे भाई की बीवी देती है। जब मेरी बीवी नहीं होती तब खाने में मेरे पसन्द वाली चीज़ बनी होती है। वो मुझे खुश करना चाहती है। मैं कुछ लेना भूल जाऊँ तो मुझे चीज़ देने के बहाने वो वहाँ होने की कोशिश करती है। तो मेरा नज़रिया उसके बारे में बदल गया।

अब मैं भी उससे नज़रें मिलाने की कोशिश करता हूँ। नज़रें मिलते ही वो मुस्कुरा देती है और शरमा जाती है। मैं अब हिम्मत करके उससे बात करना चाहता हूँ पर मुझे मौका नहीं मिलता।

आखिर एक दिन शुरूआत हो ही गई।

मैं उसका नाम बताना तो भूल ही गया। उसका नाम शीला है (बदला हुआ)।

एक दिन घर से सब शादी में जाने वाले थे मुझे और शीला को छोड़ कर। तो दोपहर के खाने के लिए मेरी बीवी शीला को बोल गई थी। मैं दोपहर को अकसर देर से आता हूँ लेकिन उस दिन जल्दी आ गया। शीला कुछ ज्यादा ही खुश थी।

जब घर पर सब होते हैं तो हम आपस में बात नहीं करते। मैं घर जाते ही टीवी चला कर देखने लगा। वो भी वहाँ बैठ कर कपड़ों को इस्तरी कर रही थी। मेरे आते ही वो बोली- खाना दे दूँ?

लेकिन मैंने कुछ और सोचा था तो मैंने बोल दिया- थोड़ी देर बाद देना !

और मैं टीवी देखने लगा। टीवी पर अनिल कपूर और डिम्पल का ‘जांबाज़’ का सेक्सी सीन चल रहा था। वो देखते ही शरमा गई। मैंने बात करने के लिए उससे पूछा- आज खाने में क्या बनाया है?

तो वो बोली- खीर बनाई है।

खीर मुझे बहुत पसन्द है। बातों का दौर जारी रखने के लिए मैंने कहा- जानता था कि आज खीर ही होगी।

वो बोली- आपको कैसे मालूम कि आज खीर ही होगी?

मैंने कहा- जब भी उषा (मेरी पत्नी) नहीं होती, तब तुम मुझे मेरी पसन्द का खाना खिलाती हो ! यह मुझे मालूम हो गया है। इसलिए मैंने अनुमान लगाया था कि आज मुझे खीर मिलेगी।

यह सुनते ही वह मुस्कुराने लगी और कहने लगी- आप बहुत चालाक हो !

मुझे लगा अब कुछ बात बन रही है। मैंने अपनी बातों का दौर जारी रखा- देख शीला ! यह बात अगर उषा को पता चल गई कि जब वो घर पर नहीं होती तो तू मुझे अच्छा खाना खिलाती है तो हम दोनों को डाँट पड़ेगी। यह कह कर मैंने उसको थोड़ा डराया।

तो वो झट से बोली- नहीं नहीं ! उनको मत बताना ! नहीं तो मुझे मार ही डालेगी।

मैंने कहा- तुम चिन्ता मत करो, मैं नहीं बताऊंगा कि उसकी गैर-मौज़ूदगी में तुम मुझे क्या खिलाती हो।

यह सुनते ही उसने राहत की साँस ली।

मैंने पूछा- तुम ऐसा क्यों करती हो?

तो वो शरमा कए बोली- बस ऐसे ही !

मैंने कहा- ऐसे ही कोई किसी का ख्याल नहीं रखता। काश तुम मुझे १५ साल पहले मिली होती !

यह सुनते ही वो शरमाई और बोली- तो क्या हुआ ! मैं अब भी आपका ख्याल तो रखती हूँ।

मैंने सोचा कि अब लोहा गरम है, बात कर देनी चाहिए, मैंने कहा- बताओ ना ! जब कोई नहीं होता तो मेरा इतना ख्याल क्यों रखती हो?

मेरे जोर देने पर वो बोली- तुम्हारा ख्याल रखना मुझे अच्छा लगता है।

मैंने कहा- ऐसा ख्याल तो पत्नी अपने पति का रखती है।

वो सुनते ही शरमाई और कहने लगी- आप भी ना बस….

फ़िर मैंने पूछा- क्या आगे भी तुम मेरा ख्याल रखोगी या यहीं रुक जाओगी?

तो वो बोली- आप चाहोगे तो आगे भी ख्याल रखूंगी।

मैंने उससे पूछ ही लिया- क्या तुम मुझे पसन्द करती हो?

सुन कर वो शरमा गई।

फ़िर मैंने कहा- देख शीला ! शादी से पहले मैंने किसीसे प्यार नहीं किया था, मेरी भी इच्छा है कि मैं किसी से दिल से प्यार करूँ। मैं तुम से प्यार करने लगा हूँ, तुम चाहो तो मना कर सकती हो, मुझे बुरा नहीं लगेगा !

यह सुन कर वो शरमा कर मुस्कुराने लगी और बोली- किसी को पता चल गया तो?

मेरा दिल खुशी से उछल पड़ा, मैं बोला- किसी को पता भी नहीं लगेगा, यह बात तेरे और मेरे बीच ही रहेगी।

उसने झट से हाँ कह दी।

अब खाना लगाऊँ क्या?

मैंने कहा- तुम्हारी हाँ ने मेरा पेट ही भर दिया, थोड़ी देर बाद खाना खाएंगे।

वो अपना काम खत्म करके अन्दर के कमरे में जाने लगी तो मैं भी झट से उठ के उसके पीछे गया और उसको पीछे से बाहों में जकड़ लिया। वो मुझसे छुटने की कोशिश करने लगी और बोली- कोई आ जाएगा तो क्या होगा !

मैंने कहा- अभी आता हूँ ! और जाकर बाहर का दरवाज़ा बंद कर दिया।

और अन्दर आते ही देखा तो वो अलमारी खोल कर कुछ निकाल रही थी। मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया और घुमा के अपने आगे कर लिया। वो कुछ बोले, इससे पहले ही मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसको चूमने लगा। करीब पाँच मिनट तक मैं उसको चूमता रहा, वो छटपटाने लगी। फ़िर मैंने उसके स्तनों को छुआ और धीरे से मसलने लगा तो सीऽऽआऽऽसऽऽ अई करने लगी और मुझे छोड़ने को कहने लगी।

मैंने कहा- ऐसा मौका फ़िर कब मिलेगा, मुझे प्यार करने दे।

फ़िर धीरे से उसे चूमने लगा। मेरा एक हाथ उसके स्तन पर और दूसरा उसकी पीठ पर रख कर उसे अपनी ओर दबा रहा था। वो भी काफ़ी गर्म हो गई थी।

फ़िर मैंने उसको उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया और मैं भी साथ लेट करुसके होंठों को चूमने लगा। वो भी मेरा साथ देने लगी। फ़िर मैंने उसकी साड़ी निकाल दी। और उसके ब्लाऊज़ के हुक खोलते ही उसके बड़े बड़े स्तन बाहर आ गए। मैंने उसके चुचूक को मुंह में ले लिया और चूसने लगा। उन पर मेरी जीभ फ़िरने लगी।

वो भी काफ़ी गर्म हो गई थी और शऽऽ आऽऽहऽऽ करने लगी और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। फ़िर अचानक मेरे कमीज़ के बटन खोलने लगी। मैंने अपना कमीज़ निकाल दिया और उसको आहिस्ते से नीचे से ऊपर तक चूमते हुए उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी। मैं पागलों की तरह उसको चूमता रहा।

फ़िर उसका हाथ मेरी पैन्ट की ज़िप पर आया। उसने मेरी ज़िप खोल कर मेरे लण्ड को पकड़ लिया। मैं समझ गया कि वो एकदम गर्म हो गई है। फ़िर मैंने उसके पेटिकोट का नाड़ा खोल कर उसे अलग कर दिया और अपनी पैन्ट और अन्डरवीयर भी निकाल दी। उसने पैन्टी नहीं पहनी थी, हम दोनों पूरे नंगे हो गए तो मैंने उसे अपना लण्ड मुंह में लेने को कहा और मैं 69 की दशा में हो गया। वो मेरा लण्ड मुंह में लेकर जोर से चूसने लगी और अन्दर बाहर करने लगी। मैं भी अपनी जीभ उसकी फ़ुद्दी में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा।

फ़िर अचानक उसने मुझे घूमने को कहा और बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, मेरे ऊपर आ जाओ नहीं तो मैं झड़ जाऊँगी।

मैंने कहा- डार्लिंग ! मैं भी नहीं रह सकता।

और मैंने अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रख कर एक जोरदार धक्का दिया तो उसकी चीख निकल गई- आऽऽऽ उई मांऽऽ थोड़ा धीरे से ऽऽ !

मैं रुक गया, पूछा- क्या हुआ?

वो बोली- तुम्हारा लण्ड बड़ा है, झेल नहीं पाई, थोड़ी देर रुक के करना !

इसी बीच मैं उसके होंठों को चूमता रहा। फ़िर धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा।

वो सिसकारियाँ लेने लगी- सऽऽस आऽऽह आह उइमा ऽऽ चोदो मेरे राज़ा जोर से चोदो ! मैं कब से तुम्हारे लण्ड के लिए तरस रही हूँ, मुझे मालूम है कि तुम कई दिनों से मुझ पर लाईन मार रहे हो। मैं भी तुमको चाहती थी और तुम्हारा लण्ड अपनी पिक्की में घुसवाना चाहती थी। और जोर से चोदो ! फ़ाड़ दो मेरी चूत को ! ऊ ई माऽऽ आ स्स्स आह ! मैं गई ! आऽऽह ! और वो झड़ गई। फ़िर मैं उसको दस मिनट तक चोदता रहा। वो भी उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थी और स्स आह करती रही। मैं भी झड़ने की तैयारी में था- आह ! मैं झड़ रहा हूँ ! कहाँ निकालूँ?

तो वो बोली- मेरी पिक्की में निकाल दो, मैंने ओपरेशन करवा लिया है।

मैंने उसको कस के पकड़ा, अपने होंठ उसके होंठों पर रखे और जोर जोर से धक्के मारने लगा। मैं उसकी फ़ुद्दी में ही झड़ गया।

फ़िर वो मुस्कुराई और कहने लगी कि, नहीं, मैने कहा- एक दौर और हो जाए?

तो कहने लगी- नहीं ! स्कूल से बच्चे आने वाले हैं, फ़िर कभी ! फ़िर मुझे होंठों पर चुम्मा दे कर खड़ी हो गई और कपड़े पहन कर मेरे लिए खाना परोसने लगी।

मैंने बाथरूम में जाकर अपने औज़ार को साफ़ किया और आकर खाना खाने लगा। इस बीच मैं उसको देख देख आँख मारता रहा और बात करता रहा। वो मुझसे बोली- हम अकेले में पति-पत्नी की तरह रहेंगे।

मैंने उसकी गाण्ड मारने की इच्छा जाहिर की तो बोली- अब मौका मिलेगा तो तुम मुझे जैसे चाहे चोदना चाहोगे वैसे चोदना ! मैं अब तुम्हारी हो गई हूँ।

दोस्तो ! अब हम जब भी मौका मिलता तब जम कर चुदाई करते हैं।

आगे की कहानी आपकी राय पर निर्भर करती है।

मुझे आपकी मेल का इन्तज़ार रहेगा।

support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

अब मैं तुम्हारी हो गई

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरा गुप्त जीवन- 163
भाभी की चुदाई

मेरा गुप्त जीवन- 163

भैया की आँखें पूरी तरह से नग्न कम्मो के शरीर पर ही केंद्रित हो गई थी, वो उसके सुन्दर और सेक्सी शरीर को देखने में ही मग्न हो गए थे।तब तक मैं भाभी की गांड से नीचे उतर कर कम्मो के पीछे खड़ा हो गया और अपने खड़े लण्ड को वहाँ पास में पड़े कपड़े से ढक लिया।

9 मिनट 750
किराएदार ने पहले पटाया फिर बजाया-1(Kirayedaar ne pehle pataya fir bajaya-1)
भाभी की चुदाई

किराएदार ने पहले पटाया फिर बजाया-1(Kirayedaar ne pehle pataya fir bajaya-1)

हैलो जी, इस भाभी की चुदाई कहानी में आपका स्वागत। मेरा नाम निकिता है। मैं लगभग 39 साल की मस्त बिंदास लेडी हूं। मेरा बदन भरा-भरा सा है। मेरी गौरी-गौरी कलाईयां, उठी हुई गांड, टाइट कसे हुए बोबे, मखमल सा पेट, किसी भी लंड मे आग लगा सकता है।

8 मिनट 820
Sardi me bhabhi ki chudai
भाभी की चुदाई

Sardi me bhabhi ki chudai

Mera naam aman hai, mai meerut ka rehne wala hoon. Meri age 25 thi jab mere sath ye ghatna hui. Meri cousin bhabhi hai jiska naam nisha hai. Unki age 30 sal thi dekhne mai bhut mast hai aur chuche 34 ke hai.

7 मिनट 416

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।