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Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 10 मिनट • पढ़ा गया: 1,148 बार

Bhabhi Ne Ji Bhar Ke Chudwaya

devendrat587

17 Sep 2022 को प्रकाशित

Bhabhi Ne Ji Bhar Ke Chudwaya
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देसी कहानी के सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार.. मेरा नाम देवेंद्र है और मैं मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर से हूँ। यह मेरी दुसरी चुदाई की कहानी है देवर भाभी सेक्स की!

मेरी पहली कहानी साली को जी भरके चोदा पडी जिसका पठको दृरा कोई जवाब नही आया इसलिए उस कहानी को बही रोकते हुए ये आगे की कहानी।

इसमे जरुर आपना फीड बैक दे ताकि देशी कहानी का दोर आप लोगो के लिए यू ही चलता रहे

मेरे घर में मैं, और मम्मी-पापा बस 3 लोग ही हैं। हमारा परिवार एक बेहद सामान्य परिवार है। देखने में मैं ठीक-ठाक हूँ.. मेरी हाईट करीब 6 फिट है। मैं एक हट्टा कट्टा जवान हू।

और मेरी उम्र 26 साल है

बात आज से लगभग 4 साल पूरानी है.. जब मैं 21 साल का था, तब मेरे बड़े चाचा के लडके की यानी मेरे भाई की शादी तय हो गई। शादी के बाद भाभी घर में आ गईं।

मैं बहुत खुश था कि चलो अब हम भी भाभी से अपनी सारी बातें शेयर कर सकेंगे। वैसे मेरी भाभी मेरे ही उम्र की थीं।

मेरी भाभी दिखने में एकदम कयामत लगती थीं। मेरी भाभी की हाईट मुझसे थोड़ी कम थी और उनका फिगर करीब32-28-34 का था।

मतलब कुल मिला कर हम ये कह सकते हैं कि वो एक मस्त माल थीं।

अब आप लोगो को ज्यादा वोर न करते हुए सीधा कहनी पर आते है।

भाभी के साथ हम पूरे दिन तक हसी मजाक करते रहते थे।

और भाभी को भी मेरे साथ हसी मजाक करना अच्छा लगता था इसलिए जिस दिन मे उनके घर नही जाता था तो वो चाची के हाथो मुझे बुलाती और मैं भी जान-बूझकर कभी-कभार उनके बुलाने पर भी नही जाता। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

क्योकि भाभी के लिए मेरे मन मे कोई गलत भाव नही थे।

ऐसे ही एक दिन भाई कीसी की शादी मे गए थे।

तो मेने भाभी को चिडाते हुये कहा कि भाभी आज भाई नही है तो आप रात को सोते समय कुछ भी नही कर पाएगी और भाई वहा शादी मे बहुत मजे कर रहे होंगे।

तो भाभी चुटकी लेते हुए बोलीं तो क्या हुआ देवर जी यहा आप मजा ले लिजिये और हमे भी मजे करवा दे।

और हसने लगी मुझे लगा कि भाभी मजाक कर रही है।

तो मे भी जोर जोर से हसने लगा।

मेरी हसी से भाभी जी को लगा कि मे राजी हो गया हू और उन्होंने साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया।

और कहने लगी लो देवर जी ले लिजिये मजा आप भी मुझे याद रखेंगे।

मुझे समझते देर नही लगी कि भाभी क्या चाहती है।

फिर भी यह बात सुनकर बहुत दुख हुआ क्योंकि भाभी को मेने कभी भी इस तरह नही देखा था।

मतलब मे नही चहता था की मेरे और भाभी के विच सेक्स सम्बन्ध बने।

मैंने कहा भाभी जी ये ठीक नही है मेने कभी आप कको इस नजरिए से कभी भी नही देखा है।

भाभी -तो अब देख लीजिए देवर जी बहुत मजा करेंगे कोई नही है घर पर ऐसा मोका फिर नही मिलने बाला।

एक पल के लिए मेने भाभी को देखा तो मेरे मन मे भी सेक्स की इच्छा होने लगी क्या सेक्स की देवी लग रही थी भाभी लेकिन फिर भी अपने आप को काबू पाने के लिए मेने भाभी का पल्लू उठाया और उनके उभरती हुई छाती पर डाल दिया।

भाभी — ये क्या देवर जी आप के सामने प्रस्तुत किया गया माल आप ऐसे ही ठुकरा दिया।

बहुत पछतावा होगा आप को फिर नही मिलने बाला।

कोई बात नहीं भाभी वेसे भी मुझे आप के लिए मेरे मन मे कोई गलत भाव नही थे न ही है क्योंकि आप को मेने अच्छी दोस्त के दरजा दिया है।

भाभी ने भी मेरे मन को पडते हुए कहा कि कोई बात नहीं देवर जी जब भी आप को इस तरह के भाव आने लगे तो बिना किसी परेशानी के आप मुझे कह सकते हैं।

क्या भाभी आप भी न क्या बात लेके वेठ गई ऐ छोड़कर कुछ और बातचीत करो न।

भाभी – ठीक है जेसी आपकी इच्छा।

ऐ हुए न बात।

भाभी – आपकी कोई गर्लफ्रैंड है क्या देवर जी।

नही पर ऐ क्यो पूछ रही मेने भाभी से बोला

अरे वा ये क्या बात हुई हम भाभी है तुम्हारी अब ये तो आप को बताना नही पडे़गा की देवर भाभी मे केसी कैसी बात हुआ करती है।

अच्छा ये बात है और क्या 2 बाते हुआ करती है देवर भाभी के विच।

बात के साथ साथ बहुत कुछ होता है देवर भाभी के विच पर दोनो को सहमत होना चाहिए।

चल एक बात और बता क्या तुम कीसी को पसंद करते हो।

मैं – हा भाभी पसंद तो करते है पर कभी उससे बात ही नही की डर लगता है कि कही वो गुस्सा न करे।

आप ये कहानी देशी कहानी डोट नेट पर पड रहे है।

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भाभी – कोन है वो खुशनसीब।

मे आप लोगो को ये बताना भूल गए थे की मेरी भाभी की मौसी मेरे ही गांव मे है।

जिसकी लड़की बहुत ही सुंदर और गजब का माल है और उसका नाम जानबी है।

जिसे मे पसंद करता हूँ।

मे – भाभी जी आप की बहन जानबी जिसे मे 2 साल से प्यार करता हूँ पर उसे कभी नही बोला।

भाभी – क्या दो साल और हमे बताया भी नही बडे छुपे रुस्तम निकले आप तो क्या मे तुम्हारी सहायता कर सकती हू।

सच मे भाभी मे बहुत खुश हुआ और भाभी को पकडते हुए उन्हे गले लगा लिया और और माथे को चूम लिया और भाभी ने भी मेरी पीठ पर अपने हाथो का दवाब बना कर मेरे पूरे फेस को बेतहाशा चूमने लगी।

मे उनसे छुटते हुये भाभी ये क्या कर रही आप।

माफ करना देवर जी मेें जज्बात मेें बहक गई थी जेसे आप जानबी को चाहते है वैसे ही मेें आपको।

पर ये गलत है भाभी मे आप का देवर हू।

कुछ गलत नही देवर जी पहले तो हम एक लड़की लडका है।

और रिश्ते उपर से बनके नही आते हम ही लोग ये रिश्ते बनाते है।

मैंने भाभी को बहुत समझाया पर उन्होंने मेरी एक बात न मानी और मैं नाराज हो कर वहा से चला आया।

मुझे करीब 6 महीने हो गये थे मे भाभी के पास ही नही गया।

एक दिन गांव मे चाचा की लड़की की शादी थी तो सब लोग वही गये थे मे भी वही था और मेरे दोस्तो ने बियर पी और दोस्ती की कसम देकर मुझे भी पीला दी एक बोतल मेेंने कभी भी नशा नही किया था आज ये पहली बार पीली थी तो मुझे नशा हो गया।

मुझसे खाना भी नही खाया जा रहा था तो थोड़ा सा खाना खया और घर के तरफ जजाने लगा तो रास्ते मे घर से चाची जी आते नज़र आई और वो मुझसे बोलती घर पर भाभी अकेली है भाभी के पास चले जाना मुझे देर लगेगी।

ठीक है चाची इतना बोलते हुए मे चाची के घर चला गया और टीवी बाले रुम मे जाकर टीवी चालू करके देखने लगा।

भाभी आई और मुझे देख कर बहुत खुश हुई।

देवर जी बहुत दिनो मे हमारी याद आई आई और मुझसे दूर वेठ के बाते करने लगी

भाभी दूर क्यो वेठी हहै पास आऔ न भाभी जी।

देवर जी पास आयेगे तो मेरे जज्बात मेरे काबू मेें नही रहेगे और आप फिर नराज हहोकर चले जायेंगे।

मुझे भी बियर का नशा अच्छा हो गया था तो मेने भी बोल दिया कमबख्त कोन करना चाहता है जज्बात को काबू मे।

इतना सुनते ही भाभी मेरे पास आकर मुझसे लिपट गई जेसे जन्मों से प्यासी हो।

और शिदा ममेरे होटो पर टूट पडी जेसे ही उन्होंने बियर की गन्द महसुस की बो मुझसे दूर हो गयी।

क्या भाभी जी नही करनी अपने मन की मूराद पूरी।

देवर जी मूराद ततो पूरी करनी पर आप जब अपने होस मै अपने आप को मेरे हबाले करे।

भाभी जी पहली बार तो ये मुमकिन नही

दूसरी बार हो सकता हम होस ममे तुम से सेक्स करे।

नही देवर जी अभी आप जाये मे ननही करगी

अच्छा न करना कम से कम एक बार फिर से किस दे दिजिये

नही देवर जी कुछ नही मिलने बाला नसे मे

ठीक है भाभी जी जैसे आप की इच्छा पर पास तो आकर बैठ जाओ बहुत दिनो से आपसे कुछ बात नही की तो आज आप से बहुत सारी बातें करनी है।

भाभी पास आई और बैड पर मुझसे थोड़ी दूर वेठ गई।

क्या बात है देवर जी आज बड़े खुश हो।

हा भाभी जी आप ही ने तो कहा था उस दिन की ऐसा मोका बार बार नही मिलता और आज मौका है तो आप दूर भाग रही यही कारण है मेरी खुशी का की चलो अब आपकी ख्वाहिश ख्वाहिश ही रह जायेगी आज नही तो कभी नही।

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दोस्तो यह मेरी कहानी बिलकुल सच है आगे के भाग मे आप लोगो को बताऊंगा की भाभी को और उसकी बहन को केसे चोदा।

आपको मेरी पहली चुदाई की कहानी केसी लगी मुझे मैल करके बताये मेरी मैल आई डी “support@mohakkisse.com” है यदि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई तो इसका अगला भाग बहुत जल्द पोस्ट करुगा।

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