होम पर वापस जाएं
रिश्तों में चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 417 बार

भांजी ने घर में नथ खुलवाई -7

चूतेश

16 Jan 2015 को प्रकाशित

भांजी ने घर में नथ खुलवाई -7
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

गहरी सांसें लेता हुआ मैं रीना रानी के ऊपर ढह गया। वो भी चुदाई की मस्त क्रिया से मग्न होकर ढीली सी पड़ी थी।एक मंद मंद मुस्कान उसके सुन्दर मुखड़े पर छाई हुई थी और वो बहुत ही संतुष्ट लग रही थी। उसने अपने बदन को दबाते हुए मेरे अस्सी किलो के भार से एक चूं तक न की थी।मैंने बार बार रीना रानी के होंठ चूमे। मुझे उस पर बेइंतिहा प्यार आ रहा था। वो भी आनन्दमयी होकर मेरा मुखड़ा बारम्बार चूम रही थी।तब तक रात के साढ़े तीन बज चुके थे, मैंने रीना रानी को जबरन उठक कपड़े पहनने को विवश किया, वो तो यूँ ही नंगी ही सो जाती और सुबह समस्या हो जाती।उसको चुदाई के नशे में यह बात दिखाई नहीं पड़ रही थी।

खैर जैसे तैसे उसने कपड़े पहने और लेट गई। मैं तब तक वहीं बैठा रहा जब तक वो गहरी नींद नहीं सो गई।फिर मैंने भी कपड़े पहने और उठकर अपने कमरे में जाकर सो गया। इतनी मस्त चुदाई के बाद सोने में शायद ही एक दो सेकंड से ज़्यादा का वक़्त लगा हो।

अगले दिन मैं फिर से मीटिंग का बहाना कर के रीना रानी को लेकर सुबह 11 बजे लैंडमार्क होटल चला गया।रीना रानी ने अपनी एक सहेली मीनू को बुलाया था मुझ से मिलने।मीनू के साथ वो बहुत फ्री थी, दोनों आपस में लड़की से लड़की वाली चुदाई भी किया करती थीं।

रीना रानी ने उसको मेरे बारे में बता रखा था और वो भी बहुत उत्सुक थी मेरे से मिलने को।बड़ी बिंदास लड़की थी, चुद चुकी थी कई बार…थोड़ी सी सांवली थी लेकिन नैन नक्श बहुत सुन्दर थे। क़द कोई 5 फुट 6 इंच, खूब बड़े बड़े मस्त चूचे, शायद 38 साइज के होंगे। अच्छे हसीन हाथ, बाहें और पांव।

उसके साथ मिल के बड़ा मज़ा आया। मैंने उसको वादा किया कि अगली बार जब मैं रीना रानी को छोड़ने कानपुर आया तो उसे भी चोदूंगा।मीनूरानी की कहानी मैं फिर कभी लिखूँगा, पहले कुतिया को चोद तो लूँ!

अगले दिन रात को फिर से पहली रात का कार्यक्रम दुहराया गया।जब घर में बिलकुल सन्नाटा छा गया तो मैं रीना रानी के कमरे में चला गया, वो कल की भांति नंगी एक चादर ओढ़े लेटी हुई थी।मुझे देखते ही हरामज़ादी ने चादर उतार फेंकी और उछल कर मुझसे लिपट गई।

इस रात मैंने रीना रानी की एक बार चुदाई की, एक बार 69 के पोज़ में चूस चूस के उसकी चूत का रस पिया और उसके मुंह में मलाई झाड़ कर उसको टुन्न किया और आखिर में उसकी गांड भी मार ली।लड़की की गांड मारते हुए यारों अगर मज़ा चौगुना करना हो तो चूत में एक मोटा सा खीरा या गाजर घुसा देनी चाहिए और उसके बाद की लण्ड को गांड में ठोकना चाहिए।मैंने भी ऐसा ही किया, एक बहुत लम्बा मोटा खीरा रीना राय की चूत में घुसा प्रिया, फिर उसको कुतिया की तरह बना प्रिया यानि की पैर फर्श पर, वो झुकी हुई, उसके हाथ बेड पर टिके हुए और चूतड़ पीछे को उठे हुए। इस पोजीशन में एक ही शॉट में लण्ड उसकी छोटी सी गांड में सूत प्रिया।

दर्द थोड़ा सा हुआ लेकिन चूत में घुसे हुए खीरे के कारण मज़ा ज़्यादा आया क्यूंकि लण्ड और खीरा चूत और गांड के बीच के परदे के पीछे से आपस में टक्कर मार रहे थे।ज्यों ही मैं एक धक्का मारता तो लण्ड की टक्कर से खीरा भी हिल जाता। खीरा रीना रानी की चूत में फंसा रहे इसके लिये मैंने एक हाथ से उसे थाम रखा था।

इस प्रकार गांड मरवाते हुए रीना रानी को इतना बेतहाशा मज़ा आया कि वो अनेकों बार चरम रीमा पार कर गई। यह हाल हो गया कि चूत से बहते ढेर सारे रस की वजह से खीरे को टिकाये रखना दूभर हो गया।आखिर में दनादन ज़ोर दार धक्के मार मार कर मैंने झाड़ के सारा लावा उसकी ज़रा सी गांड में भर प्रिया।आनन्द में चूर होकर रीना रानी मचल उठी।

उस रात तो रीना रानी को सोते सोते 5 बज गए। सुबह नींद खुलते ही मौका देखकर मैं रीना रानी के कमरे में गया और उसे ज़बरदस्ती जगा के उसका मीनूर मस्त स्वर्ण रस पिया।

ऊऊऊ !!! आआआआ !!! म्म्म्म्म म्म्म्म्म!!!

दिन भर अपने साले से गप्पें लगाईं ताकि टाइम पास हो सके। उस हरामज़ादे की बेटी की नथ खोली थी, गांड मारी थी उसके ही अपने घर में तो इतना तो मेरा फ़र्ज़ बनता ही था कि मैं कुछ देर उसके साथ गप्पें मारूं।क्यों मेरे चुदासे यारों, ठीक है ना?

अब मेरे वापिस जाने का टाइम हो गया था। मुझे शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था, सब लोग मुझे स्टेशन छोड़ने के आये।रीना रानी बहुत परेशान थी कि अब आगे चुदाई कैसे हुआ करेगी क्यूंकि मैं रोज़ तो कानपुर आ नहीं सकता।मैंने उसको समझाया कि रानी तेरे इम्तेहान खत्म हो चुके हैं तो तू अपने बाप से कह कि तू छुट्टियों में बुआ के घर कुछ दिन रहेगी। मैं भी हाँ हाँ कह दूंगा। तू फिर आकर हमारे घर में रह और रोज़ चुदवाया कर।

इस पर रीना रानी को यह प्रॉब्लम थी कि मैं अपने घर में उसको कैसे चोदूंगा। फिर मैंने समझाया कि मेरा नाम चूतेश है, कमीनी मैं पहले तेरी बुआ जूसी रानी को चोदूंगा और जब वो सो जाएगी तो आकर तुझे चोदूंगा।

इस बात से चुदक्कड़ रीना रानी अति प्रसन्न हुई और यारों ऐसा ही हुआ।रीना रानी के साथ उसके बाद कई चुदाई के प्रसंग हुए, मेरे ही घर में मेरी बीवी जूसी रानी के होते हुए, जिनको मैं अपनी अगली कहानी में बयान करूँगा।तक तक के लिए सभी पाठकों को खूब चुदाई करने की शुभकामनायें !हैप्पी फकिंग!!!चूतेश

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

भांजी ने घर में नथ खुलवाई

कुल भाग: 7
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरे लण्ड का अनोखा शोषण-3
रिश्तों में चुदाई

मेरे लण्ड का अनोखा शोषण-3

नमस्कार दोस्तो,मैं संजय श्रेष्ठ पुनः हाजिर हूँ आपके सामने अपनी कहानी ‘मेरे लण्ड का अनोखा शोषण’ का अंतिम भाग लेकर..

12 मिनट 1,015
अजब चाची की गजब कहानी
रिश्तों में चुदाई

अजब चाची की गजब कहानी

प्रेषक : सनी पहलवान

8 मिनट 428
चिकनी चाची और उनकी दो बहनों की चुदाई-6
रिश्तों में चुदाई

चिकनी चाची और उनकी दो बहनों की चुदाई-6

मैं आपका दोस्त ज़ीशान अपनी चुदाई कहानी का 6वां भाग लेकर आया हूँ. ये कहानी बड़ी है, क्योंकि ये सच्ची घटना है. आप सब मज़े लीजिये.

18 मिनट 241

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।