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बीवी की अदला बदली पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 823 बार

बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -1

रवि स्मार्ट

10 Jun 2022 को प्रकाशित

बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -1
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दोस्त, आपने इतना प्यार प्रिया.. उसके लिए धन्यवाद, आप मेरी हर कहानी पढ़ते हो और उसमें रह गई कमियां भी मुझे बताते हो.. उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी दोस्त मुझे अपने जीवन की गुप्त बातें भी शेयर करते रहते हो.. उसके लिए आपका धन्यवाद।

मेरी पिछली कुछ कहानियाँ मेरे ज़्यादातर दोस्तों को बहुत पसंद आईं। अब मैं आप सभी के इतने प्यार को देखते हुए अपनी नई कहानी लेकर हाज़िर हुआ हूँ।मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी दोस्त इस कहानी को भी पूरी तरह से पढ़ेंगे। कुछ दोस्त अधूरी कहानी पढ़ कर उसका आगे का किस्सा मुझसे मेल में पूछने लग जाते हैं। दोस्तो, हर कहानी को पूरा किया हुआ है.. बस आप ध्यान से देखा कीजिये.. कहानी साईट में पूरी लिखी होती है.. आप लिंक का ध्यान रखिएगा बस..

तो अब मैं अपनी नई कहानी लेकर हाज़िर हूँ। यह कहानी है मेरे कपल दोस्त दीपक और उसकी वाइफ गीत की।वो दोनों लगभग 30-35 के बीच के हैं।गीत का चेहरा साफ़ और बहुत ही सेक्सी स्लिम लेडी है, उसे चुदाई में बहुत डर्टी होकर चुदना पसंद है।इसी तरह मेरा दोस्त दीपक भी बहुत सेक्सी और लम्बी देर तक टिक कर चोदने वाला.. लम्बे लौड़े का मालिक है।

एक दिन मैं अपने दोस्त के पास गया हुआ था कि हमारे बीच सेक्सी बातें शुरू हो गईं।दीपक कहने लगा- यार रवि.. दिल करता है गीत को एक साथ मिल कर चोदें और इस साली को दो-दो लौड़ों का मज़ा दे दें..मैंने कहा- पहले गीत भाभी से तो पूछ लो कि भाभी भी तैयार हैं या नहीं इसके लिए?

तो पास बैठी गीत शरमाकर उठ कर चली गई।तभी दीपक उसके पीछे भागा… उसे पकड़ कर हमारे पास ले आया।हम ड्राइंग रूम में बैठे थे… तो गीत बोली- आप बेडरूम में चलो.. मैं आपके लिए वहाँ चाय लेकर आ रही हूँ।हम उठ कर बेडरूम में चले गए।

दीपक ने मुझे बता प्रिया था कि आज गीत की एक साथ चुदाई करेंगे और उसे बहुत ज्यादा मज़ा देंगे।उसने मुझे यह भी बताया था कि वो ऊपर ऊपर से शर्माती है.. परन्तु असल में चुदने के लिए रेडी है और वो खुद भी ऐसा चाहती है।

तभी गीत चाय लेकर आ गई.. हम साथ बैठ कर चाय पीने लगे और सभी बिस्तर के ऊपर बैठ कर बातें कर रहे थे।तभी दीपक ने गीत को एक चुम्मा कर प्रिया.. गीत जो थोड़ा-थोड़ा शर्मा रही थी बोली- अरे हटो भी अब.. बस करो।मैंने कहा- क्यों दीपक जी.. क्या बात है क्यों परेशान कर रहे हो हमारी गीत भाभी को?यह सुन कर गीत ने फिर से सर झुका लिया।

अब दीपक ने गीत को एक प्यार भरी किस की.. उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और धीरे-धीरे अपने हाथ उसकी पीठ पर सहलाने लगा।दीपक के हाथों के स्पर्श से गीत गर्म होने लगी और उसने अपने सर को दीपक की गोद में रख प्रिया।अब गीत को कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था.. बस वो दीपक के हाथ के स्पर्श का मज़ा ले रही थी और दीपक के होंठों से अपने होंठ निकाल चुकी थी।

दीपक ने उसकी कमीज़ के अन्दर हाथ डाल कर उसकी पीठ को और गर्म कर प्रिया था और गीत मस्ती से मज़े ले रही थी।गीत इतनी मस्त हो चुकी थी कि मैं पास बैठा हूँ.. वो ये भूल चुकी थी।दीपक उसे और गर्म किए जा रहा था।

दीपक ने मुझे इशारा किया.. तो मैंने गीत के कानों के पास चुम्बन किया और मेरी अपने होंठों में उसका कान ले लिया।मैं उसका कान चूस रहा था.. गीत को शायद मेरा इस तरह करना अच्छा लगा। जब उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की.. तो मैंने थोड़ा आगे होकर उसकी गर्दन पर किस किया और उसकी गर्दन को चूमता हुआ उसकी पीठ की तरफ अपनी जीभ घिसने लगा।

उसकी कमीज़ बीच में फंस रही थी.. तो दीपक ने उसकी कमीज़ की बैक से हुक खोल प्रिया और उसकी पीठ पीछे से नंगी हो गई।अब गीत पूरी मस्ती में थी। मैं उसकी नंगी पीठ को अपने मुँह से सहलाता हुआ उस पर गर्म साँसें छोड़ रहा था और उसकी पीठ पर किस करता जा रहा था।मैं उसकी पीठ पर हाथ से सहलाने भी लगा था।

तभी मैंने उस गीत को और गर्म करना चाहा.. मैंने दीपक को गीत को सीधा करने का इशारा किया। दीपक ने मेरा इशारा पाकर गीत को अपनी गोद में उल्टा कर प्रिया।

अब गीत ने मुझे देख कर अपनी आँखें बंद कर लीं और उसकी उसकी छाती मेरे सामने थी।मैंने एक हाथ से गीत की कमीज़ को निकाल प्रिया, अब गीत के ऊपरी हिस्से में ब्रा थी.. मैंने ब्रा को नहीं छेड़ा.. ब्रा के आस-पास उसके मम्मों के आस-पास किस करने लगा और गर्म साँसें छोड़ने लगा।

गीत को भी मज़ा आ रहा था.. दीपक और हम भी ऐसा करके उत्तेजित हो रहे थे।गीत भी गर्म होती जा रही थी.. मैंने उसकी ब्रा को थोड़ा ऊपर किया और उसके निप्पल को पकड़ कर अपने होंठों में ले लिया और किस करने लगा।

इधर में उसके अधनंगे बदन से उसके निप्पल को चूस रहा था.. तो दूसरी तरफ दीपक गीत की सलवार में हाथ डाल कर उसकी पैंटी के अन्दर हाथ डालने की कोशिश करने लगा था।

दीपक ने आखिर गीत की सलवार को उतार डाला। गीत के शरीर पर ब्रा और पैंटी थी.. ब्रा भी आधी खुल चुकी थी।

गीत ने अपने हाथ को आगे बढ़ाते हुए दीपक की पैंट की जिप खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लिया।

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दीपक के नंगे लंड को गीत सहलाने लगी थी.. मैंने गर्म हो चुकी गीत के मम्मों को ब्रा का हुक खोल कर पूरा नंगा कर प्रिया। उसके कबूतर अब मेरे सामने थे.. मैंने अपने हाथों में गीत के मम्मों को पकड़ा और उसके मम्मों को हल्का सा दबाने लगा।

जैसे-जैसे मैं गीत के मम्मे दबा रहा था.. वैसे-वैसे गीत मजेदार मीठी-मीठी सिसकारियाँ ले रही थी।मैंने मजेदार सीत्कार भर रही गीत से पूछा- मज़ा आ रहा है भाभी डार्लिंग?उसने बिना कुछ बोले हल्का सा मुस्करा कर सर हिला प्रिया।

मैंने अब गीत के होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसे किस करने लगा। मैं गीत के नंगे मम्मों को भी दबा रहा था और उसके बदन को अपने हाथ से सहला रहा था।

मैं किस करता हुआ अब गीत के मम्मों की तरफ बढ़ रहा था.. मैंने गीत के मम्मों को अपने मुँह में ले लिया और गीत के निप्पलों को अपनी जीभ से कुरेदने लगा।मैं इसी के साथ अपने दांतों से भी उसके चूचुकों को काट रहा था।

अब गीत और गर्म हो चुकी थी और पूरी गर्म हो चुकी थी, वो ‘आह सी सी..’ करके मज़ेदार सिसकारियाँ ले रही थी।मैंने दीपक को गीत को अल्फ नंगा करने का इशारा किया.. तो दीपक ने तुरंत उसकी पैंटी को उतार प्रिया।

अब हम दो मर्दों के बीच गीत नंगी हो चुकी थी। उसके बदन का हर एक अंग हम दोनों मर्दों के सामने था।मैंने कहा- वाओ गीत.. कितनी सुन्दर लग रही हो जानेमन.. आज तुझे मस्त कर देंगे.. भाभी जान..तो गीत फिर से शर्मा गई और अपनी गर्दन झुका ली।

उसकी ये हरकत देखकर दीपक बोला- साली मादरचोद.. हर रोज़ कहती हो एक साथ दो मर्दों से चुदना है.. अब शर्मा रही हो.. खुल जा थोड़ा.. देख चुदाई में मज़ा तो ही ज्यादा आएगा.. अगर तू खुल कर साथ दोगी.. ऐसे मज़ा नहीं आएगा।

मैंने भी गीत को कहा- हाँ यार गीत.. दीपक सही कह रहा है.. अब जब हम यहाँ तक पहुँच ही गए हैं.. तो फिर मज़ा भी खुल कर ले लो न.. अगर तुझे मेरे सामने अब भी शर्म आ रही है तो बता दो.. फिर मैं तुझे कुछ नहीं करूँगा.. मैं जाता हूँ.. तुम और दीपक दोनों मज़े करो।

ये कह कर मैंने थोड़ा सा मुँह बना लिया।

समय की नजाकत को देखकर कर गीत बोली- यार, वो तो आपकी बात ठीक है.. परन्तु पहली पहली बार थोड़ा होता है न..मैंने कहा- यार हम फ़ोन पर इतनी चुदाई कर चुके हैं.. अब हमारे बीच में सब कुछ ओपन है.. फिर क्या प्रॉब्लम है यार।

हमारी बातों से गीत को भी थोड़ी समझ आ गई और एकदम से खुलते हुए बोली- ठीक है फिर यारों.. अब मैं भी तुम दोनों के साथ खुल कर मज़ा लूँगी.. मादरचोदो सालों..मैंने कहा- हाँ ये हुई न बात.. मेरी कुतिया भाभी..दीपक भी बोल उठा- हाँ साली कुतिया.. अब चुदेगी भोसड़ी वाली तेरी गीत भाभी..

ये कहते हुए दीपक ने उसकी गाण्ड पर एक चांटा लगा प्रिया।गीत के मुँह से ‘आह..’ निकल गई।

मैंने उसके मम्मों को फिर से प्रैस किया और उसकी गाण्ड को सहलाते हुए कहा- भाभी के अन्दर आज एक साथ दो-दो लौड़े उतार देते हैं यार!वो बोली- हाँ.. पर मुझे मज़ा लेना है.. अपनी गाण्ड नहीं फड़वानी है कुत्तों..दीपक ने उसकी चूत में उंगली डाली और कहा- तो चल फिर ये फड़वा ले साली..

मैंने भी दीपक की उंगली के साथ एक अपनी एक उंगली गीत की चूत में डाल दी।अब एक उंगली दीपक की और एक मेरी.. दोनों गीत की चूत में थीं।गीत सिसकारने लगी थी।

साथियो.. मुझे उम्मीद है कि आपको ये चुदाई कथा बहुत पसंद आ रही होगी अभी इसमें और भी मजा आना बाकी है।

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बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड

कुल भाग: 4
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