मैं सभी पाठकों का शुक्रिया करना चाहूँगा कि उनको मेरी हिंदी सेक्स कहानी पसंद आ रही है। मैं आप सब पाठकों को पुनः यह बताना चाहता हूँ कि ये कोई मेरी जिंदगी की कहानी नहीं है, यह कहानी एक याहू मैसेंजर के दोस्त की जिंदगी पर आधारित है इसलिए मुझको पूजा से बात करने की.. या उसको चोदने की रिक्वेस्ट वगैरह न भेजें.. बस कहानी का मजा लें।
जब मैं सुबह सोकर उठा तो डॉक्टर सचिन जा चुके थे और मेरी बीवी पूजा सो रही थी।मैं पूजा के कम्बल में घुस गया, मैंने देखा कि वो नंगी ही सो रही थी, मेरा लंड फड़फड़ाने लगा, मैंने उसके शरीर पर हाथ फेरना शुरू किया तो उसकी नींद खुल गई।पूजा बोली- चुपचाप सो जाओ और थोड़ी देर आराम करने दो।
मैंने उसकी चूचियों पर हाथ फेरना शुरू किया तो बहुत तेज़ भड़क गई।पूजा बोली- साले.. तेरी खुजली ही ख़त्म नहीं होती।मैंने कहा- आजकल तुम्हारी खुजली तो ख़तम हो जाती है।
वो बोली- तो तेरी गांड में क्यों मिर्ची लगती है साले.. हाँ मेरी खुजली तो बिल्कुल खत्म हो जाती है.. अपने ‘पति’ से ही दूर होती है।मैंने कहा- मतलब डॉक्टर साहब तुम्हारे पति हो गए?पूजा बोली- हाँ हो गए.. तू चला ले जो तोप चलानी है।मैंने कहा- और मैं कुछ नहीं हूँ मतलब?
वो बोली- तुम न.. क्या हो बताऊँ.. छोड़ो।मैंने कहा- नहीं.. बता दो।वो बोली- तुम सड़केबाज हो भोसड़ी के.. समझ गए.. तुम साले बस मुठ मारो और मस्त रहो।मैंने कहा- मुझको भी चूत चोदने दो ना?
पूजा बोली- तू कुछ कर भी पाता है ढक्कन..! बस करने दो.. ले, मैं कम्बल हटा देती हूँ.. अपनी डंडी हिला ले.. तेरा काम हो जएगा।मैंने कहा- ये क्या बात हुई?वो बोली- अच्छा तू नीचे आ जा.. चूत चाट मेरी.. और गरम कर मुझे!
मैं पूजा के नीचे की तरफ जा कर उसकी चूत में जीभ मारनी शुरू की.. तो बड़ा कसैला सा स्वाद आया।मैंने कहा- अजीब सी महक रही है.. चूत धो कर आ जाओ।पूजा बोली- चाटनी हो तो चाटो.. नहीं तो आराम करने दो।
मैंने किसी तरह उसकी चूत चाटनी शुरू की तो बोली- ठीक से चूत चाटो.. मजा नहीं आ रहा है।मैंने कहा- चाट तो रहा हूँ.. पता नहीं कैसी कसैली सी हो रही है।
पूजा बोली- अरे.. ये सचिन भी न चूत में इतनी ज्यादा पिचकारी छोड़ता है कि माल लगा रह जाता है।मैंने कहा- तो क्या तुमने चूत धोई नहीं थी?पूजा बोली- धोई तो थी.. हो सकता है कुछ लगा रह गया हो।मैंने पूजा की चूत चाटना बंद कर प्रिया।
वो बोली- चाट बे अब ठीक से भी.. ऐसे नाटक कर रहा है जैसे उसने अपना लंड ही तेरे मुँह में दे प्रिया हो.. चल चाट ठीक से!मैंने चाटना शुरू कर प्रिया।वो फिर बोली- अपनी नाक रगड़ चूत पर..मैंने कहा- मुझको नहीं रगड़नी!
वो बोली- रगड़ेगा साले कि नाटक ही करता रहेगा हरामी.. रगड़ नाक ठीक से.. चूत में गुदगुदी होती है.. अच्छा लगता है।मैंने कहा- डाल लूँ?वो बोली- जैसे लंड डाल कर चूतिए बहुत कुछ कर लेगा.. मैंने तुझे चूत चाटने दे रही हूँ.. ये क्या कम है?मैं धीरे-धीरे पूजा की चूत पर जीभ की नोक से कुरेदता रहा।
पूजा बोली- चूत तो लंड डालने के लिए ही है.. जब मेरे वो लंड डालते हैं न मेरी चूत में, तो लगता है कि कुछ जा रहा है.. तू लगा डंडी के लिए.. चाट जोर से!
उसने मेरी पीठ पर अपने पैर से जोरदार लात जमाई और बोली- चूस भोसड़ी के.. ठीक से चाट साले मादरचोद.. चूत भी नहीं चूस पाता भैन के लंड।
उसने दोनों हाथों से मेरा मुँह अपनी चूत में गहरे धंसा प्रिया था और गांड उचकाते हुए बोली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… उनको मालूम चलेगा कि मैंने तुझसे चूत चुसवाई है.. तो वो गुस्सा हो जाएंगे।इतना कहते हुए वो गर्म हो गई और जोर-जोर से आगे-पीछे होकर मेरे मुँह में वो झड़ गई।
मैंने कहा- मालिश कर दूँ?वो बोली- आज से उबटन और मालिश करने नाइन आएगी, तू डॉक्टर साहब की मालिश करना!मैंने कहा- नहीं करनी मुझको उनकी मालिश।वो बोली- उनकी मालिश तेरे तो अच्छे-अच्छे भी करेंगे साले.. उस वक्त मना करना.. फिर बताउंगी। सुन तुझसे ‘इनकी’ मालिश आज ही करवाऊँगी और तू मना करके दिखाना.. फिर बताती हूँ।
मेरी बीवी मेरी पूरी तरह लेने पर आ गई थी, वो बोली- चल अब मुझको थोड़ी देर आराम करने दे.. मालिश करने वाली आए, तो उठा देना।मैंने उसको कम्बल उढ़ा प्रिया।
फिर मैंने नहा-धोकर नाश्ता किया और निकलने लगा, तभी उसकी मालिश वाली आ गई।पूजा को उठा कर मैं अपने जॉब पर निकल गया। शाम को मैं 7.30 लौट कर आया.. तो पूजा उस वक्त एक लॉन्ग फ्रॉक पहने हुए थी।मैंने कहा- ये फ्रॉक तुम पर बहुत अच्छा लग रहा है।पूजा बोली- सचिन ने दिलाया था।मैंने कहा- हाँ, सब वही दिलाते हैं।
वो बोली- इसमें कोई शक है क्या.. पूरी अलमारी भरी पड़ी है। मैंने चाय बनाई है.. लो तुम भी पी लो। मैं ब्यूटी-पार्लर जा रही हूँ, मैनीक्योर पेडीक्योर करवाना है.. और फेसियल भी।मैंने कहा- मैं आया हूँ.. और तुम जा रही हो?पूजा बोली- उन्होंने पैसे दिए थे.. बोल रहे थे कि ब्यूटी पार्लर चली जाना। अब वो आने वाले होंगे.. मैं तैयार होकर आती हूँ।
पूजा पूरी तरह डॉक्टर सचिन से इमोशनली और फिजिकली जुड़ चुकी थी। मेरा पूजा की गैर मर्द के साथ चुदाई देखने का शौक भारी पड़ रहा था.. पर अब बचने का कोई रास्ता नहीं था।
रात में डॉक्टर साहब सही 9.30 बजे घर आ गए। पूजा उनके साथ बेडरूम में चली गई। वो जाते हुए मुझसे बोली- पानी ले आओ और चाय बना लो।मैंने चाय बनाई.. पानी लिया और बेडरूम में आ गया, वो बिल्कुल पास-पास बैठे थे।
पत्नी से धोखा या तन की जरूरत
डॉक्टर सचिन कह रहे थे- यार आज क्लिनिक में बहुत भीड़ थी.. बहुत थकान हो गई।उसने मुझसे ठंडा तेल लाने को बोला और उनके सर की मालिश करने लगी।वो थोड़ी देर उनकी सर की मालिश करती रही।
फिर डॉक्टर साहब बोले- बीवी हो तो तुम्हारे जैसी!वे पूजा को किस करने लगे।पूजा बोली- हाँ.. तो पति भी तुम्हारे जैसे होना चाहिए!वे दोनों चिपक कर लेट गए।
पूजा मुझसे बोली- जा बाहर जा.. थोड़ी देर आराम करने दे।
मैं बाहर रूम में आकर न्यूज़ देखने लगा। आधे घंटे के बाद उसकी आवाज आई- कहाँ है?मैंने कहा- हाँ क्या है बोलो?तो बोली- ये शावर लेंगे.. टॉवल बाथरूम में रख दो और इनकी टी-शर्ट और शॉर्ट्स भी बाथरूम में टांग देना।मैंने कहा- ठीक है।
थोड़ी देर में डॉक्टर साहब शावर लेने चले गए और पूजा खाने की तैयारी करने चली गई।डॉक्टर साहब शावर ले के बाहर आ गए और टीवी देखने लगे।
डॉक्टर साहब पूजा से बोले- बाथरूम में मेरे अंडर गारमेंट पड़े हैं.. कल धुलवा देना।पूजा बोली- अरे कल वाशिंग मशीन लगे न लगे.. अभी धुल जाएंगे।पूजा मुझसे बोली- सुनो.. बाथरूम में इनके अंडर गारमेंट पड़े हैं। जरा साबुन से अच्छे से धो कर डाल दो।मैंने कहा- कल धुल जाएंगे ना।वो बोली- तुमसे पूछा नहीं है.. अभी जाओ और धो कर डालो।
डॉक्टर सचिन बोले- छोड़ो न..पूजा बोली- नहीं.. इसके बहुत नख़रे हैं.. जा रहे हो कि नहीं?मैं चुप रहा तो बोली- ठीक है आज से आगे सोना.. मेरे कमरे में बिल्कुल मत आना।
पूजा ने मेरी दुखती रग पर हाथ रखा तो मैंने जा कर डॉक्टर साहब के अंडर गार्मेन्ट धो कर डाल दिए। अब मैं कमरे से बाहर आया तो पूजा डॉक्टर सचिन से बोली- मुझको इस ढक्कन को सीधा करना आता है।मैं जब कमरे में लौटा तो वो दोनों बातें कर रहे थे।डॉक्टर सचिन मुझसे बोले- जरा गिलास ले आओ.. एक ड्रिंक लेनी है.. तुमको भी लेनी है क्या?मैं बोला- हाँ ले लूंगा।डॉक्टर साहब बोले- तो अपने लिए भी गिलास ले आना।
पूजा बोली- और पापड़ सलाद भी लेते आना।मैं सब ले आया और दो पैग दारू होने के बाद पूजा ने डिनर लगा प्रिया।पूजा बोली- डिनर कर लो।हम सबने डिनर किया और बेडरूम में आ गए। वो दोनों बहुत देर तक बातें करते रहे।
पूजा मुझसे बोली- जाओ जरा फ्रिज से पानी की बोतल ले आओ।फिर वो डॉक्टर साहब से पूछने लगी- क्या प्रोग्राम है?डॉक्टर साहब बोले- तुम बताओ?बोली- मैं क्या बताऊँ.. कुछ करना है तो इसको दारू पिला के सुला दो।वो बोले- समझ गया मैडम।
तब तक मैं पानी ले कर आ गया।डॉक्टर सचिन मुझसे बोले- एकाध पैग दारू और पीना है?मैंने कहा- हाँ क्यों नहीं।करीब आधे घंटे हम दोनों ने दारू पी।
डॉक्टर सचिन ने पूजा से कहा- यार आज तुमने कुछ नहीं लिया?पूजा ने मुझसे कहा- फ्रिज में बियर के कैन रखे हैं.. ले आओ।मैं कैन लेने गया तो पूजा डॉक्टर सचिन से इठला कर बोली- मतलब पिला के लेने का मन है।डॉक्टर सचिन बोले- तुम्हीं तो कहती हो कि पीने के बाद लेने का अलग मजा है.. तो बस।
इतने में मैं कमरे में आ गया। डॉक्टर सचिन ने तो एक पैग लिया। पूजा ने दोनों बियर का कैन खींच लिए। वो नोर्मली कभी पीती थी तो एक बियर में ही हाई होने लगती थी।डॉक्टर सचिन पूजा से बोले- चेंज कर लो।
पूजा ने उठ कर अलमारी खोली और बोली- एक मिनट आओ न सचिन.. कौन सी पहनूँ?सचिन बोले- यार जो पहना है पहन लो.. मुझको तो उतारना ही है।पूजा बोली- मेरे कामदेव, पहनाना भी तुमको है.. और उतारना भी तुमको है। अब उठ कर आओ और अपनी पसंद का पहनाओ।वो उठ कर अलमारी के पास आ गए।
उन्होंने स्काई ब्लू कलर की ब्रा-पेंटी का सिल्की सैट निकाला और उस पर डार्क ब्लू कलर का जांघों तक आने वाली बेबी डॉल ड्रेस निकाली।पूजा ने अपने हाथ ऊपर किए और मुझसे बोली- अब बाहर भी जाएगा दो मिनट के लिए?मैं कमरे से बाहर आ गया।
पूजा बोली- जब तक कहो नहीं.. यहीं धरा रहेगा साला।डॉक्टर साहब हँस दिए।
पूजा ने मुझे एकदम नौकर बना कर रखा हुआ था। लेकिन वो मुझे कितना भी बुरा बोल ले मगर मेरी कुकोल्ड बने रहने की चुल्ल ने इसे मेरी आदत में शुमार कर प्रिया था कि अब मैं उसकी गालियों को भी अपना सम्मान समझने लगा था।
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