बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी चार लड़कों से एक लड़की की चुदाई की है. लड़की ने चार लड़कों से एक साथ अपनी गांड, चूत और मुंह में लंड लेकर सेक्स किया.
हॉट गर्ल सेक्स कहानी के पिछले भागचार लड़कों को नंगा करके लंड चूसामें आपने पढ़ा कि चार लड़कों को मैंने सेक्स के लिए अपने घर बुलाया था. मैंने चारों को नंगा करके बेड पर बाँध के लिटा प्रिया. चारों के चूतड़ बेल्ट से पीट कर लाल कर दिए.फिर मैंने एक एक करके उनको सेक्स का मजा देने की सोची.
एक लड़के को खोल कर मैं उसके लंड से खेलने लगी.
उसने अपना लंड मेरे मुख में डाल प्रिया और जोर से धक्के देने लगा.मैं समझ गई कि अब यह झड़ने वाला है.
मैंने सोचा कि चलो एक का काम तो जल्दी खत्म होगा.तभी उसने जल्दी जल्दी झटके देने शुरू कर दिए और लगभग 30 सेकंड बाद उसने अपना सारा पानी मेरे मुंह में निकाल प्रिया.मैं उसका सारा पानी पानी पी गई.
झड़ते ही वह तो एक कुर्सी पर ऐसे बैठ गया जैसे कि उसकी सारी जान निकल गई हो.मैं खड़ी होकर बोली- क्यों बे साले … तू तो बहुत बड़ा मर्द बन रहा था. तू तो मेरे मुंह में ही झड़ गया. अभी तो मेरी चूत और गांड बाकी हैं!
अब आगे बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी:
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तब विशाल बोला- साली, तू मुझे खोलकर कर देख … फिर देख कैसे तुझे खुश करता हूं.
यह सुनकर मैंने विशाल की तरफ देखा और मुस्कुरा कर बोली- अच्छा तो अब तू मर्द बन कर आया है.मैंने विशाल के पास जाकर उसके टट्टे दबा दिए तो उसकी चीख निकल गई.
मैंने हंसते हुए कहा- क्यों सारी मर्दानगी गांड में घुस गई?और मैं जोर से हंसने लगी.
तो वह बोला- साली कुतिया, एक बार हाथ तो खोल … फिर बताता हूं तुझे!मैंने उसके हाथ पैर दोनों खोल दिए.
उसने भी उठ कर सीधे मेरे होंठों पर ही वार किया और उसने भी राज की तरह मेरे गांड पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.फिर उसने मुझे सीधी किया और मेरे बूब्स पर भी थप्पड़ मारने लगा.
वह मेरे बूब्स दबा भी रहा था और उन पर थप्पड़ भी मार रहा था.
मैंने देखा कि मेरे बूब्स और गांड दोनों पर पिट पिटकर लाल हो गए थे.अब मुझे हल्का सा दर्द भी होने लगा था.
फिर मैंने सोचा कि अभी तो साहिल और रोहित भी बाकी हैं.अगर ये दोनों भी मुझे ऐसे ही मारने लगे तो मेरी गांड लाल हो जाएगी.
मैं विशाल को बोली- तू कुर्सी पर बैठ … मैं तुझे जन्नत की सैर कराती हूं.
उसने राज को उठाकर बिस्तर पर लिटा प्रिया और खुद को राज की जगह पर कुर्सी पर पैर फैला कर बैठ गया.मैं नीचे बैठकर उसके पास गई और उसका लंड अपने मुंह में रखकर चूसने लगी.
लंड मुंह में जाते ही विशाल के मुंह से आह निकली.वह बोला- साली कुतिया, अब देख मैं दिखाता हूं तुझे कि एक मर्द किसको कहते हैं.
वह मेरे मुंह में लंड देकर जोर जोर से झटके देने लगा और अपने हाथ नीचे ले जाकर उसने मेरी गांड को चौड़ा कर प्रिया मेरी गांड में उंगली करनी शुरू कर दी.अब मेरी चूत में और मेरी गांड दोनों में उंगली कर रहा था और कभी-कभी हाथ नीचे ले जाकर मेरे बूब्स भी दबा रहा था.
मैं भी उसका लंड और उसके टट्टे बहुत मजे से चूस रही थी.उसका लंड भी लगभग 6 इंच के करीब का ही था और वह भी एकदम गोरा था.
मैं उसके लंड का टोपा हटाकर उसको जीभ से चाट रही थी तो विशाल की आंखें बंद हो गई और वह से पीछे मुहं करके बस आहा आह आहा करने लगा.
लगभग 2 मिनट लंड चूसने के बाद विशाल भी मेरे मुंह में झड़ गया.एक बार को तो मुझे लगा कि कहीं मैंने इन चारों को बुलाकर कोई गलती तो नहीं कर दी क्योंकि ये लड़के तो कच्चे निकल रहे थे और जल्दी-जल्दी पानी छोड़े जा रहे थे.
उसने झड़ते ही मेरी तरफ देखा और बोला- मेरी जान, पहली बार था ना … अगली बार देखना कैसे तेरी गांड फाड़ता हूँ!
मैंने सोचा कि शायद लड़का सही कह रहा है.
फिर उसने उठकर मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए.
मैंने देखा कि उधर रोहित और साहिल बहुत बुरी तरीके से तड़प रहे थे.तो मैंने सोचा कि अब उन्हें खोल देना ही ठीक रहेगा.
मैं जाकर उनको खोलने लगी.
जैसे ही मैंने साहिल के हाथ खोले, उसने तुरंत ही मेरे चूतड़ों पर एक जोर का थप्पड़ मार प्रिया.फिर उसने अपने पैर खुद खोल दिए.
इधर मैंने रोहित के भी हाथ खोले तो उसने मुझे पकड़कर बिस्तर पर लेटा लिया और मेरे ऊपर आकर मुझे जोर जोर से किस करने लगा और मेरे बूब्स दबाने शुरू कर प्रिया.
थोड़ी देर तक तो दोनों मेरे बूब्स और मेरे होंठों से खेलते रहे, फिर रोहित मेरे बायीं और साहिल मेरे दायीं और लेट कर दोनों एक एक चूचा मुंह में लेकर चूसने लगे.
एक हाथ से वे मेरी चूत में उंगलियां करने लगे. दोनों अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल रहे थे और जोर-जोर से अंदर बाहर कर रहे थे. साथ ही वे मेरे बूब्स चुसे जा रहे थे.कभी साहिल तो कभी रोहित मेरे होंठों को भी चूस चूस कर काट रहा था.
मुझे बहुत मजा आ रहा था, मेरा मन कर रहा था कि कोई जल्दी से मेरी चूत में लंड डाल कर मेरी चुदाई शुरू कर दे.
तो मैंने उन दोनों को रोका और बोली- अगर तुम लोग ऐसे ही करते रहे तो जल्दी झड़ जाओगे और मैं फिर से प्यासी रह जाऊंगी. मुझे मेरी प्यास बुझानी है तो जल्दी से पहले मेरी चूत मारो!
इतना सुनना था कि रोहित ने तुरंत अपनी पोजीशन बदली और वह मेरे ऊपर आ गया.उसने अपना लंड मेरी चूत में रगड़ना शुरू कर प्रिया और उसने फिर एक झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार प्रिया.
मुझे हल्का सा दर्द हुआ तो मैं अआह्हह करके जोर से चीखी क्योंकि मुझे सेक्स करते हुए चीखना बहुत पसंद है.
फिर मैंने रोहित को रोककर उसका लंड अपनी चूत से बाहर निकाल प्रिया और उसको लंड पर कंडोम लगाने के लिए कहा.चारों अपने साथ कंडोम लाये थे तो चारों ने अपने अपने लंड पर कंडोम लगा लिया.
उधर राज और विशाल भी बिस्तर पर आ गए थे.
इधर रोहित ने अपने लंड पर कंडोम लगाकर सीधा मेरी चूत में डालकर झटके देने शुरू कर दिए.साहिल ने अपना लंड मेरे मुंह में दे प्रिया. उसने भी मेरे मुख में जोर जोर से झटके देने शुरू कर दिए.
तब 1 लंड मेरी चूत और 1 लंड मेरे मुंह में था … मुझे सच में बहुत मज़ा आ रहा था.बस मन कर रहा था कि ये चारों ऐसे ही पूरी रात मेरी चूत और गांड मार मार कर मुझे बेहोश कर दें.
लगभग 10 मिनट मेरी चूत मारने के बाद साहिल ने रोहित को रोका और रोहित की जगह खुद आ गया.उसने आते ही मेरी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रख ली और मेरी चूत में लंड उतार प्रिया.
तब वह पूरे जोश के साथ मेरी चुदाई करने लगा.मुझे 1 बात महसूस हुई कि ये जवान लड़के चुदाई पूरी ताकत से करते हैं.
अब हालात ऐसे थे कि साहिल मेरी चूत मार रहा था और राज का लंड मेरे मुंह में था.विशाल मेरे बूब्स चूस रहा था और रोहित का लंड मैं हाथ से सहला रही थी.
फिर मैंने साहिल को रोका और बोली- अब दो लोग मिल कर मेरी चूत और गांड में एक साथ लंड डालो!
मेरी बात सुनते ही वो चारों मुझे हैरानी से देखने लगे.तो मैंने कहा- ऐसे क्या देख रहे हो? मुझे गांड मरवाना बहुत पसंद है.
वो चारों खुश हो गये.
मैंने राज को नीचे लेटा प्रिया और उसका लंड पकड़कर अपने चूत में डाल लिया और उसके उपर झुककर उसे किस करने लगी.विशाल मेरे पीछे आ गया और उसने लंड को मेरी गांड में घिसना शुरू कर प्रिया.फिर उसने धीरे धीरे मेरी गांड में लंड डाल प्रिया और धक्के देने लगा.
अब मैं सेंडविच की तरह दोनों छेदों में लंड लिए मज़े ले रही थी.मेरा तीसरा छेद यानि मुंह अभी खाली था तो मैंने रोहित का लंड मुंह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर प्रिया.
अब मैं एक प्रोफेशनल रंडी की तरह चुद रही थी.हालांकि मुझे खुद को रंडी बुलवाना बिलकुल पसंद नहीं है मगर आज का माहौल ही कुछ ऐसा था कि मैं खुद को एक रंडी ही समझ रही थी.
मुझे आज मज़ा बहुत आ रहा था.राज और विशाल मेरी चूत और गांड का अच्छे से भुरता बना रहे थे.
Pehli Main Aur Fir Aunty Chudi – Part 2
थोड़ी देर चोदने के बाद रोहित और साहिल ने राज और विशाल की जगह ले ली.अब रोहित का लंड मेरी चूत में था और साहिल का लंड मेरी गांड में था.
5 मिनट में ही रोहित जोर जोर से झटके देने लगा तो मैं समझ गयी कि यह झड़ने वाला है.लेकिन मैंने उसका लंड चूत से नहीं निकाला क्यूंकि उसने कंडोम पहना हुआ था. मुझे कोई डर नहीं था.
रोहित मेरी चूत में झटके देता हुआ झड़ गया.उसने मुझे बाँहों में भर लिया और अपने ऊपर लिटा लिया.
उधर साहिल भी मेरी गांड में जोर जोर से झटके देता हुआ मेरी गांड में ही झड़ गया.वो मेरे ऊपर लेट गया.
तब राज ने मुझे उन दोनों के बीच से निकाला और मुझे पीठ के बल लिटाकार मेरी चूत मारनी शुरू कर दी.
इस बीच मैं झड़ने को हुई तो मैंने जोर जोर से राज के लंड में झटके देने शुरु कर दिए.राज समझ गया कि मैं झड़ने वाली हूँ तो उसने अपने झटकों की स्पीड बढ़ा दी.
मैं ‘आअह अआहह … मादरचोद जोर से झटके मार … आःह्ह रंडी के बच्चे मार मेरी चूत … आअह …’ करती हुई झड़ गयी.
मेरी चूत से बहुत सारा पानी निकला.राज अभी झड़ा नहीं था तो उसने मेरी चूत में झटके देने चालू रखे.
अब मेरी चूत में जलन होने लगी लेकिन मैंने राज को रोका नहीं क्यूंकि मैं नहीं चाहती थी कि उसका पहली बार का सेक्स हाथ से पानी निकालकर पूरा हो!तो मैं ऐसे ही पड़ी रही और राज मेरी चूत में जोर जोर से झटके देने लगा.
तभी पता नहीं कहाँ से विशाल अपना लंड हिलाता हुआ आ गया.तब मुझे होश आया कि अभी तो विशाल का झाड़ना भी बाकी है.
लगभग 5 मिनट मेरी चूत में झटके देने के बाद राज का पानी निकलने को हुआ तो उसने भी कंडोम के अंदर मेरी चूत में पानी छोड़ प्रिया और बिस्तर पर लेट गया.
अब विशाल की बारी थी लेकिन मेरा मन अब सेक्स करने का नहीं कर रहा था.तो मैंने उसको बोला- मैं तुम्हारा पानी चूस कर निकाल दूंगी.तो वो मायूस सा हो गया.
उसकी इस अदा पर मुझे हसीं आ गयी. फिर मैं उसको बोली- चल कोई नहीं, तू चूत में डाल ले!तो वो बोला- मैं आपको बिना कंडोम के चोदना चाहता हूँ.मैंने उसे साफ़ मना कर प्रिया.
तो वो बोला- प्लीज … मैं चूत में से निकल लूँगा.वो मुझे मनाने लगा.
हालांकि उन चारों लड़कों में मुझे विशाल बहुत पसंद आया था तो उसके बहुत मनाने के बाद मैंने हाँ कर दी.लेकिन मेरी गांड फट रही थी क्यूंकि ये विशाल का पहली बार सेक्स था तो मुझे उम्मीद थी कि ये कण्ट्रोल नहीं कर पायेगा.
खैर फिर मैंने सोचा कि जो होगा देखा जायेगा. अगर इसने चूत में पानी डाल प्रिया तो गोली खा लूंगी.हालांकि मैंने अपनी लाइफ में सिर्फ 2 बार ही गोली खायी है वो भी मेरे भाई साहिल के साथ सेक्स करने के बाद!
मेरी हाँ मिलते ही वो खुश हो गया और उसने अपने लंड से कंडोम निकाल प्रिया.फिर विशाल ने अपना लंड मेरी चूत में डालकर झटके देने शुरू कर दिए और वह मुझे किस भी करने लगा.
किस करते हुए वो अपनी कमर हिला कर मेरी चूत में झटके देने लगा. वह इस बीच में मेरे बूब्स भी चूस रहा था.मुझे उसके साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था.
वह बहुत धीरे धीरे झटके दे रहा था. अब मेरी चूत की प्यासी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी.
फिर विशाल ने धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी. फिर अचानक से उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया और मेरे बूब्स को काटना शुरू कर प्रिया.
वह मेरी जिस्म के हर हिस्से पर किस कर रहा था.या यूं कहिए कि वह मेरे जिस्म को चाट रहा था.
फिर वह धीरे-धीरे मेरी चूत की तरफ चला गया और उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर प्रिया.वह मेरी चूत में अपनी जीभ अंदर तक डालकर अपनी जीभ से मेरी चूत को चोद रहा था. मुझे उसके ऐसा करने से बहुत मजा आ रहा था, मैं उसका बाल पकड़कर उसके मुंह पर अपनी चूत को मारने लगी थी.
अब वो दोनों हाथ से मेरे बूब्स दबा रहा था.
फिर वो ऊपर आया, उसने अपना लंड मेरे मुंह में दे प्रिया.मैंने उसका लंड चूसना शुरू कर प्रिया.मैं लेटी हुई थी.
अब उसने धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मेरा मुंह नहीं मेरी चूत चोद रहा है.
उसके झटके देने से मुझे दर्द भी हो रहा था लेकिन मैं सब कुछ बर्दाश्त कर रही थी क्योंकि इसमें मुझे मजा आ रहा था.
फिर विशाल ने मुझे 69 पोजिशन में कर प्रिया अब वह मेरे मुंह में धक्के देने लगा था और नीचे से मैं अपनी चूत उसके मुंह पर मार रही थी.उसने अपना मुंह थोड़ा सा नीचे ले जाकर मेरी गांड के छेद को भी चाटना शुरू कर प्रिया.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
अब मेरी चूत को लंड की जरूरत थी तो मैंने विशाल को कहा- जल्दी से मेरी चूत की चुदाई शुरू करो!
उसने मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से मेरी चूत में लंड डाल प्रिया और धीरे धीरे मेरी चुदाई शुरू कर दी.
वह बहुत धीरे-धीरे और प्यार से मेरी चुदाई कर रहा था जो मुझे बहुत पसंद आई.
कभी मेरी चूत से लंड निकाल कर वह मेरी गांड में डाल देता और गांड की चुदाई शुरू कर देता.थोड़ी देर बाद उसने गांड से निकलकर मेरी चूत में लंड डाल प्रिया और मेरी चूत की चुदाई शुरू कर दी.
वह नीचे से हाथ ले जाकर मेरे दोनों बूब्स दबा रहा था और पीछे से मेरी चूत में झटके प्रिया जा रहा था.
उससे बिना कंडोम के लंड से चुदाई करवा कर मुझे भी बहुत मजा आ रहा था.
लगभग 20 मिनट चुदाई करने के बाद उसके झटके तेज हो गए तो मैं समझ गई कि विशाल अब झड़ने वाला है.तो मैंने उससे कहा- अपना लंड बाहर निकाल लेना.वह बस हां बोला और जोर जोर से झटके देने लगा.
तभी उसने एक झटके में अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुझे सीधा बिठाकर मेरे मुंह में लंड दे प्रिया और झटके देने लगा.
लगभग 30 सेकंड बाद उसके मुंह से गर्म-गर्म लावा मेरे मुंह के अंदर गया.उसने सारा पानी मेरे मुंह के अंदर निकाल प्रिया.जिसे मैंने पी लिया और मुस्कुरा कर उसकी तरफ देखा और उसके लंड को चाट कर साफ कर प्रिया.
विशाल के चेहरे पर संतुष्टि का भाव नजर आ रहा था.
फिर मैं उसके बगल में उसकी बांहों में बाहें डाल कर लेट गई.मैंने उसको बोला- मुझे लगा नहीं था कि तुम पहली बार में अपने आप पर कंट्रोल कर पाओगे. मुझे डर था कि तुम मेरी चूत में झड़ जाओगे. लेकिन तुमने अपने ऊपर अच्छा कंट्रोल दिखाया.
वह इस बात पर खुश हुआ और उसने मुझे जोर का लिपकिस किया.
मैंने देखा कि साहिल राज और रोहित तीनों सो चुके थे.फिर मैं और विशाल भी जाकर सो गए.
सुबह 8:00 बजे के करीब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि चारों लड़के अभी भी नंगे ऐसे ही सोए हुए हैं.
मैंने उन चारों को उठाया और घर जाने को बोला.
वे चारों एक बार फिर से मेरे साथ सेक्स करने की जिद करने लगे.लेकिन मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही थी तो मैंने उनको जाने के लिए बोला.उनकी जिद पर मैंने कहा- फिर कभी बुला लूंगी तुम्हें!
चारों ने एक बार मुझे किस किया और मेरे बूब्स दबाए और अपने कपड़े पहन कर जाने लगे.
उनके जाने के बाद मैंने दरवाजा बंद करके नंगी ही बाथरूम में जाकर खुद को साफ किया.रात की चुदाई की याद कर करके अपनी चूत में उंगली डालकर एक बार पानी निकाला और फिर जाकर तैयार होकर ऑफिस चली गई।
तो दोस्तो, आपको मेरी बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी? आप अपने विचार मुझे मिल करके जरूर बताइएगा.
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