साहिलमैंने आँख खोल कर देखा मेरा मुँह उनकी झांटों के बीच में था।‘इसको चाट रे… तेरी चाची की बहुत तरसी चूत है..!’ऐसा कह कर उन्होंने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला प्रिया, मैं उनकी चूत को चाटने लगा।अजीब सी गन्ध आ रही थी।करीब दो मिनट चाटा होगा कि चाची ने मेरा मुँह झटके से अलग कर प्रिया, मेरा मुँह गीला हो गया था।मैंने चाची के गाउन से मुँह साफ़ किया।‘खड़ा हो जा रे..!’ चाची ने मुझ से कहा।मैं खड़ा हो गया, फिर चाची मेरे सामने बैठ गईं, मेरा लण्ड पकड़ कर अपने होंठों पर फेरने लगीं।मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा था।फिर उन्होंने मेरा लण्ड अपने मुँह में रखा और जुबान से उसको सहलाने लगीं।मेरे मुँह से बहुत जोरदार आवाज़ निकली- ओह्ह्ह्ह्ह..! चाची यह क्या कर प्रिया आपने..?‘कुछ नहीं होगा.. मेरे राजा..!’ चाची ने कहा और ज़ोर से मेरे टट्टे दबा दिए।मैं दर्द से तड़प गया।‘चल अब लेट जा..’ चाची ने कहा।मैं लेट गया, फिर चाची ने मेरी टाँगों को मोड़ा और मेरे ऊपर आ गईं।यह 69 की पोजीशन थी। मेरा लण्ड अपने मुँह में लेकर उन्होंने अपनी गीली चूत मेरे मुँह पर रख दी और एकदम शान्त लेट गईं।चाची की चूत से पानी निकल रहा था और मजबूरी में मुझ को पीना पड़ रहा था।मेरा लण्ड भी पानी छोड़ रहा था जिसको चाची थोड़ी-थोड़ी देर बाद पी जाती थीं। अब मैं समझ गया था कि क्या चल रहा है और क्या होने वाला है।फिर चाची सीधी लेट गईं और अपनी टाँगें मोड़ कर फैला लीं, ‘आ साहिल चोद.. आज अपनी चाची को चोद.. मेरे राजा..!’मैं घुटनों के बल उनके सामने बैठ गया। फिर उन्होंने मुझ को पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिया। मेरा लण्ड सीधा चाची की चूत से टकराया हम दोनों की चीख निकल गई, ‘ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह चाची..!’मेरे मुँह से बस इतना ही निकला।चाची का बदन बुरी तरह से काँप रहा था। हाल मेरा भी बहुत खराब था, मेरा लण्ड चूत से टकरा कर नीचे बिस्तर की तरफ़ मुड़ गया था।फिर चाची ने मुझ को ऊपर उठाया और मुझ से कहा- मैं जैसा कहूँ करते जाना.. ओके..!‘जी..’ बस मेरे मुँह से इतना ही निकला।
चाची ने चुदाई का तजुर्बा दिला प्रिया-2
07 Jul 2012 को प्रकाशित
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चाची ने चुदाई का तजुर्बा दिला प्रिया
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पाठकों की राय
2 टिप्पणियांदीपक उर्फ़ दीपिका मिश्रा
4 months agoचाची की चूत का वर्णन बहुत ही कमाल का किया है।
तनु प्रिय
4 months agoगजब की आंटी है भाई, पढ़ते हुए मजा आ गया।