होम पर वापस जाएं
पड़ोसी पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 683 बार

चूत चुदाई चंदा रानी की-1

चूतेश

20 Aug 2013 को प्रकाशित

चूत चुदाई चंदा रानी की-1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

‘हाय राजा, तुम सारा दूध पी डालोगे तो बच्चा क्या पियेगा !’ चंदा रानी ने चूचुक मेरे मुंह से बाहर निकालना चाहा।वो मेरे दोस्त राहुल जैन की पत्नी है।क्या उबलती, फ़ड़कती जवानी है ! गुलाबी, रेशमी त्वचा, गहरे भूरे रंग के घनेरे बाल, निखरता गोरा रंग !फिगर ऐसी कि जोगी को भी भोगी बना डाले, बहुत ही सुन्दर पाँव, मुलायम और सुडौल, जिनको बार बार चूमने और चाटने का दिल करे !मर्दों को चुनौती सी देते हुए सामने उसके चूचुक और पीछे उसके मस्त नितम्ब !क्या करे बेचारा आदमी, पागल ना हो जाये और क्या करे !चंदा रानी एक ऐसा पूरा पका हुआ फल थी जिसको चूसने में देरी करना महा अपराध था।

मेरी नई नई शादी हुई थी और मेरी बीवी मायके गई हुई थी।चूत का तरसा, मैं हर वक़्त खड़े लंड को छुपाने के लिये अपनी पतलून इधर उधर सेट करता रहता था।राहुल एक महीने के लिये विदेश गया हुआ था और मुझे कह गया था कि उसकी पत्नी का ध्यान रखूँ।मैं क्या खूब ध्यान रख रहा था !!! हा हा हा !!!

मैंने चंदा को कैसे पटाया, यह बताने में वक़्त बर्बाद नहीं करूँगा मैं पढ़ने वालों का, बस यह समझ लें कि हमारा आँख मटक्का तो चल ही रहा था काफी दिनों से, बस दो चार बार चुम्मी तक ही तसल्ली करनी पड़ रही थी।उस चूतिए राहुल के विदेश जाने से हम को मौक़ा हाथ लग गया मस्ती लूटने का !उसका पति बाहर और मेरी पत्नी बाहर, तो और क्या चाहिये था हम दो चुदाई के प्यासों को !चंदा की गोद में तीन महीने का बच्चा था।

एक शाम में उसके घर पहुँचा, इधर उधर से छिपता छिपाता, चंदा रानी ने द्वार खोला, मैं अंदर घुस गया और बड़ी बेताबी से चंदा को कस के लिपटा लिया।मेरे होंठ उसके गुलाबी, भरे भरे से होंठों से चिपक गये, एकदम मेरे तन बदन में मानो आग लग गई, चुदास बिजली की तरह मेरे भीतर कौंधने लगी, लंड लपक कर ज़ोरों से अकड़ गया और उसके पेट को दबाने लगा।चंदा ने मस्ती में लंड को एक हल्की सी चपत भी लगाई।चंदा ने अपना सिर पीछे को झुका लिया था, कस के उसने मेरे बाल पकड़ लिये और मेरा मुँह अपने मुँह से कस के चिपका लिया।हम बहुत देर तक इसी प्रकर से लिपटे हुए एक दूसरे के होंटों और जीभ को चूसते रहे।मैंने उसके मुलायम मुलायम नितम्ब दबोच लिये थे और उनको दबा दबा कर बड़ा मज़ा पा रहा था।

काफी देर तक चूमने के बाद उसने मेरी छाती पर हाथ रख कर मुझे पीछे किया और बोली- राजा कुछ रुक… कपड़े बदल के ईज़ी होकर बैठते हैं.. फिर आराम से बातें करेंगे !चंदा रानी बड़ी सफाई से मुझसे अलग होकर एक कमरे की तरफ चल दी।मैं पीछे पीछे गया।यह उसका बेडरूम था और उसका बालक एक पालने में सोया हुआ था।

वह बेडरूम के बाथरूम में घुस गई, मैंने अपनी कमीज़ उतारी और जूते मोज़े खोल कर आराम से बिस्तर पर फैल गया।दो चार मिनटों म़ें चंदा रानी बाहर निकल आई, उसने एक मर्दानी लुंगी लपेट रखी थी और लुंगी के सिरे गर्दन के पीछे बांध रखे थे। लुंगी ने उसका ऊपर का बदन और थोड़ा सा चूत के आस पास का हिस्सा ढक प्रिया था।उसने लुंगी के भीतर कुछ भी नहीं पहना था, न ब्रा, न कच्छी !

उसकी लाजवाब जांघें, लम्बी टांगें, उसके खूबसूरत पैर देख कर मेरा बदन झनझना उठा।मैं लपक कर उठा और चंदा रानी को खींच कर बिस्तर पर ले लिया।

जैसे ही मैंने लुंगी के भीतर से चूचुक दबोचे, मेरे हाथ उसके दूध से भीग गये। उसकी चूचियाँ दबादब दूध निकाल रही थीं, मेरे सब्र का बांध टूट गया और मैंने अपना मुंह लुंगी म़ें घुसा कर एक चूची पर अपने होंठ रख दिये।एक बच्चे की तरह मैं हुमक हुमक के दूध पीने लगा।क्या गज़ब का स्वाद था !एकदम सही तापमान, एकदम सही मिठास !!दूसरी चूची भी खूब दूध निकाल रही थी, जब पहली चूची का सारा दूध खत्म हो गया तो मैंने दूसरी चूची पर हमला बोला।मचल मचल के मैंने चंदा रानी का दूध पिया, उसने भी बहुत चिंहुक चिंहुक कर मस्ती से दोनों चूचियाँ चुसवाईं।

अचानक चंदा रानी को ध्यान आया कि अगर पूरा दूध मैं पी गया तो बच्चा क्या पियेगा।‘हाय राजा, तुम सारा दूध पी डालोगे तो बच्चा क्या पियेगा?’ चंदा रानी ने चूचुक मेरे मुंह से बाहर निकालना चाहा।मैंने चूची मुंह से बाहर न जाने दी, मैं चूसता ही रहा जब तक दूसरी चूची भी दूध से खाली नहीं हो गई।

मैंने पहली चूची को दुबारा दबाया तो दूध की एक तेज़ धार निकल आई।चंदा रानी का दूध का उत्पादन आश्चर्यजनक था, इतनी जल्दी चूची दुबारा दूध से भर गई थी। क्या कमाल का डेरी फार्म था इस कामुक औरत का !‘अरे तेरी चूचुक हैं या अन्नपूर्णा गाय के थन? दूध ख़त्म ही नहीं होता ! अभी अभी तो पूरा दूध चूसा था। तो घबराती क्यों है, अभी दस मिनटों में दूध पूरा भर जायेगा।’ इतना कह के मैंने लुंगी के सिरे खोल दिये और चंदा रानी को कस के भींच लिया।चंदा ने अपना खूबसूरत सा हाथ मेरी पैंट पर लंड के ऊपर रखा और कराह उठी- राजे… तूने मुझे तो नंगा कर प्रिया… अपनी पतलून खोली ही नहीं अब तक !‘अभी ले !’ मैं उसे छोड़ कर जल्दी जल्दी पतलून खोलने लगा।

चंदा रानी ने नीचे की तरफ सरक कर अपना मुंह बिल्कुल लंड के सामने कर लिया और झुक के गप से लंड की सुपारी अपने मुंह में ले ली।पहले तो उसने ब़ड़े दुलार से पूरी सुपारी के चारों तरफ जीभ घुमाई, लंड को बाहर निकला, खाल पीछे करके टोपा पूरा नंगा कर प्रिया, सिर्फ टोपा मुंह के अंदर ले कर चंदा रानी ने खाल ऊपर नीचे करना शुरू किया।उसका मुंह बहुत गरम था और तर भी ! लंड के मज़े लग गये।

अचानक चंदा रानी ने जीभ की नोक सुपारी के छेद में घुसाने की कोशिश की, हालांकि जीभ ज्यादा अंदर घुस नहीं पाई पर जितनी भी घुसी उससे मेरे पूरे बदन में एक सरसरी सी दौड़ गई, मज़े की पराकाष्ठा हो चली थी।उसने तेज़ तेज़ लंड को हिलाना शुरू कर प्रिया, उसकी जीभ कमाल का आनन्द दे रही थी, कभी वह अपनी गरम गरम, राल से तर जीभ टोपे पर घुमा घुमा कर चाटती और कभी वह दुबारा जीभ को मोड़ कर नोक लंड के छेद में डाल के एक तेज़ करंट मेरे बदन में फैला देती !

यकायक चंदा रानी ने मेरे दोनों अण्डकोश थाम लिये और लंड पूरा का पूरा मुंह में घुसा लिया।वह ब़ड़े प्यार से अंडों को सहला रही थी और तेज़ तेज़ सिर को आगे पीछे करती हुई लंड को अंदर बाहर कर रही थी।उसके घने बाल इधर उधर लहरा रहे थे, मेरी मज़े के मारे गांड फटी जा रही थी, मैं बड़ी तेज़ी से चरम रीमा की ओर बढ़ रहा था, मेरी साँसें तेज़ हो चली थीं और माथे पर पसीने की बूंदें झलक आईं थीं।

चंदा रानी ने रफ़्तार और तेज़ कर दी, उसे अहसास हो गया था कि मैं जल्दी ही झड़ सकता हूँ, चंदा रानी का मुंह उसके मुख-रस से लबालब था, लौड़ा अंदर बाहर जब होता तो सड़प.. सड़प… सड़प की आवाज़ें निकलती थीं।चंदा रानी ने मेरे लंड और गांड के बीच में जो मुलायम सा भाग होता है, उसे ज़ोर से दबा प्रिया, उसने अपने दोनों अंगूठे उस कोमल जगह पर गाड़ दिये,एकदम से एक तेज़ गरम लहर मेरी रीढ़ से गुज़री, मेरे मुंह से एक ज़ोर की सीत्कार निकली और मैं झड़ा।मैंने चंदारानी के बाल जकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का मारा, लंड बड़ी तेज़ी से उसका पूरा मुंह पार करता हुआ धड़ाम से उसके गले से जाकर टकराया।ऊँची ऊँची सीत्कार की आवाज़ें निकलता हुआ मैं बहुत धड़ाके से झड़ा, लौड़े ने बीस पचीस तुनके मारे और हर तुनके के साथ गरम वीर्य के मोटे मोटे थक्के चंदा रानी के मुंह में झाड़े।

कई दिनों का जमा हुआ मक्खन निकल गया, मैं बिल्कुल निढाल होकर बिस्तर पर फैल गया और अपनी सांसों को काबू पाने की चेष्टा करने लगा।मेरा लंड झड़ कर मुरझा चुका था और चंदा रानी की लार व मेरे लेस की बूँदों से लिबड़ा एक तरफ को पड़ा हुआ था।

कहानी जारी रहेगी।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

चूत चुदाई चंदा रानी की

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

तलाकशुदा आंटी सेक्स के लिए मुझे अपने घर ले गई
पड़ोसी

तलाकशुदा आंटी सेक्स के लिए मुझे अपने घर ले गई

मैं विशाल वेदक 24 साल का लड़का मुंबई में रहता हूँ, मेरे परिवार में चार लोग हैं पापा, मम्मी, बहन और मैं!मेरे पड़ोस में 36 साल की एक आंटी रहती हैं जिनका नाम वर्षा है, उनका अपने पति के साथ डाइवोर्स हुआ है, वे अपने 8 साल के लड़के के साथ अकेली रहती हैं....

5 मिनट 1,199
नयना भाभी की मस्त चूत चुदाई
पड़ोसी

नयना भाभी की मस्त चूत चुदाई

हैलो, मेरा नाम पंकज है और मैं काला पीपल (म.प्र.) से हूँ, मेरी उम्र 22 साल, मेरे लंड का नाप 6 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा है।यह कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी नयना (नाम बदला हुआ है) की है, उसकी उम्र 24 साल की होगी, वो दिखने में तो दुबली-पत...

8 मिनट 496
भाभी बनी सेक्स गुरु
पड़ोसी

भाभी बनी सेक्स गुरु

प्यारे दोस्तो,आज मैं आपको पहली बार गाण्ड के अलावा कोई नया किस्सा सुना रहा हूँ।

15 मिनट 1,008

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हॉट कूल बॉय

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

मल्लिका राय

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।