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भाभी की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 437 बार

चुदाई की कहानी शबनम भाभी की-2

रोहण कुमार प्ले बॉय

26 Oct 2024 को प्रकाशित

चुदाई की कहानी शबनम भाभी की-2
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अगले दिन शाम को हमारी मुलाकात हुई तो मैंने भाभी से पूछा कि फल मीठा था कि तीखा?पहले तो भाभी झेंप गईं, फिर मेरी हंसी देखकर बोलीं- अब तो ये फल खाने वाला ही जाने कि मीठा था या तीखा.मुझे समझ में नहीं आया कि इस बात पे मैं कैसे रिएक्ट करूं. मुझे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी.

फिर मेरी शक्ल देख के भाभी बोलीं- अच्छा मेरे साथ चलो मुझे मार्केट जाना है, कुछ सामान खरीदना है.

इस बात को सुनके मैं चौंक गया क्योंकि नार्मली या तो वो खुद बाजार जाती थीं या मुझे सामान लाने के लिए कह देती थीं.. लेकिन कभी हम दोनों साथ में मार्केट नहीं गए थे.

मुझे वो एक मेडिकल स्टोर में लेकर गईं और कुछ दवा लेने लगीं. आते समय मेरे पूछने पे बताया कि उन्हें कमर में दर्द है सो वो दवा लेने आई थीं.तो मैंने छेड़ते हुए कहा- रात में आम (फल) ज्यादा खा लिए थे क्या.उन्होंने गुस्सा होते हुए कहा कि उनका पीरियड चल रहा है और उन्हें पीरियड में कमर दर्द की समस्या रहती है.

ये सुनके मैं सीरियस हो गया और उन्हें सॉरी बोला. फिर रास्ते भर मैंने उनसे बात नहीं की, लेकिन मेरे मन में एक सवाल था.. तो जैसे ही मैं उनके डोर पे पहुँचा, मैंने वैसा ही सीरियस चेहरा लिए उनसे कहा कि तो आपने आम नहीं खाया?

वो कुछ देर तो मेरा चेहरा देखती रहीं, जैसे चेहरे का एक्सप्रेशन समझाना चाह रही हों. फिर मुस्कुराते हुए बोलीं- फ्रिज में ढेर सारे आम रखे है, आपको खाने हो तो आ जाओ.ये कहते हुए वे तेजी से अन्दर चली गईं.

उनकी ये बात सुन कर मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है. मैंने ऐसा चुतियापा वाला सवाल पूछा था और जवाब भी चुतियापा वाला पाया. एक झुंझलाहट सी मन में हुई और मैं अपने बेड पे आके सो गया.

कुछ दिन हमारी मुलाकात नहीं हुई. एक दिन रात को मैं हाल में लैपटॉप पे गाना लगाके ऑख बंद करके गाने सुन रहा था. लैपटॉप पे मेरा मनपसंद गाना ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू…’ अपने रफ्तार में बजा जा रहा था और मैं आँखें बंद करके किसी और ही दुनिया में खोया हुआ था.

अचानक पीछे से मेरे कान में में किसी ने जोर से चिल्लाया- लो मैं आ गई.

मैं चौंक कर हड़बड़ी में उठ गया और पीछे मुड़ा. जब मैं उठा तो बहुत ही झल्लाहट में था, लेकिन भाभी को साड़ी और बैकलेस ब्लाउज में देखते ही मेरा सारा झल्लाहट और गुस्सा गायब हो गया. बकायदा उन्होंने मेकअप किया हुआ था, बालों का जूड़ा बांधा हुआ था, निचले हिस्से की लट पूंछ की शक्ल में जूड़े से लटक रही थी और भाभी के चलने पे इधर उधर को मटक रही थी. भाभी के पैरों में सैंडल और हाथों में कंगन यूं लग रहा था, जैसे खुदा ने किसी अप्सरा को जमीन पे उतार प्रिया हो.

भाभी हंसते हुए बगल वाले सोफे पे बैठ गईं. मैं अब भी खड़ा खड़ा उनकी खूबसूरती को ही निहारे जा रहा था.उन्होंने मुझे घूरते हुए कहा- तो बरखुरदार किसी के इंतजार में पुराने गाने सुन रहे हैं. आपके सपनों की रानी तो नहीं आई, लेकिन मैं चली आई.मैं चूतियों सी शक्ल बनाए हुए अपनी पलकें झपका रहा था.

फिर आगे भाभी ने कहा- यूँ घोड़ों की तरह क्यों खड़े हो, बैठ जाओ.

उस समय तो मैं उनकी खूबसूरती का गुलाम हो गया था. उनके बैठने के आदेश पे मैं झट से बैठ गया.

उनके व्यवहार से मैं समझ गया कि मोहतरमा आज बहुत खुश हैं, तो मैंने खुशी का राज जानने के लिए उनसे कहा- ये आज आप कहां पे अपनी खूबसूरती का कहर ढाके आ रही हैं?भाभी ने खुश होते हुए कहा कि आज किसी रिलेटिव के यहां फंक्शन था तो वहीं पे गई थी.

मैंने आगे कहा- भाभी आज तो आप बहुत खूबसूरत लग रही हो.उन्होंने कहा- क्यों पहले खूबसूरत नहीं लगती थी?मैंने कहा- खूबसूरत तो आप पहले भी लगती थीं, लेकिन आज आपको पहली बार साड़ी में देखा न.. सो आज आप अलग ही लग रही हो.उन्होंने कहा- बस कर.. नजर लगाएगा क्या?

मैंने भी कह प्रिया- नींबू मिर्च लटका लीजिए अपने जूड़े में, वर्ना पक्का मेरी नजर लग जाएगी.इस बात भाभी हंसने लगीं.

मैंने आगे कहा- भाभी बुरा न मानो तो एक बात बोलूँ.वो बोलीं- आज तू चाहे जो बोल, मैं नहीं बुरा मानूंगी.मैंने कहा- भाभी आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो तो आपकी एक पिक हो जाए.भाभी- अरे क्यों नहीं, खींच फोटो लेकिन बाद में मुझे भी दे देना!मैंने कहा- अरे हां भाभी दे दूंगा, पहले फोटो तो ले लूँ.

फिर मैंने उनकी काफी पिक लीं, उसके बाद उन्होंने मेरा मोबाइल ले लिया और पिक लेने लगीं. फिर मेरे मोबाइल में मुझे ‘प्राइवेसी एप’ दिखाते हुए बोलीं- इसमें क्या है रोहण?मैंने कहा- कुछ नहीं है भाभी.तो वो बोलीं- जरूर इसमें तेरी गर्लफ्रेंड का फोटो होगा.मैंने कहा- भाभी मैंने आपको पहले ही बताया था कि मेरी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है.

भाभी- नहीं तू झूठ बोल रहा है.. आज तो मैं तेरी गर्लफ्रेंड की पिक देखके ही रहूँगी.मैंने कहा- भाभी आपकी कसम, इसमें कोई गर्लफ्रेंड की पिक नहीं है.भाभी- तो इसमें क्या है?अब मेरे पास कोई चारा था नहीं, तो मैंने उनको बता प्रिया कि उसमें ब्लू फिल्म है.

वो मेरा जवाब सुनके मुस्कुरा दीं और बोलीं- तो इसमें छिपाने वाली क्या बात है.मैंने कहा- मैं कहां छिपा रहा था भाभी, वो तो आप ही गर्लफ्रेंड की रट लगा रही थीं.‘अच्छा एक काम कर फिर मेरे मोबाइल में भी ब्लू फिल्म डाल दे.. आज तक देखी नहीं, मैं भी तो जरा देख लूँ कि ये ब्लू फिल्म होती कैसी है और सुन बढ़िया वाली ही देना.’मैं- भाभी मेरे लैपटॉप में एक से बढ़कर एक वीडियो है, उसमें से आपको जो भी पसंद है, ले लो.मैंने भाभी को अपने लैपटॉप में ब्लू फिल्म की फोल्डर खोल के दे प्रिया.भाभी ने कहा- अरे तो ऐसे मैं कैसे जानूंगी कि कौन सी बढ़िया है.मैंने कहा- भाभी आप एक काम करो.. आप लैपटॉप अपने रूम पे लेती जाओ और आराम से जितने वीडियो हैं, आप देखो और जो पसंद आए उसे अपने मोबाइल में ले लेना.

मेरा ये प्रस्ताव उन्हें पसंद आया और मैंने उन्हें वो लैपटॉप वैसे ही दे प्रिया.

उनके जाने के बाद मैं अपने मोबाइल में ब्लू फिल्म देखने लगा और करीब आधे घंटे के बाद मैं अपने सेक्स टॉय के साथ बाथरूम में घुस गया. एक तो ब्लू फिल्म की खुमारी, ऊपर से आज भाभी की साड़ी वाला दृश्य, मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल था तो मैंने बाथरूम में ही मोबाइल में ब्लू फिल्म चालू कर दी और सेक्स टॉय को भाभी की चूत समझ कर उसमें अपना लंड डाला और झटके पे झटके लगाने लगा.

मैं अब पूरे जोश में आ गया था, मेरी आँखें बंद हो चुकी थीं, मुझे अब कुछ नहीं दिख रहा था.. सिवाय भाभी के. उनकी वो साड़ी और बैकलेस ब्लाउज वाली फिगर, उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा मेरी आँखों के सामने घूम रहा था. जिसके वजह से मेरे मुँह से भाभी के नाम की सिसकारियां निकलने लगीं.

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मैं- ओह शबनम भाभी, लव यू भाभी, लव यू सो मच भाभी, आई वान्ट टू लव यू, आई वान्ट टू किस यू भाभी, आई वान्ट टू फक यू भाभी, वान्ट टू फक योर पिंक पुसी, वन्ना फक योर ऐसहोल.

और न जाने भाभी के प्यार में क्या क्या बोलता चला गया. करीब दस-पंद्रह मिनट बाद लगा कि अब कंट्रोल करना मुश्किल है तो अपना हाथ सामने दीवार पे मारने लगा और जैसे ही मेरे लंड का फव्वारा छूटने का हुआ तो मेरा हाथ सामने के शावर के हैंडल पे चला गया और उसको कसके पकड़ लिया.

मेरे लंड से पिचकारी की भांति मेरे सफेद माल की धार बह निकली और सामने की दीवार को वीर्य ने सराबोर कर प्रिया. लंड से लास्ट धार के निकलते ही मेरे दिल को एक सुकून सा मिला और अनजाने में ही शावर का हैंडल मुझसे मुड़ गया. पानी की छीटे पड़ते ही मेरी आँख खुली. पानी की बूँदें ऐसे हालात में बहुत ही रिलैक्स फील करवा रही थीं, लेकिन अचानक मेरी नजर बाथरूम के शीशे में गई. पीछे शब्बो (शबनम भाभी) खड़ी थीं… मैं उस समय एक अलग ही सुरूर में था.

जिसे दिलो जान से चाहते हों और जिसकी याद में मुठ मारी हो, वो अगर सामने आ जाए तो क्या होगा, ये तो मुझे नहीं पता. लेकिन मेरी नजर शीशे में भाभी की नजरों से टकराई.

वो अभी भी साड़ी और ब्लाउज में थीं, तो मैं फिर से उनको एकटक प्यार से देखता रहा. यूं लग रहा था कि जैसे बारिश हो रही है और सामने एक अप्सरा सज धज के अपने प्रेमी के इंतजार में खड़ी है. उस समय उस अप्सरा के लिए मेरी नजरों में अथाह प्यार था. शायद वो भी उस प्यार को अपनी नजरों से पढ़ने का प्रयास कर रही थीं.

करीब पन्द्रह-बीस सेकंड तक हम एक दूसरे को शीशे में ऐसे ही देखते रहे. फिर भाभी बिना कुछ कहे ही जाने लगीं. तब मुझे होश आया कि ये क्या हो गया. पता नहीं भाभी कितने देर से खड़ी थीं.

उस समय मेरे बदन पे टी-शर्ट थी, जोकि भीग चुकी थी, नीचे मेरी कैप्री पैरों के नीचे पड़ी थी. मुठ मारने के कारण मेरा लंड सिकुड़ चुका था.

मैं वैसे ही दौड़ा तो मेरा पैर कैप्री में फंस गया और मैं बाथरूम के दरवाजे से होते हुए धड़ाम से बाहर की ओर गिरा. मेरे मुँह से जोर से कराहने की आवाज निकली.

मेरी चीखने की आवाज सुनकर भाभी वापस दौड़ते हुए आईं, तब तक मैंने अपनी कैप्री को ऊपर चढ़ा लिया था. भाभी ने मुझे पकड़कर उठाया और मुझे मेरे बेडरूम में लेजाकर बेड पे बिठाया.फिर पूछा- लगी तो नहीं?मैंने न में सिर हिलाया.

भाभी मुझे देखने लगीं.मैंने कहा- भाभी एम सॉरी, मैंने वो आपको देखा नहीं था.उन्होंने मेरी बात को जैसे सुना ही नहीं और कहने लगीं- कपड़े चेंज कर लो, पूरे गीले हो गए हैं.मैं कपड़े चेंज करने के लिए उठा तो उन्होंने रोकते हुए कहा कि टावेल और कपड़े कहाँ हैं मैं लाती हूँ.

तो मैंने उन्हें बताया और उन्होंने अल्मारी से टावेल व कपड़े आदि निकाल कर बेड पे रख दिए.फिर उन्होंने मुझसे आयोडेक्स के बारे में पूछा कि है या नहीं.

मैंने न में सर हिला प्रिया. तो वो अपने घर आयोडेक्स लेने चली गईं. तब तक मैंने कपड़े भी चेंज कर लिए. वैसे मुझे चोट तो नहीं लगी थी लेकिन घुटने के बल गिरने के कारण घुटने में दर्द जरूर हो रहा था.

भाभी आयोडेक्स लेकर आईं. मैं बेड के एक सिरे पर घुटना नीचे लटकाए बैठा था और भाभी नीचे बैठके घुटने पे आयोडेक्स मलने लगीं. मैं उनके चिंतित चेहरे को ही निहारे जा रहा था. कोई मेरे लिए भी इतना परेशान है, ये देखकर मुझे बहुत खुशी हुई.

खैर अब असल मुद्दे पे मैं आया और भाभी से बोला- भाभी आप वापस क्यों आईं?उन्होंने बताया कि लैपटॉप की बैट्री डाउन हो गई थी तो उसी का वो चार्जर लेने आई थीं.मैंने भाभी से कहा कि भाभी आपको डोर बेल बजाना चाहिए न!उन्होंने कहा कि तुम दरवाजा बंद क्यों नहीं रखते?

उनकी इस बात पे मैं चुप हो गया. ये बात सही है दोस्तो कि मैं जब रूम में होता हूँ, तो डोर कभी लॉक नहीं करता, सिर्फ रात में जब सोने जाता हूँ, तभी दरवाजा बंद करता हूँ. दरवाजा बंद न होने की वजह से कई बार भाभी बिना डोर बेल बजाए ही आ जाती हैं.

कुछ देर बाद मैंने उनसे पूछा- भाभी आप कितनी देर से वहा पे खड़ी थीं?उन्होंने कहा- जब तुम मुझे याद कर रहे थे.. मैं तब से वहीं पे थी.मैंने उनसे कहा कि आपने फिर मुझे बोला क्यों नहीं.उन्होंने सिर ऊपर करके मुझको देखते हुए बोला- तुम कुछ सुनने की हालत में थे भी?

इस बात पे मैं चुप हो गया. मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोलूँ.

फिर वो खड़ी हुई और चार्जर के बारे में पूछने लगीं. अब मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था तो मैं भी उनके जस्ट सामने खड़ा हो गया और उनकी आँखों में आँखें डालते हुए मैंने ‘भाभी आई लव यू’ बोल प्रिया.

उनके चेहरे पे कोई भाव नहीं था.. उन्होंने दुबारा चार्जर के बारे में पूछा, तो मैंने चार्जर लाकर उनके हाथ में थमा प्रिया और उनका चेहरा देखने लगा. उन्होंने एक बार मुझे देखा और अपने रूम के ओर जाने लगीं. मैं उनको जाते हुए देखता रहा और जब वो चली गईं, तो हाल में आकर सोफे पे बैठ गया और अभी के हालातों के बारे में सोचने लगा.

ऐसे करते करते मुझे नींद आ गई.

दोस्तो, आगे की कहानी के लिए आपको अगली कड़ी का इंतजार करना होगा. अगर आप मुझे कोई मैसेज देना चाहते है तो मुझे नीचे दिए गए ई-मेल पते पे मेल कर सकते हैंsupport@mohakkisse.com

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चुदाई की कहानी शबनम भाभी की

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