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पहली बार चुदाई पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 1,086 बार

जवानी की आग चुद कर ही बुझती है

अंजलि राजपूत

10 Dec 2018 को प्रकाशित

जवानी की आग चुद कर ही बुझती है
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अंजलि राजपूतहाय दोस्तो, मेरा नाम अंजलि राजपूत है, मेरे वक्ष बड़े हैं, मेरी लम्बाई 5 फुट 3 इन्च, 39 किलो वजन है। मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ।मेरा जब बी.ए. तीसरे वर्ष में प्रवेश हुआ था। तब मैं 19 साल की थी। मेरी एक सहेली थी उसका नाम नेहा था। जो मेरे घर के कुछ ही दूरी पर रहती थी। नेहा और मैं कोई भी बात नहीं छुपाते थे। उसका एक भाई भी था जो एम.कॉम. कर रहा था।अब आप समझ ही गए होंगे कि मेरी बातें किस ओर इशारा कर रही हैं। तो सुनिए, मैं एक हफ्ते में तीन-चार बार नेहा के घर जाती थी। जब मैं पहली बार नेहा के घर गई तो उसके घर पर नेहा और उसके पापा-मम्मी थे।मैंने नमस्ते की, फिर नेहा के साथ उसके कमरे में चली गई। हमने थोड़ी मस्ती की, गेम खेले फिर बातें करने लगे। फिर नेहा का भाई विकास आ गया। विकास को मैंने पहली बार देखा था। वो दिखने में थोड़ा सांवला था। उसने मुझे देखा और चला गया।नेहा ने बताया- यह मेरा भाई विकास है।कुछ समय बाद मैं भी उधर से अपने घर वापिस आ गई।फिर दूसरे दिन ही मुझे मन हुआ तो मैं फिर नेहा के घर गई। नेहा सेक्स कर चुकी थी। जब वो अपनी वो कहानी सुनाती तो मेरे पूरे शरीर में एक लहर सी दौड़ जाती!नेहा और मैं अकेले में ब्लू-फिल्म देखा करते थे। एक दिन मुझे नेहा ने फोन किया और अपने घर बुलाया। मैं नेहा के घर गई। मैंने नोटिस किया कि जब भी मैं अपनी सहेली के घर जाती तो उसका भाई विकास मुझे घूर कर देखता और ज्यादातर मेरे उभारों पर उसकी निगाह रहती थी।मैं नेहा के कमरे चली गई।नेहा बोली- मेरी कल की कहानी सुनेगी?मैंने कहा- हाँ.. क्यों नहीं।नेहा कहानी सुनाती गई और मैं गर्म होती चली गई, मेरे मम्मे सख्त हो गए, मेरी चूत भी गीली हो गई, मैं अपने बोबों को दबाने लगी। इतने में ही नेहा भी मेरे मम्मों को दबाने लगी और मैं उसके मम्मे दबा रही थी।कुछ समय तक हमने ऐसे ही किया। कुछ ही समय में हम दोनों का पानी निकल गया और हम लोग अलग हो गए।फिर मैं अपने घर चली आई।हम अक्सर ऐसा करते और ब्लू-फिल्म देखते। मुझसे अब नहीं रहा जाता था, मुझे चुदाई करने का मन करता था।एक दिन मैं अपनी सहली के घर गई उस समय उसके घर पर सिर्फ उसका भाई था।मैंने विकास से पूछा- नेहा कहाँ है?बोला- बाजार गई है.. आने वाली है, आप उसका इन्तजार कर लो..!मैं नेहा के कमरे में चली गई, मैंने नेहा को फोन किया- नेहा.. तू बाजार से कब तक वापस आ जाएगी?नेहा बोली- मैं तो अपने मामा जी के घर हूँ। कल आऊँगी.. पापा-मम्मी के साथ।मैं हैरान रह गई। मैंने नेहा को नहीं बताया कि उसके घर पर हूँ और विकास ने मुझसे क्या कहा।मैं चुपचाप बैठी रही, देखते हैं अब क्या होगा। चुदाई की चुल्ल तो मुझे भी थी।कुछ समय बाद विकास बाहर से आया। मैं कमरे से निकली, वो जब तक रसोई में चला गया था।मैंने देखा कि विकास कोई टेबलेट खा रहा है। मैं कमरे वापस चली गई, फिर विकास कमरे में आया।मैंने पूछा- बहुत समय हो गया, नेहा अभी तक आई नहीं!विकास बोला- डार्लिंग.. क्या आज मेरे साथ ब्लू-फिल्म नहीं देखोगी.. मेरी बहन के साथ के तो रोज देखती हो।मैं डर गई। विकास ने मेरे वक्ष पकड़ लिए और दबाने लगा, मैं उसे मना ही नहीं कर पाई।फिर विकास ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे वक्ष दबाने लगा, मैं विकास से लिपट गई।

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