पहली बार चुदाई

जवानी की आग चुद कर ही बुझती है

लेखक: अंजलि राजपूत दिनांक: 10-12-2018 पठन समय: 4 मिनट

अंजलि राजपूतहाय दोस्तो, मेरा नाम अंजलि राजपूत है, मेरे वक्ष बड़े हैं, मेरी लम्बाई 5 फुट 3 इन्च, 39 किलो वजन है। मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ।मेरा जब बी.ए. तीसरे वर्ष में प्रवेश हुआ था। तब मैं 19 साल की थी। मेरी एक सहेली थी उसका नाम पूजा था। जो मेरे घर के कुछ ही दूरी पर रहती थी। पूजा और मैं कोई भी बात नहीं छुपाते थे। उसका एक भाई भी था जो एम.कॉम. कर रहा था।अब आप समझ ही गए होंगे कि मेरी बातें किस ओर इशारा कर रही हैं। तो सुनिए, मैं एक हफ्ते में तीन-चार बार पूजा के घर जाती थी। जब मैं पहली बार पूजा के घर गई तो उसके घर पर पूजा और उसके पापा-मम्मी थे।मैंने नमस्ते की, फिर पूजा के साथ उसके कमरे में चली गई। हमने थोड़ी मस्ती की, गेम खेले फिर बातें करने लगे। फिर पूजा का भाई राहुल आ गया। राहुल को मैंने पहली बार देखा था। वो दिखने में थोड़ा सांवला था। उसने मुझे देखा और चला गया।पूजा ने बताया- यह मेरा भाई राहुल है।कुछ समय बाद मैं भी उधर से अपने घर वापिस आ गई।फिर दूसरे दिन ही मुझे मन हुआ तो मैं फिर पूजा के घर गई। पूजा सेक्स कर चुकी थी। जब वो अपनी वो कहानी सुनाती तो मेरे पूरे शरीर में एक लहर सी दौड़ जाती!पूजा और मैं अकेले में ब्लू-फिल्म देखा करते थे। एक दिन मुझे पूजा ने फोन किया और अपने घर बुलाया। मैं पूजा के घर गई। मैंने नोटिस किया कि जब भी मैं अपनी सहेली के घर जाती तो उसका भाई राहुल मुझे घूर कर देखता और ज्यादातर मेरे उभारों पर उसकी निगाह रहती थी।मैं पूजा के कमरे चली गई।पूजा बोली- मेरी कल की कहानी सुनेगी?मैंने कहा- हाँ.. क्यों नहीं।पूजा कहानी सुनाती गई और मैं गर्म होती चली गई, मेरे मम्मे सख्त हो गए, मेरी चूत भी गीली हो गई, मैं अपने बोबों को दबाने लगी। इतने में ही पूजा भी मेरे मम्मों को दबाने लगी और मैं उसके मम्मे दबा रही थी।कुछ समय तक हमने ऐसे ही किया। कुछ ही समय में हम दोनों का पानी निकल गया और हम लोग अलग हो गए।फिर मैं अपने घर चली आई।हम अक्सर ऐसा करते और ब्लू-फिल्म देखते। मुझसे अब नहीं रहा जाता था, मुझे चुदाई करने का मन करता था।एक दिन मैं अपनी सहली के घर गई उस समय उसके घर पर सिर्फ उसका भाई था।मैंने राहुल से पूछा- पूजा कहाँ है?बोला- बाजार गई है.. आने वाली है, आप उसका इन्तजार कर लो..!मैं पूजा के कमरे में चली गई, मैंने पूजा को फोन किया- पूजा.. तू बाजार से कब तक वापस आ जाएगी?पूजा बोली- मैं तो अपने मामा जी के घर हूँ। कल आऊँगी.. पापा-मम्मी के साथ।मैं हैरान रह गई। मैंने पूजा को नहीं बताया कि उसके घर पर हूँ और राहुल ने मुझसे क्या कहा।मैं चुपचाप बैठी रही, देखते हैं अब क्या होगा। चुदाई की चुल्ल तो मुझे भी थी।कुछ समय बाद राहुल बाहर से आया। मैं कमरे से निकली, वो जब तक रसोई में चला गया था।मैंने देखा कि राहुल कोई टेबलेट खा रहा है। मैं कमरे वापस चली गई, फिर राहुल कमरे में आया।मैंने पूछा- बहुत समय हो गया, पूजा अभी तक आई नहीं!राहुल बोला- डार्लिंग.. क्या आज मेरे साथ ब्लू-फिल्म नहीं देखोगी.. मेरी बहन के साथ के तो रोज देखती हो।मैं डर गई। राहुल ने मेरे वक्ष पकड़ लिए और दबाने लगा, मैं उसे मना ही नहीं कर पाई।फिर राहुल ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे वक्ष दबाने लगा, मैं राहुल से लिपट गई।