होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 969 बार

देसी भाभी का प्यार और सेक्स-2

राज हुडा

10 Jun 2026 को प्रकाशित

देसी भाभी का प्यार और सेक्स-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो … आप सब कैसे हो … मैं राज रोहतक वाला आज आपको मैं अपनी पड़ोसन के साथ हुई दूसरी चुदाई के बारे में बताऊंगा कि कैसे उसके साथ उसी के घर में मैंने पूरी रात चुदाई की.

आपने मेरी कहानी का पहला भागदेसी भाभी का प्यार और सेक्स-1पढ़ लिया होगा. यदि नहीं पढ़ा हो, तो जरूर पढ़ना … तभी कहानी में मजा आएगा.

पहले मैं बहुत शर्मिला था. स्कूल और कॉलेज में बहुत सी लड़कियों ने मुझे लाइन भी दी थी, पर आप इसे मेरा डर समझो या मेरा ज्यादा शर्मिला होना मान लीजिएगा कि छेद नहीं मिला था. मैं बस लड़कियों से नजर मिलते ही शर्मा जाता और दिल की धड़कन तेज हो जाती. फिर अकेला होते ही लड़कियों के बारे में सोचकर मुठ मारता था.

इसी शर्मोहया के चक्कर में मुझे छेद बड़ी देर बाद नसीब हुआ, मतलब 25 साल के होने के बाद मुझे चुत नसीब हुई. उसके बाद तो मुझे चुत की कोई कमी ही नहीं रही.

दोस्तों बस चुत एक बार मिलते ही मेरा सारा डर दूर हो गया और ऊपर वाला भी मेहरबान हो गया था, जहां चुत लेने की कोशिश की, वहां कभी निराश नहीं हुआ.

आपसे भी यदि गुजारिश है कि दोस्तों बगुला की तरह एक टांग पर खड़े रहो और मौक़ा तलाशते रहो, कोशिश करते रहो … कभी तो मछली फंसेगी.

आपने पिछली कहानी में पढ़ा था कि रिश्ते में मेरी भाभी लगने वाली अनुषी (काल्पनिक) को उसके घर के पीछे चोदने के बाद मैं बस इन्तजार कर रहा था कि कब अनुषी रात को घर में अकेली हो और मैं अनुषी को पूरी रात जी भरकर चोद सकूँ.

अब आगे:

मैंने अनुषी से कहा कि मुझे पूरी रात तुम्हारे साथ बितानी है, वो भी तुम्हारे घर में … या तुमको समय निकल सकता है, तो किसी होटल में.तो वो बोली- मरवाओगे के … तने पता है घर में कोई न कोई रहता है बाकि कभी टाइम मिला, तो पक्का बुला लूँगी. एक बात और याद राख ले … जब मैं तने मिसकॉल करूँ. तभी कॉल करियो … ना त दोनों फंस जाएंगे.मैंने कहा- ठीक है.

अब जब भी अनुषी की मिसकॉल आती, तभी मैं उसको कॉल कर लेता, लेकिन चुदाई का दूसरा मौका नहीं मिल रहा था.

एक दिन अनुषी का फोन आया कि कल मेरे पति व ससुर सास तीनों देवर के लिए कल सुबह यूपी में लड़की देखने जाएंगे, लगभग दो दिन में आएंगे.तो मैंने पूछा- दो दिन में लड़की में क्या क्या देखेगें?तो वो बोली- पागल … उनकी मामा की लड़की के अदली बदली में शादी होगी, तो उनके मामा भी जा रहे हैं.

मुझे इस बात से कोई मतलब नहीं था, तो मैंने कहा- ठीक है.

फिर अनुषी बोली- कल रात को कॉल करूंगी, तभी आना नहीं तो मत आना.मैंने कहा- ठीक है मेरी जान.उसने हंसकर फोन काट दिया.

अगले दिन मेरा ध्यान अनुषी के परिवार पर था कि कौन कौन जा रहा है, तो मैं ऐसे ही घूमता रहा.

सुबह 11 बजे के करीब अनुषी का पति और उसके सास ससुर गाड़ी में चले गए. उनके जाते ही उनके अनुषी का फोन आया कि रात को आ जाना.

बस इतना सुनते ही लंड ने हलचल शुरू कर दी. अब समय नहीं कट रहा था, ऐसी ही बैचनी में दिन कटा और रात हो गई. मैंने रात को 11 बजे का अलार्म सैट कर दिया और सोने की कोशिश करने लगा.

रात को साढ़े दस बजे ही मेरी नींद खुल गई, तो मैंने अलार्म बन्द किया और फोन को साइलेंट मोड पर लगा कर अपने घर के पीछे की दीवार कूद कर चला गया.

मैंने देखा कि अनुषी का देवर अपने घर के बीच में, जो आंगन है, वहां सोया हुआ है. उसे देख कर मैं खेत के पीछे से घूमकर धीरे धीरे सीढ़ियों से ऊपर चला गया. दो मिनट ऊपर से अनुषी के देवर की ओर देखा कि कहीं जाग तो नहीं रहा था.

वो सो ही रहा था. मैं अनुषी के दरवाजे को खोलने लगा, तो वो अन्दर से बन्द था. मैंने खिड़की की झिरी से देखा, तो अनुषी के साथ ऋतु भी सो रही थी.

मुझे बहुत गुस्सा आया कि एक बार बता तो देती कि मत आना. फिर मैंने फोन किया, तो अनुषी ने फोन काट दिया और सिर के पास रख दिया. मैंने फिर खिड़की से देखते हुए फोन किया, तो उसने फिर फोन काट दिया और फिर फोन स्वीच ऑफ कर दिया.

मुझे गुस्सा बहुत आ रहा था. ये तो साला खड़े लंड पर धोखा हो गया था. अब क्या कर सकता था.मैंने कुछ देर इन्तजार किया … लेकिन वो नहीं उठी. तो मैं वापस अपने घर आ गया और सो गया.

सुबह 8 बजे अनुषी का फोन आया. मैंने नहीं उठाया, वो बार बार फोन करती रही मैंने नहीं उठाया.

फिर उसने मैसेज किया कि एक बार फोन उठा लो.मैंने फोन उठा लिया, तो वो बोली- कल के लिए सॉरी … वो ऋतु मेरे साथ आकर सो गयी.

तो मैंने कहा- कोई बात नहीं, मुझे बस उस बात का दुख है कि तुमने मेरा फोन नहीं उठाया और फोन बन्द कर लिया.तो उसने कहा- सॉरी.मैंने कहा- चलो जो हुआ … सो हुआ.फिर मैंने फोन काट दिया.

यह भी पढ़ें (Recommended)

Shobha ka surprise

अनुषी का फिर फोन आया मगर मैंने नहीं उठाया क्योंकि उसने मेरा मूड खराब कर दिया था. जब उसको समझ आ गया कि मैं उखड़ गया हूँ, तो वो दोपहर का हमारे घर आ गई. उस वक्त मेरी मां नहा रही थी, तो वो मेरे पास आकर बैठ गई.

मैं उठ कर जाने लगा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. वो बोली- अब कभी ऐसा नहीं करूंगी.उसकी आंखों में पानी आने को हो गया. रोना तो मुझसे किसी का नहीं देखा जाता, तो मैं पसीज गया.

मैं बोला- अरे यार … मैं तो वैसे ही फोन काट रहा था … मैं नाराज नहीं हूँ.वो बोली- आज रात को आ जाना … सारे अरमान पूरे कर दूंगी तेरे.मैं बोला- कल की कसर भी निकालूँगा, देख लेना.

य कह कर मैं उसके होंठ चूमने लगा.उसने मुझे दूर किया और बोली- अभी तुम्हारी मां आती होगी.मैं उठा और उससे कहा- आगे वाले कमरे में चल.वो आगे वाले कमरे में आ गई.

मैंने कहा- अभी लंड चूस कर ही निकाल दे लंड के पानी को.यह कह कर मैंने पैंट की चैन खोलकर लंड निकाल दिया.

अनुषी ने मेरे मोटे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी. मैं भी धीरे धीरे अपने लंड को उसके मुँह में घुसाने लगा.

तभी मेरी मां की आवाज आई. माँ की आवाज सुनकर मेरी गांड फट गई और अनुषी की भी हवा टाईट हो गई. अनुषी जल्दी से खड़ी हो गई. मैंने लंड को पैंट के अन्दर किया, अनुषी को दूसरे दरवाजे से बाहर किया और खुद मैं अन्दर मां के पास आ गया.

मां बोली- अनुषी गई?तो मैंने कहा- वो तो जब ही चली गई थी.

इतना कह कर मैं बाथरूम में गया और अनुषी को याद करते हुए मुठ मारने लगा, जल्दी ही लंड ने पानी छोड़ दिया. कुछ राहत मिली, तो मैं बाहर आ गया और लेट गया. अब मैं रात का इन्तजार करने लगा.

रात को 11 बजे मैं फिर गया, तो आज अनुषी पहले ही बाहर खड़ी थी. मेरे आते ही वो मेरे गले लग गई. मैंने भी कसकर गले लगा लिया.फिर अनुषी बोली- दूसरे कमरे में चलते हैं, यहां ऋतु सो रही है.

दूसरे कमरे में जाते ही मैंने अनुषी को पीछे से पकड़ लिया और उसके चुचे दबाने लगा. अनुषी ने भी जैसे सारा शरीर ढीला छोड़ दिया. मैं पीछे से उसकी चुची दबाता हुआ, गांड पर लंड का दबाव बनाने लगा. उसके कान के नीचे वाले हिस्से को चूसने लगा. अनुषी की सांसें तेज होने लगीं. मैंने अनुषी को बेड पर लिटा लिया और अनुषी के ऊपर आ गया. उसके ऊपर चढ़ कर मैं उसके होंठों को चूसने लगा. अनुषी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. वो तो मेरे होंठों को काटने भी लगी थी.

मैंने एक हाथ से भाभी की सलवार का नाड़ा खोल दिया और चुत को सहलाने लगा. अब किस करते करते हमारी जीभ मिल गई और मैंने भाभी की चुत में उंगली डाल दी. अनुषी ने मस्ती में अपनी टांगें और चौड़ी कर दीं.

उसकी चुदास देख कर मैंने उसका कमीज ऊपर किया. देखा कि अनुषी ने लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियों को चूमने लगा. फिर मैंने ब्रा ऊपर की और उसकी एक चुची को मुँह में लेकर चूसने लगा.

कुछ देर बाद मैंने अनुषी के सारे कपड़े उतार दिये और खुद के भी निकाल दिए. इसके तुरंत बाद मैंने अनुषी की चुत पर मुँह लगा लिया और चूत चूसने लगा. अब मुझे चुत चूसना बहुत अच्छा लगने लगा था. चूत पर जीभ ने कमाल दिखाना शुरू किया, तो अनुषी हल्की सिसकारी लेने लगी. क्योंकि वो तेज आवाज करती, तो ऋतु को सुनाई पड़ जाती.

अनुषी एकदम से गर्म हो गई थी और वो गांड उठाकर अपनी चुत को मेरे मुँह में घुसाने लगी. मुझे समझ आ गया कि वो झड़ गई … क्योंकि चुत से नमकीन पानी का स्वाद आने लगा था.

मैं फिर से अनुषी के होंठों को चूमने लगा और अनुषी भी मेरे लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी.अब अनुषी बोली- करो ना.

मैं अनुषी के बिल्कुल ऊपर छा गया. अनुषी ने नीचे से लंड पकड़ कर चुत पर सैट कर लिया. मैं धीरे धीरे अपने लंड को चुत के अन्दर बाहर करते हुए अनुषी की आंखों में देखने लगा.

अनुषी भी प्यार से देख रही थी और अब मैं तेजी से अनुषी को चोदने लगा. अनुषी भी दोबारा गर्म हो गई और मेरी छाती पर चकोटी काटने लगी. अनुषी ने अपने हाथ मेरी पीठ पर बांध लिए और मेरा पूरा लंड चूत के अन्दर लेने की कोशिश करने लगी.

कुछ ही झटकों में अनुषी की चुत ने लंड को आसानी से निगलना शुरू कर दिया. हम दोनों की धकापेल चुदाई चलने लगी. करीब बीस मिनट की दमदार चुदाई के बाद अनुषी ने मुझे पूरे जोर से जकड़ लिया और वो उम्म्ह… अहह… हय… याह… करने लगी. मैं भी तेजी से धक्के लगाने लगा और 5-7 झटकों में मैं भी अनुषी की चुत में ही झड़ गया.

इस तरह से हम दोनों ने सुबह के तीन बजे तक चुदाई की.

इस तरह हम दोनों का प्यार बढ़ता गया और अब तो अनुषी ने कई बार मेरे घर आकर भी मुझे चुत दी.

कैसी लगी मेरी भाभ की चुदाई की कहानी, प्लीज़ मेल करेंsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

देसी भाभी का प्यार और सेक्स

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Shobha ka surprise
भाभी की चुदाई

Shobha ka surprise

Do lesbian lovers ko park mein romance karte dekh kar, Shobha apni lesbian lover Savita bhabhi ko miss karne lagi. Fir uske sath ek mazedaar dopahar bitane ki iccha rakhte hue, Shobha ne usko surprise dene ka socha.

2 मिनट 682
मेरी सेक्सी बिंदास भाभी ने मेरे लंड की सील तोड़ी-4
भाभी की चुदाई

मेरी सेक्सी बिंदास भाभी ने मेरे लंड की सील तोड़ी-4

अब तक आपने पढ़ा कि मैं अपने भाई के लैपटॉप पर भाई भाभी की सेक्स वीडियो देख रहा था।

11 मिनट 884
सोनिया भाभी की लेली-3(Sonia bhabhi ki leli-3)
भाभी की चुदाई

सोनिया भाभी की लेली-3(Sonia bhabhi ki leli-3)

पिछला भाग पढ़े:-सोनिया भाभी की लेली-2

9 मिनट 793

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।