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बीवी की अदला बदली पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 548 बार

फाइवसम ग्रुप सेक्स में चुदाई की मस्ती- 1

शिव राज

28 May 2010 को प्रकाशित

फाइवसम ग्रुप सेक्स में चुदाई की मस्ती- 1
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देसी कपल स्वैप स्टोरी में पढ़ें कि मेरे शहर के एक कपल ने स्वैप के लिए मुझसे सम्पर्क किया. लेकिन मेरी पत्नी स्वैपिंग के लिए तैयार नहीं थी.

दोस्तो, कैसे हो आप सब … एक बार मैं शिव राज फिर से आपसे मुखातिब हूँ. इस बार मैं और एक सच्ची देसी कपल स्वैप स्टोरी लेकर आया हूँ.

मेरी पिछली कहानीविधवा की प्यासी चूतपढ़ कर जितने भी लोगों ने मुझे मेल किए थे, उन सबका बहुत बहुत धन्यवाद.

मैं आशा करता हूँ कि इस बार भी आप सभी मेल करके जरूर बताएंगे कि ये सेक्स कहानी आपको कैसी लगी.

दोस्तो, मेरी एक सेक्स स्टोरी पढ़ कर एक कपल का मेल आया. वो लोग भी कानपुर से ही थे.हमारी मेल पर ही चैटिंग होने लगी. मेरी कहानियां उनको बहुत पसंद आयी थीं. उनकी बीवी ने मेरी कहानियों की बहुत तारीफ की.

वो लोग बहुत अच्छे कपल थे और वाइफ स्वैपिंग करना पसंद करते थे. वो बहुत ही बिंदास कपल थे.

उन्होंने मेरी वाइफ को स्वैपिंग के लिए पूछा.तो मैंने बोला कि मेरा तो बहुत मन है लेकिन वाइफ तैयार नहीं होती है. मैं कोशिश कर रहा हूँ. मेरा बहुत मन है कि काश मैं भी ग्रुप सेक्स एन्जॉय कर पाऊं.

उन्होंने बोला- आप अकेले ही आ जाओ हमारे साथ … थ्रीसम वाला ग्रुप सेक्स करते हैं.

फिर हमारे नंबर एक्सचेंज हुए और व्हाटसैप पर वीडियो कॉल में हम लोगों ने एक दूसरे को देखा.वो दोनों ही बहुत स्मार्ट कपल थे. उनकी उम्र करीब तीस-पैंतीस के आस पास रही होगी. उनका एक बेटा था, जो देहरादून में पढ़ता था.हस्बैंड का बिजनेस था और वाइफ एक हाउस वाइफ ही थी. दोनों ही ड्रिंक, स्मोकिंग करते थे.

हमारे बीच एक हफ्ते बाद का दिन हमारे मिलने का फाइनल हुआ.मेरी वाइफ भी अपनी मां के यहां जाने वाली थी. जिस दिन वो जा रही थी, उसके अगले दिन शनिवार था.

उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया.वो लोग शाम चार बजे एक कपल के साथ स्वैप करने वाले थे और मुझे रात को नौ बजे बुलाया था ताकि तब तक वो कपल जा चुका हो.

वो दिन आया तो मैं भी उनके घर जाने के लिए तैयार था. आज की चुदाई के लिए मैंने जरूरी तैयारी कर ली थीं, मतलब लंड चिकना कर लिया था.

करीब रात को सवा नौ बजे मैं उनके घर पहुंचा, तो मैं उनकी लाइफ स्टाइल देख कर दंग रह गया. वो बहुत ही धनी लोग थे.

उन लोगों ने मेरा स्वागत किया, वो सिर्फ बॉक्सर पहने हुए थे. शायद अभी अभी चुदाई खत्म हुई होगी, वो जो दूसरा कपल आने वाला था … उसके साथ.मैं सोच रहा था कि वो चले गए होंगे.

लेकिन मेरा सोचना गलत था. वो लोग अभी भी वहीं थे … अभी गए नहीं थे.

सब लोग नशे में थे. शायद ज्यादा नशा हो जाने की वजह से वो लोग नहीं गए थे.

सबसे मेरा परिचय करवाया गया. दोनों हस्बैंड बॉक्सर में और भाभियां सेक्सी नाइटी में थीं.दोनों भाभियों को देख कर मेरा लंड खड़ा हो चुका था.मैंने अपने आपको संभालते हुए सबसे हैलो किया.

दोनों भाभियां बारी बारी से मेरे गले लगीं. दोनों ही सेक्स की मूरत लग रही थीं. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं.

दूसरे कपल से पहली बार बात की, उनका भी नेचर बहुत अच्छा और बिंदास था.उन्होंने डिनर आर्डर किया हुआ था … शायद चुदाई करके भूख लग गयी होगी.

डिनर आने में टाइम था तो उन्होंने मुझको ड्रिंक ऑफर की. हम सब लोगों का पैग बनाया गया और हम सब ने एक साथ चियर्स किया.वो चारों लोग बहुत पी चुके थे.

दूसरे कपल की ट्रेन साढ़े ग्यारह की थी, सो उन्हें एक घंटे पहले यानि साढ़े दस पर निकलना था.

उसके बाद हमारा प्रोग्राम स्टार्ट होने वाला था. मैं भी दूसरा पैग बनाने लगा लेकिन वो लोग तो अलग ही मस्ती में लगे हुए थे.मेरे सामने ही दोनों भाभियां का स्वैप चालू था. जिनको मैं आज चोदने आया था, उनका नाम स्वाति और उनके हस्बैंड का नाम मोहित था. जो दूसरा कपल था, उनका नाम आलोक और निधि था.

अब आलोक, स्वाति भाभी को गोद में बैठाए उनके बूब्स चूस रहा था और मोहित के लंड पर निधि बैठी हुई थी.

वो लोग अपनी चुदाई की मस्ती में जैसे मुझे भूल ही गए थे. चारों लोग आपस में एक दूसरे की बीवियों को ऐसे चूस रहे थे कि ये दुनिया की आखिरी औरत है. आज के बाद उनको चूत नहीं मिलेगी.

चुदाई का गर्म सीन देख कर मेरा लंड भी जींस फाड़ने वाला हो गया था.

वो लोग बहुत नशे में थे. शायद आलोक और निधि सोच रहे थे कि अब जा रहे हैं … तो एक बार और मजा ले लिया जाए.

तभी स्वाति भाभी निधि से बोलीं- यार निधि तुझे शिव से भी मजे लेने हैं क्या? मैं तो रात भर आज इनके साथ रहने वाली हूँ. देखो बेचारा तुम्हें कैसे लालच से देख रहा है.

निधि, जो मोहित के लंड की सवारी कर रही थी, अचानक से लंड से खड़ी हुई और मेरे पास आकर नाइटी उठा कर मेरे मुँह के सामने अपनी चूत कर दी.मैंने भी पकड़ कर कसके उसकी चुत पर चुम्मा कर दिया.

निधि ने मुझे खड़ा किया और मेरे होंठों से अपने होंठ लगा दिए … और चूसने लगी.कसम से जन्नत का मजा आने लगा. जीभ से जीभ टकराने लगी.

करीब दो मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के होंठों चूसते रहे, फिर वो अलग हो गई.

निधि ने मेरे लंड को सहलाया और बोली- थोड़ा वेट करो, तुमको अभी चुत चुदाई का मजा देती हूँ.

बस वो जाकर मोहित के लंड की सवारी करने लगी. मैंने भी हाथ से लंड को ठीक से सैट किया और अगला पैग बना कर दारू पीते हुए उन चारों की चुदाई का आनन्द लेने लगा.

उधर का माहौल बहुत गर्म हो चुका था. मैंने एक सिगरेट सुलगा ली और निधि की उछलती चूचियों को निहारने लगा.

उधर स्वाति को घोड़ी बनाए हुए आलोक मस्त चुदाई कर रहा था और इधर निधि मोहित का लंड चूसने लगी थी.मोहित आंखें बंद किए हुए लंड चुसाई का मजा ले रहा था.

मेरी हालत खराब हो रही थी. लंड को सब्र नहीं हो रहा था.

तभी बेल बजी तो सबका ध्यान टूटा.मेरी गांड फट गयी कि साला क्या हुआ, कौन आ गया.

आलोक ने मेरे तरफ देख कर कहा- अरे भाई … शायद पिज़्ज़ा वाला होगा. प्लीज उससे ले लो.मैंने कहा- ओके, मैं ले लेता हूँ.

मैंने गेट खोला तो पिज्जा वाला ही था. मैंने उससे प्रीपेड पार्सल लिया और वो चला गया.

मैं लेकर अन्दर आया, तो देखा सब लोग फिर से चुदाई में लगे हुए थे.

अब निधि और स्वाति दोनों घोड़ी बनी हुई थीं और आलोक और मोहित उन दोनों की मस्त वाली चुदाई कर रहे थे.

आइआइ … और ठप ठप की आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था.

देखते ही देखते मोहित झड़ने लगा लेकिन अभी निधि का मन शायद नहीं भरा था.निधि जोर जोर से चिल्ला रही थी- आह और जोर से चोदो … फाड़ दो चूत को … आह एआइ!

अब तक मैं जींस उतार चुका था.

दारू पीते हुए चुदाई देखने का अलग ही मजा होता है. मेरे एक हाथ में दारू का गिलास था और एक हाथ से मैं अपने लंड को सहला रहा था.मोहित झड़ गया था.लेकिन आलोक अभी भी स्वाति को चोद रहा था.

मोहित झड़ कर वहीं बेड पर लेट गया. लेकिन निधि अभी नहीं झड़ी थी तो उसने मुझे देखा और एक कंडोम मेरे हाथ में दे दिया.वो अपने घुटनों बैठ कर मेरा लंड चूसने लगी.

मैं भी बहुत देर से चुदाई के लिए तड़प रहा था तो मैंने झट से कंडोम ओपन करके निधि को दे दिया. उसने चूसते हुए धीरे से मुझे कंडोम पहना दिया और लंड को अपनी चूत में सैट करते हुए मेरी गोद में बैठ गयी.

उसने अपना एक बूब मेरे मुँह में दे दिया. वो पहले से नशे में थी और अब मैं भी फुल मूड में आ चुका था.

मैं अदल बदल कर उसके मम्मों को चूस रहा था और वो मेरे लंड को जड़ तक चूत में लिए हुए आगे पीछे करते हुए धीरे धीरे रगड़ रही थी.कसम से जन्नत का मजा आ रहा था. मेरा लंड उसकी चुत में अन्दर कहीं रगड़ रहा था जिससे उसको दर्द हो रहा था.

मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से पकड़ लिए और चूसने लगा.

निधि बहुत गर्म माल थी … जल्दी हार मानने वाली औरत नहीं थी. वो बहुत अच्छी चुदाई करती थी. मैंने भी सारा खेल उसी के ऊपर छोड़ रखा था क्योंकि मुझे अभी रात को स्वाति के साथ भी चुदाई करनी थी.मैं अपनी ताकत बचा कर रखना चाहता था.

करीब दस मिनट तक हम ऐसे ही चुदाई करते रहे.

इधर आलोक भी स्वाति के ऊपर ढेर हो चुका था. मैंने निधि को वैसे ही गोद में उठा कर बेड पर लिटा दिया और ऊपर आकर उसकी चुदाई करने लगा.

अब सब लोग मुझे और निधि को देख रहे थे. हम दोनों सब कुछ भूल कर चुदाई में मस्त थे. कभी मैं घोड़ी बना कर उसे चोदता, तो कभी गांड के नीचे तकिया लगा कर पेलने लगता.हमारी जबरदस्त चुदाई चालू थी.

अगर मैंने दारू न पी होती, तो शायद कब का निधि की चुत में झड़ चुका होता. वो इतनी गर्म और वाइल्ड चुदाई करती थी.लेकिन दारू अपना कमल दिखा रही थी और मेरा लंड झड़ने का नाम नहीं ले रहा था.

करीब बीस मिनट तक बेड के चारों तरफ घुमा घुमा कर चोदने के बाद वो ऊपर आकर मेरे लंड पर बैठ गई. फिर जो उसने अपनी कमर चलाई … आह मजा आ गया.

अब मेरा लंड जवाब देने लगा था, सो मैं चिल्ला रहा था- आह और जोर से जोर से आह आईई.

मैं निकलने लगा और वो भी मेरे साथ झड़ने लगी. हम दोनों एक साथ झड़ने लगे. बहुत सालों बाद ऐसी जबरदस्त चुदाई का मजा आया था.

झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर लेट गयी. मैंने उसको कसके जकड़ लिया था.

करीब पांच मिनट बाद हमारी सांसें काबू में आईं. वो भी बहुत खुश थी और मेरी तो जैसे लॉटरी लग गयी थी.

करीब दस बज चुके थे. निधि फ्रेश होने चली गयी. मैंने आलोक को थैंक्स कहा कि निधि भाभी जैसी सेक्सी लेडी मुझे आज तक नहीं मिली.

फिर हम सबने पिज़्ज़ा खाया. वो लोग तैयार होने लगे. ट्रेन आधा घंटे लेट थी इसलिए उन्हें आधा घंटा का समय और मिल गया था.

अब ग्यारह बजने वाले थे और उनके जाने का टाइम हो गया था.

आलोक और निधि बहुत अच्छे कपल थे, मुझे मजा आ गया था. मैंने निधि भाभी को अपनी सारी सेक्स कहानी के लिंक्स भेजे और उनको पढ़ने का बोला.

फिर जाते जाते उन्होंने ही कहा था कि हमारी कहानी भी लिखना और जब भी दिल्ली आना … तो हमारे यहां ही रुकना.मैंने भी उनसे वादा किया कि जब भी आऊंगा … तो आपके घर ही रुकूंगा.

हमारे फ़ोन नंबर एक्सचेंज हुए, फिर उन्होंने मुझसे विदा ले ली. मोहित उनको छोड़ने स्टेशन जाने वाले थे, सो वो तीनों लोग निकल गए.

अब घर में मैं और स्वाति भाभी ही बचे थे.

अभी स्वाति भाभी के साथ रात की मस्ती बाकी थी.

उसको अगले पार्ट में बताता हूँ.

दोस्तो कैसी, लगी मेरी ये देसी कपल स्वैप स्टोरी? बताइएगा जरूर. मुझे आपकी इमेल का इंतज़ार रहेगा.आपका दोस्त शिव राज सिंहमेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

देसी कपल स्वैप स्टोरी का अगला भाग:फाइवसम ग्रुप सेक्स में चुदाई की मस्ती- 2

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फाइवसम ग्रुप सेक्स में चुदाई की मस्ती

कुल भाग: 2
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