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दोस्त की दीदी की क्सक्सक्स मूवी से चुदाई-5

राकेश सिंह 1999

05 Jan 2023 को प्रकाशित

दोस्त की दीदी की क्सक्सक्स मूवी से चुदाई-5
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जब मेरे दोस्त की दीदी को उनके यार की असलियत पता लगी तो:

शिखा दीदी अब तक पूरे गुस्से में थी, अगर रोहित अभी उनके सामने होता तो दीदी सच में उसका खून कर देती!रोहित- हाँ क्यों नहीं, वैसे मेरे और भी 2 दोस्त हैं जो उसकी चूत लेने को बेकरार है, तेरा भी नंबर लगवा दूँगा, लेकिन पहले तू सपना से मेरा काम करवाना उसके बाद तेरी बारी आएगी…सन्नी- ठीक है सर मैं कोशिश करता हूँ, और जैसे ही कुछ होता है मैं आपको फोन करता हूँ.मैंने फोन कट कर प्रिया.

मैंने दीदी की तरफ़ देखा तो उनके चेहरे पर गुस्सा और आँखों में आँसू थे- मैं इस रोहित को नहीं छोड़ने वाली, जान से मार दूँगी इसको, खून पी जाऊंगी रोहित का, मैंने उस पे इतना यकीन किया और वो हरामी ऐसा निकला!दीदी रोते हुए गुस्से में रोहित को गालियाँ दे रही थी.

तभी मैं उठा और बाहर जाकर अपना बैग लेकर अंदर आ गया, बैग में से मैंने लेपटॉप निकाला और खोल कर दीदी के पास बैठ गया, दीदी ने अपनी आँखों से आँसू पौंछे और मेरी तरफ देखने लगी, मैंने जल्दी से वही डेटा वीडियोस प्ले की जो रोहित ने बनाई थी।मैं- देखो दीदी, सिर्फ़ आप ही नहीं, रोहित ने ऐसे की लड़कियों को धोखा प्रिया है, ब्लॅकमेल किया है, उनकी ज़िंदगी बर्बाद की है.

दीदी क्सक्सक्स वीडियो देखने लगी, दीदी ने देखा उसमें उन लड़कियों की xxx वीडियो भी थी जो ख़ुदकुशी कर चुकी थी.दीदी की आँखें फिर से नम होने लगी.

मैं- प्लीज दीदी आप मत रोना… रोना तो अब इस रोहित को है, मनमानी कर चुका ये अपनी, अब और नहीं!दीदी भी गुस्से में थी- मैं इसको छोड़ने वाली नहीं, जान से मार दूँगी इसको!मैं- नहीं दीदी, जान से मारना इसका इलाज़ नहीं है, इसको तो अपने कर्मों की सज़ा मिलनी चाहिए, जान से मारना तो बहुत छोटी सज़ा है इसके लिए…दीदी- फिर और क्या करना चाहिए इसका इलाज़?दीदी गुस्से में मुझे बोली.

मैं- अरे दीदी, आप मेरे पर गुस्सा क्यूँ कर रही हो, और इसका इलाज़ अभी नहीं करना, सही टाइम आने पर करना है.दीदी- तेरे पर गुस्सा क्यूँ नहीं करूँ, तू भी तो रोहित जितना ही कसूरवार है, उसने मेरी वीडियो बनाई लेकिन ब्लॅकमेल तो तूने भी किया ना मुझे, तो क्या फ़र्क है तेरे में और रोहित में?मैं- सॉरी दीदी… मैं आपको ब्लॅकमेल नहीं करना चाहता था लेकिन आपके इस खूबसूरत जिस्म ने मुझे पागल कर प्रिया था, मैं अपने होश खो बैठा था. आज से नहीं, काफ़ी टाइम से मैं आपके करीब आना चाहता था लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई, जब भी आपके इस भरे हुए जिस्म को देखता पता नहीं मुझे क्या हो जाता.

दीदी बड़े ध्यान से मेरी बातें सुन रही थी- अच्छा, सच में तू मुझे इतना लाइक करता है?मैं- हाँ दीदी, बहुत लाइक करता हूँ, कब से सोचता था कि कब आपकी चूत मारने के मौक़ा मिलेगा, कब आपके साथ मस्ती कर सकूँगा, और आज मौक़ा मिल गया.दीदी- अच्छा, ऐसे मुझे ब्लॅकमेल करके मेरी चुदाई करके मज़ा आया तुझे!मैं- सॉरी दीदी… ब्लॅकमेल तो नहीं करना चाहता था लेकिन ऐसा मौक़ा हाथ से भी नहीं जाने देना चाहता था, और मज़ा तो आप पूछे मत, इतना मज़ा कभी नहीं आया मुझे, जितना आपकी चूत मारने में आया है. क्या आपको भी मज़ा आया दीदी?

दीदी- हाँ, मुझे भी मज़ा आया सन्नी, लेकिन तूने जान निकाल दी मेरी, कोई इतनी ज़बरदस्त चुदाई करता है क्या… अगर मैं मर जाती तो?मैं- इतनी जल्दी नहीं मरने देता दीदी आपको, अभी तो और भी चुदाई करनी है आपके साथ, अभी तो चूत मारी है, गान्ड का नंबर लगाना बाकी है.दीदी- ना बाबा ना, चूत में इतना बड़ा मूसल घुसा कर मेरी चूत का भोसड़ा बना प्रिया तूने और मेरी गान्ड की तो सील भी नहीं खुली अभी तक, गान्ड में तेरा मूसल लेके मरना है क्या मुझको!मैं- सच में दीदी? आपकी गान्ड ने अभी तक किसी लंड का स्वाद नहीं चखा है क्या?दीदी- नहीं सन्नी… अभी तक मेरी गान्ड में लंड क्या उंगली भी नहीं घुसी है किसी की.

मैं- फिर तो दीदी मैं ही सील खोलूँगा आपकी गान्ड की…दीदी- ना बाबा, मुझे मरना नहीं है, चूत की चुदाई करनी है, तो ठीक लेकिन गान्ड को हाथ भी नहीं लगाने दूँगी.मैं- ठीक है दीदी, आज नहीं फिर कभी लेकिन अब एक बार चूत की चुदाई तो करने दो ना.दीदी- अच्छा कर लेना बाबा, लेकिन पहले ये बता कि इस रोहित का क्या करना है अब, जब तक इसको सज़ा नहीं दूँगी मुझ को चैन नहीं मिलना…

मैं- इसका इलाज़ भी हो जाएगा दीदी, लेकिन सही टाइम आने पर, लेकिन आप एक बात बताओ पहले, इस वीडियो को तो मैं सुमित एक घर से ले आया जहाँ रोहित ने एक हॅंडीकॅम छुपा कर रखा हुआ था, लेकिन क्या आपकी कोई और वीडियो उसके पास हो सकती है क्या, क्या आप पहले कभी गई हो सुमित के घर, या किसी और रूम में?दीदी- नहीं सन्नी, मैं उस दिन पहली बार गई थी सुमित के घर में, वैसे हम लोग अक्सर माल या पार्क में ही घूमने जाते थे, लेकिन उस दिन मैंने शादी की बात करनी थी तो रोहित बोला कि कहीं आराम से बैठ कर बात करते हैं इसलिए वो मुझे उस घर में ले गया.

मैं- आपको पक्का पता है दीदी, क्या उसने कभी मोबाइल पर आपको किस करते हुआ या कुछ और करते हुए आपकी वीडियो नहीं बनाई?दीदी- हाँ सन्नी, मुझे पक्का यकीन है, हम दोनों ने आज तक एक बार ही किस की थी बस, वो तो हर मुलाकात पर बस सेक्स के बारे में सोचता था लेकिन मैंने उसको सीधा मना कर प्रिया था कि शादी से पहले कुछ नहीं, उस दिन भी शादी की बात के लिए गये थे तो रोहित ने बातों ही बातों में मुझे यकीन करवा प्रिया कि वो मेरे से ही शादी करेगा और उसके यकीन की वजह से ही मैंने वो सब किया था, और उसी दिन उसने मेरी वीडियो बना ली, ये तो अच्छा हुआ कि तुमने सही टाइम पर सही कदम उठा लिया. वरना मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाती. तूने आज मेरे साथ जो कुछ भी किया मुझे उसका गम नहीं, मुझे खुशी है कि तूने मुझे रोहित का असली चेहरा दिखा प्रिया.

मैं- दीदी आपकी खुशी की और मेरे ये सब कुछ करने की एक ही वजह है, करण, उसी ने मुझे आपके और रोहित के बारे में बताया था, वो तो रोहित को जान से मारने वाला था लेकिन मैंने उसको समझाया और आपको एक बार रोहित से शादी की बात करने को बोला और फिर आपसे कुछ दिन का टाइम माँगा ताकि हम रोहित की पोल खोल सके आपके सामने.दीदी- क्या करण को पता है मेरी वीडियो?दीदी ने बोलना शुरू ही किया था कि मैंने दीदी को चुप करवा प्रिया.

मैं- नहीं दीदी, करण को कुछ नहीं पता इसके बारे में, और ना कभी पता लगेगा, वैसे दीदी वो आपकी बहुत फिकर करता है, बहुत अच्छा भाई है वो आपका, पता है कितनी टेन्शन लेता है आपकी, और आप हो कि बार बार उसपे गुस्सा करती रहती हो.दीदी- सॉरी सन्नी, मैं बहक गई थी रोहित की बातों में, लेकिन अब तुम बेफिकर रहो, अब मैं करण की किसी भी बात का गुस्सा नहीं करूँगी, जितनी फिकर मेरी वो करता है उतनी ही फिकर अब मैं करूँगी उसकी.

मैं- दीदी एक बात पूछूँ… आपको मज़ा तो आया ना मेरे साथ?दीदी- हाँ सन्नी बहुत मज़ा आया…मैं- तो फिर एक बार और कर.दीदी शर्मा कर- लेकिन पीछे से नहीं करना और जब मैं बोलूं मुझे छोड़ देना.मैं- ठीक है दीदी…

करण और उसकी माँ के आने से पहले मैंने दीदी को तीन बार चोदा लेकिन उन्होंने मुझे गान्ड नहीं मारने दी. गान्ड का वादा किसी और दिन हो गया लेकिन मैंने दीदी की चूत को जबरदस्त तरीके से चोदा, दीदी की चूत 6 महीने में उसके पति ने इतनी नहीं फाड़ी होगी जितनी मैंने एक दिन में फाड़ दी.

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दीदी तो मेरे मूसल की दीवानी हो गई थी, दीदी ने बताया कि उसके पति का लंड तो 4 इंच का था बस, जिस से टाइम ही पास होता था, मज़ा तो दीदी को मेरे 8 इंच के मूसल से आया था… जो अब शायद 8 इंच से भी थोड़ा बड़ा लग रहा था।

शिखा दीदी की चुदाई के दो दिन बाद मैं कालेज के लिए निकला तभी शिखा दीदी का मेसेज आया- जल्दी से आ जाओ।मैं शिखा दीदी के घर गया, अंदर गया तो शिखा दीदी अकेली थी और मुस्कुरा रही थी।

मेरे नजदीक पहुँचते ही दीदी ने मेरे लिप्स को अपने लिप्स में जकड़ लिया और पागलों की तरह किस करने लगी. दीदी ने एकदम से ऐसा किया तो मैं थोड़ा घबरा सा गया था लेकिन एक ही पल में दीदी के साफ़्ट लिप्स का एहसास अपने लिप्स पर पा के मुझे भी खुमारी चढ़ने लगी और मैंने भी दीदी की किस को उन्ही के अंदाज़ में रेस्पॉन्स देना शुरू कर प्रिया.

“ऊऊह… तेरे को नहीं पता कि मैं तुझे कितना मिस कर रही थी, पता नहीं तूने उस दिन क्या कर प्रिया मुझे, एक तो रोहित से मेरे को बचा लिया और ऊपर से अपने इस मूसल से मुझे खुश कर प्रिया!” इतना बोलते ही दीदी ने मेरे लंड को पैन्ट के ऊपर से पकड़ा और हल्के से दबा प्रिया- कितना तड़प रही थी मैं तेरे को मिलने को, तू नहीं जानता सन्नी! उस दिन तूने मुझे खुश किया था, आज मेरी बारी है!

तभी एकदम से दीदी ज़मीन पर नीचे की तरफ चली गई और मेरी पैंट नीचे करके मेरे लंड को हाथ में ले लिया जो अभी आधा खड़ा हो चुका था. दीदी ने उसको हाथ से हल्के से हिलाते हुए उसकी टोपी पर किस कर प्रिया और मैं दीदी के साफ़्ट लिप्स से अपने लंड की टोपी पर टच करने के एहसास से थोड़ा उछल सा गया और दीदी मुझे देख कर हँसने लगी- उस दिन तूने अपनी मनमानी की थी, आज मेरी बारी है सन्नी!

इतना बोलते ही दीदी ने लंड को मुँह में भर लिया और चूसने लगी, आज दीदी कुछ ज़्यादा ही मूड में थी और उस दिन से कहीं बेहतर अंदाज़ से लंड चूस रही थी, मेरा लंड जिसको अभी कुछ ही सेकेंड हुए थे दीदी के लिप्स से थोड़ा अंदर उसके मुँह में गये हुए, वो अब पूरी तरह औकात में आ गया था.

दीदी ने बैठे हुए मेरी पैन्ट को बिल्कुल नीचे कर प्रिया और फिर मेरे जूते खोल दिए और पैन्ट को निकाल कर साइड में रख प्रिया.मैं डर रहा था कहीं करण की माँ या फिर करण घर पर ना आ जाए क्योंकि करण कॉलेज कुछ देर पहले ही निकला था.

तभी दीदी उठी और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने रूम में ले गई और अंदर जाते ही मेरी टीशर्ट निकाल दी और मुझे नंगा कर प्रिया और अपने कपड़े भी उतारने लगी.मैं- दीदी, कपड़े मत उतारो प्लीज… अगर कोई आ गया तो?मैं सच में थोड़ा डरा हुआ था लेकिनदीदी की कामुकताउठान पर थी.

शिखा- कोई नहीं आता सन्नी, माँ 4 बजे से पहले नहीं आने वाली और करण तो कॉलेज से 3 बजे आता है और अभी जस्ट 11 ही बजे है तुम टेन्शन मत लो, और वैसे भी जब तक 2 जिस्म पूरे नंगे नहीं होते, उनके मिलने का पूरा मज़ा नहीं आता!

अब तक दीदी भी नंगी हो गई, साली कुछ दिन पहले जो इतना शरमा रही थी घबरा रही थी, अब कैसे बेशरम होकर जल्दी से नंगी हो गई थी, ऐसे कपड़े उतार रही थी जैसे कोई पत्नी अपने पति के सामने उतारती है, ओह सॉरी कोई पत्नी भी इतनी जल्दी नहीं करती, यह तो किसी रंडी की तरह जल्दबाजी कर रही थी, या उस पत्नी की तरह जो अपने पति के ऑफिस चले जाने के बाद किसी पड़ोसी से या कॉलेज फ्रेंड से जल्दबाजी में चुदाई करती थी, लेकिन मुझे तो अब तक फुल मस्ती चढ़ चुकी थी क्योंकि एक नंगा और संगमरमर जैसा चिकना और गोरा बदन वो भी एक जवान और खूबसूरत लड़की का जो मस्ती में बिल्कुल पागल हो चुकी थी.

दीदी ने मुझे बेड पर लेटा प्रिया और खुद भी बेड पर आकर बैठ गई और मेरे लिप्स को अपने लिप्स में जकड़ कर किस करने लगी, साथ ही मेरे लंड को हाथ में लेके हल्के से सहलाने लगी.दीदी बेड पर बैठ कर मेरे सर के ऊपर झुकी हुई थी और मेरे लिप्स को किस कर रही थी, तभी मैंने दीदी को अपने ऊपर खींच लिया दीदी ने भी अपनी टाँगें सीधी कर ली और मेरे ऊपर आ गई जिस से दीदी का हाथ मेरे लंड से हाथ गया.

शिखा- लगता है तुझे भी मस्ती चढ़ने लगी है सन्नी!मैं- हाँ दीदी, आप जैसा मस्त माल वो भी पूरी नंगी, किसी को भी मस्ती चढ़ सकती है दीदी!शिखा- सच में सन्नी, मैं तेरे को मस्त लगती हूँ क्या?मैं- हाँ दीदी आप बहुत मस्त हो, आपके ये बड़े बड़े बूब्स और बड़ी मटकती मस्त गान्ड का दीवाना तो सारा कॉलेज है, अभी तक लोग आपकी बातें करते है, हर कोई आपको अपने बिस्तर पर नंगी करके अच्छी तरह चोदना चाहता है, तभी तो रोहित भी पीछे पड़ा था आपके!शिखा- रोहित की बात मत किया करो अब तुम सन्नी, मुझे उसका नाम भी नहीं सुनना आज के बाद! मुझे तो अब बस तेरा नाम ही अच्छा लगता है और तेरा ये लंड भी!

मैं- मुझे भी आप बहुत अच्छी लगती हो दीदी, दिल करता है ऐसे ही नंगा आपके साथ बेड पर लेटा रहूँ।शिखा- सच में सन्नी, मैं तेरे को इतनी अच्छी लगती हूँ क्या…मैं- हाँ दीदी मैं तो पता नहीं कब से आपकी चूत का दीवाना हूँ जब भी करण को मिलने आता था नज़र बस आप पर टिकी होती थी मेरी सपने भी आपके देखा करता था और पता नहीं कितनी बार सपने में आपको चोदा था मैंने और पता नहीं कितनी बार मूठ मारी थी आपके नाम की!

शिखा- तो पहले कभी बोला क्यूँ नहीं?मैं- डरता था दीदी और वैसे भी ये बात इतनी जल्दी नहीं बोली जाती… अगर आप गुस्सा हो जाती तो? ये तो अच्छा हुआ आप रोहित की चुंगल में फंसी और करण ने मुझे सब बता प्रिया और मैंने आपको रोहित से बचा लिया.शिखा- हाँ, रोहित से बचा लिया और खुद अपने जाल में फंसा लिया.दीदी हँसने लगी.

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दोस्त की दीदी की क्सक्सक्स मूवी से चुदाई

कुल भाग: 6
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

साहिल खान

1 month ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

पवन यादव

2 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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