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भाभी की चुदाई • पठन समय: 17 मिनट • पढ़ा गया: 894 बार

दोस्त की प्यासी बीवी को पेला

जावेद खान

16 Apr 2024 को प्रकाशित

दोस्त की प्यासी बीवी को पेला
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डर्टी भाभी Xxx कहानी में मेरे दोस्त की बीवी बहुत सेक्सी और गर्म थी. मेरी बीवी ठण्डी! मेरा दोस्त अपनी बीवी को चुदाई का पूरा मजा नहीं दे पा रहा था. तो उसकी बीवी ने मेरी तरफ़ रुख किया.

दोस्तो, मेरा नाम जावेद है, उम्र 29 साल है.मेरी शादी को 5 साल हो गए.मेरी बीवी का नाम इशरत है.

मेरे कुछ दोस्तों में से मेरा दोस्त इसरार है जिसकी शादी मेरी शादी के ठीक 4 महीने पहले हुई थी.

मैं उसकी शादी में गया था तो उसकी बीवी तबस्सुम से भी मुलाकात हो गई.उसको मैंने देखा तो देखा … उफ्फ्फ क्या बला की खूबसूरत और एकदम कमसिन हसीना थी वे … शायद 28 साल की थीं … लेकिन उम्र से वे केवल 20 साल की हिरनी जैसी मादक माल लगती थीं.

मैं तो सोचने लगा कि यार इसरार का क्या नसीब है … साले को कोहिनूर हीरा जैसा माल हाथ लग गया है.

फिर उसके बाद मेरी शादी हो गई.मेरी बीवी भी बहुत खूबसूरत थी लेकिन सुहागरात से ही पता चल गया था कि उसकी सेक्स में ज्यादा रुचि नहीं है.

जैसे-तैसे दिन गुज़रे.

मैं बीवी को बहुत कम चोद पाता था क्योंकि वह साथ ही नहीं देती थी तो मज़ा नहीं आता था.वह बोलती थी- तुम्हारा बहुत बड़ा है ये मुझसे अन्दर नहीं लिया जाता!

दोस्तो, मैं इधर बता दूँ कि स्कूल से ही गलत संगत की वजह से मैं मुठ मारने लगा था, जिससे मेरा लंड बड़ा हो गया था.बाद में मैंने यूनानी हकीम से मिल कर कुछ जड़ी बूटियों का प्रयोग किया था तो मेरा लंड एकदम मूसल जैसा हो गया था.

अपने लंड की इस बड़ी साइज़ को लेकर मुझे तब पता चला, जब मैंने गूगल पर भारतीय लिंग की नॉर्मल साइज़ चेक की उस वक्त मुझे मालूम हुआ कि मेरा लंड तो अफ्रीकन नीग्रो के जैसे हो गया है!

मेरा दोस्त इसरार और मैं सरकारी नौकरी में हैं और हमारी दोस्ती भी अच्छी है इसलिए हम दोनों ने हमारी बीवियों की भी दोस्ती करवा दी.

हम छुट्टी आते तो साथ खाना खाने-घूमने जाते.मैं चूत का प्यासा तबस्सुम भाभी के गदराए जिस्म को देखकर पागल हो जाता था.

फिर घर आकर बीवी को चोदना चाहता तो वह बोलती- मन नहीं है.मैं मन मार कर लंड सहला कर उसे हिलाते हुए सो जाता.

हम चारों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बन गया है.हम वहां जहां घूमने जाते, तो उधर की फोटो आदि उसी ग्रुप में भेज देते.

मैं उसमें तब्बू भाभी की फोटो को ज़ूम करता और मुठ मार लेता.

मैं सोचता कि काश भाभी की चूत मिल जाए तो कसम से उसे खूब रगड़ूँगा और हर पोज़ीशन में चोदूँगा.लेकिन ये सपना था जो मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि पूरा हो जाएगा!

वक्त के साथ-साथ मैं और तब्बू भाभी व्हाट्सएप पर बात करने लगे थे.जब कोई स्टेटस वगैरह लगते तो कुछ ज्यादा बात हो जाती थी.

कई बार मैं जब 11 बजे उनका स्टेटस देखता तो रिप्लाई कर देता तो उनका वापस मैसेज आ जाता.जब इसरार छुट्टी पर आया होता तब भी उनका मैसेज आता तो मैं बोल पड़ता- क्यों भाभी, आप सोई नहीं अभी तक?

ऐसे ही एक मर्तबा मैंने उनसे न सोने के बाबत पूछा तो वे बोलीं- आपके भाई (दोस्त) बाहर दोस्तों में हैं .. जब वे आ जाएंगे तब सोएंगे ना!इस बार मैंने उनको छेड़ा- ओहो मतलब उनके आने का इंतज़ार है? नींद नहीं लेना चाह रही हो?तो वे हंस कर बोलीं- उनका आना-ना आना बराबर है … मैं तो इसलिए जग रही कि नींद आ गई तो गेट कौन खोलेगा!

मैंने झौंक में बोल प्रिया कि कौन-सा गेट?तो उन्होंने कहा- अरे-अरे मतलब रूम का!

उसी के साथ उन्होंने स्माइल वाला इमोजी भेजा. फिर बोलीं- और आप क्यों नहीं सोए?तो मैं बोला- बस आपके जैसा हाल इधर भी है!

वे हंस कर बोलीं- क्यों आपकी बेगम भी कहीं बाहर गई हैं क्या?मैंने कहा- नहीं, वे कहीं गई नहीं हैं बस मुझे अन्दर नहीं लेना चाह रही हैं!

भाभी ने जब मामला कुछ ज्यादा खुलता सा देखा तो वे हंस कर ऑफलाइन हो गईं.बस ऐसे ही हम दोनों में नॉर्मली बात हो जाती.

इसी तरह वक्त गुज़रता गया.

हमारी शादी 2018 में हुई थी.फिर हम दोनों अपनी-अपनी बीवी को साथ लेकर 2020 जनवरी में घूमने गए.

उस समय मेरे दोस्त की पोस्टिंग हिमाचल में थी और मैं दिल्ली में.

फिर कोरोना का लॉकडाउन लगा तो हम सब उधर ही एक हिल स्टेशन पर फंस गए और अपनी-अपनी बीवियों के पास रह कर समय व्यतीत करने लगे.हम चारों लूडो खेलते और हंसी मजाक करते.

ऐसे करके दिन गुज़रे.फिर हुआ अचानक मेरा सपना साकार.

उसी के बाद इसरार का ट्रांसफर कोच्ची हो गया तो उसकी बीवी मायके रहने चली गई.फिर 2023 में जब उसे क्वार्टर मिला तो वह उसे अपने क्वार्टर में ले गया.

ये बात अक्टूबर 2023 की है.उस टाइम मैं छुट्टी पर था.

मैंने उन दोनों को अपनी गाड़ी से अपने मूल स्थान से दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ा और वापस आ गया.अब तक हमारी शादी को 5 साल हो गए थे लेकिन हमें बच्चे नहीं थे.

मुझे तो बीवी कम चूत देती तो लगा नहीं … पर उसका क्या था, मुझे पता नहीं.

उनको गए अभी 2 दिन ही हुए थे कि इसरार का कॉल आया.वह बोला- यार, यहां तेरी भाभी का मन नहीं लग रहा तो वह वापस आना चाह रही है. अगर बुरा ना माने तो यार उसको मैं इधर से फ्लाइट में बैठा देता हूँ. तू आगे दिल्ली में रिसीव कर लेना और घर छोड़ देना. क्योंकि मुझे छुट्टी नहीं मिलेगी!मैंने हां कहा.

उस दिन मैंने सोच लिया था कि अगर मौका और काश हम दोनों में चुदाई हो जाए तो मजा आ जाएगा.दिल्ली से कार से घर आने में 7 घंटे का सफर था.

मैं उसके बताए अनुसार सुबह 10 बजे एयरपोर्ट पहुंच गया, 10:30 पर फ्लाइट आने का टाइम था.

दोस्त का ट्रांसफर कोच्ची हुआ था तो भाभी को कोच्ची से दिल्ली आना था और उधर से अपने घर आना था.मैं पहुंचा तो दोस्त का कॉल आया कि फ्लाइट डिले हो गई है यार!

मैंने कहा- कोई बात नहीं, मैं इंतज़ार कर लूँगा. मैंने घर पर बीवी को बता प्रिया है कि लेट हो जाऊंगा!

फ्लाइट 3 बजे शाम को आई.मुझे भाभी ने कॉल किया- कहां हो?

तो मैं सामने ही खड़ा था.मैंने हाथ हिला कर उन्हें अपनी तरफ देखने को कहा.वे मुस्कुरा दीं.

मैंने उनका सामान गाड़ी में रखा और वे पीछे का दरवाज़ा खोलकर बैठने लगीं.मैंने बोला- ये क्या कर रही हो … आप आगे बैठो न!वे आगे बैठ गईं.

लेकिन उनका चेहरा देख कर मुझे लगा कि कुछ तो बात है, ये परेशान हैं.

मैंने पूछ लिया- क्या बात है भाभी? कोई बात है क्या?वे कुछ नहीं बोलीं, तो मैंने बार-बार पूछा.

उनको गुस्सा आ गया और वे बोलीं- गाड़ी साइड में लगाओ!मैंने लगा दी.

इतने में भाभी ने एक लाइन कही- पता नहीं ये लोग अपने आपको मर्द कैसे बोलते हैं, पिछले 5 साल से झेल रही हूँ. मुझे तो नहीं दिखा मर्द कहीं!

मैंने बोला- भाभी, शांत हो जाओ और बताओ क्या बात है?उन्होंने कहा- कुछ नहीं चलो!

हम दोनों चलने लगे.मैंने कार में म्यूजिक लगा प्रिया तो वह थोड़ी कूल हुईं.

फिर उन्होंने अचानक पूछा- भाईजान, एक बात बताओ.मैं उसके पति का दोस्त हूँ तो वे मुझे भाईजान ही बोलती हैं.

‘हां पूछो न!’‘आपकी और इशरत भाभी की सेक्स लाइफ कैसी है?’

मैं चौंक गया और धीमे से बोला- कुछ खास नहीं!मैंने सच बोला था और समझ भी गया था कि चुदाई का चक्कर है.भाभी भी शायद इसरार से सही से नहीं चुद पा रही हैं.

वे बोलीं- आप भी इसरार जैसे हो क्या?मैं बोला- मतलब?

तो वे बोलीं- देखो जावेद भाईजान, मुझे पिछले 5 सालों में इसरार ने एक दिन भी खुश नहीं किया. तो क्या आपने भी नहीं किया क्या?मैं तपाक से बोला- भाभी इधर उल्टा है. इशरत हमें नहीं देती है और बोलती है कि मेरा मन नहीं करता!

तो वे बोलीं- फिर आप कैसे काम चलाते?मैं बोला- हाथ से!तो वे बोलीं- हम तो हाथ से भी नहीं कर सकते. लेकिन ये बात आप कभी किसी से शेयर नहीं करोगे प्लीज़!

मैंने कहा- ठीक है और आप भी मत करना. लेकिन भाभी, हाथ से तो आप भी …

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तो वे बोलीं- अन्दर चाहिए होता है बाहर तो रोज़ उंगली चलती ही है.

मैंने बोला- भाई का खड़ा नहीं होता क्या?वे बोलीं- खड़ा तो होता है पर 2 मिनट के लिए … और ना ही उसको फोरप्ले करना अच्छा लगता!

मैं बोला- आप क्या चाहती हो फोरप्ले में?

तो वे बोलीं- देखो सेक्स के लिए किस करना और बदन को आपस में चाटना यही तो होता है .. मैं अब और नहीं शर्माऊंगी आपसे, इसलिए सीधा ही बोल देती हूँ!मैं उन्हें देखने लगा.‘मैं उससे उसका लंड चूसने के लिए बोलूँ तो बोलता है कि मुँह में ही निकल जाएगा इसलिए वह सीधा चूत के अन्दर डाल देता है. अब बताओ … मैं गर्म हुई नहीं कि उससे पहले वह झड़ जाता!‘हम्म …’‘फिर उसको अपनी चूत चाटने को बोलूँ तो बोलता है कि मुझे बदबू आती है!’

इतने में मैंने बोला- हैंएं … बदबू? पागल है वह इधर साला मैं तरसता हूँ चूत चाटने को, लेकिन बीवी है कि चटवाती नहीं!

इतने में उन्होंने मेरी तरफ देखा और स्माइल दी.फिर वे बोलीं- भाईजान साइज़ क्या है आपका?तो मैंने कहा- है 10 उंगल जितना!

अब वे हैरानी से मुझे देखने लगीं और बोलीं- उफ्फ्फ इतना बड़ा!मैं बोला- क्या हुआ?

तो वे बोलीं- झूठ बोल रहे हो इसरार का तो 5 उंगल का है … मैं तो समझी कि अपने देश में सबका सेम ही होता होगा!

मैंने कहा- नहीं, इधर सबका सेम नहीं होता है भाभी जान. मैंने झूठ नहीं कहा है. लेकिन आपको विश्वास नहीं हो तो …तो वे बोलीं- मतलब मैं देख लूँ क्या खुद ही?

तो मैंने वासना से उनकी भरी हुई छातियों को देखा.उन्होंने सूट पहना हुआ था तो दुपट्टा डाला हुआ था.

मैंने उनसे बिंदास कहा- दुपट्टा हटाओ!तो वे उसे हटाती हुई बोलीं- ये लो हटा प्रिया!

मैंने भाभी की चूचियों को देखा, तो बस सोचने लगा कि खा जाऊंगा इसको!फिर मैं बोला- आपकी 32B साइज़ है न!

तो वे हंसने लगीं और बोलीं- हम्म्म्म सही पकड़े हो!मैंने कहा- अभी कहाँ पकड़े हैं!वे हंसने लगीं.

फिर कुछ देर बाद भाभी बोलीं- हम लोगों को 7 घंटे लग जाएंगे घर आते आते हैं न!मैंने कहा- हां.

डर्टी भाभी Xxx बात बोली- तब तक तो हम दोनों अपनी-अपनी कसमें तोड़ कर एक बार कर लें क्या … मन की इच्छा पूरी!तो मैं बोला- लेकिन यहां कैसे?

वे बोलीं- किसी होटल में चलते हैं! और लेट होगा तो बोलेंगे कि गाड़ी खराब हो गई.मैंने कहा- ठीक है!

फिर हाईवे पर ही हमने एक होटल में कमरा ले लिया.

मेरे साथ आधार कार्ड पर्स में था तो बात बन गई.

अब जैसे ही रूम में पहुंचे, मैंने दरवाजा लॉक किया और सीधा भाभी को चूसना शुरू कर प्रिया.वे भी मेरे ऊपर झपट रही थीं.

हम दोनों ने किस किया.

फिर मैंने जल्दी-जल्दी भाभी की सलवार को ढीला किया तो वे बोलीं- जल्दी मत करो, आप मुझे इसरार की तरह लग रहे हो. जल्दीबाजी में कहीं आपका भी रस निकल ना जाए.मैंने कहा- भाभी मैं लंबी रेस का घोड़ा हूँ, आपकी फाड़ दूंगा!वे हंस कर बोलीं- देखती हूँ कि घोड़ा कितनी लंबी रेस दौड़ पाएगा!

अब मैंने प्यार से भाभी के कपड़े उतारे और उनको ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैंटी में देखा तो उफ्फ्फ … क्या ही गर्म नज़ारा था.मैंने अपनी टी-शर्ट निकाली और पैंट भी.

फिर मैं भाभी की चूचियों को मसलने लगा, ब्रा खोली और एक दूध पीने लगा.

उनके भूरे रंग के निप्पल और गोल-मटोल चूचे मस्त रसभरे थे.वे अपने हाथ से मुझे दूध चुसवाने लगीं और आह आह करती हुई मुझे गर्म करने लगीं.

मैं दस मिनट तक भाभी के दोनों मम्मों को बारी बारी से पीता रहा.मम्मों के बाद मैं कभी भाभी की शेव की हुई बगल चाटता तो कभी गर्दन तो कभी होंठ.

मैं कई सालों का भूखा और भाभी को चोदने की इच्छा रखने वाला था.

चाटते-चूसते हुए ही भाभी का एक हाथ मेरे अंडरवियर के अन्दर आ गया.उन्होंने मेरे लौड़े को पकड़ लिया.वे मेरे बॉल्स को सहलाने लगीं.

मैंने कहा- क्या मूड बन गया है?

तब्बू भाभी ने कहा- हां मेरी चुत में पानी आने लगा है. पर मुझे पहले अपने लंड को चूसने दो!मैंने कहा- रोका किसने है!

भाभी ने मेरी चड्डी खींच कर उतारी तो आंखें फाड़ कर देखती हुई बोलीं- भाईजान सच बोले आप तो … यह तो अफ्रीकन लंड है … कहीं आपकी अम्मी …मैं हंस प्रिया.

फिर वे भी मुस्कुराती हुई बोलीं- आज तो मैं इसके मज़े मुँह से भी जरूर लूँगी! लेकिन कहीं आप मेरे मुँह में माल तो नहीं फेंक दोगे?

मैं बोला- आप चूसो आज आपकी पूरी प्यास बुझानी है मुझको!

भाभी ने 5 मिनट तक लंड चूसा और बोलीं- अब मुँह दुखने लग गया बस अब तो ये नीचे चाहिए!

मैंने कहा- नहीं अभी नहीं. अभी मुझे भी आपकी एक ख्वाहिश पूरी करनी है!मैंने भाभी की पैंटी उतारी तो भाभी की दो दिन पहले शेव की हुई चूत पहली बार मेरे सामने थी.

मैं भाभी की चुत देख कर पागल हो गया.उनकी चूत के अन्दर वाले होंठ भी अभी बाहर नहीं आए हुए मतलब वे ज्यादा नहीं चुदी थीं.

छोटी सी प्यारी सी चूत और चूत के 4 उंगली नीचे उनकी गांड का भूरा और हल्के बालों वाला छेद मुझे बेचैन करने लगा था.

मैंने भाभी को लेटाया और उनके पैरों को ऊपर करके उनकी चूत खोल कर चाटने लगा.कुछ देर बाद भाभी मेरे सर को ज़ोर से अपनी चूत पर दबाने लगीं और नीचे से अपनी गांड उठाने लगीं.

मैं कभी उनकी चूत तो कभी गांड तो कभी दोनों के बीच की जगह को चाट रहा था.भाभी तड़प रही थीं और पानी छोड़ने लगीं.

वे कहने लगीं- आह ये होता है मर्द … आज मिली मैं मर्द से … आअह आह्हः उई उफ चाटो प्लीज़ चाटो … हेय हाय!

दस मिनट के बाद भाभी बोलीं- अब अन्दर डालो प्लीज़!

मैंने फटाक से उठकर उनकी गीली चूत में लौड़ा रख प्रिया.उनके दोनों हाथों को पकड़ लिया और अपनी जीभ उनकी जीभ पर रख कर चूसने लगा.

उनकी जीभ को उनकी ही चूत के पानी से नमकीन करने लगा.वे दर्द से कहराने लगीं. लेकिन मुँह पर मुँह था मेरा, तो आवाज़ नहीं निकल रही थी.

कुछ देर में जब मेरा पूरा लवड़ा उनकी चुत के अन्दर घुस गया तो तब्बू भाभी छटपटाने लगीं.मैं रुक रुक कर लंड को चुत में अन्दर बाहर करता रहा.

कुछ देर बाद वे मस्त होने लगीं और बोलीं- आअह आअह आह हहह अह्ह्ह … अब चैन मिलने लगा है भाई जान … आप और ज़ोर ज़ोर से चोदो!मैं उनकी जोर जोर से लेता हुआ बोला- भाभी आज गांड भी चोदने दे दोगी क्या?

तो वे बोलीं- सब बात बाद में पहले … मेरी प्यास आअह अह्ह्ह बुझाओ!मैं पेलने लगा.

कुछ देर बाद भाभी झड़ गईं.

उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मैं उनके दूध चूसने लगा.कुछ देर बाद मैंने वापस भाभी की चुदाई जारी की क्योंकि मैं झड़ा नहीं था.

करीब आधा घंटा बाद मेरा माल भाभी की चुत ने खा लिया तब वे ठंडी हुईं.उसके बाद हम दोनों रेडी होकर आगे चल दिए.

रास्ते में एक सुनसान इलाके में एक बार मैंने भाभी कोकार में चोदा, पुनः पेला और फिर हम दोनों घर आ गए.

दोस्तो, आगे की सेक्स कहानी को मैं जल्दी ही लिखूँगा कि कैसे मैंने दोस्त की बीवी को घोड़ी बनाया और उनकी गांड मारी.

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