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भाभी की चुदाई • पठन समय: 15 मिनट • पढ़ा गया: 816 बार

जवान देवरों ने जवान भाभी को चोदा

शैलेन्द्र कुमार

25 Feb 2025 को प्रकाशित

जवान देवरों ने जवान भाभी को चोदा
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न्यू ब्राइड सेक्स कहानी में एक देसी लड़की की शादी बड़ी उम्र के लड़के से हुई. उसके दो और जवान भाई थे. सुहागरात से पहले ही एक देवर बोला कि भाभी हमारे नाम की चुदाई भी करवा लेना.

यह एक सच्ची घटना पर आधारित बहुत ही कामुक न्यू ब्राइड सेक्स कहानी है, जिसे पढ़कर आपके लंड से पानी निकल जाएगा.

वंदना की शादी-विवाह धूमधाम से वीर सहाय से हो गई.वंदना मेरी सहपाठी थी इसलिए मैं भी उसकी शादी में गया था.

उसके दो देवर भीमा और मनोहर थे.गरीब परिवार के होने के कारण वंदना की जल्दी ही माता-पिता ने शादी कर दी.

वीर सहाय एक उम्रदराज व्यक्ति था.उसके माता पिता एक दुर्घटना में मर गए थे.उसने अपने दो छोटे भाइयों को पालने में अपनी शादी नहीं की थी.

अब उसके दोनों भाई जवान हो गए थे और वीर उनकी पिता की उम्र का हो गया था.

शादी के बाद सुहागरात के दिन देवर मजाक करते हुए बोला- भाभी, भैया के साथ मौज करोगी तो मैं प्यासा ही बाहर रह जाऊंगा, इसलिए मेरे नाम लेकर भी चुदवा लेना!

वंदना उसके मुँह से चुदाई शब्द सुनकर हैरान हो गई और उस वक्त वह कुछ बोली नहीं, बस चुपचाप कातिल नजरों से देखने लगी.

वंदना के दिमाग में एक योजना ने जन्म ले लिया था कि यदि उसके उम्रदराज पति से उसे सेक्स का सुख नहीं मिला तो उसके दोनों जवान देवर उसके लिए मौज का साधन बन जाएंगे.

अपनी भाभी को चुपचाप देखकर देवरों का हौसला बढ़ गया.भीमा बोला- भाभी एक बार बोल भी दो न, कम से कम तसल्ली तो हो जाए. हम दोनों के नाम लेकर चुदाई करोगी न?

वंदना मुस्करा कर बोली- ठीक है मेरे नटखट देवर, मैं जरूर आपके नाम लेकर चुदवाऊंगी, अब खुश हो जाओ और बाहर जाओ!

दोनों देवर अपना लंड सहलाते हुए बोल उठे- वाह भाभी जी … आप बहुत सुंदर और नेक दिल भी हो.

यह सुनकर वंदना मुस्करा कर रह गई.दोनों देवर खुश होकर नाचने लगे कि भाभी हंसी तो फंसी.

सुहागरात को वीर सहाय ने वंदना के मुँह में चुम्म़ा लेते हुए घूंघट हटाकर अलग कर प्रिया, फिर होंठ चूमते हुए ब्लाउज उतार कर फेंक प्रिया.उसकी चूचियों को दबाते हुए वीर ने उसकी ब्रा को भी निकाल कर फेंक प्रिया और एक दूध को चूसने लगा तो दूसरे दूध को दबाने लगा.

फिर वंदना की कमर पर हाथ फेरते हुए उसके पति ने वंदना की साड़ी, साया भी निकाल कर अलग कर दिए.कुछ देर चूमाचाटी करने के बाद वंदना को चित लिटा कर उसकी पैंटी की इलास्टिक में उंगलियां फँसाईं तो वंदना ने अपनी गांड उठा दी.

उसके पति ने एक झटके में पैंटी को भी खींच कर उतारा और उसे सूंघ कर आह की आवाज निकाली और वासना से नंगी वंदना को देखते उसे दूर फेंक प्रिया.फिर वह वंदना की टांगों को फैलाकर उसकी चुत पर जीभ रखकर चूसने लगा.

वंदना आह-ओह आह-ओह करने लगी, तो उसके पति ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंग-धड़ंग हो गया.अपना पांच इंच लंबा और एक इंच मोटा लंड निकाल कर वंदना के हाथ में देते हुए बोला- लो जानेमन चूसो मेरा हथियार!

वंदना का मन अपने पति का पतला सा लंड देखकर उदास हो गया.वह बेमन से बोली- मेरा मन चूसने का नहीं कर रहा है. आपको जो करना है कर लीजिए!वंदना ने अपने पांव पसार दिए और चुत फैला दी.

वीर सहाय उत्तेजित होकर अपना लंड घुसाकर चुदाई करने लगा.

उसी वक्त वंदना का मन अपने दोनों देवरों भीमा और मनोहर सहाय के कहे शब्दों से गूंजने लगा ‘भाभी हम दोनों का नाम लेकर भी चुदाई करवा लेना!’

अब वंदना अपने देवरों का नाम अपने मन में लेती हुई अपने पति के लंड से दनादन चुदाई करवाने लगी.‘आह-ओह आह-ओह आह-ओह.’ करने लगी.

उधर वीर सहाय खुश होकर चुदाई करने लगा कि वंदना को मेरा लंड पसंद आया है, इसलिए खुश होकर चुदाई करा रही है.चुदाई पूरी हुई नहीं और पति पहले झड़ गया.वंदना ने कुछ नहीं कहा.

कुछ देर बाद वे दोनों सो गए.सुबह-सुबह नहा-धोकर तैयार होकर वीर सहाय नाश्ता करने के लिए बैठ गया कि मुझे जल्दी खेत पर जाना है.

उसने नाश्ता करते हुए अपनी पत्नी वंदना से कहा- अपने किसी एक देवर को नाश्ता कराकर खेत भेज देना और दूसरे देवर से अपना काम कराते रहना.

भाई के यह आदेश सुनकर भीमा और मनोहर भाभी को देखकर मुस्करा दिए.

भाभी भी अन्दर से खुश होकर बोली- आप चिंता मत कीजिए जी मैं इन दोनों का अच्छे से ख्याल रखूंगीं.

वीर सहाय के जाते ही दोनों देवर भाभी को देखकर बोले- भाभी जी, आपने हमारे नाम लेकर चुदाई कराई कि नहीं?भाभी खुश होकर बोली- हां, मेरे मासूम देवर जी … मुझे आप दोनों के नाम लेने की याद रही थी.

दोनों मुस्कराकर बोले- भाभी जी हमें मासूम मत कहिए, एक बार मौका देकर देखिए तो मालूम होगा कि आपके दोनों देवर कितने खूंखार सांड हैं!

खूंखार सांड शब्द सुनते ही वंदना की नजरों में उनके लौड़े घूमने लगे कि उसके पति से ज्यादा बड़े बड़े लंड मेरे देवरों के हो सकते हैं.वह मंद मंद मुस्कुराती हुई खाना बनाने चली गई.

खाना बनाने के बाद वंदना खाना देने के लिए मनोहर के कमरे में गई.वह कमरे में अन्दर जाने से पहले खिड़की से देखने लगी कि उसका देवर अन्दर क्या कर रहा है.

उसने देखा कि कमरे के अन्दर उसका देवर एकदम नंग-धड़ंग था और वह अपना विशाल लंड हाथ में पकड़ कर हिलाता हुआ बोल रहा है.‘आह मेरी अच्छी वंदना भाभी, एक बार मेरे लौड़े से चुत चुदवा कर देखो न … आपको बहुत मजा न आए तो कहना!’

यह कहता हुआ वह बार बार वंदना वंदना कहता हुआ अपने लौड़े की दनादन मुठ मारने में लग गया.

वंदना उसका विशाल लंड देखकर दंग रह गई.वास्तव में उसका लंड किसी घोड़े के लंड से कम नहीं था.

उसका पागल मन भी अपने देवर के लौड़े से चुदाई करवाने का करने लगा.

फिर वह कुछ सोचकर वहां से वापस आ गई और अब उसके दिमाग में दूसरे देवर को देखने का कर रहा था.

उस वक्त भीमा सही अवस्था में था तो वंदना उसको नाश्ता देकर बोली- खाना खा लीजिए देवर जी और खेत में चले जाइए. आज मनोहर भैया मेरा साथ रहेंगे और काम में हाथ बटाएंगे.

भीमा ने कामुक नजरों से वंदना को देखा और वह अपनी भाभी को चोदने की दृष्टि से देखते हुए खाना खाने लगा.खाना खत्म करने के बाद वह खेत चला गया.

अब घर में सिर्फ वंदना और मनोहर रह गए थे.भीमा के जाते ही वंदना नाश्ता लेकर मनोहर के पास जाकर बोली- खाना खा लीजिए देवर जी!

मनोहर उस वक्त सिर्फ एक तौलिया पहन कर खड़ा था और उसका लंड अभी भी फनफनाता हुआ फुफकारें मार रहा था.वह पूरी तरह से अपनी भाभी को चोदने के मूड में था.

इसलिए मनोहर बोला- आज मेरा मन रोटी-सब्जी खाने का नहीं है. मुझे कुछ और खाने का मन कर रहा है!वंदना भी मुस्करा कर अंगड़ाई लेती हुई बोली- मेरे प्यारे देवर जी आप जो कहिएगा, मैं वही आपके सामने पेश कर दूँगी.

मनोहर समझ गया कि ये तो चुदने को रेडी दिख रही है, तो वह अपने लौड़े को सहलाता हुआ बोला- मुझे आपकी चूत चाटकर खाने का मन कर रहा है. बोलिए, चुत का स्वाद दिलाइएगा?वंदना दूध मसलती हुई बोली- प्यारे देवर जी, मेरी चूत पर सिर्फ मेरा पति का हक है और इसे सिर्फ वे ही खा सकते हैं!

मनोहर बोला- जब साली आधी घरवाली होती है तो देवर भी आधा घरवाला होगा न!वंदना अश्लीलता से हंसती हुई बोली- ठीक है तो आप आधा लंड अन्दर घुसाकर ही चुदाई कीजिएगा, बोलो मंजूर है?

मनोहर खुश होकर बोला- जी मेरी बुर की मल्लिका … आपका हुक्म माथे पर! से भी आपके लिए मेरा आधा लंड ही पर्याप्त होगा.

यह कहकर वह अपनी भाभी को पकड़ कर चूमने लगा और उसके संतरे जैसी चूची को दबाकर भाभी को मस्त करने लगा.

भाभी ने कहा- ब्लाउज खोलकर मजा लो न!तो उसने अपनी भाभी के ब्लाउज को खोलकर अलग कर प्रिया.

उसके अन्दर भाभी ने ब्रा पहनी थी तो देवर ने भाभी की ब्रा का हुक खोलकर उसे भी मम्मों से अलग कर प्रिया.भाभी के दोनों दूध उछल कर हवा में फुदकने लगे. भाभी अपने दोनों दूध पकड़ कर अपने देवर को ललचाने लगी.

मनोहर ने अपनी भाभी की एक चूची को मुँह में भर लिया.वह दूध चूसते हुए बोला- क्या कमाल की चूची है भाभी … एकदम मुलायम और मक्खन जैसी है!

वंदना मुस्करा कर अपने देवर से दूध चुसवाती हुई बोली- अब अपना हथियार दिखा दो न देवर जी … देखते हैं कितना मासूम है लंड … और कितना छटपटा रहा है अपनी भाभी की बुर में घुसने के लिए?मनोहर ने झट से अपना तौलिया हटाया और अपना घोड़ा जैसा लंड दिखा प्रिया.

मूसल लंड को देखकर वंदना मुस्कराकर बोली- वास्तव में यह खूंखार लंड है, लेकिन ये मेरी छोटी चूत में कैसे घुसेगा?मनोहर मुस्करा कर बोला- आप अपनी चूत दिखा दीजिए न, तब न फैसला होगा कि मेरा लंड जाएगा कि नहीं!

वंदना ने अपना साया उठाकर चुत दिखा दी.मनोहर अपनी भाभी की चुत को ऊपर से चूमते हुए बोला- आह भाभी, खुशबू तो बहुत अच्छी लग रही है!

उसने झटके से अपनी भाभी की पैंटी उतारी और उसके सारे कपड़े उतार कर पूरी नंग-धड़ंग कर प्रिया.

वंदना चूत दिखाती हुई बोली- कैसी है मेरी बुर? अब बताओ तुम्हारा लंड अन्दर जाएगा कि नहीं?मनोहर चूत पर जीभ रखकर चाटते हुए बोला- वाह क्या सुंदर बुर है … मेरा लंड सटासट अन्दर जाएगा भाभी … आप चिंता मत कीजिए!

वंदना सिसकारी भरती हुई बोली- आह ओह आह देवर जी, बहुत गुदगुदी हो रही है मेरी बुर में … आह जल्दी से अपना घोड़ा लंड इसके अन्दर घुसाकर मेरी चुदाई कीजिए न!

मनोहर भी उत्तेजित होकर अपना लंड चूत के मुँह पर रखकर रगड़ने लगा.

अब तो वंदना बेकाबू होकर बोली- मेरे राजा कब तक तड़पाओगे? जल्दी से घुसाओ न … मेरी चूत का हाल बेहाल हो रहा है!

यह सुनते ही मनोहर ने आव देखा न ताव और एक जोरदार धक्का लगा प्रिया.‘फक’ की आवाज के साथ सुपारा सहित चार इंच लंड चुत के अन्दर घुस गया.

‘ऊई माँ मर गई ईईईईई उई रे … जल्दी से बाहर निकाल दो देवर जी … बहुत दर्द हो रहा है!’

मनोहर मुस्करा कर वंदना के होंठ, गाल और चूची चूमते हुए फुसफुसा कर बोला- मेरी दिलरूबा भाभी … जब लंड बाहर निकाल दूँगा तो मजा कैसे लोगी? पहली बार मोटा लंड जाने से दर्द होगा, फिर बहुत मजा आएगा!

कुछ समय के बाद वंदना कमर हिलाकर मुस्करा कर बोली- तुम ठीक कह रहे हो राजा … अब लंड लेने में मजा आ रहा है … आह धीरे-धीरे चुदाई करो न, लेकिन आधा लंड ही घुसाना!

मनोहर खुश होकर पहले धीरे-धीरे चुदाई करने लगा और धक्के पर धक्का देकर आधा लंड घुसा प्रिया.

देवर के लौड़े से चुदती और कमर हिलाती हुई वंदना बोली- अब जोर-जोर से धक्का मारकर चूत फाड़कर चोदो न … आह ओह बड़ी खुजली हो रही है!मनोहर भी जोरदार चुदाई करने लगा.

उसी समय भीमा ने घर में प्रवेश किया क्योंकि दरवाजा मनोहर जानबूझ कर खुला छोड़ प्रिया था.

भीमा चुदाई करते हुए मनोहर के चूतड़ पर गुस्साकर एक लात मारता हुआ बोला- साले आधे लंड से क्यों चोद रहा है?

उसकी लात लगने से मनोहर का पूरा लंड ‘फचाक’ की आवाज के साथ भाभी की चुत की जड़ तक अन्दर घुसता चला गया.

‘ऊई ईईई माँ हरामी, मेरी बुर फाड़कर रखेगा क्या? जल्दी से लंड बाहर निकाल!’‘भाभी जी मेरी गलती नहीं है. मैं तो आधा लंड ही घुसाकर चुदाई कर रहा था … लेकिन भीमा भैया ने लात मार दी जिससे लंड अन्दर घुस गया!’

वह फिर से अपना लंड आधा निकाल कर वंदना भाभी की चुदाई करने लगा.वंदना छटपटाती हुई बोली- मनोहर अब तो मेरी चूत के अन्दर जड़ में खुजली और गुदगुदी हो रही है. बताओ कैसे कम होगी?

मनोहर मुस्करा कर बोला- भाभी जी, आपकी बुर को मेरा लंड का स्वाद मिल गया है. जब तक जोरदार दनादन दनादन चुदाई जड़ तक नहीं होगी, तब तक खुजली नहीं मिटने वाली.यह सुनकर वंदना मुस्करा कर बोली- तो ठोक न जड़ तक … कौन मना करता है?

सुनकर मनोहर ने अपना घोड़ा लंड भाभी की बुर में जड़ तक ठोक प्रिया.अब वह उत्तेजित होकर दनादन दनादन चुदाई करने लगा.

यह देखकर भीमा भी अपना लंड बाहर निकाल कर हिलाने लगा.वंदना ने मनोहर के लंड से चुदवाते हुए उसका लंड देखा तो यह तो मनोहर के लौड़े से भी ज्यादा लंबा था और चार इंच मोटा लग रहा था.

अब भीमा भी मुस्करा कर वंदना भाभी के पास आ गया.वह अपना लंड भाभी के मुँह में देकर बोला- इसे चूसो भाभी … बहुत मजा आएगा … चूसो न प्लीज!

वंदना उत्तेजित होकर भीमा का लंड चूसती हुई बोली- वाह वाह यह तो और मजा देने वाला है आह-ओह.वह अपने साथ चुदाई करने वाले मनोहर से बोली- मनोहर जी अब अपना लंड निकाल लो … और भीमा भैया को चोदने दो!

मनोहर ने अपना विशाल लंड ‘फक’ की आवाज के साथ निकाल प्रिया.तब भीमा ने अपना विशाल लंड चूत पर रखकर एक जोरदार धक्का प्रिया, जिससे पूरा लंड ‘फक्क’ की आवाज के साथ अन्दर चला गया.

इस बार वंदना भाभी को जरा भी दर्द नहीं हुआ और दे दनादन दनादन चुदाई करवाने लगी.

मस्ती से चुदाई करने के बाद भीमा बोला- अब अपना पानी कहां गिराऊं?

वंदना बोली- मेरी बुर में गिरा दो न!भीमा ने अपना वीर्य भाभी की चूत में गिरा प्रिया.

दोनों देवरों के लंड से वंदना रोजाना चुदाई कराने लगी और गर्भवती हो गई.नौ माह बाद वंदना भाभी को दो पुत्र हुए. दोनों देवर काफी खुश हुए कि हम दोनों की चुदाई मेहनत रंग लाई.

तब उसके पति को अहसास हो गया कि उसके लंड से नहीं बल्कि उसके भाइयों के लौड़े से चुदवा कर वंदना मां बनी है.दोस्तो, इस रसभरी न्यू ब्राइड सेक्स कहानी को अभी आगे भी लिखने का मन है मगर आपके कमेंट्स मिलने के बाद ही इस सेक्स कहानी को आगे लिखूँगा.

न्यू ब्राइड सेक्स कहानी कैसी लगी आपको?धन्यवादsupport@mohakkisse.com

लेखक की पिछली कहानी थी:हरामी स्कूल मास्टर ने छात्रा को चोदा

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