डॉक्टर साहिबा का अतृप्त यौवन-1
सुबह जब मैं उठा तो पूजा जाग गई थी और नंगी ही खड़ी चाय बना रही थी। मैं चुपके से इसके पास गया, नीचे बैठकर सीधा उसकी चूत पे मुँह लगा प्रिया और चाटने लगा।वो थोड़ी चौंकी और फिर वो भी मजा लेने लग गई- आह जय… अभी तक जी नहीं भरा क्या? कितना मस्त चुत चाटते हो तुम। चाट और चाटो। बहुत अच्छा लग रहा है।मैं- हाँ पूजा, आज तुम्हें नहीं छोड़ूंगा… तुम जैसी सुन्दर और सेक्सी डॉक्टर मेरी तक़दीर में कहाँ कि तुम्हें जाने दूँ।
वो मेरा सर दबाते हुए किचन में ही लेट गई और सिसकारियाँ भरने लगी- ऊह यस… उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह आह आआह जय… इतना पागल कैसे तुम किसी लड़की को बना देते हो। आहा उफ़्फ़… मैं झड़ रही हूँ… और कितना चाटोगे जय… अब डाल भी दो।मैं- इतनी जल्दी कैसे… अभी तो शुरूआत हुई है रानी… तेरी चूत रगड़ के ही छोड़ूंगा।
इतने में मोबाइल फोन की रिंग बजी। उसके पति का फोन आया था, उसने जैसे ही फोन उठाया मैंने बड़ी नजाकत से उसकी क्लिट को चाटना शुरू किया और वो मजा लेती हुई बात करने लगी। उनके पति ने पूछा- इतनी एक्साइटिड क्यों हो जानू?वो- कुछ नहीं जान, इतनी लज़ीज़ मेगी बनाई है कि बड़ा मजा आ रहा है खाने का!उनका पति- जान मेरे लिए ही रखना मैं बस एयरपोर्ट पर उतर रहा हूँ, दो घंटे में आता हूँ। बाई!वो- हाँ जान!
यह सुनते ही उनका जोश उतर गया और बोली- तुम अभी निकलो, मेरे पति आने वाले हैं 2 घंटे में!मैं- नहीं पूजा, अभी तो 2 घंटे हैं हमारे पास… डोंट वरी!वो- लगता है आज तुम मुझे मार ही डालोगे। तुम्हारे बगैर रहा भी नहीं जाता और राजेश(पति) भी आने वाला है।
फिर मैं चुत को छोड़कर उसके ऊपर आकर उसके होंठों को चूसने लगा और चुची मसलने लगा। वो भी मजा ले रही थी पर खुल कर एन्जॉय नहीं कर पा रही थी क्योंकि उसे राजेश का डर था।मैं उसे लंड पर बैठा कर जोर से उछालने लग गया और जब तक हम दोनों नहीं थके, तब तक उसको चोदता रहा, फिर उसके मुंह में मैंने अपना माल छोड़ प्रिया और वो मेरे ऊपर गिर गई और मुझे नींद आ गई।
तभी राजेश का फ़ोन आया, हम दोनों की नींद टूटी।राजेश ने कहा कि वो 10 मिनट में आ रहा है।हम दोनों जल्दी से उठे, अपने अपने कपड़े पहने और हुलिया ठीक किया ही था कि राजेश ने डोर बेल बजा दी।
पूजा- तुमने आज मरवा प्रिया, आज मेरा तलाक पक्का है।मैं- ज्यादा डरो मत, नार्मल होकर जाओ, कुछ नहीं होगा।
पूजा दरवाज़ा खोलने गई और मैं परदे के पीछे छुप गया क्योंकि बाहर जाने का एक ही रास्ता था। पूजा अपने पति राजेश के साथ ऊपर आई और बड़े गुस्से से बोली- तुम पागल हो क्या? निकलने से पहले फ़ोन नहीं कर सकते थे क्या?राजेश- मैं तुम्हें सरप्राइज देना चाहता था जान, तुम तो यह भी भूल गई कि आज तो तुम्हारा जन्मदिन है।पूजा- अरे यार, सच में भूल गई थी। कल पार्टी में ऐसा मजा आया कि मैं थक गई थी और आज देर से भी उठी। बाय द वे थैंक्स राजेश!
राजेश- अच्छा बोलो मेरी जानू को क्या गिफ्ट चाहिए?पूजा- मुझे तो मेरा गिफ्ट मिल गया। सुबह मेरे दोस्त ने मुझे मैगी की रेसिपी सिखाई कि मजा आ गया। ऐसा स्वाद मुझे लाइफ में कभी नहीं मिला।यह सुन कर तो मुझे हँसी भी आ रही थी और मैं चौंक भी गया कि साली कितनी बड़ी नाटकबाज है यह… ना जाने कितनों के लंड खा गई होगी… पता करना पड़ेगा।
राजेश- अगर ये बात है तो मैं तुम्हें ऐसा गिफ्ट दूंगा कि वो पति के अलावा पत्नी को कोई नहीं दे सकता। आज मैं तुमको जी भरकर प्यार करूँगा जान!मेरी तो हँसी ही नहीं रुक नहीं रही थी, आज तो साली मर ही जायेगी।
इतने में सुरेश ने उसे गले लगाया।पूजा आँख मारते हुए बोली- हाँ जान, कबसे तड़प रही हूँ तुम्हारे प्यार के लिए… तुम हो जो लंदन में नई लड़कियों को प्यार देते होंगे और मैं तुम्हारी पतिव्रता नारी बनके तुम्हारी राह देखती हूँ राजेश!राजेश- नहीं पूजा जान, मैं जब तुम्हें याद करता हूँ तब तब तुम्हारे नाम की मुठ मरता हूँ। कभी दूसरी लड़की पे लाइन भी नहीं मारी। मेरी पतिव्रता बीवी को कैसे धोखा दे सकता हूँ।पूजा- ओह राजेश, मैं भी किसी पराये मर्द के बारे में सोच नहीं सकती… तुम कितने अच्छे हो।
मेरी तो हँसी रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। इस पत्नीव्रता राजेश को कौन समझाये कि ये कितनी बड़ी चुदक्कड़ है और कितने लंड खा गई है ये रंडी। मेरे दिल में थोड़ी रेस्पेक्ट थी, वो भी चली गई। मुझे लगता था कि शायद एक दो बार किसी के साथ चुदवाया होगा। अब तो मैंने पूजा की चिंता छोड़ दी और अपना मजा लेने के बारे में सोचने लगा।
इतने में राजेश ने अपनी जेब में से दो गोली निकाल कर खा ली… शायद वो स्टेमिना बढ़ने के लिए होगी क्योंकि उसे शीघ्रपतन की बीमारी थी।फिर वो फ्रेश होने के लिए टॉवल लेकर बाथरूम में गया।
पतिव्रता बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की तमन्ना-2
मैं उनके जाते ही पर्दे के पीछे से बाहर निकल के पूजा के पास गया, उसे बेड पर गिरा प्रिया, उसके होंठों को चूसने लगा और उसकी जीन्स में हाथ डाल कर चुत मसलने लगा।वो मुझसे अलग हो गई।
मैं- आज तो तुम्हें राजेश छोड़ेगा नहीं मेरी रंडी। तुम भी कमाल की एक्ट्रेस हो इतना नाटक तो मैं भी नहीं कर सकता पूजा रानी!पूजा- हाँ यार, पता नहीं क्या होगा पर तुम जाओ यहाँ से… वरना मैं पकड़ी जाऊँगी।मैं- हाँ जाता हूँ मेरी जान… पर इस चम्पू के जाते ही कॉल करना।पूजा- हाँ बाबा हाँ… अभी जाओ यहाँ से!
मैं वहां से निकल आया और ठीक उसके बैडरूम की विंडो के पास गया। मेरी किस्मत अच्छी थी कि उसका कांच थोड़ा टूटा हुआ था, मैं पूरा कमरा पूरा देख सकता था।तभी राजेश कमरे में शॉर्ट्स पहन कर आया।
अब पर्दा भी रेडी था और दर्शक भी… अब तो सिर्फ फिल्म शुरू होने की देर थी।
राजेश बेड पर बैठा था, इतने में पूजा कमरे में आई और राजेश की गोद में सर रख कर लेट गई।राजेश ने पूजा के होंठों पर होंठ रख दिए और चूसने लगा। वो धीरे धीरे बैठ गई और भरपूर साथ देने लगी। राजेश उसको किस करता हुआ उसकी गांड दबा रहा था और पूजा भी मचल रही थी क्योंकि उसको नया लंड मिला था 2 महीने बाद वो भी अपने पति का!
फिर राजेश ने पूजा की टीशर्ट उतार दी और उसकी चुची को ब्रा के ऊपर से मसलने लगा। बाद में उसके होंठों को छोड़कर उसकी गर्दन, कान गाल, माथे को चूम रहा था।फिर पूजा की ब्रा को ऊपर करके उसके बूब्स पर टूट पड़ा।
पूजा- राजेश चूसो इसे जोर से चूसो, मसल के रख दो इसे!राजेश- हाँ मेरी जान… कब से प्यासा हूँ मेरी जान!
पूजा ने राजेश की चड्डी उतार दी और लंड को ऊपर नीचे करने लगी। राजेश का 6 इंच का लंड खड़ा हो गया। फ़िर राजेश ने पूजा की जीन्स उतारकर नंगी कर प्रिया और चूत चाटने लगा, पूजा सिसकारियाँ लेने लगी।तभी राजेश ने जल्दबाज़ी करते हुए अपना लंड पूजा की चूत में डाल प्रिया और !8-20 धक्के लगाये और झड़ गया।
पूजा भी शायद यही चाहती थी कि चुदाई से छुटकारा मिले।पर पता नहीं क्यों वो भड़क गई- फिर से नामर्द बन गया तू आज? ये तेरा बर्थडे गिफ्ट है मेरे लिये भड़वे? कैप्सूल का भी असर नहीं होता तेरे पे अब!राजेश- माफ़ कर दो पूजा जान, मैंने जो हो सका, वो किया पर मेरी क्या गलती है इसमें जान! मैं तुम्हारे जन्मदिन के लिए लंदन से यहाँ आया और तुम ऐसा बर्ताव कर रही हो? शर्म नहीं आती तुम्हें?पूजा- आज मुझे मत बुलाना मादरचोद, कल मूड हुआ तो बात करेंगे। पूरे दिन की माँ चोद दी।
मुझे तो झटके पे झटके मिल रहे थे… हर आधे घंटे में पूजा का नया रूप देखने को मिल रहा था… पूजा के व्यक्तित्व को समझना मुश्किल हो रहा था।
राजेश तो कपड़े पहन कर बेचारा मुँह लटका के चला गया।मैं भी समय की नज़ाकत को समझते हुए निकल गया।पूजा ने घर का गेट बंद कर प्रिया और सो गई।काफी थक गई थी।
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