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चुदाई की कहानी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,112 बार

कोमल की कोमलता

लोकेन्द्र शर्मा

26 Mar 2015 को प्रकाशित

कोमल की कोमलता
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मेरा नाम लोकेन्द्र शर्मा शर्मा है मैं अभी दिल्ली मैं रहता हूँ। मैं एक 5’7″ इंच लंबा तगड़ा और सुंदर जवान हूँ। मेरी उमर 22 साल और मैं उत्तर प्रदेश से हूँ।

यह मेरी एक सच्ची कहानी है।

बात उस समय की है जब मैंने क्लास १२ की ही थी और पुलिस की नौकरी की तैयारी कर रहा था।

जब मेरा टेस्ट के लिए नम्बर आया तो मैं खुश हो गया अब मुझे जाना था। मेरे पास एक दोस्त विनोद का फोन आया कि वो भी उसी भरती में जा रहा है तो उसने मुझे अपने घर आने के लिए बोला। उसका घर मेरे घर के करीब ३० किलोमीटर की दूरी पर था।

मैं बस-स्टैंड पर उतरा ही था कि मेरा दोस्त विनोद स्कूटर लिए वहाँ खड़ा था मेरे इन्तज़ार में। मैं उसके घर पहले कभी नही गया था। हमें रात हो गई थी घर पहुचने में।

जैसे ही हम गेट पर आए तो विनोद बोला- तू अंदर चल ! मैं स्कूटर लगा कर आता हूँ।

बिजली न होने से अन्दर घर में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक मुझे आवाज सुनाई दी- भैया नमस्ते !

वो कोमल थी, विनोद की बहन।

मैंने हाथ आगे बढ़ाया तो मेरा हाथ उसके छाती से टकरा गया।

मैं डर गया और जल्दी से अपना हाथ पीछे हटाया और सॉरी बोला।वो कुछ नहीं बोली।

अंधेरे के कारण हम एक दूसरे का चेहरा नहीं देख पा रहे थे।

हम रात को सो गये। सुबह जब मैं जगा तो देखा कि विनोद बिस्तर पर नहीं है।

तभी कोमल चाय लेकर आई।उसने मेरी तरफ़ देखा और मुस्कुराने लगी।

मैंने देखा कि मेरा लंड मेरे अंडरवीयर में तना खड़ा है।मैंने जल्दी से चादर अपने ऊपर कर ली।

कोमल मेरे पास बिस्तर पर आ गई और बोली- आज चेस्ट पर हाथ नहीं लगाओगे?

उसके घर में उसकी माँ और उसका विनोद ही थे। माँ बीमार थी तो वो बिस्तर पर ही थी।

उसने मेरे लण्ड को हाथ से पकड़ लिया।

मुझे तो जैसे करंट लग गया हो। उसने मेरे गाल पर चुम्मी ली और चली गई।

तभी विनोद ज़िम से आ गया और बोला- लोकेश भरती आज नहीं कल होगी। आज तो तू हमारे घर पर ही रुक जा !

मैं मान गया। वो मार्केट जा रहा था, बोला- तू चलेगा?

मैंने कहा- नहीं !

तो बोला- तू यहीं रुक ! मैं आता हूँ।

कोमल तो कोमल ही थी, क्या फ़ीगर था उसका ! क्या बताऊँ यार जवाब ही नहीं। अब तो मैं भी उसे चोदने की सोच रहा था। तभीकोमल कमरे में आई और पूछने लगी- क्या लोगे खाने में?

मैंने कहा- तुम्हें ही खा लूंगा !

तो खाओ ना !

मैंने उसके होठों पर जोर से किस किया और उसने मुझे।

अब तो मैंने उसे बिस्तर पर लिटा लिया और उसके बदन को पागलों की तरह चूमने लगा।मैंने उसके और उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए।

उसके चूचुक तने हुए थे।मैंने उन पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा। वो पागल के जैसे आ आआऽऽ आ सीऽऽऽ ईईईऽऽ ईईईऽऽ ईईई क्या कर रहे हो ! बोल रही थी।

एक हाथ मैं उसकी बुर पर ले गया और सहलाने लगा। उसमें से कुछ पानी जैसा चिपचिपा सा निकल रहा था।

उसने मेरे लंड को मुँह में लिया और लोली-पॉप के जैसे चूसने लगी। मुझे आनंद आ रहा था। अब हम ६९ की पोजीशन में थे।

मैं अपनी जीभ उसकी बुर में डाल कर हिला रहा था। वो सीऽऽ सीईऽऽऽईईएसीईईआआअ बस करओ नाऽऽआआअ प्ल्जजज्ज्ज़ चूदूओ मुझेऽऽऽईईईई !

मैं उसके पैरों के बीच आ गया और अपना 7 इंच लंबा लण्ड उसकी बुर पर रखा और धीरे से अंदर किया, नहीं गया तो मैंने अंदर कीओर एक जोर का झटका लगाया तो झटके में आधा अंदर चला गया। वो चिल्लाई- छोड़ दो ! प्ल्ज्ज्ज्ज़ ! दर्द हो रहा है !मैंने अगले झटके में पूरा लण्ड अंदर कर प्रिया। मुझे अच्छा लगा।

कुछ समय बाद मैंने अंदर बाहर करना चालू किया तो वो रोना बंद कर मेरा साथ देने लगी। उसके मुँह से सीईईईऽऽऽईईई आआऽऽआआ चोदो राजा चोद मुझे ! जैसी बातें निकल रही थी।

मैंने झटके तेज कर दिए। हम २५ मिनट तक करते रहे। इतने देर में वो 2 बार झड़ चुकी थी। अब मैं भी उसके अंदर झड़ गया। हम देर तक बिस्तर पर पड़े रहे।फिर बाथरूम में साथ नहाने गए और एक बार फिर सेक्स किया। मुझे इतना आनन्द पहली बार आया था।

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

रोहन सेक्सी

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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