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चुदाई की कहानी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 928 बार

सोनिया ने मज़े दिए

tomsweetboy

23 Apr 2011 को प्रकाशित

सोनिया ने मज़े दिए
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प्रेषक – टॉम ब्वॉय

दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में प्रथम वर्ष में था। मेरी ही कक्षा में एक लड़की थी जिसका नाम था सोनिया। सोनिया ५.४” की थी, गोरा रंग, सुराहीदार गर्दन और कुल मिलाकर वह हुस्न की मलिका थी।

कॉलेज का वार्षिक महोत्सव था। सोनिया और मैं एक नाटक में भाग ले रहे थे। कुछ दिनों से सोनिया के घर में कुछ समस्या चल रही थी इसलिए उसकी रिहर्सल हो नहीं पा रही थी।

मैंने सोनिया से कहा- आज हमारे घर पर कोई नहीं है, चलो वहीं पर रिहर्सल कर लेते हैं। मेरे माता-पिता शादी में दो दिनों के लिए जयपुर गए हैं।

सोनिया ने पहले तो मना किया, फिर अचानक बोली,”ठीक है।”

उस दिन उसने नीली जीन्स और सफेद टॉप पहन रखी ही।

हम दोनों शाम के ४ बजे घर आ गए और रिहर्सल करने लगे। थोड़ी देर बाद मैंने सोनिया से पूछा,”कुछ पीओगी?”

उसने पूछा, “क्या है?”

“चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक या फ्रूट बीयर!”

मैंने कहा, ” तुमने फ्रूट बीयर तो कभी पी नहीं होगी, आज आज़मा कर देख लो।” उसने मना किया पर मैंने जोर देकर कहा तो मान गई और उसने एक गिलास बीयर पी ली।

मेरे मन में कुछ और ही चल रहा था।

मैंने सोनिया से कहा, “अब काफी देर हो गई है, थोड़ा सा आराम कर लो, चलो थोड़ी देर टीवी देखते हैं।”

“नहीं मुझे घर भी जल्दी जाना है।”

“मैं छोड़ दूँगा ना घर तक !”

वह मान गई और हम टीवी देखने लग गए।

मैं सोफे पर जाकर उसके पास बैठ गया और अचानक उसका हाथ पकड़ लिया, और मलने लगा। वह एकदम से सकपका गई और कहा, “सुरेश यह क्या कर रहे हो?”

मैंने कहा, “सोनिया, तुम बहुत सुन्दर हो, और उसे गले लगा लिया।”

मेरे हाथ उसकी टॉप के भीतर जा चुके थे, और साथ ही उसे मैं किस कर रहा था। पहले वह झिझकी, पर फिर उसे भी अच्छा लगने लगा।

अब मुझ स्वयं पर नियंत्रण नहीं हो रहा था। मैंने पहले उसकी टॉप उतार दी। उसने सफेद रंग की ब्रा पहन रखी थी।

मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वह कहती जा रही थी, टॉम यह क्या कर रहे हो? पर अब मैं कैसे रुक सकता था। मैंने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और उसकी ब्रा उतार दी। अब वह एकदम परी लग रही थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और दराज में से शहद की शीशी लाया और उसकी चिकनी चूचियों पर लगा प्रिया। फिर मैं धीरे-धीरे शहद चूसने लगा, उसकी घुंडियाँ कड़ी हो रहीं थीं। और वह कह रही थी, “टॉम बहुत मज़ा आ रहा है!” फिर मैंने शहद उसके होंठों पर लगाया और चूसने लगा, इस बीच उसका एक हाथ उसकी जीन्स के अन्दर जा चुका था।

अब मैं फ़्रिज से आईसक्रीम लाया और उसकी घुण्डियों पर लगा धीरे-धीरे चूसने लगा। उसे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने कुछ अंगूर उसकी नाभि पर रखे और एक-एक कर धीरे-धीरे खाने लगा। अब मैंने उसको उल्टा कर प्रिया और उसकी कमर पर थोड़ी सी फ्रूट बीयर डाली और उसकी कमर को चलाने लगा। उउउउउउऊऊऊऊऊ… .आआआआआहहहहह… अब उसके कानों पर चेरी रख कर उसके कान की लटकती पिंडलियों को हल्के से काटने लगा। उसके होंठों पर किस किया और दोनों हाथों से उसकी चूचियों को धीरे-धीरे दबाया।

अब मैं धीरे से उसकी जीन्स उतारने लगा। उसने काले रंग की पैन्टी पहन रखी थी। तभी उसने कहा, “टॉम अब रहा नहीं जाता, मुझे दे दो, मुझे चाहिए।”

मैंने उसके पैरों पर थोड़ी सी फ्रूट बीयर डाली और उसके पैरों को ऊँगली से चाटने लगा। उसके टखनों तक आता और बार-बार ऊपर नीचे चाटता चला जाता। उसका हाल बेहाल था। वह कह रही थी, टॉम बस… अब दे दो।

अब मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए।

मैं अब सिर्फ अण्डरवियर में था, और मेरा लंड खड़ा हो चुका था। मैंने सोनिया की पैन्टी अपने मुँह से उतारनी शुरु की। वहाँ बाल बहुत कम थे। उसकी पैन्टी उतार कर मैंने उसको बीच में से सूँघा। गज़ब की खुशबू थी। अब मैंने उसके पैर थोड़े खोल दिए थे और उसके बीच में शहद लगाया और उसकी चूत की लाईन चाटने लगा। उसने कहा, “टॉम बहुत मज़ा आ रहा है… अब मुझसे रहा नहीं जा रहा, मुझे वो चाहिए।”

अब मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी, पहले उसे हल्का दर्द हुआ। फिर, वह आआहहहहहहहहह उउऊऊऊऊऊऊओओओओ आआआओओअअअओओओओ उउउऊऊऊऊऊऊऊओओओ आआआआआआओओओ ऊऊऊओओओ ऊऊऊफ्फ्फफफ… की आवाजें निकालने लगी। मैंने फिर से शहद डाला और चूसा। अब मेरी ऊँगली अन्दर-बाहर हो रही थी। उसे मज़ा आ रहा था और वह कह रही थी, “सुरेश अब रुका नहीं जाता, तुम आ जाओ।”मैं फिर से उसके होंठों के पास आया और उसे ज़ोर से किस करने लगा और उसकी चूचियाँ दबाने लगा और वह मादक चीत्कार करने लगी – ऊऊऊउउउऊऊऊऊऊऊऊ…. ऊऊऊऊऊऊम्म्मममममम… आआआ जाआआओओओ नाआआआ… ऊऊऊऊऊम्म्म्मममम…”

अभी के लिए इतना ही, आगे की कहानी अगले भाग में…

अपनी टिप्पणी कृपया मुझे मेल करें।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

पुलकित झा

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

रुबिया आर्यन

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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