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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,142 बार

सगी भाभी की चूत की आग बुझाई- 3

सिद्दीकी

04 May 2025 को प्रकाशित

सगी भाभी की चूत की आग बुझाई- 3
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डबल Xxx चुदाई कहानी में मेरे साथ मेरी भाभी और एक जवान पड़ोसन लड़की थी. दोनों मेरे लंड से चुदने को आतुर हो रही थी. हम तीनों ने कैसे चुदाई का मजा लिया?

कहानी के दूसरे भागसगी भाभी की चूत की आग बुझाई- 2में आपने पढ़ा कि मैं अपनी सगी भाभी को चोदने की तैयारी में था कि हमारी पड़ोस की लड़की जोया आ गयी. वह भी मुझसे चुदने को कहने लगी. मैं उसे नंगी करने लगा.

अब आगे डबल Xxx चुदाई कहानी:

अब मैं जोया की चूत को छोड़कर भाभी की पैंटी को खिसकाकर उनकी चूत पर अपनी जीभ रख दी जिससे भाभी की एक लंबी आआ आह्हह निकल गई।

मैं जल्द ही भाभी की चूत को छोड़कर नीचे पीठ के बल लेट गया और भाभी को अपने ऊपर आने को कहा.69 पोजिशन में भाभी ने अपनी चूत मेरे मुंह पर रखी और जोया को झुकाकर मेरे लंड को चूसने को कह प्रिया।

जोया भी रंडियों की तरह मेरा लंड चूसने लगी और भाभी उसकी गांड और चूत पर चपत लगाने लगीं।

मैं अब भाभी की चूत को चूस रहा था और जोया मेरे लंड को चूस रही थी और भाभी उसकी गांड़ और चूत पर चपत लगा रही थी।

अब मेरा लंड बिलकुल फटने को हो रहा था तो मैं भाभी की चूत को और जोरों से चाटने लगा.भाभी की सिसकारियां आआ आह्हह्ह उम्मम्म करके निकलने लगीं.

मैं जोया के मुंह में झड़ने लगा तो उसने मेरे लंड के माल को अपने मुंह में ले लिया मगर निगला नहीं.और फिर मुड़कर भाभी के लिप्स पर किस करते हुए दोनों मेरे माल के लिए अपनी जीभों को एक दूसरे में लड़ाने लगी।

अब तक हम तीनों का एक-एक बार पानी निकल चुका था तो मैंने थोड़ा रुककर सांस लेने की कोशिश की.

तो भाभी ने कहा कि वो अभी आई कहकर कमरे के बाहर चली गई।

मैंने देखा कि जोया तो साली अभी भी कुर्ती पहने हुए थी।

अब मैंने उसे बेड पर पीठ के बल लिटाया और उसके बूब्स को कुर्ती के ऊपर से ही दबाने लगा.उसे थोड़ा दर्द हुआ तो उसने उठकर अपनी कुर्ती को उतारने के लिए अपने हाथ ऊपर उठा दिए.मैंने भी उसकी कुर्ती को जल्दी ही निकाल प्रिया।

उसने अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी उसकी कुर्ती उतरते ही उसके दूध मेरे सामने उछल कर आ गए।

मैंने देर न करते हुए सीधा उसकी दोनों चूचियों पर हमला बोल प्रिया।उसकी गोरी-गोरी चूची और इनपर पिंक-पिंक निप्पल बहुत कड़े हो गए थे।

मैंने जल्दी ही उसकी दाईं चूची के निपल को अपने मुंह में लेकर पीने लगा और बाईं चूची को अपने हाथ में भरकर दबाने लगा.

तभी भाभी आ गई और कहा- जरा मैं क्या गई … साली ने अपना दूध पिलाना शुरू कर प्रिया मेरे देवर को?मैंने देखा तो भाभी ने अपने हाथ में ट्रे में तीन गिलास में दूध लिया हुआ था।

मैंने पूछा- ये क्यों?तो उन्होंने बताया- गर्मी बहुत है तो दूध में बर्फ और केसर बादाम आदि मिलाकर हम तीनों के लिए ले आई जिससे कि हम तीनों ज्यादा देर तक बिना थके मजे कर सकें।

और एक ग्लास लेकर के मेरे मुंह पर लगाने लगी तो मैंने थोड़ा सा दूध मुंह में भरकर जोया के मुंह पर लगाकर उसके मुंह में डाल प्रिया।जोया ने भी जल्दी ही वो दूध घूंट लिया और मुझे शिद्दत से किस करने लगी.

तभी भाभी ने हम रोका और कहा- अभी और बचा हुआ है ग्लास में।

अब हम तीनों ने आधा-आधा ग्लास दूध पिया फिर भाभी ने थोड़ा सा दूध अपने मुंह में लेकर मेरे ऊपर कुल्ला कर प्रिया तो मैंने भी अपने मुंह का दूध उनके मुंह पर कुल्ला कर प्रिया और हम तीनों उस दूध से होली खेलने लगे।

अब आखिरकार हम तीनों इस खेल से फारिग हुए तो भाभी ने मेरे लंड को पकड़ कर जोया से पूछा- कैसा लगा तुझे मेरे देवर का लंड?जोया, “बहुत अच्छा है। नफीस के लंड से थोड़ा छोटा जरूर है मगर उसके लंड से मोटा है। मैंने अभी तक इतना मोटा लंड नहीं किया है अपनी चूत में पता नहीं आज कैसे जाएगा ये मेरी चूत में!”

भाभी, “टेंशन न ले मैं हूं ना! तेरी क्या, साप्रिया की भी चूत फड़वाऊंगी इसके लंड से!”मैं, “क्या बोल रही है मादरचोद मेरी बहन चुदवाएगी वो भी मेरे लंड से?”भाभी, “हम्म्म मेरे देवर जी। एक बात तुम खुद ही सोचो कि अगर वो इस खेल में शामिल हो गई तो कितनी आराम रहेगी हम दोनों को और घर की चूत घर में ही रहेगी वरना वो भी बाहर चुदवाने लगेगी। मैंने उस दिन उसे देखा था बाथरूम में चूत मसलते हुए अब उसकी चूत भी लंड मांग रही है!”

जोया, “उसे तो इससे ही चुदवा दो भाभी. बाहर वाले का कोई भरोसा नहीं कि कब क्या कर दे. घर में ही चुदवाएगी तो बाहर बदनामी भी नहीं होगी। अगर मेरे भी भाई घर पर होते तो मैं क्यों चुदवाती बाहर!”मैं, “अगर तेरे भाई घर होते तो मुझे कैसे चोदने को मिलती तू!”

जोया, “हम्म, वो तो है। अच्छा अब देर मत करो जल्दी से चोदो मेरी और बुझा दो मेरी आग बहुत टाइम हो गया है मुझे यहां आए हुए अगर घर वालों ने ढूंढना शुरू कर प्रिया तो मुश्किल हो जाएगी!”

मैंने भी अब देर ना करते हुए उसे बेड पर सीधा लिटा प्रिया और उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और भाभी उसकी गोरी-गोरी चूचियों को दबा-दबा कर पीने लगी और जोया के मुंह से आहे निकलने लगीं।

मैं उसकी टांगों के बीच आ गया मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ा और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख कर उसकी चूत पर लंड सेट किया और हल्के से उसकी चूत पर दबाव बनाने लगा.

भाभी ने कहा- क्या कर रहा है तू? जल्दी से इसे चोद और मेरी भी चूत की आग बुझा!

अब मैंने भी अपनी पोजिशन ली और एक जोरदार धक्का लगा प्रिया.इससे जोया की एक जोर की चीख आआआह्ह्ह अम्मम्मी निकल गई.

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तो तुरंत भाभी ने उसके लिप्स को अपने लिप्स से लॉक किया.

मैंने देखा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में जा चुका था.तो मैंने अपना लंड थोड़ा सा पीछे लिया और फिर एक जोरदार धक्का लगाया.जिससे मेरा पूरा लंड उसके चूत में चला गया और इस बार उसकी आंखों से आंसू निकल आए।

भाभी ने तुरंत ही मेरे और देखा और उसके लिप्स को छोड़कर उसको मुझे उस पर झुकने का इशारा कर प्रिया मैंने भी उसकी चूत में अपने लंड को डाले हुए उसकी चूचियों को अपने हाथों से मसलने लगा और उसकी चूत में जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए.हर एक झटके के साथ उसके दूध हिलौरें मारने लगे और उसके मुंह से आआ आह्ह आआआ ह्हह्हह हम्म्म्म अम्मम्म्मी की आवाज निकालने लगी।

भाभी ने अब उठ करके मेरी दोनों गोटियों को पीछे से सहलाने लगी जिससे मुझे और उत्तेजना का जोश आने लगा.मैंने अपने झटकों की रफ्तार और तेज कर दी जिससे जोया की चूत की चटनी बनने लगी और वो अब जोर-जोर से चीखने लगी।

भाभी जल्दी से आगे आकर के उसके मुंह में अपने चूचे देते हुए मुझे उठाकर उसके ऊपर लेट गई जिससे उनके बूब्स उसके मुंह में और भाभी की चूत मेरे लंड के बिलकुल सामने आ गई.

अब जोया की चूत में मेरा लंड था और भाभी जोया के ऊपर लेटकर उसके मुंह में अपने दूध को डालकर चुसवा रही थी।

मैं अपनी उंगलियों को भाभी की पीठ पर सहलाते हुए जोया की चूत में धक्के लगाता रहा।

अब मैंने भाभी को वैसे ही झुके हुए घोड़ी बनने के लिए उनकी कमर को उठाया और उनकी चूत पर मुंह को लगाकर जीभ से चाटने लगा और नीचे मेरा लंड जोया की चूत को खोदता रहा।

लगभग 15 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद जोया ने आआआ ह्ह्ह उम्मम्म् करती हुई अपनी टांगों को लपेटकर मेरी कमर को जकड़ लिया और कांपते हुए झड़ने लगी।

मैंने घड़ी में देखा तो 3 बजने को थे।अब भाभी ने घड़ी की तरफ देखा तो मुझे चुप रहने की सलाह दी और उन्होंने अब मुझे अपनी चूत मारने के लिए अपनी चूत को मेरे लंड का सामने कर प्रिया।

मैंने वैसे ही भाभी को झुकाकर अब अपना लंड भाभी की चूत में पेल प्रिया।

अब चिल्लाने की बारी भाभी को थी.वे जोया की मुंह से अपने बूब्स को निकाल कर उसके लिप्स पर किस करने लगी और जोया भी अब भाभी को अपने शरीर में समा लेना चाहती थी।

लगातार तीन घंटों की हम लोगों की चुदाई से बिस्तर की हालत खराब हो गई थी और हम सब अब पसीने से भीग चुके थे.तो भाभी ने अब उठकर मुझे नीचे लिटाया और खुद मेरे लंड पर चढ़ कर सवारी करने लगी।

अब जोया किनारे लेटकर अपनी सांसों को कंट्रोल कर रही थी।

लगभग 10 मिनट के बाद भाभी और मैं एक साथ झड़ गए.और जब मैंने अब अपने लंड को बाहर खींचा तो देखा कि डबल Xxx चुदाई के कारण मेरा लंड कुछ जगह पर छिल सा गया था।

जोया ने भाभी से कहा- अब बहुत देर हो गई है मुझे यहाँ आए हुए! और अब शाम भी होने को है तो मुझे जल्द ही जाना होगा।भाभी ने कहा- अभी इतनी जल्दी क्या है तुमको? जाना है तो जाओ. आज हम दोनों को अच्छा मौका मिला है तो इसका फायदा तो उठा ले. हम दोनों पता नहीं फिर कब मिले ऐसा मौका।

जोया तुरंत उठकर बाथरूम की तरफ गई और वहां से फ्रेश होकर आई और घर जाने के लिए निकलने को कहकर दरवाजा बंद करने के लिए भाभी को भी अपने साथ ले गई।

भाभी ने एक नाइटी अपने शरीर पर डालकर उसके साथ चली गई।

उन दोनों ने दरवाजे के पास जाकर एक दूसरे को लिपलॉक किस किया और फिर जोया अपने घर चली गई.

और भाभी फिर से नंगी होकर मेरे पास आ गई नंगी ही मुझे फिर से पकड़ कर चिपक गई।

गर्मी होने की वजह से अब हम लोगों की पसीने से दुर्गंध सी आने लगी थी तो अब मैंने उनको बाथरूम में चलने को कहा.

और फिर हम दोनों बाथरूम में आकर के अपने एक दूसरे को पानी से नहलाने लगे।

लगभग 5 मिनट में ही मेरा फोन बजा.भाभी ने दौड़ कर मेरा फोन उठाया और देखा कि अब्बू का फोन था तो उन्होंने मुझे दे प्रिया।

मैंने बात की तो पता चला कि वो लोग आधे घंटे में घर आने वाले हैं।

अब हम दोनों जल्दी बाथरूम से फारिग होकर सब कुछ सही किया और भाभी किचन में जाकर के शाम के खाने की तैयारी में लग गईं।

इसके आगे की घटना जल्द फिर कभी लिखूंगा कि कैसे मैंने भाभी की गांड मारी और भाभी ने मुझसे मेरी बहन साप्रिया को भी चुदवाया।

कैसी लगी यह डबल Xxx चुदाई कहानी आपको?इस कहानी पर अप अपने विचर मुझे मेल और कमेंट्स में बताएँsupport@mohakkisse.com

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सगी भाभी की चूत की आग बुझाई

कुल भाग: 3
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Hey guys, pichli kahani me aapne padha kaise mai apne upar sirf body paint lagakar sabko bewakoof bana rahi thi..

7 मिनट 546

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

शम्मी 338

3 months ago

बहुत ही रोमांटिक और कामुक कहानी थी यार।

जीतू राजपूत

3 months ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

टोनी सोहल

3 months ago

देवर भाभी की ये कहानी सच में कमाल की थी। लेखक ने बहुत बारीकी से लिखा है।

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