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गे सेक्स स्टोरी पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 933 बार

अध्यापक ने विद्यार्थी की गांड फाड़ दी- 3

मोनी पोली

04 Oct 2018 को प्रकाशित

अध्यापक ने विद्यार्थी की गांड फाड़ दी- 3
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फक गे सेक्स स्टोरी में मेरे एग्जाम वाले सर ने मेरी हेल्प की पर बदले में वे मेरी गांड मार रहे थे. उन्होंने जब मेरी लुल्ली चूसी तो मुझे बझुत मजा आया.

फ्रेंड्स, मैं मोनी अपने साथ हुई एक गांड चुदाई की कहानी सुना रहा था.जिसके पिछले भागटीचर ने मेरी गांड मारीमें एक अध्यापिका अपने छात्र की गांड मार रहा था.

अब आगे फक गे सेक्स स्टोरी:

सर का इतना मोटा लंड था और मेरी गांड का छेद इतना छोटा था कि सर का मूसल लंड बहुत ही मुश्किल से अन्दर बाहर हो पा रहा था.मेरा हाथ अभी भी सर को रोकने का हल्का हल्का प्रयास कर रहा था.

सर अब आहिस्ता आहिस्ता धक्के मारने लगे.‘आह … आह … उउम्ह्ह … उम्म्ह्ह्ह … आई … आई … ओय … हफ … हफ … ओह … आआह्ह्ह …’

मेरी मधुर आवाज़ें आने लगी थीं.सच में उनका लंड बहुत ही धंस धंस कर गांड के अन्दर बाहर होने लगा था.

मेरी गांड बहुत ही मुलायम है और छेद भी बहुत ही छोटा है. मक्खन व तेल की चिकनाई की वजह से लंड अन्दर बाहर हो रहा था.

तभी सर ने नीचे हाथ बढ़ा कर मेरी गुलाबी चूचियों को भींचना शुरू कर दिया.वे दोनों चूचियों को अपनी उंगलियों से मींजने लगे और अपनी कमर हिलाकर मेरी गांड भी मार रहे थे.ऐसा काफी देर तक होता रहा.

अब मुझे थोड़ी सी राहत मिलने लगी थी क्योंकि इतने देर से लगातार पेलने से सर का लंड मेरी चिकनी गांड में जगह बना रहा था.

सर के हाथ से चूचियों से सेक्सी खिलवाड़ करने की वजह से … और मेरी गांड में लग रहे धक्कों की वजह से अब मुझे थोड़ा थोड़ा अच्छा लगने लगा था, इसलिए मेरी आवाजें मस्त सी होने लगी थीं.

सर ने पूछा- कैसी हो मेरी जान, अब तो नहीं लग रहा ना?‘आह … सीईईई … आह्ह्ह्ह्ह … दर्द थोड़ा आह … आह … थोड़ा कम हुआ है … आह … आह …’मेरी मदहोश कराह आई.

तो सर बोले- अब ये भी चला जाएगा, फिर तुम देखना कितना मज़ा आएगा, अभी जब मैं पूरा डालूंगा!‘क्या सर पूरा …?’मेरी घबराहट भरी आवाज़ आई.

तो सर हंस कर बोले- घबराओ नहीं मेरी जान … मैंने कहा ना, तुम्हें बहुत प्यार से करूंगा!सर ने मुझे पुचकारने की कोशिश की.

‘सर … ये इतना … आह … इतनी मुश्किल से जा रहा है … आह … सिईईई … आगे और कैसे जाएगा सर?’मेरी मदहोश आवाज़ आई.

‘जाएगा मेरी जान, बड़े प्यार से जाएगा.’सर मेरे कान में सरगोशी करते हुए बोले.

फिर उन्होंने अपना लौड़ा मेरी गांड से बाहर निकाला तो ऐसा लगा मानो गांड में खुली हवा का झौंका सा आया.

सर ने गांड में और तेल डाला और उसके बाद ज्यादा सा मक्खन लेकर भर दिया.

अब सर फिर से मेरे पीछे आ गए और मेरे गुलाबी छेद में अपने लंड को भिड़ा कर कमर को पकड़ कर लंड को घुसाने लगे.मुझे भी उनके लौड़े का सुपारा मीठा लग रहा था.

तभी सर ने एक जोरदार शॉट दे मारा.‘आईईआई मर गई मैं!’इसी के साथ सर का लौड़ा अन्दर हो गया.

उनका सुपाड़ा मेरी गांड के छेद में घुस गया था.सर ने फिर से शॉट मारा और इस बार आधा लंड मेरी मुलायम गांड के अन्दर समा गया.‘आईईई आईआई … मम्मी … आह्ह्ह्हह …’

मेरी मीठी कराह निकली, तो इस आवाज ने सर को और जोश दे दिया.सर वैसे ही थोड़ा थोड़ा करके धक्के मारने लगे.

थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद उन्होंने अपनी पूरी ताकत से कसके एक करारा शॉट दे मारा.

‘आआह आह्ह्हह … आई … मम्मी रे … आईई …’मेरी ज़ोर से चीख आई. मुझे ऐसा लगा पूरा रॉकेट गांड में घुस गया हो.

सर का पूरा लौड़ा मेरी गांड में समा गया था.उनके मोटे टट्टे पूरी ताकत से मेरी गांड के मुलायम चूतड़ों से आ टकराए.

‘हयीई … उफ्फ …’सर की भी मदहोश आवाज़ आई.

मेरी टाइट गांड ने उनके लंड को जकड़ लिया था, जिससे उन्हें भी पेलने में बहुत मज़ा आया था.

मैं चीख मारकर बेड पर औंधे मुँह गिर पड़ा और सर के अन्दर से निकलने की कोशिश करने लगा.

सर का मोटा एनाकोंडा मुझे अपनी गांड में सहना बहुत मुश्किल हो रहा था, लेकिन सर ने मुझे मज़बूती से थाम रखा था.

फिर मेरे औंधे मुँह गिरते ही सर भी मेरे ऊपर लेट गए. सर का पेट मेरी पीठ पर था और सर की मोटी भारी जांघों के नीचे मेरी गोरी कोमल मुलायम जांघें थीं.

सर का मोटा लौड़ा पूरा मेरी मुलायम गांड में धंसा हुआ था.

‘उम्म्ह्ह … आह … उफ्फ … उफ्फ … आह … उम्ह्ह्ह्ह …’मेरे मुँह से सिसकारियां निकल रही थीं और मैं उनसे छूटने की कोशिश कर रहा था.

यही सब करते करते मेरे होश गुम होने लगे और मेरी आंखें बंद होने लगीं.

सर मेरी गोरी गांड में अपना लंड डालकर यूं ही पड़े रहे.

मैं कराहते हुए अपनी गांड में उठने वाले तूफान को सहने की कोशिश कर रहा था.सर भी मेरे ऊपर पड़े रहे.

कुछ देर बाद मेरी हालत थोड़ी ठीक हुई, थोड़ी देर ऐसे ही सर मुझे अपने भारी भरकम जिस्म के नीचे रगड़ते रहे.

अब सर ने मेरे कूल्हों को ऊपर उठाया और फिर से धीरे धीरे धक्के मारने लगे.मोटे लंड से मेरी गांड में फिर से दर्द उठी लेकिन अब मैं सर के धक्कों के साथ खुद को संभाल रहा था.

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हो गया और मैंने थोड़ा मजा लेना शुरू कर दिया क्योंकि अब मुझे भी थोड़ा थोड़ा अच्छा भी लग रहा था.

‘आह … हुम … आह … सीसी … हुम … आह … आह …’मेरी कामुक सिसकारियां कमरे में गूंजने लगीं.

जब सर ने देखा अब मैं ज्यादा दर्द नहीं दिखा रहा हूँ तो उन्होंने शॉट तेज मारने शुरू कर दिए.मैं मदहोशी में आंखें बंद किए सिसकारियां लेता रहा.

अब तो सर ने प्रचंड गति से शॉट मारने शुरू कर दिए और अब वे किसी मशीन के पिस्टन की तरह मुझे चोदने लगे.

‘थप … थप … थप … थप पट … पट …’ की आवाज गूंजने लगी थी.

सर के टट्टे पूरी ताकत से मेरे गांड की मुलायम चूतड़ों पर तमाचे से बरस रहे थे.

उनके दोनों टट्टे गांड के निचले हिस्से पर पूरी ताकत से टकरा रहे थे.ऊपर से सर पूरी ताकत से मेरी गांड से टकरा रहे थे.

‘आह … आआ … आह … सीसीई … हाय …’मैंने पूरी ताकत से चिल्लाना शुरू कर दिया और सर भी अपनी पूरी ताकत से मेरी गांड मारने में लगे हुए थे.

‘हाय हाय … क्या मस्त गांड है रे … मजा आ गया.’वे मस्ती से मेरी गांड पेलते हुए बोले जा रहे थे.

मेरी कमसिन चिकनी टाइट गांड मारने में उनको बहुत मजा आ रहा था.

अब तो हाल यह था कि हम दोनों ही मस्ती में भर गए थे. मदहोशी में मेरे मुँह से मादक सिसकारियां और आवाज़ें आने लगी थीं और सर भी आह आह करके मेरी ले रहे थे.

वे बोले- मेरी जान … सीईईईई … हाय तुझे कैसा लग रहा है. मजा आ रहा है न बोल!मैं- सर आप बताएं!

‘मुझे तो तेरी चिकनी गांड मारने में बहुत मजा आ रहा है! आह कितनी मस्त कसी हुई गांड है तेरी … हाय … हाय … तू बता न?’सर मस्ती में मेरी गांड पेलते हुए बोले.

‘हां … सीईईईईई सर … बहुत अच्छा लग रहा है … आह … आह … यस … यस … फक मी … सर …’

मेरी आंखें बंद थीं और मस्ती में मेरे मुँह से सब कुछ आने लगा.इससे सर को और जोश चढ़ गया. उन्हें और मजा आना शुरू हो गया. वे कस कस के मेरी गांड मारने लगे.‘थप … थप … थप …’

फिर सर थोड़ा झुके और अपने बाएं हाथ से मेरी कमर को अपने घेरे में लेकर दाएं हाथ से मेरे सीने को अपने घेरे में भर लिया.अब वे मेरे गाल पर किस करने लगे.

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उनको किस करता देख कर मैंने अपना चेहरा सर की तरफ घुमाया और सर ने मेरे होंठ अपने होंठों में भर लिए.

मेरी आंखें बंद थीं.इसी तरह किस करते हुए सर मुझे चोदने लगे.

पीछे से उनका लंड पूरी शिद्दत से मेरी गांड में अन्दर बाहर हो रहा था, मेरी गांड चोद रहा था.‘ठप … ठप … ठप …’ की मधुर आवाज आ रही थी.

थोड़ी देर बाद सर ने लंड बाहर निकाला.तो मुझे ऐसा लगा कि मेरी गांड लपलपाने लगी.

सर और मैं आपस में किस करने लगे.

इसके बाद सर ने मुझे सामने रखी ऊंची टेबल पर झुकाया.मेरी एक टांग को उठा कर टेबल पर रखा.मेरी दूसरी टांग जमीन पर थी.

सर ने भी अपने एक पैर को टेबल पर रखा और दूसरे को जमीन पर जमाया. फिर अपने मोटे लंड को मेरी गांड में डाल दिया.

अब मेरी कमर को थाम कर सर धक्के मारने लगे.

इस तरह चुदाई का अलग ही मजा आने लगा.आवाज भी मधुरतम हो गई ‘फट … फट … फाछ फाछ.’

सर मेरी चूचियों को भी मींजने लगे और ज़बरदस्त तरीके से गांड मारने लगे.

सर का मोटा लंड अब मुझे एक अजीब सा मजा दे रहा था.ऐसा लग रहा था मानो मेरी गांड में क्रिकेट का विकेट घुसेड़ कर अन्दर तक गांड की ओवर हालिंग कर रहा हो.

‘आह … आह सर यस्स्स … पेलो सर आह फाड़ दो मेरी आह …’मेरी सेक्सी आवाजें सर के कानों में शहद घोल रही थीं और वे मुझे किसी बकरी के मेमने की तरह दबोचे हुए चोद रहे थे.

‘हूँ हां … ले साली मेरी लुगाई आह!’अब सर भी मजे में पेलते हुए अंट शंट बोल रहे थे.

उसके बाद सर मुझे बिस्तर पर ले गए.हम दोनों बिस्तर पर एक दूसरे को किसिंग करने लगे.

सर ने मेरे चूचियों को चूसना शुरू किया. तो मुझे बहुत मजा आने लगा.

तभी सर ने मेरी लुल्ली को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगे.

‘आह … आह … सिईई … सर … मर गया सर.’मेरी मदहोश आवाज़ें आने लगीं और मैं सर के टकले पर हाथ फेरने लगा.

सर मेरी लुल्ली चूसते रहे.

थोड़ी देर में मैं झड़ने को हुआ, तो मैंने सर से कहा- सर … उम्म्ह … उम्ह्ह्ह्ह् … मेरा झड़ने को है!लेकिन सर लुल्ली चूसते रहे और मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.

सर मेरी पूरी लस्सी पी गए.‘आह … क्या टेस्टी माल है तेरा … आह … मजा आ गया!’मैं शर्म से गड़ गया.

फिर सर ने मुझे पीठ के बल लिटाया और मदहोश आवाज में कहा- अब मेरी बारी!

उन्होंने मेरे पैरों को पकड़ कर मेरे सीने से लगा दिया, जिससे मेरी गांड ऊपर की तरफ ऊंची हो गई.अब सर ने अपने अफ्रीकन हाथी जैसे लंड को मेरे चिकनी गुलाबी छोटे से छेद में भिड़ाया और एक ही बार में पेल दिया.

‘ऊईईई … आआह्ह …’ मेरी मीठी सी आवाज आई.

सर का पूरा लोहा मेरी गांड के अन्दर तक चला गया और उसके तुरंत बाद ही सर ने गांड को पेलना शुरू कर दिया.

‘धप … धाप … धप … धाप …’एक बार फिर से सर के टट्टे मेरे चूतड़ों से टकराने लगे.

सर का पूरा लौड़ा मेरी गांड के छोटे से छेद की गोलाई को पूरा चौड़ा करके अन्दर बाहर हो रहा था.

हम दोनों के ही मुँह से मादक आवाज़ें आ रही थीं, जो पूरे कमरे को और भी रोमांटिक बना रही थीं.

काफी देर तक पेलने के बाद सर ने मेरे दोनों पैरों को हाथों से पकड़ कर फैला दिया और बहुत तेज रफ्तार से शॉट मारने लगे.

मेरे मुलायम नर्म हाथ सर के सीने पर उनकी चूचियों पर चल रहे थे. इससे सर और जोश में मेरी गांड पेलने लगे.

फिर सर मेरे ऊपर लेट गए तो मैंने उनकी कमर को अपने पैरों में लपेट लिया.सर झुक कर मेरे होंठों पर किस करने लगे और नीचे अपना लंड पेलते रहे.

मेरे नर्म मुलायम हाथ अब सर की पीठ पर चल रहे थे.

उनके लौड़े की धकापेल चुदाई से मेरी मीठी आहें निकल रही थीं.‘ऊईईई … आह्हह्ह्हह … आह …’

‘मजा आ रहा है न!’

‘हां सर बहुत मजा आ रहा है आह … सर और मारो मेरी गांड … आह सर चोदो मुझे … अहां … हां … कसके चोदो सर … और कस के चोदो मुझे … आह और जोर से मारो मेरी गांड … आह … सर … कितना मोटा लंड है आपका … पूरा अन्दर तक जा रहा है!’

मेरी मदहोश हुंकार को सुनकर सर और जोश में आ गए और अब वे पूरी ताकत से मेरी मुलायम चिकनी गांड को गड्डे में तब्दील कर देने की नीयत से चोदने लगे.

तेज आवाजों का मधुर संगीत और भी मतवाला कर देने वाला हो गया था. सर के टट्टे मेरी गांड को बाहर से बजाए जा रहे थे और उनका लौड़ा गांड के अन्दर घुस कर उसे तहस नहस करने पर तुला हुआ था.

‘फट … फट … फट धप्प … धप्प …’‘आह हां … ले … ये ले साली … हां … मेरी रानी … आह … क्या मस्त मजा आ रहा है तेरी चिकनी गांड मारने में!’

सर मदहोश होकर बोले, तो मैंने भी उन्हें उत्तेजित किया.

काफी देर तक यूं ही नॉन स्टॉप मुझे पेलने के बाद सर की स्पीड बहुत तेज हो गई और उन्होंने तेज शॉट मारने शुरू कर दिए.मैं समझ गया कि मेरी मुलायम नर्म गांड ने सर को पिघला दिया है और अब वे झड़ने वाले हैं.

‘आह … अह … ये ले … ये ले … मेरा माल …!मैं भी चीखने लगा- आअह्ह … आआह.

इसी के साथ चीखते हुए सर ने मेरी गांड के गुलाबी छेद में अपना माल झाड़ना शुरू कर दिया.पुचुर … पुचुर … करके उन्होंने मेरी गांड के गुलाबी छेद में अपना गाढ़ा लसलसा माल भरना चालू कर दिया.

कुछ ही पलों में सर ने मेरी गांड को अपने लंड की मलाई से पूरा भर दिया.

मुझे अपनी गांड में सर का गर्म माल बहुत ठंडक पहुंचा रहा था और मुझे एक सुखद अनुभव का अहसास हो रहा था.

मेरा मन कर रहा था कि सर सदियों तक मेरी गांड को यूं ही अपने माल से भरते रहें.बिल्कुल एक घोड़े के लंड की तरह सर का लंड मेरी गांड में झड़ता जा रहा था लंड से वीर्य टपकना तो जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था.

मेरी गांड सर के मस्त वीर्य से लबालब भर गई.वे मेरे ऊपर पड़े हांफ रहे थे.

सर के लंड ने इतना माल झाड़ा था कि अब वह चू कर मेरी गांड से बाहर बह रहा था और बिस्तर पर फैलने लगा था.

थोड़ी देर बाद सर मेरे ऊपर से उठे और मेरी आंखों में देखने लगे.इस तरह मेरी आंखों में देखने से मैं थोड़ा सा शर्म में आ गया.

सर मुस्कुराते हुए मुझे किस करने लगे.हम एक दूसरे की बांहों में लिपट कर सो गए.

शाम को शाम को उठ कर मैं अपने घर आ गया.

इसके बाद मैं दो दिन बाद फिर सर के घर गया और उन्होंने फिर से मेरी गांड दो बार मारी.सर मुझे बहुत चाहने लगे थे.

उम्मीद है आप लोगों को ये फक गे सेक्स स्टोरी पसंद आई होगी.तो मुझे मेल जरूर करें.आगे बहुत कुछ और भी हुआ, अगर आप कहेंगे तो बताऊंगा.अब इजाजत दीजिए.अपना ख्याल रखें और मुस्कुराते रहें.आपका प्यारा मोनीsupport@mohakkisse.com

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अध्यापक ने विद्यार्थी की गांड फाड़ दी

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

बरखा

1 week ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

मोनिका मान

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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