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प्यासी मुँहबोली बेटी संग पति पत्नी का सेक्स- 3

मानस यंग

28 Mar 2020 को प्रकाशित

प्यासी मुँहबोली बेटी संग पति पत्नी का सेक्स- 3
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गन्दी चुदायी स्टोरी में मेरी बीवी ने जवान नौकरानी के साथ पहले खुद लेस्बियन सेक्स का मजा लिया, फिर मुझे उसकी गर्म चूत भी दिलवाई.

दोस्तो, मैँ मानस पाटिल आपको अपनी नौकरानी फ़रज़ाना की चुत चुदाई की कहानी के अगले भाग का मजा देने के लिए हाजिर हूँ.

कहानी के दूसरे भागमेड को बेटी बनाकर उसके साथ लेस्बियन सेक्समें अब तक आपने पढ़ लिया था कि फ़रज़ाना ने मेरे लौड़े को अपने हाथों में पकड़ लिया था.

अब आगे गन्दी चुदायी स्टोरी:

फ़रज़ाना के कोमल हाथों की गर्मी से लौड़ा अपने आप तनने लगा. मैं उसको अपनी बांहों में कसते हुए उसके होंठ काट-काटकर चूसने लगा.तभी सविता मेरे पीछे आई, मेरी गर्दन को जीभ से चाटते हुए उसने एक उंगली से मेरी गांड के छेद को रगड़ना शुरू कर प्रिया.

दोनों की चूचियां मेरे शरीर में धँस रही थीं, उनकी घुंडियां मुझे चुभ रही थीं.फ़रज़ाना के हाथों में मेरा लौड़ा अब पूरा कड़क खड़ा हो चुका था.

चुंबन रोककर फ़रज़ाना नीचे बैठ गई.वासना से भरी आंखों से मुझे देखते हुए उसने लंड को प्यार से चूम लिया.चमड़ी पीछे करके सुपारा खोला, टपकती बूंद को जीभ से चाटा और झट से पूरा लौड़ा मुँह में ठूँस लिया.

पीछे से सविता ने भी मेरे चूतड़ फैलाकर जीभ मेरी गांड में घुसेड़ दी.

दो चुदक्कड़ रंडियां मेरी जी-जान से सेवा करने लगीं.मेरा खून तेज़ दौड़ने लगा.

मैंने जोश में आकर पूरा लौड़ा फ़रज़ाना के गले तक पेल प्रिया.

एक हाथ से फ़रज़ाना का और दूसरे से सविता का सिर दबाकर रखा.भूखी रंडी की तरह फ़रज़ाना मेरे लौड़े पर थूक-थूक कर चूस रही थी.उसके कोमल होंठों और जीभ की गुदगुदी से मेरे टट्टे फूलने लगे.

बाल पकड़कर मैंने सविता का मुँह गांड से बाहर निकाला और गरजा- कितना चाटेगी मादरचोद जा … इस रंडी का भोसड़ा भी गीला कर दे!

कुटिल हंसी के साथ सविता ने मेरी गांड पर थप्पड़ मारते हुए कहा- बिल्कुल मेरे शेर, ऐसे चाटूँगी कि ये मादरचोद चुदाई की भीख मांगने लगेगी!

मैं बिस्तर पर लेट गया.फ़रज़ाना तुरंत कुतिया बन गई और उसने अपनी चूत-गांड सविता के सामने परोस दी.

सविता ने उस उभरी हुई गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा और मुँह गांड में घुसाकर ‘सप्लर्र … सप्लर्र … ’ की आवाज़ें निकाल कर चाटने लगी.फ़रज़ाना फिर से रस बहाने लगी.

खुद अपनी गांड सविता के मुँह पर दबाती हुई वह मेरे समूचे लौड़े का मस्ती से सेवन करती रही.

फ़रज़ाना की तड़प देख मैंने लौड़ा उसके मुँह से बाहर निकाला, उसे बिस्तर के कोने पर लिटाया और अपनी गांड उसके मुँह पर रख दी.चुदाई की भूखी रंडी फ़रज़ाना ने भी खुलकर मेरे गांड का छेद चाटना शुरू कर प्रिया.

सविता सामने से उसकी चूत चूसने लगी.जीभ के साथ-साथ दो उंगलियां भी ठूँस दीं.

ये देख मैंने फ़रज़ाना की चूचियों पर हमला बोल प्रिया.चूत पर हो रहे अत्याचार से उसकी कामवासना इतनी भड़क उठी कि वह गांड उठा-उठाकर चूत सविता के मुँह पर रगड़ने लगी.

मेरा साथ देते हुए सविता भी पलट गई और उसने अपनी गांड फ़रज़ाना के मुँह पर दबा दी.अब फ़रज़ाना कभी मेरी तो कभी सविता की गांड चाट रही थी.

जोश में आकर दोनों एक-दूसरे को ‘रंडी, छिनाल, कुलटा …’ कहती हुई खुलकर गालियां देने लगीं.मेरा लौड़ा और फ़रज़ाना की प्यासी चूत अब पूरी तरह गीली-चिपचिपी हो चुकी थी.

सविता के बाल पकड़ कर मैंने गरजते हुए कहा- चलो फ़रज़ाना की अम्मी, अपने हाथों से मेरा लौड़ा इस रंडी की चूत में घुसा दो!

बिस्तर पर सीधी लेटती हुई फ़रज़ाना ने खुद अपनी टांगें चौड़ी खोल दीं.जांघों पर थप्पड़ मारते हुए सविता मेरा लौड़ा फ़रज़ाना की चूत के दाने पर रगड़ने लगी.

फ़रज़ाना की कमर पकड़कर मैंने प्यार से धक्का मारा. गीली चूत की वजह से सुपारा झट से अन्दर घुस गया.‘याह अम्मी …’ की चीख पूरे कमरे में गूँज उठी.

बिलाल की लुल्ली के मुकाबले मोटे लौड़े की पीड़ा उसके चेहरे पर साफ दिख रही थी.

उसकी पीड़ा कम करने के लिए मैंने चूत का दाना सहलाना शुरू किया और हल्के-हल्के धक्के देने लगा.चूत का दाना मसलने से औरतें कैसे बहक जाती हैं, ये तो आप अच्छे से जानते ही होंगे. ठीक वैसा ही हाल फ़रज़ाना का होने लगा.

सुपारे की रगड़ और दाने में उठती तरंगों से वह पूरी कामदेवी बन चुकी थी. उसकी गांड खुद-ब-खुद ऊपर उठने लगी.सविता ने भी अपनी चूत फ़रज़ाना के मुँह पर रखकर रगड़ना शुरू कर प्रिया और साथ ही उसकी चूचियां गूँथने लगी.

फ़रज़ाना की चुदास देखकर मैंने पूरा जोर लगाया और एक ही झटके में पूरा लौड़ा उसकी चूत में जड़ तक ठांस प्रियाहमले से फ़रज़ाना चीखी जरूर, पर वह चीख सविता की गांड में गुम हो गई.

उसके गीले छेद में लौड़ा सरपट दौड़ने लगा. फ़रज़ाना को आज पहली बार किसी असली मर्द के लौड़े से चुदने का सुख मिल रहा था.

सुपारा बच्चेदानी से टकराते ही वह तड़पकर चिल्लाई, ‘आआआ ह्ह्ह अम्म्मी ईईई मर गई पापाआ उह आआह!’

सविता समझ गई और चहक उठी- वाह्ह्ह्ह पाटिल साहेब, आखिर हलाल कर ही दी मुर्गी आपने … चोदो अब इस रांड फ़रज़ाना को … भोसड़ा बना दो इसकी चूत का!

चुदाई की रफ्तार तेज करते हुए मैं गरजा- हां साली रंडी, आज तेरी बेटी फ़रज़ाना का भोसड़ा बना दूँगा … चुद साली फ़रज़ाना … बहन की लौड़ी हिजड़े की बीवी!

फ़रज़ाना की जीभ रगड़ से सविता का दाना फूल गया था.एक बार तो उसने अपना मूत भी फ़रज़ाना को पिला प्रिया.

अम्मी का मूत पीकर भोसड़ी वाली फ़रज़ाना गांड उठा-उठाकर मेरा लौड़ा लेने लगी.चूत की दीवारों ने लौड़े को कसके जकड़ लिया था. उस घर्षण से मेरे अन्दर का सांड खूंखार हो रहा था.

सविता और मैं आमने-सामने थे.हम दोनों मिलकर अपनी मुँह-बोली बेटी फ़रज़ाना की जवानी लूट रहे थे.

बाल पकड़कर मैंने सविता का मुँह फ़रज़ाना की चूत पर दबाते हुए कहा- ले रंडी की अम्मी, चूस अपनी बेटी का चुदता हुआ भोसड़ा … पी जा इस मादरचोद रंडी का मूत!

सविता और फ़रज़ाना के बदन विपरीत दिशा में दब गए.संभोग-सुख में मगन दोनों ज़ोर-ज़ोर से एक-दूसरे की चूत चाटने लगीं.

तभी फ़रज़ाना ने दो उंगलियां मेरी बीवी सविता की गांड में ठूँस दीं और जोर-जोर से गांड का छेद चोदने लगी.

बदला लेते हुए सविता ने भी फ़रज़ाना के चूत के दाने को दांतों से काटना शुरू कर प्रिया.

इस हमले से फ़रज़ाना चीख पड़ी- आआ ह्ह्ह उफ्फ अम्म्मीईई मादरचोद अ.’वह मेरे लौड़े पर ही मूतने लगी.

फ़रज़ाना को झड़ते देख मैंने लौड़ा बाहर निकाला और सविता का मुँह फ़रज़ाना की चूत पर दबाकर बोला- ले मेरी जान पी जा … अपनी बेटी का मूत … साली पूरी रंडी हो गई हो दोनों मां-बेटी!

सविता चटखारे मार-मारकर मूत पीने लगी.झड़ने की तरंगों से फ़रज़ाना का बदन थरथरा रहा था.

तभी मैंने फ़रज़ाना के मूत और चुतरस से लथपथ लौड़ा सविता के मुँह में ठूँस प्रिया.

चूँकि चुदाई से पहले सविता ने एक बार मेरा पानी निकाल प्रिया था इसलिए मैं अभी झड़ने से कोसों दूर था.

लौड़ा अच्छे से चुसवाने के बाद मैंने सविता को बिस्तर पर धकेला और गरजा- आ जा मेरी जान … अब तेरी गांड की बारी है!

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सविता को आजकल गांड मरवाने का जबरदस्त चस्का लगा था.चूत से ज्यादा वह गांड में लौड़ा लेना पसंद करती थी.

मैंने तो उसके लिए खास ‘बट प्लग’ भी खरीदा था. जब भी मौका मिलता, वह उसे गांड में छिपा लेती.चलते वक्त प्लग रगड़ता तो उसका भोसड़ा रस की नदी बहा देता.

खैर … मेरे इशारे पर वह तुरंत झुक गई, दोनों हाथों से अपने चूतड़ फैलाती हुई उसने गांड का छेद मेरे सामने खोल प्रिया.

झड़ने की वजह से सुस्ताई फ़रज़ाना का मुँह मैंने सविता की गांड पर दबा प्रिया और कामुक आवाज में गरजा- ले रंडी चाट … अच्छे से गीली कर अपनी अम्मी की गांड … अब तुम देखना, तेरे सामने कैसे इस छिनाल की गांड मारूँगा!

फ़रज़ाना अपनी अम्मीज़ान की गांड चुदाई देखने को बेताब थी.उसने फटाक से जीभ गांड में घुसेड़ दी और सड़क छाप लावारिस कुतिया की तरह लपलप-लपलप चाटने लगी.जीभ की गुदगुदी से सविता सिसक-सिसक कर पागल हो गई.

एक हाथ से खुद अपनी भोसड़ी रगड़ते हुए वह काम-सुख लेने लगी.फ़रज़ाना कभी मेरा लौड़ा तो कभी सविता की गांड चाट-चाटकर दोनों को लथपथ कर रही थी.

कुछ ही पल में सविता की गांड और मेरा लौड़ा उसके थूक से चिपचिपा हो गया.गांड का छेद खुलकर हंसने लगा.

फ़रज़ाना ने लौड़े पर थूककर उसे सविता की गांड के छेद पर रगड़ना शुरू कर प्रिया.

गांड की गर्मी से मेरा सुपारा और फूलने लगा.उस आनन्द में मैं फ़रज़ाना को चूमने लगा.

फ़रज़ाना मुझे चूमते हुए कामुक स्वर में बोली- देखो अब्बू, अम्मी की गांड कैसी तरस रही है आपके फौलादी लौड़े के लिए … चोदो ना अब्बू … चोद दो साली रंडी की गांड!

मैंने उसकी चूची मसलते हुए गरजा- मादरचोद तू खुद घुसा दे मेरा लौड़ा अपनी अम्मी की गांड में कुतिया!

सविता ने भी लौड़े का स्वागत करने को गांड ढीली छोड़ दी.ठीक उसी पल फ़रज़ाना ने मेरा लौड़ा गांड में दबा प्रिया.गांड का फाटक खुला और सुपारा अन्दर घुस गया.

सविता आह करके लौड़े को गड़प कर गई.फ़रज़ाना मुझे चूमती हुई मेरे गोटे सहलाने लगी.

उसकी बेताबी देख मैंने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लौड़ा सविता की गांड में ठूँस प्रिया.

फ़रज़ाना की चूचियां बुरी तरह मसलते हुए मैंने सविता की गांड का गोदाम बना प्रिया.बिना रुकावट लौड़ा गांड की सैर करने लगा.

गांड में हो रही गुदगुदी से सविता आहें भरने लगी. वह खुद अपनी गांड पीछे धकेल कर मेरे लौड़े पर पटकने लगी.अम्मी की चुदास देखकर मजा लेती फ़रज़ाना को मैंने इशारा किया.

वह तुरंत मेरे पीछे आ गई, गांड में मुँह दबाकर जीभ से मेरी गांड चोदने लगी और गोटों की मालिश करने लगी.

फ़रज़ाना को मेरी गांड चाटता देख सविता चिल्लाई- साली सूअर की औलाद … मेरा भोसड़ा क्या अब तेरी अम्मी आकर चाटेगी छिनाल?

हुकुम मिलते ही फ़रज़ाना नीचे लेट गई और उसने अपनी जीभ सविता के भोसड़े पर चला दी.सविता ने अपना भोसड़ा उसके मुँह पर दबाकर कमर हिलाना शुरू कर प्रिया.

दोनों छेदों से मिल रहे सुख से उसका भोसड़ा टपकने लगा, कामरस फ़रज़ाना के मुँह में घुलने लगा.चूत रगड़ते हुए सविता ने मुझे रुकने का इशारा किया.

मैं बिना कुछ किए बस लौड़ा गांड में अन्दर-बाहर करने लगा.

गर्दन पीछे घुमाकर सविता मुझे चूमते हुए तड़प कर बोली- आआह मानस स्सश … और तेज़ आह फाड़ दे आज मेरी गांड आह!सावी के बाल पकड़ कर मैंने उसे मोड़ा और गरजा- साली नीग्रो का लौड़ा लेने वाली मादरचोद रंडी तेरी मां की चूत रंडी ले … चुद मेरे लौड़े से छिनाल!

हमारी बातें सुनकर फ़रज़ाना चहक उठी- वाह अम्मी क्या खूब जोड़ी बनाई मालिक ने … आज फाड़ ही दो अब्बू … इस रंडी अम्मी की गांड फाड़ दो!

फ़रज़ाना की बात सुनते ही सविता ने उसके भोसड़े पर जोरदार थप्पड़ जड़ प्रिया और चिल्लाई- तेरी मां का भोसड़ा साली कुतिया … आज तो तेरी गांड का भी भोसड़ा बनवा दूँगी तेरे बाप के लौड़े से … मादरचोद साली नामर्द सूअर की बेगम!

लंबे समय तक चले इस संभोग-युद्ध से मैं अब झड़ने की कगार पर पहुंच चुका था.बीवी की मखमली गांड में अपना गाढ़ा वीर्य त्यागने की तड़प से मैंने धक्कों की रफ्तार और तेज़ कर दी.

जितना मेरा माल उबल रहा था, उससे कहीं ज्यादा सविता की चूत झड़ने को बेताब थी.

अचानक उसने कमर हिलाना रोका और मुझे इशारा किया.मैं जंगली जानवर की तरह टूट पड़ा.

फ़रज़ाना के काट-काटकर चूसने और मेरे बेकाबू धक्कों से सविता मदमस्त भैंस की तरह गुर्राने लगी.

गन्दी चुदायी कर कर के हम तीनों के शरीर पसीने से लथपथ हो चुके थे.तभी सविता तड़पकर चीखी- आईई ईई मानस इस्स्स!’उसने अपना रस फ़रज़ाना को पिलाना शुरू कर प्रिया.

झड़ने के उस अतुलनीय आनन्द में उसका मूत भी फ़रज़ाना के मुँह में भरने लगा.फ़रज़ाना चटखारे मार-मारकर सब पी गई.

झड़ती हुई सविता की गांड पेलते-पेलते मैं भी फट पड़ा और गरज उठा- आह ले मादरचो ओओदद रंडीईईई तेरी मां का भोसड़ा सविता साली रांड आआह.’

अपना लौड़ा उसकी गांड में पूरा दबाकर मैंने एक के बाद एक कई पिचकारियां छोड़ीं.वीर्य से भरे गोटे खाली करते हुए सारा माल सविता की गांड में जमा हो गया.

सांसें काबू में लाते हुए मैंने उसकी चूचियां जोर से मसल दीं और होंठ काट लिए.लंड की कठोरता कम होते ही वह मुलायम पड़ने लगा.गांड की चिकनाहट और कसावट से ‘पौक-पौक’ की आवाज़ करते हुए लंड बाहर निकल आया.

गांड का छेद बंद करते हुए सविता ने सारा वीर्य अन्दर ही रोके रखा.फिर फ़रज़ाना के मुँह पर गांड दबाते हुए चिल्लाई- ले हिजड़े की बीवी … साफ कर अपनी अम्मी की गांड और पी जा अपने अब्बू की गाढ़ी मलाई आह भोसड़ी की रांड आह.

हुकुम मिलते ही फ़रज़ाना ने मुँह खोल प्रिया. वीर्य गांड से टपक-टपककर उसके मुँह में जमा होने लगा.जैसे ही गांड खाली हुई, सविता ने झट से होंठ फ़रज़ाना के होंठों पर चिपका दिए.

मेरा वीर्य एक-दूसरे के मुँह में थूकती हुई दोनों चाव से चाटने-चूसने लगीं.उनकी वासना देखकर दोनों किसी बाजारू धंधेवाली रंडियों से कम नहीं लग रही थीं.

मैंने भी अपना वीर्य से सना लौड़ा सामने लाकर कहा- इसे क्या तुम्हारी अम्मा आकर साफ करेगी रंडियो?

बस बोलते की देर थी, दोनों ने लपक कर लौड़े पर जीभ फेरनी शुरू कर दी.एक-एक करके दोनों मेरे लौड़े पर लगी सारी मलाई चट कर गईं.

घमासान वासना के इस युद्ध में सारे महारथी वीरगति को प्राप्त हो चुके थे.गन्दी चुदायी से हमारे शरीर पर पड़े लाल-नीले निशान उसकी गवाही दे रहे थे.

रात काफी हो चुकी थी.मैं वहीं बिस्तर पर लेट गया.

मुझे देखते ही सविता और फ़रज़ाना भी मेरी दोनों बांहों में समा गईं.

थकान और संभोग-सुख से प्रफुल्लित हमारे तन कब नींद की आगोश में चले गए … हमें खुद पता न चला.

दोस्तो, मेरी यह रसभरी गन्दी चुदायी स्टोरी आपको कैसी लगी … प्लीज जरूर बताएं.आपका मानस पाटिलsupport@mohakkisse.com

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

प्यासी मुँहबोली बेटी संग पति पत्नी का सेक्स

कुल भाग: 3
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Hello all my readers, it’s Sunil here. Kahani ke pichle part me aapne padha tha, ki Mai apne ek Dost ke saath Gujarat ke trip par gaya tha. Raaste me hamari ek ladke se dosti ho gayi thi.

14 मिनट 384

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
d

dcecajmer

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

यास्मीन खुराना

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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