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गान्डू भाई ने बहन की चूत चुदवा दी -2

आरुष गांडू

15 Oct 2010 को प्रकाशित

गान्डू भाई ने बहन की चूत चुदवा दी -2
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अब तक आपने पढ़ा..भैया सीधे मेरे कमरे में आए.. मैंने जल्दी से अपनी निक्कर उतारी और झट से उनका लंड अपनी गाण्ड में ले लिया। दस मिनट चुदने के बाद भैया से मैंने कहा- आप चलो.. मैं आता हूँ।भैया जैसे ही गेट से बाहर निकले.. वैसे ही भैया की नज़र मेरी बहन पर पड़ी। वो पेट के बल सो रही थी। भैया 2 मिनट रुक कर देखने लगे और फिर भैया चले गए।अब आगे..

फिर मैं भी नीचे चला गया और हम थोड़ी देर घूमें. फिर अपने-अपने घर चले गए।अगले दिन भी भैया ने कॉल किया और कहा- मन कर रहा है.. आ जाऊँ क्या?मैं भी खुश हो गया और मैंने देखा कि मेरी बहन सोई हुई है.. तो मैंने बोल प्रिया- आ जाओ 10 मिनट के लिए..

भैया अगले 2 मिनट में ही आ गए।मैंने दरवाजा खुला छोड़ा हुआ था और अपने कमरे में अपने कपड़े उतार रहा था। मैंने खिड़की से देखा कि भैया घर में घुस आए और मेरे कमरे की तरफ़ आ रहे थे।

तभी शायद भैया की नज़र मेरी बहन पर पड़ी और वो वहीं रुक कर देखने लगे तो मैं भी कामोत्तेजना मसहूस करने लगा।

मैंने देखा कि भैया बहन के कमरे की तरफ़ जा रहे हैं।मैं खिड़की से देखने लगा और भैया अन्दर जाकर मेरी बहन को देखने लगे। कुछ देर देखने के बाद भैया वापस मेरे कमरे में आए और मैंने देखा कि भैया का लंड पूरा खड़ा था।

भैया ने आते ही मुझसे कहा- यार आज लण्ड चूस दे.. चुसवाने का मन है।मैं लंड चूसने के लिए बैठ गया और भैया मेरे मुँह को चोदने लगे, फिर भैया ने मेरे मुँह में ही पानी झाड़ प्रिया।

फिर वे वैसे ही लण्ड हिलाते हुए बिस्तर पर लेट गए।मैंने कहा- हो गया भैया.. अब जाओ।भैया ने कहा- कुछ खिलाएगा नहीं..

मैं रसोई में गया.. तब तक बहन भी उठ चुकी थी.. वो रसोई की तरफ ही आ रही थी.. और उसकी नज़र भैया के ऊपर पड़ी।

नंगे पड़े भैया ने को उसने स्माइल दी और रसोई में आ गई, उसने मुझसे कहा- ला मैं चाय बना देती हूँ।मैंने कहा- ओके..

बहन चाय बनाने लगी और मैं भैया के पास चला गया।कोई 5 मिनट में ही मेरी बहन चाय बना कर ले आई।फिर हमने चाय खत्म की.. और भैया चले गए।

अब तो यह रोज का ही काम हो गया था।

एक दिन भैया मेरी गाण्ड मारकर वापस जा रहे थे.. तभी बहन जाग गई और कहने लगी- चाय तो पी लो..

तो भैया रुक गए और बहन चाय बनाने किचन में आई। कुछ देर बाद वो मुझे आवाज़ देने लगी- मैंने भैया से गाण्ड मराई थी.. उनका पूरा रस मेरी गाण्ड में झड़ गया था.. इसलिए मैं जा नहीं सकता था।मैंने जोर से कहा- मैं टॉयलेट जा रहा हूँ।

पर उसी समय भैया एकदम से वहाँ चले गए.. तो बहन कहने लगी- भैया वो चाय पत्ती का पैकेट ऊपर रखा है.. मेरे हाथ नहीं आ रहा है.. आप उतार दोगे?

तो भैया ने कहा आ जाएगा हाथ.. तुम ट्राई करो..

बहन ट्राइ करने गई.. पर वहाँ तक हाथ नहीं पहुँचा.. तो भैया ने पीछे से अपना हाथ मेरी बहन की गाण्ड पर रख प्रिया और थोड़ा ऊपर उठा प्रिया।

इतनी देर में मैं भी तब तक अपनी गाण्ड साफ़ करके चुपके से देखने लगा कि क्या हो रहा है। मैंने देखा तो पाया कि भैया का हाथ बहन की गाण्ड पर था जबकि चाय का पैकेट उतर चुका था.. लेकिन भैया ने अब तक अपना हाथ बहन की गाण्ड से नहीं हटाया था।

फिर बहन ने पीछे देखा और भैया को एक स्माइल दी और कहने लगी- भैया अब इसे वापस रखना है..

इस बार भैया ने अपना हाथ बहन की दोनों टाँगों के बीच में डाला और उसे ऊपर उठाने लगा.. मेरी बहन हँसने लगी और फिर वापस नीचे आते टाइम भैया ने पूरा हाथ उसकी चूत पर रगड़ प्रिया और मेरी बहन कसमसा कर मुस्कुरा दी।

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भैया अब मेरे कमरे में आ गए और बहन चाय लेकर आ गई, हमने साथ में चाय पी।फिर भैया जाने लगे.. मैंने देखा भैया ने जाते-जाते मेरी बहन की गाण्ड पर हाथ फिरा प्रिया और मेरी बहन ने कातिल स्माइल दी।

भैया चले गए.. अगले दिन भैया का कॉल नहीं आया.. वो बिना कॉल किए ही अन्दर आ गए और देखा कि मेरी बहन सो रही है। आज मेरी बहन ने स्कर्ट पहनी हुई थी।भैया ने 2 मिनट देखा और मेरे कमरे में आ गए।

मैं उन्हें चौंक कर देखने लगा कि आज बिना फोन किए ही भैया आ गए थे।कमरे में आते ही भैया ने अपना लंड निकाला.. मैं खड़ा लंड देखकर खुश हो गया।

भैया ने आज मुझे 15 मिनट तक चोदा और अपना सारा पानी मेरे मुँह पर छोड़ प्रिया। तब तक बहन का उठने का टाइम हो गया था। मैंने जल्दी से भैया का लंड साफ़ किया और निक्कर में डाल प्रिया।भैया आज केवल निक्कर में ही थे अन्दर कच्छा भी नहीं पहना था। उनका लंड निक्कर से साफ उठा हुआ दिखाई दे रहा था।

अब तक मेरी भी बहन उठ गई थी.. मैं जल्दी से बाथरूम में भाग गया। मेरी बहन ने भैया को देखा और एक स्माइल दी और चाय बनाने रसोई में चली गई।

इस बार भैया भी रसोई मे पीछे-पीछे चले गए और जाकर बहन के साथ चिपक कर खड़े हो गए।बहन ने कहा- टी पैकेट उतारना है..तो भैया ने सीधे हाथ बहन की दोनों टाँगों के बीच में दे प्रिया।

आज बहन ने स्कर्ट पहनी थी.. उस वजह से पूरी स्कर्ट ऊपर उठ गई। भैया ने बहन को ऊपर उठाया और जैसे ही चाय पैकेट के पास हाथ पहुंचने वाला था.. तभी उसे नीचे कर प्रिया और साथ-साथ बहन की पैन्टी को भी उंगली से एक साइड में कर प्रिया। भैया को नीचे से उसकी चूत का छेद दिखने लगा। तब भैया ने कहा- चल दुबारा ट्राई करते हैं।

इस बार भैया ने अपने लंड भी निक्कर से बाहर निकाल लिया.. और जैसे ही बहन ऊपर हुई.. लंड को चूत पर लगा प्रिया।

फिर मेरी बहन को टी पैकेट उतारने के लिए ऊपर उठाया और अपना लंड सीधा कर लिया.. और जब मेरी बहन ने टी पैकेट उठा लिया.. तो भैया ने बहन को नीचे को उतारा.. और उनके उतारने का तरीका कुछ ऐसा था.. कि भैया के लंड का टोपा सीधा बहन की चूत में घुस गया..मेरी बहन के मुँह से हल्की सी ‘आईईई… ईईई..’ की आवाज़ निकल गई।

फिर भैया ऐसे ही खड़े रहे और उनके लंड का टोपा बहन की चूत में ही घुसा रहा।भैया बहन से चिपक कर खड़े रहे लौड़ा चूत में घुसा रहा।पैकेट यूज करने के बाद बहन ने भैया से कहा- ऊपर रखना है।तो भैया ने बहन के पीछे खड़े-खड़े बहन को पेट से पकड़ा और लंड तो चूत में घुसा ही था।

भैया ने उसको थोड़ा ऊपर उठाया और खुद भी पंजों के बल खड़े हो गए। जिससे कि लंड बाहर ना निकले और बहन जैसे ही पैकेट रखने वाली हुई.. भैया ने वापस बहन को नीचे खींच लिया और अबकी बार उनका आधा लंड मेरी बहन की चूत में सरसराता चला गया। लंड के चूत में जाने के बाद भी दोनों ऐसे कर रहे थे जैसे कुछ हो ही नहीं रहा हो।

फिर भैया ने कहा- एक बार दुबारा ट्राई करते हैं।

भैया ने इस बार भी वैसे ही किया.. जिस कारण पूरा लंड चूत में घुसता चला गया और बहन के मुँह से ‘उफ्फ.. आआहह..’ की आवाज़ निकल गई।तब तक मैं भी किचन में आ गया था।

आकर मैंने देखा कि भैया बहन की गाण्ड से पूरा चिपक कर खड़े थे। मेरे आने के बाद भी भैया नहीं हटे और मैं वहाँ जाकर खड़ा हो गया। मेरी बहन ऐसे बिहेव कर रही थी.. जैसे कुछ हो ही नहीं रहा हो।भैया ने मुझसे कहा- यार मेरी कार से चाभी निकाल कर ले आ.. मैं भूल गया हूँ।

मैं समझ गया था कि भैया मुझे भेजना चाहते हैं। मैं भी चुपचाप वहाँ से बाहर आ गया और चुपके से देखने लगा।मेरे जाते ही भैया ने उसकी चूत में धक्के देने शुरू कर दिए और बहन को गोद में उठाकर कमरे में ले आए। फिर उसको पूरी नंगी किया और उसकी चुदाई शुरू हो गई।उसके बाद मैं आ गया और मैं बिना कुछ बोले चुदाई देखने लगा।

अब मैं और मेरी बहन दोनों ही भैया के लौड़े से खेलते हैं..

आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे ईमेल ज़रूर करना.. मैं आगे बताऊँगा कि इसके बाद मेरी बहन और मैं.. कैसे और किस-किस से चुदे।support@mohakkisse.com

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गान्डू भाई ने बहन की चूत चुदवा दी

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

टॉम सिंह

1 month ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

प्राण पाण्डेय

2 months ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

पारितोष

2 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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