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चुदाई की कहानी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,220 बार

मेरी और पूजा की पहली चुदाई

itsme_vijay98

27 Dec 2016 को प्रकाशित

मेरी और पूजा की पहली चुदाई
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प्रेषक : अजय

यह बात एक साल पुरानी, मेरी शादी की बात है, मेरी शादी पूजा से हुई और मैं पूजा को ब्याह कर अपने घर लाया।

शाम को रिवाजों के अनुसार वापिस पूजा के घर जाने की तैयारी में लग गया।

मैं बता दूँ कि मेरी शादी हमारे माता-पिता द्वारा तय की गई थी। मैंने पूजा को कभी भी नहीं देखा था, सिर्फ़ फोन पर ही हमारी बातें हुई थीं।

मैंने पूजा को अपने घर में आज ही पहली बार देखा था, जब वो नहाकर आ रही थी।

लेकिन घर पर सभी के होने के कारण उसे ना तो हाथ लगा पाया और ना ही कोई बात कर पाया।

लेकिन उसके बारे में क्या बोलूँ, वो कमाल लग रही थी। उसने लाल रंग का लिबास पहन रखा था। उसका रंग गोरा और उसका जिस्म जैसे अप्सरा हो !

मैं उसे चोरी-छुपे देख रहा था, वो भी मुझे चोरी-छुपे देख रही थी, उसकी आँखों में एक अजीब सी कशिश थी, जो वो जानती थी या मैं जानता था। वो भी मुझसे मिलने के लिए तरस रही थी।आपको बता दूँ कि उसका रंग गोरा, कद 4’9″ थी और उसका बदन मक्खन जैसा दिख रहा था। उसकी चूचियाँ तो जैसे दो बिल्कुल गोल संतरे चिपके हों। हम दोनों के मिलने का इन्तजार बहुत लम्बा लग रहा था।

आखिर में वो समय आ ही गया, जब हम दोनों को उसकी माँ के घर जाना था।

मैंने अपनी कार निकाली और जाने को तैयार था कि तभी पूजा ने मुझे भीतर बुलाया और कहा- क्या आप मुझे बाईक पर ले जा सकते हो?

मैं तैयार हो गया और बाईक निकाली और वो डरते हुए मेरे पीछे बैठ गई और हम उसके घर आ गये।

यहाँ पर सभी हमारा इन्तजार कर रहे थे, पूजा भी अपनी सहेलियों से मिलने लगी।

रात हुई और मैं पूजा के साथ कमरे में सोने चला गया। मैंने देखा कि पूजा वहाँ नहीं है, लेकिन मुझे नींद आ गई, मैं सो गया।

कुछ देर बाद पूजा कमरे में आई होगी, मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि वो मुझे एकटक निहार रही थी, वो अभी भी उसी लाल रंग की पोशाक में थी, वो मुझे एकटक देखे जा रही थी।रात के 1:30 बजे चुके थे। मैं भी उसे एकटक देख रहा था।

फ़िर हमने यहाँ-वहाँ की बातें कीं, मैंने उसका हाथ पकड़ा तो जाने अजीब सा सन्नाटा हो गया। वो भी मेरा साथ दे रही थी।

मैंने हिम्मत की और उसके होंठों को चूमने लगा।

वो गर्म हो गई और बोली- मैं आपके स्पर्श के लिए सुबह से बेकरार थी। आई लव यू।

तकरीबन 5 मिनट तक उसके होंठों को चूमने के बाद मैंने हिम्मत करके उसकी चूचियों को चूमने लगा।

वो अब मदहोश हो गई और कमरे में उसकी सिसकारी गूंजने लगी, वो पागल हो रही थी और मैं भी उसे पागल किये जा रहा था।

मौका देख कर मैंने उसका लिबास उतार प्रिया। अब मैंने देखा कि उसकी चूचियाँ मेरे हाथों में आने के लिये बेकरार थीं।

मैं उन्हें अपने हाथों से सहलाने लगा तो वो पागल ही हो गई। उसकी सिसकारियों से कमरा गूँज उठा।

अब उसने भी मेरा शर्ट उतारा और मुझे चूमने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं उसकी चूचियों को सहलाए जा रहा था।

मैंने उसके पजामे में हाथ डाला, तो मुझे कुछ गीला-गीला महसूस हुआ। मैं वो पता करने के लिए उसके पजामे का नाड़ा खोला।

वो बोली- मेरे जानू, ये सब अब आप ही का तो है।यह कह कर वो मुझ से दूर सी हो गई।

मैंने उसे पकड़ा तो वो बोली- मुझे डर लग रहा है।

मैंने उसे कुछ भी ना कहते हुए उसका नाड़ा खींच लिया। अब उसका पजामा ढीला हो गया था। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा प्रिया और उसके पजामे को खोलने लगा।

वो शर्म के मारे कुछ भी नहीं बोल रही थी, वो मेरे सामने सिर्फ काली ब्रा और गुलाबी पैन्टी में थी।

मैंने उसे उठाया और बाँहों में भर लिया और उसके कानों में कहा- क्यों मैडम, अपनी इज्जत नहीं बचाओगी?

वो शरमा गई और मुझे चूमने लगी। मैं अब उसके साथ बिस्तर पर लेट गया, वो मेरी पैंट उतारने लगी।

कुछ देर में हम दोनों नंगे हो गये अब मैं अपने लण्ड को उसकी चूत पर रख कर रगड़ रहा था।

उसकी चूत पानी-पानी हो गई थी। मैंने कोशिश की और लन्ड उसकी चूत मे धकेल प्रिया।

वो चिल्लाई और फ़िर उसकी चूत में से खून निकलने लगा, थोड़ी देर के लिए तो हम दोनों डर गये और रुक गये।

लेकिन पूजा की चूत तो मेरे लन्ड के लिए प्यासी मरी जा रही थी।

वो बोली- जानू, एक बार और कोशिश करें?

मैंने हिम्मत की और उसकी चूत में लन्ड घुसा प्रिया, पर इस बार तो बात ही कुछ और थी।

पूजा को दर्द तो हो रहा था पर तब भी मजा आ रहा था।

हमने पूरा मजा लिया।

इसके आगे की बात तो आप सब जानते ही हैं कि चुदाई कैसे होती है।

दोस्तो, आपको यह मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी, बताएँ !

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

प्रथमेश

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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