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चुदाई की कहानी पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 393 बार

परोपकारी बीवी-2

जवाहर जैन

23 Apr 2016 को प्रकाशित

परोपकारी बीवी-2
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मैं समझ नहीं पा रहा था कि अलका को चोदने का मौका दिलाने पर स्पूजा का आभार कैसे व्यक्त करूं। मैंने बिस्तर पर लेटे हुए ही कहा- स्पूजा मुझे तुम से एक बात पूछने की इजाजत चाहिए।

स्पूजा बोली- हाँ, पूछिए ना।मैं बोला- जैसे अलका को मैसी साहब से सैक्स में संतुष्टि नहीं मिलती तो उसने तुमसे कहकर मुझसे सैक्स करने की इच्छा जताई, पर क्या सैक्स में मैं तुम्हे संतुष्ट कर पाता हूँ? या तुम्हें भी किसी और से सैक्स करने की इच्छा होती है? यदि ऐसा है तो मुझे बताओ, तुम्हारा जिससे मन होगा, मैं उससे तुम्हें मिलवाने का प्रयास करूँगा।

बिस्तर पर मेरे ही बाजू से नंगी लेटी स्पूजा अब मेरे ऊपर आ गई और कमर तक फैले अपने खुले बालों को मेरे चेहरे से लेकर सीने तक ढकते हुए मेरे होठों को अपने होंठों की गिरफ्त में लेकर बोली- आज आपको अचानक यह पूछने की जरूरत क्यूं पड़ी?

मैंने कहा- स्पूजा, तुम बहुत सुंदर हो और तुम्हारा डीलडौल व बाडी शेप किसी बुढ्ढे का लौड़ा भी खड़ा कर देने का दम रखता है। शादी से पहले गांव के लड़के क्या अधेड़ भी तुम्हारी एक झलक देखने को बेताब रहते थे। यहाँ मेरे कई दोस्त भी काम का बहाना करके घर में आ जाते हैं, तो इतने सारे लोगों में कोई तो होगा जिससे तुम्हें सैक्स करने की इच्छा होगी। मुझे बताओ ताकि मैं उसे तुमसे मिलाने की व्यवस्था कर सकूँ।

स्पूजा बोली- जस्सूजी, आपको एसा कब लगा है कि मैं किसी और से सैक्स करने में रुचि ले रही हूँ या सैक्स में कभी आपने मुझे बीच में छोड़ा हो जिससे मैं आपसे और चोदने कह रही हूँ?

मैं बोला- अभी तक तो ऐसा नहीं हुआ है पर यदि तुम्हारे मन में कोई इच्छा है तो बताओ ना।

स्पूजा के ऐसे प्यार से मेरे लौड़ा फिर उछलने लगा तो हम लोगों ने फिर चुदाई की।

सोते समय स्पूजा बोली- कल अलका से बात करने बाद उसे कब चोदना है, यह आपको बताऊँगी।

दूसरे दिन हमारी पहली शिफ्ट थी तो मैं व मैसी साहब सुबह ड्यूटी पर निकल गए। पूरे दिन मेरे मन में अलका का ही चेहरा घूमता रहा। दोपहर को जब हम लौटकर घर आए तो स्पूजा रोज की तरह गेट पर ही मेरे इंतजार में खड़ी थी, आज उसके साथ अलका भी थी। दोनों बात कर रही थी।मैंने अलका को विश किया, मैसीजी अलका से बोले- क्या बात है, आज बाहर खडी हो?

अलका भी स्पूजा की तरह गाड़ी से उनके टिफिन का बैग उतारते हुए बोली- आप भी तो बाहर से ही आ रहे हैं ना, आपके ही इंतजार में खड़ी थी।

मैसीजी बोले- मेरा इंतजार कर रही थी? अब क्या हुआ?अलका स्पूजा को बोली- देखा आपने… यदि मैं इनका इंतजार करूं तो उसमें भी सवाल होगा।

मैं अपनी गाड़ी अंदर खड़ी कर चुका था और हम दोनों हाथ पकड़े घर के अंदर आ गए। स्पूजा भीतर पहुँचते ही बोली- देखा आपने, कैसे बोलते हैं बिचारी से।

मैंने कहा- वह आज तुम्हें देखकर अपने पति के लिए गेट पर रूकी हैं, ऐसे में यदि मैसीजी उनसे यह पूछ रहे हैं तो कोई गलत थोड़े ही कर रहे हैं।

अब स्पूजा मुझे बोली- आप सब मर्द लोग न औरतों से बस अपना ही काम करवाओगे।मैं बोला- ओ मैम, छोड़िए ये सब, क्या बात हुई वो बताइए?स्पूजा बोली- मैंने जैसे ही अलका को आपके रजामंद होने के बारे में बताया अलका तो ने मुझे गले से लगा लिया, कहने लगी कि मैं सोचती नहीं थी कि मेरी इतनी बड़ी समस्या तू इतनी जल्दी हल कर देगी।

मैं बोला- सही बोली, यदि तुम नहीं बोलती तो मैं अलकाजी को घास भी नहीं डालता।

स्पूजा बोली- छोड़िए ना वो सब। अब आपको इस ऑफ के बाद प्लांट में कोई काम बताकर अपनी शिफ्ट चेंज करवानी है। अगले हफ्ते मैसीजी की नाइट शिफ्ट होगी। तब आप अलकाजी को रात भर में खुश कर देना, फिर फर्स्ट या सेकेंड शिफ्ट ड्यूटी कर लेना।मैंने कहा- तुमने तो पूरा योजना बना रखी है।स्पूजा बोली- यह मेरी नहीं, अलका की योजना है।

इस तरह छुट्टी के बाद अगले वर्किंग डे से हमारी नाईट शिफ्ट लगी, मैंने काम का बहाना बताकर अपनी शिफ्ट चेंज करा ली। इधर स्पूजा और अलका में भी बात होती रही।

आज मैं सेकेंड शिफ्ट करके लौटा। स्पूजा ने मुझे गेट से लिया और बोली- आज आपको अलका के घर में ही सोना है, पर लंबी नींद मत मारना। देर रात या सुबह 4 बजे तक अपने घर आ जाना, क्यूंकि फिर मैसीजी आ जाएंगे।

मैं बोला- उनके यहाँ क्यों? अलका हमारे घर में क्यूँ नहीं आ सकती, और मैं अलका को जब चोदूंगा तब तुम मेरे पास क्यों नहीं रहोगी। स्पूजा बोली- नहीं, आपको अलका को चोदते हुए मैं नहीं देख सकूंगी, फिर मैं मोना को अपने पास ही सुलाकर रखूंगी ना, ताकि वह अपनी मम्मी को आपसे चुदते हुए ना देख सके।मैं बोला- अच्छा मोना को अलका ने यहाँ भेज प्रिया है।स्पूजा बोली- हाँ, मैसी साहब के सामने ही मैं उसे ले आई थी, और खेलते हुए यहीं सो गई।

अब मैं अपने घर आया, व बाथरूम गया, नहा धोकर फ्रेश हुआ। तब तक स्पूजा ने खाना परोस प्रिया। हम दोनों ने खाना खाया।

फिर मैंने स्पूजा से कहा- जाओ, पूछ लो अलकाजी से !स्पूजा ने मुझे किस किया और बोली- आज रात को अलका को चोदना, पर फिर मुझे मत भूल जाना।मैं बोला- फिर वही बात शुरू कर दी तुमने? जाओ मैं नहीं जाता।अब स्पूजा बोली- मत जाइए, मैं सुबह उन्हें कोई झूठा बहाना बना कर सुना दूंगी।

अब मैं घबराया कि कहीं ये मुझे अलका को नहीं चोदने देगी, तो मेरा लंड उदास हो जाएगा, मैं तुरंत बोला- अरे यार तुम ही पहले मुझे उन्हें चोदने के लिए कहती हो, अब तुम ही बदल रही हो, ऐसे में क्या सोचेगी अलका?

स्पूजा बोली- उन्हें जो सोचना है, सोचें, आप मेरे आदमी हैं, आपको मुझे छोड़कर उनके पास नहीं जाएँगे बस।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com2972

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परोपकारी बीवी

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अमित शर्मा पुणे

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

अजय पटेल

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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