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भाभी की चुदाई पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 988 बार

प्यासी दुल्हन -4

उषा मस्तानी

21 Sep 2025 को प्रकाशित

प्यासी दुल्हन -4
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हमने एक दूसरे को बाँहों में भरकर 10-12 प्यार भरी पप्पियाँ गालों पर लीं और मैं उससे बोली- अब तुम ऑफिस जाओ, शाम को अपने लंड को सही जगह घुसाना। मैं और मेरी रानी तुम्हारा इंतज़ार करेंगी।रोहित ऑफिस चला गया और मैं बाथरूम मैं घुस गई।

पूरे दिन मेरी चूत की आग भड़कती रही। शाम को सजधज कर लाल साड़ी ब्लाउज पहन कर मैं नीचे भाभी के पास आ गई, हम लोग बातें करने लगे। शाम को 7 बजे रोहित आया। हमें 9 बजे मुझे मूवी देखने जाना था। मैंने भाभी को बताया तो भाभी हँसते हुए बोलीं- रोहित तुम्हें चुदाई हाल में प्यासी दुल्हन दिखाने ले जाएगा।

मैं भी खुल गई थी, बोली- बड़ा मज़ा आएगा, आज प्यास भी बहुत लग रही है। पूरी प्यास बुझा कर आऊँगी।

हम सबने खाना खाया। मैं और रोहित 8 बजे मूवी देखने निकल गए। हाल एक सुनसान इलाके में था। बालकनी में 8-10 जोड़े ही थे। हम जहाँ बैठे थे, वहाँ से सिर्फ एक जोड़ा ही दिख रहा था जो हमारे पास 4 सीट छोड़कर बैठा था।

रोहित बोला- यहाँ बालकनी में सिर्फ जोड़े ही आते हैं, रात में मूवी कम और मस्ती ज्यादा करते हैं। 500 रुपए एक जोड़े का टिकट है।

रोहित की बात सुनकर मूवी शुरू होने से पहले मैं बाथरूम गई और अपनी ब्रा और पेंटी उतार कर पर्स में रख ली। मूवी का नाम ‘प्यासी दुल्हन था’ ही था। मूवी शुरू होने के 5 मिनट बाद ही एक नामर्द की बीबी की चुदाई पड़ोस के लड़के के साथ दिखाई जाने लगी, नंगे सीन देखते ही रोहित और मैं शुरू हो गए।

पहले हमने एक दूसरे के होंठ चूमे, उसके बाद रोहित ने मेरी चूचियाँ ब्लाउज खोलकर दबानी शुरू कर दीं। हमारे पास वाला जोड़ा भी आपस में गुथा हुआ था। हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कराए भी थे। इसके बाद मेरे पड़ोस वाली लड़की ने अपने यार का लंड निकाल कर चूसना शुरू कर प्रिया। मूवी में ब्लू फिल्म जोड़ दी गई थी एक लड़की पर तीन हब्शी चढ़े हुए थे। रोहित ने अपना लौड़ा खोलकर मेरे हाथों में दे प्रिया, मैं उसे सहलाने लगी। पास वाला जोड़ा 5 मिनट बाद उठकर बाहर चला गया।खुला नंगा चुदाई का खेल परदे पर चल रहा था। रोहित ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोल रखा था और मेरी चूत सहला रहा था। चूत बुरी तरह पानी पानी हो रही थी, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने रोहित की सीट के नीचे बैठकर रोहित का लोड़ा मुँह में डाल कर चूसना शुरू कर प्रिया।

तभी दूसरा जोड़ा अंदर आ गया तो मैं हट गई।

इंटरवल में पूरा हाल रोशनी से नहा गया। रोहित और पास वाला आदमी बाहर चले गए, लड़की मेरे पास आई और बोली- हट क्यों गईं? चूसती रहतीं, यहाँ तो सब खुला होता है, लगता है पहली बार आई हो, शर्म आ रही है। महिला बाथरूम के पास जो आंटी बैठी है, उन्हें 200 रुपए कमरे के दे दो, ऊपर कमरे बने हैं आराम से चुदवा लेना। मैं भी ऊपर से लगवा कर आ रही हूँ। कितने रुपए लेती है तू एक रात के?

मैं बोली- मैं तो इनकी की पत्नी हूँ।

उस लड़की का नीलम था, नीलम हँसती हुई बोली- शर्माती क्यों है? यहाँ सभी रंडियाँ हैं, बीवियाँ तो घर में चुदती हैं, मैं तो 1000 रु हॉल में आने के लेती हूँ और रात को घर और होटल जाने के 2000 रुपए लेती हूँ।

मैंने उससे झूठ बोल प्रिया- 1500 रु एक रात के लिए हैं।

नीलम ने एक कार्ड प्रिया, उस पर उसका नंबर लिखा था, बोली- कभी ग्राहक न मिले तो मुझे फ़ोन कर देना 3000 रु दिलवा दूँगी पूरी रात के।

मैंने रोहित को जब कमरे के बारे में बताया तो रोहित बोला- मुझे बात पता है, रजनी भाभी के कहने पर ही तुम्हें इस हाल में एक नया मज़ा देने के लिए लाया हूँ।

मैं बोली- सच रोहित, बड़ा मज़ा आ रहा है, चलो ऊपर चलते हैं, चुदने का बड़ा मन कर रहा है।

इंटरवेल के 5 मिनट बाद हमारे पास वाला जोड़ा बाहर चला गया। उसके 5 मिनट बाद मैं और रोहित भी बाहर आ गए। हम लोग बाथरूम की तरफ गए तो आंटी मुस्करा रहीं थीं। आंटी मुस्कराते हुए रोहित से बोलीं- आज बहुत सुंदर माल पकड़ कर लाया है।

रोहित ने 200 रुपए आंटी को दे दिए वो हमें छत पर ले गईं। वहां तीन कमरे थे तीनों बाहर से बंद थे। अंदर से चुदने की आह ऊह ऊह की आवाजें आ रहीं थी, अंदर चुदाई चल रही थी।

तम्बाकू चबाते हुए आंटी बोली- तेरी सहेलियां बज़ रहीं हैं, थोड़ा रुकना पड़ेगा।

आंटी ने अंदर एक दरवाजे को खोला और बोली- कुत्ते, अब तू बाहर आ जा ! एक घंटे से लगा पड़ा है।

थोड़ी देर में एक लड़की अपने यार के साथ बाहर निकल कर आ गई। आंटी तम्बाकू चबाते हुए बोलीं- रंडी, अब तू जाकर चुदवा ले ! आधे घंटे बाद दरवाज़ा खोल दूंगी।

मैं और रोहित कमरे के अंदर आ गए, उसमें सिर्फ एक बल्ब था और एक तख्त पड़ी हुई थी। बगल वाले कमरे से चुदाई की आवाजें आ रही थीं। आंटी ने बाहर से सांकल लगा दी। मैं चुदने के लिए पागल हो रही थी, मैंने अपनी साड़ी उतार दी और ब्लाउज के बटन खोल दिए और पेटीकोट ऊपर चढ़ा कर तख्त पर लेट गई।

मैं बोली- रोहित, जल्दी से चोद दो, सिर्फ आधा घंटा है।

रोहित ने मेरा पेटीकोट ऊपर उठा प्रिया और मेरी चूत चूसने लगा।

मैं पूरी गर्म थी, बोली- रोहित, चोद दो ! जल्दी चोद दो ! बहुत मन कर रहा है।

रोहित के भी आग लगी हुई थी, उसने अपनी जींस और टीशर्ट उतार दी थी। आह ! उसका कितना सुंदर लोड़ा था जो मुझे पगलाए जा रहा था। मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं चिल्ला उठी- कुत्ते डाल दे न।

रोहित भी अब पूरा कुत्ता बन गया था, वो भूल गया था कि मैं उसकी भाभी हूँ, अब मैं सिर्फ एक औरत थी उसने मेरी ब्लाउज उतारी और चूचियाँ निचोड़ते हुए बोला- कुतिया, तूने दो दिन से पागल कर रखा है, आज तेरी चूत की भोंसड़ी बना कर ही छोडूँगा। आज लाया ही तुझे चुदाई हाल मैं इसलिए था कि तेरी चूत बजा सकूँ। रोहित से जो भी एक बार चुद ली है बार बार चुदने आती है।

रोहित ने मेरा पेटीकोट ऊपर तक उठाकर दोनों टांगें फ़ैला दीं और लंड का अग्र-भाग मेरी चूत की फलकों पर रगड़ा तो मेरी ऊह आह आहा आहा आह। मज़ा आ गया, घुसा जल्दी घुसा की आवाजें छोटे से कमरे में गूंजने लगीं।

अब मैं रोहित की कुतिया बनी हुई थी, मैं मस्ती में नहा रही थी, अगला पल जन्नत की सैर का था, लंड मेरी चूत में झटके से घुस चुका था, रोहित को मैंने भींच कर अपने से चिपका लिया, रोहित ने मेरे होंटों को चूसते हुए मेरी चूत में धीरे धीरे अपना लंड दौड़ाना शुरू कर प्रिया। आह, बड़ा मज़ा आ रहा था, आज बहुत दिनों बाद चुद रही थी, कुँवारी औरत तो जिन्दगी भर रह सकती है लेकिन लंड खाई बिना लंड के नहीं रह पाती है और मैं आज दुनिया का सबसे बड़ा सुख लंड सुख रोहित से ले रही थी।

रोहित ने अब खड़े होकर मेरी टांगें ऊपर उठा दीं थीं, अब वो मुझे टांगें पकड़कर जोरदार शोटों से चोद रहा था, उसका लंड मेरे पति से दुगना मोटा था, मज़ा और दर्द दोनों को मैं महसूस कर रही थी। रोहित मेरी संतरियों को भी बीच बीच में कुचल देता था। मैं झड़ चुकी थी, मेरी चूत के पानी से उसका लंड नहा गया था लेकिन पूरा मोटा चूत में घुसा हुआ था। उसने लंड निकाल लिया और मुझे अपनी गोद में बैठा कर होटों से होंट मिला दिए और बोला- अभी तो इंटरवल है, एक राउंड और होगा।

मैं चुद चुकी थी, मेरी चूत शांत हो चुकी थी, मैंने रोहित को मना किया लेकिन रोहित अब एक मर्द था उसको मेरा और मर्दन करना था। उसने मेरा पेटीकोट खींच कर उतार प्रिया। अब मैं पूरी नंगी थी, आज मेरी चूत में दूसरा लंड घुस चुका था।

मेरी चूचियाँ मसलते हुए बोला- ज्यादा शरीफ बनने की कोशिश न करो, लंड अब पूरे हफ्ते तुम्हारी चूत में घुसेगा, हर रात नया मज़ा दूँगा। चलो उठो, घोड़ी बनो, पीछे से घुसाने का मज़ा लो। घर पर पता नहीं दुबारा भाभी के पास सो जाओ।

रोहित ने मुझे अपना बल दिखाते हुए घोड़ी बना प्रिया। तख्त पर मेरे दोनों हाथ रखे थे, मैं घोड़ी बनी हुई थी। नीचे मेरी टांगें चौड़ी करके रोहित लौड़ा लगाने की कोशिश करने लगा लौड़ा घुस नहीं पा रहा था। रोहित बोला- भाभी जान, अपना एक पैर चौड़ा करके तख्त पर रख लो।

उसने मेरा एक पैर चौड़ा करवा के तख्त पर रखवा प्रिया और मेरा सर तख्त पर झुका प्रिया। मेरी चूत में उंगली करते हुए बोला- वाह भाभी, क्या मस्त चूत चमक रही है।

उसने मेरी चूत के दाने को मसलते हुए पूछा- भाभी यहाँ सब लोग रंडियां लेकर आते हैं, आप गुस्सा तो नहीं हो इस गंदे हाल में आकर?

मुझे इस समय बहुत आनन्द आ रहा था, बोली- गुस्सा क्यों होऊँगी? यहाँ मुझे कौन जानता है, सब लोग यही समझ रहे हैं कि मैं रंडी हूँ ! यह सोचकर गुदगुदी और हो रही है। अब तुम भी जल्दी से अपनी भाभी रांड को चोद दो और हाल में कोई पूछे तो रंडी ही बताना। अब चोदो, देर न करो !

रोहित ने मेरी एक जांघ पर पीछे से हाथ रखकर टांग को फ़ैलाया और लोड़ा चूत में पेल प्रिया। एक चीख मेरी निकल गई, अगले ही पल मेरी चूत में लंड दनदनाते हुए घुस गया था। रोहित ने मेरी कमर पर दोनों हाथ टिकाए और दनादन कुत्ते की तरह पेलना शुरू कर प्रिया था। शुरू के 1 मिनट मैं मैं जोर से चिल्ला रही थी, बड़ा जबरदस्त मज़ा था, थोड़ी देर बाद उसने झुककर मेरी चूचियाँ पकड़ ली और उन्हें दबाते हुए धीरे धीरे आहें भरने लगा।

मैं भी अब आनंदित हो रही थी, धीरे धक्कों के कारण मेरा दर्द कम हो गया था। कुछ देर बाद रोहित ने फिर मुझे कमर से पकड़ कर जोर से ठोंकना शुरू कर प्रिया था। तभी दरवाज़ा खोल कर आंटी अंदर आ गईं थीं, रोहित से बोलीं- जल्दी इस रंडी को बजा, पिक्चर 10 मिनट में ख़त्म हो जाएगी।

रोहित का चोदना जारी था, मैं चिल्ला रही थी- रोहित छोड़ो न !

लेकिन रोहित मुझे चोदे जा रहा था, गली की कुतिया की तरह मैं चुद रही थी, आंटी बीड़ी पीते हुए मेरी चुदाई का आनन्द ले रहीं थीं, उनके साथ एक बुड्ढा आदमी भी मेरी चुदाई देख रहा था। अब मैं एक सड़क पर चुद रही कुतिया बनी हुई थी। रोहित ने मुझे 5 मिनट तक चोदा इसके बाद रोहित ने अपना लोड़ा बाहर निकल के सारा वीर्य मेरी गांड के मुँह पर छोड़ प्रिया। इसके बाद हम दोनों अलग हो गए।

आंटी मेरी और देखकर बोलीं- कुतिया, जल्दी से कपड़े पहन और निकल ले ! इधर शो ख़त्म हो चुका है।

मैं और रोहित अपने कपडे पहनने लगे।

कपड़े पहन कर हम लोग बाहर आ गए। रोहित की बाइक पर मैं रोहित से चिपक कर बैठ गई। रोहित मुझसे बोला- भाभी, मैं जब चोदता हूँ तो मुझे सिर्फ चूत और गांड दिखती है। आज चुदाई की मेरी गोल्डन जुबली है, आप 50वीं औरत हो जिसकी मैंने चूत चोदी है।

रोहित बोले जा रहा था, रोहित बोला- अब तक मैं 10 लोंडियों की गांड मार चुका हूँ और 4 की सील तोड़ चुका हूँ। मैंने नीचे वाली भाभी और उनकी बहन की चूत भी मार रखी है। थोड़ी देर बाद हम घर पर रोहित के कमरे में थे। आज मुझे रोहित के साथ सोना था।

मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और पलंग पर लेट गई, रोहित भी नंगा होकर मेरे पास सो गया। हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया, रोहित मुझे चूमते हुए बोला- भाभी इन सात दिनों में आपको चूत को एसा मज़ा दूँगा कि आप कभी भूल नहीं पाएँगी। रोज़ नई तरह का मज़ा।

रोहित बोला- सुबह आराम से उठना, भाभी को मैसेज कर प्रिया है कि सुबह 11 बजे से पहले न जगाए। अब सोते हैं, सुबह आपकी चूत में लंड भी तो डालना है।

रोहित और मैं एक दूसरे की बाँहों में सो गए।

सुबह 5 बजे रोहित ने मुझे अपनी बाँहों में खींच लिया, उसका लंड खड़ा हो रहा था, उसने लंड मेरी चूत में घुसा प्रिया, हम लोग चिपक कर एक दूसरे से लिपट कर अर्धनिंद्रा में पड़े हुए थे, मेरी चूत में रोहित का लोड़ा घुस कर मोटा हो रहा था, बड़ा अच्छा लग रहा था। आधा घंटा इसी तरह निकल गया। इसके बाद रोहित मेरे ऊपर चढ़ गया और अपने लोड़े के वारों से मुझे मस्त मस्त चोद प्रिया।

हम लोग दुबारा सो गए। 9 बजे मैं उठ कर बाथरूम में चली गई और नहा धोकर बाहर आई। आज अंदर से बड़ा अच्छा लग रहा था।

समय 11 से ऊपर हो गया था, रोहित अभी भी नंगा पड़ा हुआ था, उसका लोड़ा सुकड़ा सा ठंडा पड़ा था, मैंने उसका लोड़ा पकड़ कर हिलाया और बोली- लोड़े के खिलाडी साहब, अब उठ जाइए।

रोहित हँसते हुए उठा और मुझे बाँहों में भरकर मेरे होंठों पर एक गहरा चुम्बन लिया और बाथरूम चला गया। मेरी चूत इस समय पूरी शांत थी। मैं सजधज कर नीचे भाभी के पास आ गई।

‘आ गई?’ भाभी मुझे देखकर मुस्कराईं और बोली- कल, लग रहा है सुहागरात-2 मन गई?

मैं शरमाते हुए बोली- भाभी, रोहित तो बहुत बड़ा चोदू है, पूरी फाड़कर रख दी।

भाभी हँसते हुए बोली- मज़ा तो फड़वाने में ही है। अब आराम से रोज़ रात मरवा। बच्चे 3-4 दिन के लिए मामा के यहाँ जा रहे हैं। मैं भी तेरे साथ कुत्ते का डलवाऊँगी। साले का लंड ऐसा है कि एक बार डलवा लो तो बार बार डलवाने का मन करता है।

मैंने चाय बना ली और रोहित को चाय पीने के लिए आवाज़ दी। रोहित तैयार होकर नीचे आ गया। भाभी हँसते हुए बोलीं- रोहित, कल्पना बता रही है कि कल रात दर्द और मज़ा दोनों का इसने आनंद उठाया।

रोहित ने भाभी के चूतड़ों को दबाते हुए कहा- जलन हो रही है?

भाभी बोलीं- आज रात कल्पना से पहले मैं मज़ा लूँगी, बच्चों को लेने उनके मामा आ रहे हैं, अब मैं अकेली हूँ।

रोहित ने कहा- सच?और भाभी को अपनी बाँहों में भरकर मेरे सामने उनके होटों पर चूम लिया।

उसके बाद रोहित, भाभी और मैंने प्रोग्राम बनाया कि हम आज रात 9 बजे भाभी की कार से लखनऊ जायेंगे और रात को भाभी के खाली पड़े फ्लैट में रुकेंगे।

भाभी बोलीं- रास्ते में कार में चुदना बड़ा मज़ा आएगा। दिन में तू पेपर देना, शाम को हम दोनों मज़े करेंगे।

रोहित नाश्ता करके दफ़्तर चला गया, जाते समय मुझे 2-3 नग्न फ़िल्मों की सीडी दे गया और बोला- बोर हो तो देख लेना।

दो लंड खाने के बाद औरत की शर्म चली जाती है और उसके लंड खाने की भूख बढ़ जाती है, मेरे साथ भी कुछ ऐसा हो रहा था। मेरी चूत की आग तो शांत हो गई थी लेकिन लंड से खेलने की इच्छा बढ़ गई थी।

मैं ऊपर कमरे में आ गई और वीडियो लगा दी। अच्छी चुदाई वाली भारतीय फ़िल्म थी, 20-22 साल की 4-5 लड़कियों की चुदाई 50-55 साल के 4-5 अंकलों के साथ दिखाई जा रही थी।

मेरा मन भी अब लंडों से खेलने का कर रहा था, 5 बजे भाभी ने नीचे बुला लिया बच्चे मामा के साथ जा चुके थे।भाभी को जब मैंने बताया कि फ़िल्म देखकर तो मेरा मन और लंडों से खेलने को कर रहा है तो भाभी बोलीं- चिंता न कर ! हम दोनों की यह यात्रा चुदाई यात्रा होगी। दोनों मस्त होकर चुदवाएंगी, तू जितने लंडों से खेलना चाहेगी उतने से खिलवाऊँगी तुझे।

रोहित 8 बजे रात को आया। 9 बजे हम लोग भाभी की कार से लखनऊ के लिए चल दिए। मेरी चुदाई यात्रा शुरू हो गई थी।अपनी राय support@mohakkisse.com पर भेजिये।2477

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प्यासी दुल्हन

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