होम पर वापस जाएं
Hindi Sex Story पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 899 बार

सुहागरात की विधि -2

शगन कुमार

21 Aug 2010 को प्रकाशित

सुहागरात की विधि -2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सम्भोग का उद्देश्य तो सब जानते हैं… पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश और फिर जितनी ज्यादा देर हो सके मैथुन करना। इस उद्देश्य को पाने के लिए पुरुष के लिंग और स्त्री की योनि को सम्भोग के लिए तैयार होना चाहिए, अर्थात पुरुष का लिंग सख्ती से खड़ा होना चाहिए और लड़की की योनि भीगी हुई होनी चाहिए।प्रकृति ने इसका प्रावधान किया हुआ है और जब भी स्त्री-पुरुष यौनाग्नि से उत्तेजित होते हैं तो स्वतः ही उनके यौनांग सम्भोग के लिए तत्पर हो जाते हैं।

लेकिन वर्षों के सामाजिक प्रतिबंधों और सांस्कारिक बंदिशों के कारण हमारी लड़कियों में यौन के प्रति भांति भांति की गलत धारणाएं हैं जो उन्हें यौन-संसर्ग के आनन्दों को लूटने से रोकती हैं। अतः जहाँ पुरुष यौन-आवेश में आसानी से उत्तेजित हो जाता है वहीँ हमारी स्त्री संकुचित रह जाती है जिससे उसकी इन्द्रियाँ अपना प्राकृतिक काम नहीं कर पातीं। इससे उसकी योनि में रस-संचार में देरी लगती है और वह सम्भोग के लिए जल्दी तैयार नहीं हो पाती।यह दोष प्राकृतिक नहीं बल्कि सामाजिक है। पुरुष को इस बात का ध्यान रखना चाहिए और स्त्री को नीरज के साथ यौन के लिए तैयार करना चाहिए।

लड़की को उत्तेजित करना आसान है पर इनकी उत्तेजना का स्रोत मर्दों से परे होता है। हमारी पाँच मूल इन्द्रियाँ हैं… दृष्टि, श्रवण, स्पर्श, स्वाद और गंध।वैसे तो मैथुन में सभी इन्द्रियों का प्रयोग होता है लेकिन स्त्री-पुरुष में उत्तेजना पैदा करने में इन्द्रियों का योगदान अलग-अलग होता है। मर्दों में दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण होती है और उसके बाद स्पर्श। मर्दों को उकसाने में गंध, श्रवण और स्वाद बहुत कम असर करते हैं।स्त्रियों में स्पर्श सबसे अधिक कारगर होता है और इसके बाद क्रमशः श्रवण, गंध, दृष्टि और स्वाद आते हैं। इसीलिये नंगी लड़की की तस्वीर या ब्लू-फिल्म देखकर लड़के आसानी से उत्तेजित हो जाते हैं जबकि लड़कियाँ नहीं होतीं। उन्हें उत्तेजित होने के लिए प्यारे प्यारे स्पर्श के साथ अच्छी अच्छी बातें सुनना और सुगन्धित वातावरण ज़रूरी हैं। एक सफल आशिक़ इस बारीकी को अच्छी तरह समझता है।

मतलब यह कि लड़की को नंगा करके, उसे आरामदेह बिस्तर पर लिटा कर, उससे प्यार भरी बातें करते हुए उसके शरीर पर हल्के-हल्के हाथ फेरना चाहिए। अगर बिस्तर के पास ताज़ा फूलों का गुलदस्ता और कुछ भीनी अगरबत्तियाँ हों तो अच्छा रहेगा।इस तरह लड़की की सही इन्द्रियों का उपयोग होगा और मर्द की उपयुक्त इन्द्रियों का भी क्योंकि वह नंगी लड़की को देख और छू रहा होगा। उससे प्यार भरी बातें करना बहुत ज़रूरी है।लड़की की कामुकता जगाने के लिए उसके कान और मर्द के हाथ और उँगलियाँ बहुत काम आते हैं।

पहले लड़की को उलटा लिटा दो। उसकी बाजुओं को बदन से थोड़ा अलग कर दो और टांगों को भी थोड़ा खोल दो। फिर उसके पास बैठ कर उसकी पीठ पर अपने हाथ फिराओ। पीठ के बीच से शुरू करते हुए अपनी उँगलियों और नाखूनों से पीठ पर गोलाकार सुमनएँ खींचो। साथ ही झुक-झुक कर उसकी गर्दन और पीठ पर अपने होंठों से चुम्बन करो।

अब अपनी उँगलियाँ पीठ से हटा कर उसकी दोनों बगलों पर चलाओ। इससे उसको गुदगुदी होगी और वह इधर-उधर हिलेगी। धीरे-धीरे अपने हाथों को उसके नितंब (चूतड़) और जाँघों से बचाते हुए टांगों पर ले आओ।कुछ देर उसकी पिण्डलियों और टांगों पर हाथ फिराओ और फिर उसके पैर के तलवों को सहलाते हुए उसके पाँव की उँगलियों के बीच अपनी उँगलियाँ घुसा कर उनकी मालिश करो। बीच-बीच में नीचे झुक कर उसके बदन पर इधर-उधर चुम्मियाँ लेते रहो, साथ ही उससे कुछ ना कुछ प्यारी बातें कहते रहना अच्छा रहेगा।

अब, अपने हाथ उसके पाँवों से सरका कर उसकी जाँघों और नितंब पर ले आओ। यह बहुत ही संवेदनशील हिस्सा है और लड़की ज़रूर कसमसाएगी। उसकी कसमसाहट का आनन्द लेते हुए उसके इस हिस्से से खिलवाड़ करो।अपने हाथों और उँगलियों से इस पूरे इलाक़े का निरीक्षण करो।

वह अपनी टाँगें भींचने का प्रयत्न करेगी पर उन्हें थोड़ा खुला ही रखो और उसकी जाँघों के मर्मशील हिस्से को ऊँगली के सिरे और नाखूनों से सहलाओ। अब, एक-एक बड़ी पुच्ची उसके दोनों चूतड़ों पर जमाओ और एक ऊँगली उसके बीच की दरार में डाल कर ऊपर से नीचे तक एक-दो बार चलाओ। ध्यान रहे कि अपने दोनों हाथों का इस्तेमाल निरंतर होना चाहिए। अगर एक हाथ नितंब के लिए काफी है तो दूसरा हाथ पीठ पर चला सकते हो।

लड़की के बदन के पूरे पिछवाड़े को सहलाने के बाद उसको पलट कर सीधा कर दो। हो सकता है लज्जा-वश वह अपनी टाँगें सिकोड़ ले और अपने हाथों से अपने स्तन ढक ले। ऐसे में दृढ़ता से उसकी टाँगें सीधी करो और उसके हाथों को हटा कर बगल के साथ कर दो। उसके हाथ उठा कर उसके सिर के पास कर दो तो और भी अच्छा रहेगा।

अब जैसे पीठ पर किया था वैसे ही उसके पेट पर एक हाथ फेरना शुरू करो और दूसरे से उसके सिर के बाल सहलाओ। साथ ही उसके माथे, आँखों, नाक, कान और ठोड़ी पर पुच्चियाँ करो। लड़कियों के कान और उनके पीछे का इलाका उन्हें बहुत गुदगुदाता है, वहाँ पुच्ची करो।

अब अपना ध्यान उसकी टांगों और पाँव पर ले जाओ और प्यार से उन पर हाथ फिराओ। उसके तलवे गुद्गुदाओ और उसके घुटनों पर अपनी हथेलियाँ जमा कर गोल-गोल घुमाओ। अपने पोले-पोले हाथों और नाखूनों से उसकी जाँघों को कुरेदो।अधिकांश लड़कियाँ इस समय तक कामुकता में लोप हो गई होती हैं… उनके दिल की धड़कन और साँसें तेज हो जाती हैं, बदन अकड़ने सा लगता है, स्तन उभरते हैं और स्तनाग्र पैने होने लगते हैं। जब ये संकेत मिलने लगें तो समझ लो लड़की लगभग तैयार है। अधिकांश मर्द इस पूरी क़वायद के दौरान उत्तेजित ही रहते हैं।

अब एक तकिया लड़की के नितंबों के नीचे रख कर उसे थोड़ा उठा दो और खुद उसके घुटनों और जाँघों के बीच बैठ जाओ। अपना वज़न उसकी टांगों पर न डालो। अब आगे झुक कर उसके स्तनों को दोनों हाथों में लेकर प्यार से मसलना और सहलाना शुरू करो, साथ ही उसके होंठों पर अपना मुँह रखकर प्यार करो।

अपनी जीभ से उसके मुँह को खोल कर जीभ अंदर डालने की कोशिश करो और फिर उसकी जीभ से खिलवाड़ करो। इस अवस्था में तुम्हारे हाथ रास्ते में आ सकते हैं तो उन्हें हटा कर लड़की को लेटे-लेटे ही आलिंगन में ले लो और अपने सीने से उसके स्तनों को मलो। अब तुम्हारा पेट उसके पेट को छू रहा होगा।

ज़्यादातर लड़कियाँ इस समय अपनी टाँगें स्वतः खोल कर मोड़ लेती हैं। अगर वह ना करे तो अपने पाँव और घुटनों से उसकी टाँगें खोल दो। उसके मुँह, गर्दन और स्तनों पर पुच्चियाँ करते हुए अपना एक हाथ उसकी योनि पर ले जाओ। उसकी योनि के इर्द-गिर्द उंगली फिराते हुए उसके कटाव में हलके से दबाव डालो। लगभग सभी लड़कियों की योनि इस समय भीगी हुई मिलेगी। अगर भीगी है और मर्द का लिंग भी तैयार है तो सम्भोग हो सकता है।

अगर पुरुष के लिए यह सम्भोग का पहला मौक़ा है तो सकता है उसे स्त्री के यौनांगों का ठीक से ज्ञान ना हो और वह अपने निशाने से चूक सकता है या फिर गलत निशाना लगा सकता है।कुछ मर्द इतने नादान होते हैं कि वे गुदा को ही अपना लक्ष्य समझते हैं। शायद वे सोचते हैं कि योनि सिर्फ पेशाब के लिए होती है और उनका मोटा लिंग उसमें नहीं घुस पाएगा। जबकि कुछ मर्दों को यह गलत धारणा नहीं होती और उन्हें मालूम भी होता है कि उन्हें योनि को ही भेदना है पर उन्हें उस छेद को अपने लिंग के सुपारे से ढूँढना नहीं आता।अच्छा होता अगर भगवान ने एक आँख मर्दों के सुपारे पर भी लगाई होती !!

जो पुरुष पहली बार यह कर रहे हों उनके लिए लाज़मी है या तो लड़की उनके लिंग को पकड़ कर सही छेद पर टिका दे पर अगर वह शर्मीली है तो पुरुष अपनी उंगली से छेद को टटोल ले और फिर वहीं अपने सुपारे को टिका दे।

जारी रहेगा।शगन support@mohakkisse.com2427

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

सुहागरात की विधि

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

अनोखे चूत लंड की अनोखी दुनिया-8
Hindi Sex Story

अनोखे चूत लंड की अनोखी दुनिया-8

सुरक्षाकर्मी कमरे की जाँच करके बाहर चले गए और विकास अंदर रह गया, विकास अदृश्य था, उसका दिल तेज़ तेज धड़क रहा था यह सोचकर कि वो और सनी अकेले रहेंगे.

7 मिनट 309
पड़ोसन आन्टी की गरम चूत की चुदाई
Hindi Sex Story

पड़ोसन आन्टी की गरम चूत की चुदाई

मैं जयपुर में रहता हूँ और सरकारी नौकरी के लिए कम्पटीशन की तैयारी कर रहा हूँ. मैं 24 वर्ष का 5.9 फीट लम्बा गोरा, गबरू जवान हूँ. रोज व्यायाम और स्विमिंग करने से मेरा शरीर हट्टा-कट्टा और मजबूत हो गया है. मेरे लिंग की लम्बाई 6 इंच तथा मोटाई 3.5 इंच है...

12 मिनट 138
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-16
Hindi Sex Story

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-16

अब तक आपने पढ़ा था कि पुनीत अपने दो नीग्रो साथियों के साथ मुझे चोदे जा रहा था. वो मेरी गांड में अपना लंड पेलते हुए मैक से कह रहा था कि इसकी चूत में जम के लंड पेलो.. इसको रगड़ साली को.. माँ की लौड़ी बहुत मजा दे रही है.अब आगे:

17 मिनट 890

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।