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माँ की चुदाई पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 846 बार

सौतेले बेटे को सेक्स ज्ञान-1

जसमीत कौर

01 Dec 2015 को प्रकाशित

सौतेले बेटे को सेक्स ज्ञान-1
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मेरा नाम जसमीत कौर है, मैं 37 साल की होशियारपुर पंजाब से हूँ। मेरे परिवार में चार सदस्य हैं, मेरे पति प्रताप 44 वर्ष के हैं, मेरी उनसे शादी जब हुई तब वे विधुर थे और इस तरह में उनकी दूसरी बीवी हूँ। पहली बीवी से उनके दो बच्चे हैं जो अब मेरी संतान कहलाये पर उनसे मेरा खून का कोई रिश्ता नहीं है।

मेरी बेटी काजल और मेरा बेटा ट्विंकल। मैं अपने बारे में आपको बताना चाहती हूँ।

मेरे पति बैंक में क्लर्क हैं, काजल बी.कॉम. प्रथम वर्ष में है और ट्विंकल 12वीं क्लास में साइन्स से पढ़ाई कर रहा है। हम सभी बहुत प्रसन्नता से रहते हैं और एक दूसरे का बहुत ख़याल रखते हैं।

मैं BA पास हूँ। हर माँ की तरह मैं भी चाहती हूँ कि मेरे बच्चे, चाहे वे मेरे पेट से नहीं जन्मे फ़िर भी, पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी पायें!

मुझे लगता है कि काजल को तो अच्छी नौकरी मिल जाएगी और वो अपने ससुराल चली जाएगी लेकिन मुझे ट्विंकल की चिंता होती है क्योंकि वो स्टडी में अपनी बहन की तरह ध्यान नहीं देता है, जबकि वो भी बहुत इंटेलिजेंट है, लेकिन कुछ समय से उसका स्टडी से बिल्कुल ध्यान हट गया है।

मुझे लगता है कि किशोर-वय में अक्सर ध्यान यहाँ-वहाँ चला जाता है, इसीलिए मैं उसे बहुत समझाती हूँ कि पढ़ाई पर ध्यान दो।

वो पढ़ाई भी करता है और पास हो जाता है। लेकिन वो ज़्यादातर अपना समय अपने स्कूल के दोस्तों के साथ बिताता है और मुझे चिंता रहती है क्योंकि वो मुझसे हमेशा आगे की स्टडी के लिए बंगलौर जाने की बात अभी से करता है।

मैं परेशान हो जाती हूँ, और सोचती हूँ कि कैसे उसे अपने से दूर बंगलोर भेजूँ क्योंकि डर लगता है कि कहीं वो ग़लत रास्तों पर ना चल पड़े। मैं ट्विन्कल से बहुत प्यार करती हूँ।

एक दिन मैंने सोचा कि क्यूँ ना इस समस्या पर अपनी सहेलियों से इस बारे मैं बात करके उनसे कुछ सलाह लूँ।

तो फिर मैंने अपनी सहेली को फोन लगाया और अपनी परेशानी बताई।

उसने कहा- इंटरनेट पर जाकर गूगल पर माँ-बेटे के सम्बन्ध को सर्च करने को कहा और बोली कि मुझे मेरे सारे सवालों का जवाब वहीं मिलेगा।

शाम को मैंने ऐसा ही किया। खाना बनाने के बाद मैंने सर्च किया और मुझे मेरा जवाब मिल गया।

फिर मैंने ट्विन्कल को नोटिस करना चालू कर प्रिया और मैं उसकी सारी गतिविधियों पर नज़र रखने लगी और मैं देखने लगी कि ट्विंकल मेरे साथ कैसा व्यवहार करता है।

मैंने पाया कि उसका व्यवहार सामान्य नहीं है। मैंने उसके कमरे की तलाशी ली लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला। फिर मैंने उसका मोबाइल देखा तो मुझे उसमें भी कुछ नहीं मिला।

उसकी पेन ड्राइव मैंने अपने लॅपटॉप पर लगा कर देखी। उसकी पेन ड्राइव मैंने जब देखा तो जो मुझे लग रहा था वो मुझे मालूम हो गया। मैंने देखा कि उसकी पेन ड्राइव में नंगी लड़कियों के फोटो थे और मैं समझ गई कि अब ट्विन्कल बड़ा हो गया है।

फिर मैंने वही किया जो मुझे करना चाहिए था। मैंने सोचा कि कहीं बाहर यह कोई गलती न कर दे, जिससे इसकी लाइफ खराब हो जाए तो क्यूँ ना मैं ही उसे इन सब बातों के बारे में बताऊँ।

मैंने उससे एक दोस्त की तरह उन सब बातों को बारे में डिसकस किया, लेकिन वो सुनने के लिए तैयार ही नहीं था। शायद वो मुझसे शरमा रहा था। और जब ही मैं इस तरह की बात समझाती, तो वो मुझे अनदेखा कर देता।

अपने पति से इस बारे में मैंने बात की तो वो बोले कि वो अपने आप समझ जाएगा।

लेकिन मेरा मन तो यही सोच रहा था कि कहीं ट्विन्कल से कोई गलती ना हो जाए या वो अपने स्कूल के दोस्तों की तरह ना हो जाए।

मैंने फ़ैसला किया कि मुझे ही कुछ करना पड़ेगा क्योंकि एक माँ ही अपने बेटे की अच्छी दोस्त होती है।

मैंने सोचा कि क्यूँ ना ट्विन्कल को थ्योरी की जगह प्रॅक्टिकल नॉलेज दी जाए और यही आख़िरी रास्ता है और मैं इसे गलत भी नहीं समझती हूँ।

और मैंने वही किया जो मुझे करना चाहिए था। अब मैं ट्विन्कल को अपनी और आकर्षित करने का प्रयास करने लगी।

ट्विन्कल बड़ा तो हो ही गया था तो मुझे ज़्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ी।

मैं ट्विन्कल को शुरू से ही नहलाती थी। अभी तक नहलाती हूँ, भले ही अब वो 18 साल का हो गया है, फिर भी मैं ही उसे नहलाती हूँ।

आज से मेरा इरादा कुछ और होगा मैं हमेशा ट्विन्कल को पहले नहलाती थी और फिर मैं नहाती थी। आज मैंने पहले नहाने का इरादा किया और मैं बाथरूम मैं नहाने चली गई और सोचा क्यूँ ना बेटे ट्विंकल को भी बुला लूँ। नहाने के लिए मैंने ट्विंकल को आवाज़ लगाई।

सर्दी के दिन थे, मैंने बोला- ट्विंकल, ज़रा गरम पानी दे देना!

ट्विंकल गरम पानी लेकर बाथरूम मैं आ गया उसने मुझे जैसे ही देखा वो देखता ही रह गया।

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उसने पहली बार मुझे इस नज़र से देखा था। वो मेरे दूध देख रहा था, जो ब्लाउज में से थोड़े बाहर निकल रहे थे।

मैंने अपनी साड़ी उतार रखी थी और मैं ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

मैंने ट्विंकल से कहा- तू भी नहा ले।उसने कहा- नहीं, पहले आप नहा लो। मैं बाद में नहा लूँगा।

मैंने कहा- तुझे स्कूल के देर हो जायेगी। मुझे नहाने में टाइम लगेगा। आजा, पहले तुझे नहला देती हूँ।

वो मान गया। मैं जैसे ही गरम पानी मिलाने के लिए नीचे झुकी, तो मेरे दूध ब्लाउज में से और ज़्यादा बाहर आ गये थे और ट्विंकल मेरे दुद्दुओं को ही देखे जा रहा था।

उसकी नज़र हट ही नहीं रही थी और फिर मैं भी तो यही चाहती थी। फिर मैंने ट्विंकल को अपने कपड़े उतारने के लिए कहा, उसने कपड़े उतार लिए।

वो सिर्फ़ अंडरविअर पहने हुए था। मैंने उसके ऊपर पानी डाला और उसे नहलाने लगी। वो भी आज बड़े मज़े से नहा रहा था।

नहाते हुए पानी भी उछाल रहा था जिससे मैं, और मेरे कपड़े भी गीले हो गए। मैंने कले रंग का ब्लाउज पहना हुआ था और सफ़ेद ब्रा जो कि भीगे हुए ब्लाउज में से साफ़ दिख रही थी।

ट्विंकल अब नहा चुका था। मैंने उसे स्कूल जाने के लिए जल्दी से तैयार होने के लिए कहा, वो बाथरूम से जाने को हुआ।

तभी मैंने उसे रोक लिया और कहा- ट्विंकल ज़रा रुक जा मेरे पीठ घिस देना, बहुत मैल जम गया है।

वो रुक गया। वो अभी भी भीगा हुआ था और सर्दी से काँप रहा था। उसने तौलिया से अपना बदन पौंछ लिया और मेरे पीछे खड़ा हो गया। मैंने भी सोचा कि ट्विंकल को और सताया जाए।

मैंने नहाने के लिए अपने ऊपर पानी डाला और साबुन लगाने लगी। मैंने अपना ब्लाउज भी उतार लिया और अपनी ब्रा भी, और फिर मैंने ट्विंकल को पीठ पर साबुन लगाने के लिए कहा।

वो मेरी पीठ पर साबुन लगाने लगा। वो मेरे पीछे खड़ा था। इसीलिए वो मेरे दूध नहीं देख पा रहा था।

तो वो बाथरूम में लगे दर्पण में से मेरे दूध देख रहा था और अब उसकी लुल्ली खड़ी हो गई। जो साबुन लगाते समय मैं कभी-कभी अपने पीछे महसूस कर रही थी।

ट्विंकल को भी शायद अब मजा आने लगा था क्योंकि साबुन लगाते समय वो मेरे दुद्दुओं को बगल से छूने की कोशिश कर रहा था, मैं भी कुछ नहीं बोल रही थी।

मेरे दूध काफ़ी बड़े हैं और ऊपर से मेरा बदन भी गोरा है। मुझे देख कर हर कोई आहें भरता है।

मैंने भी उसका साथ प्रिया और मैंने महसूस किया कि मेरे कुछ ना कहने पर उसे और भी मजा आने लगा। उसने इस बार अपनी लुल्ली मेरे पीछे से स्पर्श की और मुझे महसूस कराया।

मैंने कहा- क्या कर रहा है?वो डर गया कि कहीं मम्मी मुझे डांटें ना।लेकिन मैंने कहा- तेरा ध्यान किधर है? ठीक से साबुन क्यूँ नहीं लगाता?वो बोला- हाँ, लगा तो रहा हूँ।मैंने बोला- पीठ पर ही लगता रहेगा या थोड़ा छाती पर आगे भी लगाएगा!

उसने अपने हाथ आगे की तरफ बढ़ाये और अब वो मेरे वक्ष के उभारों पर साबुन लगाने लगा। तभी मुझे उसकी लुल्ली पीछे से थोड़ी और महसूस हुई, लेकिन इस बार उसने अपनी लुल्ली मेरे पीछे लगाए रखी।

और अब ट्विंकल ने साबुन लगाते हुए ही मेरे दूध धीरे-धीरे दबाने लगा। जिससे मुझे भी अजीब सा नशा छाने लगा। मैं भी मजा ले रही और कुछ नहीं बोल रही थी क्योंकि मुझे ऐसा कभी भी महसूस नहीं हुआ था।

ट्विंकल के अंडरवियर पहने होने के कारण उसकी लुल्ली ठीक से मुझे महसूस नहीं हो रही थी। तो ट्विंकल ने हिम्मत करके अपनी अंडरवियर में से लुल्ली को बाहर निकाल कर मेरे पीछे की दरार में लगाया, जो मुझे काफ़ी हद तक महसूस हुआ।

ट्विन्कल मेरे स्तनों पर साबुन लगाते हुए उनको मसलने लगा, लेकिन मैंने अभी भी कुछ नहीं कहा।

अब वो शायद बहुत उत्तेजित हो गया था लेकिन मैंने सोचा कि बस बहुत हुआ, ट्विंकल के लिए अभी के लिए इतना ही काफ़ी था।

मैंने उससे कहा- बस साबुन लग गया है।तो वो बोला- मम्मी हाथ-पैरों पर भी साबुन लगा दूँ क्या?

‘नहीं, मैं लगा लूँगी, मेरा हाथ पीठ पर नहीं जाता ना, इसलिए तुझे बुलाया था। बस अब मैं नहा लूंगी। तुम जाओ, तुम्हें स्कूल के लिए देर हो रही है।’

वो जाने लगा। मैंने देखा कि ट्विंकल की लुल्ली काफ़ी बड़ी दिख रही थी जो अभी तक खड़ी हुई थी। मैंने सोचा कि क्यूँ ना अभी ही सारी प्रॅक्टिकल नॉलेज दे दूँ!कहानी जारी रहेगी।जसमीत कौरsupport@mohakkisse.com

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सौतेले बेटे को सेक्स ज्ञान

कुल भाग: 3
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