गर्लफ्रेंड की गांड फक़ करने का मजा मैंने लिया. मैं उसकी चूत कई बार चोद चुका था. पर वो गांड मरवाने में हिचकती थी मेरे बड़े लंड के कारण! पर मैंने उसकी गांड मार ही ली!
फ्रेंड्स, आप मेरी सेक्स कहानी में गीता और नीता नामक दो सहेलियों की चुदाई का मजा पढ़ रहे थे.पिछले भागगर्लफ्रेंड की सहेली की गांड मारीमें अभी तक आपने पढ़ा था कि मैं नीता को चोद रहा था और गीता नाश्ता बनाने गई थी.
जब वो नाश्ता लेकर हमारे पास आई तो हम सभी ने नाश्ता किया और उसके बाद नीता चाय लेने चली गई. उसी दौरान गीता मेरे साथ मजा लेने लगी. उसी के साथ नीता भी रस लेने लगी थी.
अब आगे गर्लफ्रेंड की गांड फक़:
नीता और गीता दोनों मेरे लंड को देख रही थीं. मेरा लंड तनाव में आने लगा था.कुछ ही देर में हमने अपनी अपनी चाय खत्म कर दी. नीता उठकर कप ट्रे में रखकर चली गयी.
गीता ने झपट कर मेरे लंड को जोर जोर से मसलना शुरू कर प्रिया. वो मेरे लंड पर अपनी गांड रखकर जांघों पर बैठ गयी.गीता अपनी गांड का छेद मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी.
मेरा लंड तनकर लोहे जैसा हो गया था.
मैंने गीता से कहा- उठो नहीं तो नीता आ जाएगी.गीता बोली- अभी वो बर्तन धो रही है, तब तक थोड़ा सा टाईम पास करते हैं.
मैं अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को पकड़कर उठाने लगा, तो दोनों तरफ से उंगलियों से खींचने के कारण गीता की गांड का छेद खुलने लगा था.
इसी बीच गीता ने अपने हाथ में थूक लेकर मेरे लंड के सुपारे पर मल प्रिया और अपनी गांड के छेद पर रखकर लंड को गांड में लेने की कोशिश कर रही थी.उसी वक्त मैंने नीचे से जोर का धक्का मार प्रिया. मेरे लंड का सुपारा गीता की गांड में घुसकर अटक गया.
वो चिल्लाने लगी, तो मैंने उसके मुँह पर हाथ दबाकर रख प्रिया.
इतने में नीता के फोन की घंटी बजने लगी, उस वजह से नीता इधर ही आने लगी.गीता तुरंत मेरे लंड से उठकर खड़ी हो गयी और मेरे बाजू में बैठ गयी.
नीता ने आकर फोन उठाया और बातें करने लगी तो उसकी सासू मां का फोन था.वो बोल रही थी कि वो दोनों दो बजे तक घर आ रहे हैं. अभी ग्यारह बज गए थे.
गीता बोली- अब हम दोनों चलते हैं नीता!नीता अपना मुँह लटकाकर बोली- हां गीता … शुक्रिया तुम दोनों का. तुम दोनों ने मेरा साथ प्रिया.
इस बात पर मैंने नीता के मुँह पर हाथ रखते हुए कहा- ऐसी बातें नहीं करते पगली. हमें भी तुम्हारे साथ रहकर बहुत मजा आया.इतने में गीता बोली- मैं ऊपर जाकर तैयार होती हूँ. तुम दोनों बातें करो.
गीता के जाते ही नीता ने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और बोली- हर्षद मुझे पूरा भरोसा है, तुम मुझे प्रेग्नेन्ट बनाकर ही जा रहे हो. तुम्हारा लंड काफी जानदार और दमदार है. देखो ना अभी भी मेरी चूत को रगड़ रहा है.तो मैंने कहा- हां नीता, वो दोनों भी एक दूसरे के दीवाने हो गए हैं. देखो ना तुम्हारी चूत भी कितनी गीली हो गयी है. दिल करता है कि मेरा लंड हमेशा ही तुम्हारी इस गुलाबी और पानी दार चूत में पड़ा रहे.
नीता बोली- देर किस बात की है, अब डाल दो ना जल्दी से, गीता के आने तक एक बार रगड़ दो मेरी चूत को. फिर हमारी न जाने कब मुलाकात होगी.
नीता की बात सुनकर मैंने उसका एक पैर सोफे पर रखा और अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रख प्रिया. उसकी गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर एक जोर का धक्का मारकर पूरा लंड नीता की चूत में पेल प्रिया.
नीता ने कसमसा कर मुझे बांहों में कस लिया और होंठ चूसते हुए अपनी कमर हिलाने लगी.वो अब लंड चूत में अन्दर बाहर करने लगी.
नीता के स्तन मेरे सीने में दब गए थे.मैं भी जोश में आ गया और जोर जोर से धक्के मारकर नीता की चुदाई करने लगा.
नीता बोली- हर्षद, तुम्हारे साथ बिताए हुए हर पल को मैं जिंदगी भर याद रखूंगी.मैंने लंड पेलते हुए कहा- हां नीता, मैं भी ये पल हमेशा याद रखूंगा.
हम दोनों कामुक होकर चुदाई में मस्त थे.नीता बोली- जल्दी करो ना हर्षद … मैं झड़ने वाली हूँ.
मैं तेज गति से धक्के मारने लगा तो दो मिनट में ही हम दोनों झड़ने लगे थे.नीता मेरी गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर पूरा लंड चूत में ले रही थी.
उधर गीता तैयार होकर नीचे आ गई थी और हमारा चुदाई का खेल देख रही थी.
नीता की पीठ उसकी तरफ थी, तो वो गीता को नहीं देख सकती थी.मैंने ही गीता को इशारे से रुकने को बोला था.
जैसे ही मेरा पूरा वीर्य नीता की चूत ने गटक लिया, नीता ने आहिस्ता से मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाल प्रिया.
नीता मेरे लंड को वीर्य से लबालब देखकर मचल गई और उसके मुँह से पानी टपकने लगा.वो सोफे पर बैठ कर मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.
मुझे इतना मजा आ रहा था दोस्तो, कैसे बताऊं!
उसने चाटकर मेरा पूरा लंड साफ कर प्रिया था.नीता की चूत से हम दोनों का कामरस बाहर आकर उसकी जांघों से लेकर घुटनों तक बह रहा था.
मैंने नीता से कहा- चलो अब बाथरूम में साफ करके तैयार हो जाते हैं.हम दोनों बाथरूम जाकर साफ करके कपड़े पहनकर तैयार होकर बाहर आ गए.
गीता अब सोफे पर बैठ गई थी.हमें देखकर गीता उठकर खड़ी हो गयी.नीता और गीता एक दूसरे से गले मिल गईं.
फिर नीता ने मुझे गले से लगा लिया तो हम दोनों ने एक दूसरे को चूम लिया.
नीता बोली- फिर वापस कब आओगे?मैंने कहा- तुमसे अच्छी सी खुशखबरी सुनने के बाद जरूर आऊंगा.
इस बात पर हम तीनों मुस्कुराने लगे.मैं और गीता नीता को बाय करके वहां से निकल पड़े.
गीता बाईक चला रही थी और मैं उसके पीछे बैठकर उसकी जांघें सहला रहा था.गीता हंस कर बोली- रात भर चोद कर दिल नहीं भरा क्या हर्षद?
मैंने उसकी कमर को कसके पकड़ा और उसे चूम लिया.थोड़ी देर में हम दोनों गांव में आ गए.
मुझे एक बड़ी सी कपड़े की दुकान दिखाई दी तो मैंने गीता को रुकने को बोला.गीता बोली- क्या हुआ?“कुछ नहीं, मुझे तुम्हारे लिए कुछ लेना है.”हम उस दुकान की लेडीज स्पेशल में गए.
उधर एक लड़की थी, वो बोली- क्या चाहिए भाभी जी?मैंने कहा- कोई नई डिजायन की नाईटी दिखा दो.
उसने अलग अलग कलर की कुछ नाईटी दिखाईं.गीता बोली- ये पिंक कलर की मुझे पसंद है.
मैंने कहा- हां यही मुझे भी बहुत पसंद आई है. इससे मैचिंग की ब्रा और पैंटी भी ले लो.गीता ने उसी कलर की ब्रा और पैंटी भी ले ली.
मैंने बिल दे प्रिया और हम दोनों वहां से निकल पड़े.गीता खुश हो गयी थी.
थोड़ी ही देर में हम दोनों गीता के घर पहुंच गए.
गीता ने बाईक लगाकर दरवाजा खोला और हम दोनों अन्दर आ गए.
वह बोली- भूख लगी होगी ना हर्षद?मैंने कहा- हां गीता बहुत तेज लगी है.
गीता बोली- तुम चेंज करके आराम करो, मैं खाना बनाती हूँ.गीता ने चेंज करके नाईटी पहन ली.
मैंने सिर्फ लुंगी लपेटी और बेड पर लेट गया.
मैं रात भर सो नहीं सका था तो मेरी तुरंत आंख लग गयी थी.कुछ देर बाद गीता ने मुझे मेरे होंठों को चूमकर जगाया.तब मेरी नींद खुल गयी.
बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की मंशा-7
गीता बोली- उठो हर्षद, खाना तैयार है, खाकर फिर सो जाना.मैं बेड से उठकर फ्रेश होकर आया और गीता ने हम दोनों को खाना लगाया.
हम दोनों साथ में खाना खाने लगे.थोड़ी ही देर में हम दोनों ने खाना खत्म कर प्रिया, तो गीता बर्तन उठाकर किचन में चली गयी.
मैं उठकर बाहर जाकर शेड में कुर्सी पर बैठ गया.बाहर धूप नहीं थी, बस थोड़े से बादल छाए हुए थे. मस्त हवा चल रही थी.
थोड़ी ही देर में गीता अपना काम निपटा कर बाहर आ गयी और बोली- अरे तुम यहां बैठे हो हर्षद, मैं तो समझी थी कि सो गए होगे.ये कहती हुई वो मेरी तरफ मुँह करके मेरी जांघों पर बैठ गयी.
उसने अन्दर से ब्रा-पैंटी कुछ नहीं डाला था. उसकी पारदर्शक नाईटी से सब दिख रहा था.उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में डाल दिए और मेरे होंठों को चूमने लगी.
मेरा लंड उसकी गांड की दरार को छू रहा था.मैंने भी अन्दर से कुछ नहीं डाला था.गीता मुझे चूमकर बोली- हर्षद जब सुबह तुम नीता की गांड में अपना मोटा लंड डालकर चोद रहे थे न, वो देखकर मेरा भी बहुत मन कर रहा है पीछे से लेने का. मेरी गांड में बहुत गुदगुदी हो रही है.
इस बात पर मैंने कहा- बस इतनी सी बात, बोलो कब डालना है?नीता मुस्कुराती हुई बोली- जब तुम्हारा मूड करे.
मैंने उसके स्तन मसलते हुए कहा- गीता तुम जब भी मेरा मूड बनाओगी तब!गीता बोली- मतलब!
मैंने कहा- मतलब मेरे इस शैतान को अभी जगाओगी, तो अभी खेल शुरू कर देते हैं.गीता हंस कर बोली- बहुत बदमाश हो तुम. चलो मैं अभी ही तैयार हूँ. इस शैतान को अभी जगा देती हूँ.
मैंने गीता से कहा- क्या इधर ही करोगी?गीता बोली- नहीं चलो अन्दर चलते हैं.
अब हम दोनों अन्दर आ गए और गीता ने दरवाजा बंद कर प्रिया.मैंने उसकी नाइटी को झट से निकालकर फेंक प्रिया.
गीता ने भी मेरी लुंगी खींचकर फेंक दी.अब हम दोनों नंगे थे.
मैं बेड पर पैर नीचे लटका कर बैठ गया.गीता ने मुझे पीछे धकेल प्रिया, तो मैं लेट गया.
गीता खड़ी रहकर मेरे लंड को अपने दोनों हाथों में लेकर सहलाने लगी.
उसके कोमल हाथ से लंड सहलाना मुझे उत्तेजित करने लगा था.गीता एक हाथ से मेरी अंडगोटियां सहला रही थी और दूसरे हाथ से लंड आगे पीछे करने लगी थी.
मुझे बहुत मजा आने लगा था.मैं आंखें बंद करके लेटा था.
कुछ पल बाद गीता ने अपने मुँह से ढेर सारा थूक लंड पर छोड़ प्रिया था.वो तेज गति से लंड आगे पीछे करने लगी थी.
दो मिनट में ही मेरा लंड लोहे जैसा सख्त हो गया था.गीता मेरे लंड का चिकना सुपारा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी तो मेरे पूरे बदन में बिजली सी दौड़ने लगी थी.
मैंने उठकर गीता को बेड पर आने को कहा, तो गीता ऊपर आ गयी.उसे मैंने डॉगी पोजीशन में कर लिया.अब गीता की गोरी, मुलायम गांड और उसके बीच छुपा हुआ भूरे रंग का छेद मेरे सामने था.
मैंने अपने हाथ में थूक लेकर गीता की गांड के छेद पर मल प्रिया और थोड़ा सा थूक उंगली में लगा कर उसकी गांड के छेद मे डालकर अन्दर से भी मल प्रिया.इससे गीता मादक सिसकारियां लेने लगी थी.
फिर मैंने घुटनों के बल आकर अपने लंड का सुपारा गीता की गांड के छेद पर रखा और दोनों हाथों से उसकी पतली कमर को जकड़ कर एक जोर का धक्का मार प्रिया.मेरा आधा लंड गीता की चिकनी गांड को चीरते हुए अन्दर घुस चुका था.
गीता जोर जोर से चिल्लाने लगी- उई माँ … मर गई रे … आह आ ओह स्स्स हाय रे हर्षद … निकालो अपना लंड बाहर … नहीं लेना मुझे … आंह बहुत दर्द हो रहा है मुझे.वो अपनी कमर हिलाकर लंड बाहर निकालने की नाकाम कोशिश करने लगी थी.
थोड़ी देर मैं वैसे ही शान्त रहा और उससे कहा- अब और दर्द नहीं होगा गीता … गांड फक़ में पहली बार ऐसा ही दर्द होता है. नीता को भी हुआ था ना!मेरी बात सुनकर गीता चुप हो गयी.
मैं अपने दोनों हाथों से उसके चूतड़ सहलाने लगा.फिर उसके ऊपर झुककर उसके दोनों स्तन मसलने लगा, तो गीता गर्म होने लगी थी.
अब मैंने अपने दोनों हाथ नीचे सरकाकर उसके पेट, नाभि को सहलाते हुए चूत को सहलाने लगा.इससे गीता पूरी तरह से कामुक होकर मादक सिसकारियां लेने लगी.
साथ ही वो अपनी गांड आगे पीछे करने लगी.मैंने उसकी चूत सहलाते हुए एक उंगली चूत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा.
अब गीता आहें भरने लगी थी.उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो गयी थी.
मैं फिर से अपने पोजीशन में आ गया और गीता की कमर पकड़ कर आधा लंड ही गांड के अन्दर बाहर करने लगा.गीता भी अपनी गांड आगे पीछे हिलाकर लंड अन्दर लेने लगी थी.
मैं अपने मुँह से कुछ और थूक लंड पर छोड़ कर तेज गति से लंड गीता की गांड में डालने लगा था.अब गर्लफ्रेंड की गांड फक़ में मजा आने लगा था, तो वो भी जोर जोर से अपनी गांड से लंड पर धक्के मारने लगी थी.
आहिस्ता आहिस्ता मैंने पूरा लंड गीता की गांड में घुसा प्रिया था.गीता ने अपने एक हाथ से अपनी गांड को सहलाकर मेरे लंड को चैक किया कि पूरा अन्दर गया या नहीं.
मैंने उसके ऊपर झुककर उसके दोनों स्तन अपने दोनों हाथों से मसलते हुए कहा- गीता, मेरा शैतान पूरा तुम्हारे बिल में घुस चुका है.
गीता- तुम बहुत शैतान हो, आखिर डाल ही प्रिया ना अपना मूसल मेरी गांड में. बहुत शातिर मर्द हो तुम. बिना शादीशुदा होकर भी सब जानते हो कि औरत को क्या चाहिए और उन्हें कैसे खुश करना है … ये कोई तुमसे सीखे.मैं हंस प्रिया.
गीता- हर्षद ये तुम्हारा तगड़ा लंड थोड़ी देर अन्दर ही रहने दो, मुझे बहुत मजा आ रहा है. देखो ना कितना फिट बैठ गया है.ऐसा कहकर गीता ने अपनी गांड मेरे लंड पर दबाए रखी और उस दौरान मैं उसके स्तन मसलता रहा था.
थोड़ी देर बाद गीता अपनी गांड आगे पीछे हिलाने लगी तो मैं उसके स्तन पकड़ कर आहिस्ता से धक्के मारने लगा.कुछ देर ऐसा करने के बाद गीता बोली- बहुत मजा आ रहा है हर्षद. अब और जोर जोर से करो.
मैं अपने घुटनों के बल आ गया और आधा लंड बाहर निकालकर जोर जोर से धक्के मारने लगा.अब गीता मजा लेने लगी- स्स्स स्स्स आह आह ओह हा ऐसे ही जोर जोर से धक्के मारो हर्षद … आ स्स्स स्स्स बहुत मजा आ रहा है. कितना मस्त चोद रहे हो मेरी गांड को हर्षद.
गीता की इन्हीं बातों ने मुझे और जोश आ गया और अब मैं अपने लंड को सुपारे तक बाहर निकाल कर तेज गति से गांड में डालने लगा.गीता के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी.
वो अपनी गांड तेज गति से आगे पीछे करने लगी थी.पन्द्रह मिनट तेज गति से गीता की गांड चुदाई के बाद मैं अपनी चरमरीमा पर पहुंच गया और कुछ जोर के धक्के मारकर मेरे लंड ने गीता की गांड मे अपने वीर्य की गर्म पिचकारियां मारकर नीता की गांड वीर्य से भर दी.
गीता थक चुकी थी. वो बेड पर सीधी लेट गयी और मैं उसके ऊपर लंड अन्दर रखे हुए ही उसके ऊपर लेट गया.हम दोनों भी थक गए थे.हम दोनों की आंख लग गयी थी.
जब मेरी नींद खुली, तो गीता नीचे से हिलने लगी थी.गीता बोली- अब उठो हर्षद, बहुत समय हो चुका है.
मैंने आहिस्ता से अपना लंड गीता की गांड से बाहर निकाला और बेड के नीचे खड़ा हो गया.गीता मेरे मुरझाए लंड पर लगे वीर्य के गाढे धब्बे देखे और वो वैसे ही लेटी हुई मेरे लंड की तरफ अपना मुँह ले आयी.
उसने झट से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी.एक हाथ मेरी गांड पर रखकर सहला रही थी, तो दूसरे हाथ से अंडगोटियां सहला रही थी.
मैं अपनी आंखें बंद करके मजा ले रहा था.थोड़ी ही देर में गीता ने मेरा लंड चिकना कर प्रिया. पूरा वीर्य उसने चाट लिया था.
अब वो बेड से नीचे उतरकर बोली- हर्षद चलो बाथरूम में जाकर फ्रेश होते हैं.हम दोनों बाथरूम जाकर फ्रेश होकर नंगे ही बाहर आ गए.
तो दोस्तो, तीन दिन वहां रहकर गीता और उसकी सहेली नीता की जमकर चुदाई करके उनकी प्यासी चुत की प्यास बुझा दी.
आपको मेरी ये गर्लफ्रेंड की गांड फक़ कहानी कैसी लगी, मेल करके जरूर बताएं.मैं जल्दी ही आपके मनोरंजन के लिए एक नयी सेक्स कहानी हाजिर होऊंगा. तब तक के लिए मेरा नमस्कार.अपना ख्याल रखनाsupport@mohakkisse.com