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Group Sex Story पठन समय: 20 मिनट पढ़ा गया: 469 बार

ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-2

सारिका कंवल

19 Sep 2018 को प्रकाशित

ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-2
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अब तक की इस सेक्स स्टोरी के पहले भागग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-1में आपने जाना था कि मुनीर तारा और माइक का थ्री सम सम्भोग चल रहा था, जिसे मैं ऑनलाइन देख रही थी.

अब आगे..

मुनीर ने एक तकिया बगल से खींचा और तारा को इशारा किया. तारा ने अपनी कमर उठा दी और मुनीर ने तकिया उसके कूल्हों के नीचे रख प्रिया. माइक ने अपने लिंग को सहलाया और तारा के टांगों के बीच झुक गया. मुनीर ने अपने हाथ में थूक लिया और माइक के लिंग पे मलते हुए उसे तारा की योनि की तरफ दिशा दिखाने लगी. माइक ने अपना हल्का वजन तारा के ऊपर रख प्रिया और दोनों हाथों के बल झुक तारा की टांगों के बीच योनि के और करीब हो गया. मुनीर ने माइक के लिंग के सुपारे को तारा की योनि में प्रवेश करा प्रिया. अब वो माइक के अंडकोषों को सहलाते हुए उसके कूल्हों पर हाथ फेरती हुई सामने लेट गयी.

ये शायद इशारा था. तभी माइक ने एक हल्का धक्का दे प्रिया.

उनका करीब आधा लिंग तारा की योनि में घुस गया. लिंग के प्रवेश होते ही तारा ने माइक के दोनों हाथों को पकड़ कर अपनी टांगें और खोल दीं. माइक ने दोबारा से थोड़ा लिंग बाहर किया और एक और हल्का धक्का प्रिया.. अब करीब करीब पूरा लिंग अन्दर घुस गया था. माइक ने धक्कों को गिनती अब बढ़ानी शुरू कर दी. करीब 20 धक्कों में तो लिंग और योनि का तालमेल सा बैठ गया.

माइक की गति फिर भी धीमी थी, ये दर्शाता है कि मर्द कितना अनुभवी है. उसके इस तरह के संभोग क्रिया से मैं समझ गयी कि वो तारा को पूरी तरह सहज महसूस करवाना चाहता था.

दोनों अब धीरे धीरे संभोग की मस्ती में एक दूसरे में खोने लगे थे. माइक पूरी तरह से तारा के ऊपर चढ़ गया था. अब केवल धक्के नहीं लग रहे थे.. बल्कि धक्कों के साथ उनका चूमना चूसना एक दूसरे के अंगों को सहलाना, दबाना सब साथ साथ चल रहा था.

जैसे जैसे संभोग की अवधि आगे बढ़ रही थी, माइक के धक्कों की तीव्रता में भी तेजी आ रही थी. तारा का व्यवहार भी काफी उत्तेजना भरा होता जा रहा था. पल पल उसकी शारीरिक किया में बदलाव दिखने लगा था. ये तो तय था कि दोनों को मजा बहुत आ रहा था और दोनों ही एक दूसरे में खो चुके थे.

माइक के धक्के कुछ पलों में जोरदार झटकों में बदल गए और तारा की मादक सिसकारियां चीखों का रूप लेने लगीं.

मैं समझ गयी थी कि माइक थोड़ा थक चुका है.. पर वो अभी स्खलन से काफी दूर था, इसलिए वो हार नहीं मानना चाहता था. उसने कुछ और दम लगाते हुए जोर के झटके लगाए और तारा को स्थिति बदलने को कहा.

माइक बगल में लेट गया और तारा उठ गई. उसने उठते हुए मुनीर को चूमा और माइक के ऊपर टांगें फैला झुक गयी. मुनीर तौलिये से माइक का पसीना पौंछने लगी. तारा अपनी योनि को सीधे लिंग के सुपारे पे टिका कमर नीचे दबाने लगी. उसकी योनि इतनी गीली थी कि लिंग सर्र से भीतर चला गया. इस अवस्था में मुझे योनि में लिंग स्पष्ट दिख रहा था. मैं साफ देख सकती थी कि तारा की योनि के किनारों पे सफेद गोल झाग गोलाकार बन गया था. ये दोनों के परिश्रम का नतीजा था, जो दोनों के पानी से मिलकर बना था.

अब धक्के मारने की बारी तारा की थी. तारा ने शुरुआत तो 2-4 धीमे धक्कों से की, पर तुरंत उसने गति बढ़ा दी. उसने अपने दोनों हाथ माइक के सीने पे रख खुद को सहारा प्रिया और फिर अपनी कमर ऊपर नीचे करते हुए लिंग को अन्दर भीतर कर घर्षण शुरू कर प्रिया. माइक अब आराम से तारा के धक्कों का मजा लेने लगा. वो कभी तारा की स्तनों को दबाता, तो कभी उसके मांसल कूल्हों को मसलता और उनसे खेलता.

मुनीर भी उनकी संभोग क्रिया देख उत्तेजित होने लगी थी. उसने माइक के सीने की घुंडियों को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर प्रिया. करीब दस मिनट तक धक्के मारने के बाद तारा हाँफने लगी और उसके धक्कों की गति धीमी पड़ने लगी. वो भी पसीने से लथपथ होने लगी थी. ये देख माइक ने तारा की कमर पकड़ी और नीचे से ही बहुत तेज़ी में अपनी कमर उचकाते हुए धक्कों की ताबड़तोड़ बारिश सी कर दी.

करीब आठ दस धक्के लगे ही थे कि तारा झड़ने लगी और ‘आह ओह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह ह्म्म्म..’ करती हुई माइक के लिंग को और भीतर लेने का प्रयास करते हुए पानी छोड़ने लगी. उसने अपने बदन को मरोड़ना शुरू कर प्रिया. पर माइक की गति में तब तक बदलाव नहीं आया, जब तक तारा पूरी तरह झड़ कर ढीली नहीं हुई और माइक के ऊपर निढाल होकर न गिर पड़ी.

माइक ने उसके ढीले होने तक.. करीब करीब 20 से 25 धक्के मारे होंगे और फिर 1 फिर 2 फिर 3, 4, 5 कर के हल्के झटके देते हुए उसने भी थोड़ा विश्राम लिया. माइक भी हांफ रहा था और तारा भी माइक के ऊपर लेटे हुए लंबी लंबी सांसें ले रही थी.

मुनीर ने तारा की पीठ को सहलाना शुरू किया और तौलिये से दोनों के पसीने पौंछने लगी. अब दोनों सुस्ताने लगे और मुनीर दोनों को सहला रही थी और मुस्कुरा भी रही थी.

मुझे लगा कि अब सब खत्म हो गया और मैंने भी महसूस किया कि मैं खुद उन्हें देख कर कितनी उत्तेजित हो गयी थी. मैंने अपने स्तनों के बीच पसीने की नमी महसूस की और मेरी पैंटी भी ठंडी लग रही थी. हाथ लगाया तो देखा मेरी योनि गीली थी और 2-4 बूंदों ने मेरी पैंटी गीली कर दी थी.

मैंने सोचा कि अब चलना चाहिए, काफी देर हो चुकी थी.. पर मैं भूल गयी थी कि माइक का अभी झड़ना बाकी था. जैसे ही सोचा कि मैं अपना मोबाइल बंद करूँ.. तारा उठ गई और उसने कैमरे की तरफ चेहरा घुमा कर कुतिया की तरह झुक अपनी अवस्था बना ली. माइक तारा के पीछे आया और अपना लिंग तारा की योनि में प्रवेश करा प्रिया. अब मैं तारा और माइक के चेहरे देख रही थी. उनकी संभोग क्रिया के दौरान माइक ने फिर से वही तकनीक से संभोग की शुरुआत की. उसने पहले कुछ हल्के धक्के दिए.. फिर धीरे धीरे उसने धक्कों की रफ्तार बढ़ानी शुरू कर दी.

तारा का चेहरा देख ऐसा लग रहा था, मानो वो कितनी दर्द में हो. पर ये वो दर्द था, जिसे हर महिला अनुभव करना चाहती है. ये वो मीठा दर्द है, जिसके लिए पसीने में लथपथ होकर एक महिला अपने तन बदन को पुरुष को सौंप देती है. उस दर्द भरे चेहरे में असीम सुख की तलाश थी. बेशक चेहरा दर्द से भरा हुआ था. पर उसमें आनन्द की अनुभूति थी. ऐसा रोमांचक दृश्य किसी के भी तन बदन में ज्वाला पैदा कर दे.

फिर मुनीर कब तक देख कर खुद को रोकती. उसने भी अपनी नाइटी उतार फेंकी और नग्न होकर तारा के नीचे जा लेटी. मुनीर की टांगें तारा के मुँह की तरफ थीं और चेहरा उसकी योनि की तरफ था.

मुझे लगा मुनीर देखना चाहती थी कि कैसे माइक का लिंग तारा की योनि में तहलका मचा रहा. पर यहां तो दृश्य कुछ और निकला. मुनीर ने अपनी टांगें फैला दीं और अपनी हल्के बालों वाली योनि तारा के मुख की तरफ उठा दी. तारा ने भी अपनी गर्दन नीचे की और मुनीर की योनि के दरार पे जीभ को फिरा कर उसे चूमा.

मेरे लिए ये एक नया दृश्य था, जहाँ तारा एक तरफ माइक के धक्के सह रही थी, वहीं दूसरी तरफ मुनीर को मुख मैथुन का सुख प्रदान कर रही थी. मुझे नहीं पता था कि मुनीर नीचे अपने हाथों और मुँह से क्या कर रही थी.. क्योंकि मुझे सिर्फ तारा मुनीर की टांगें योनि और माइक घुटनों के पल धक्के लगाता दिख रहा था.

मुनीर हम हिंदुस्तानी औरतों से कुछ ज्यादा अलग नहीं थी, केवल उसकी शक्ल चीनी लोगों की तरह थी. वो गोरी थी और योनि भी छोटी गेहूँ के आकार में थी. योनि के ऊपर हल्के काले बाल, योनि की पंखुड़ियां हल्के काले और किनारे भूरे रंग की थीं, जैसा कि हम आम हिंदुस्तानी औरतों की होती हैं.

जब तारा ने एक हाथ से उसकी योनि को फैलाया, तो मुझे अंदाजा हुआ कि उनकी योनि की दरार बड़ी थी. होगी भी क्यों ना.. अब तक चार बच्चे उसने जने थे और शायद बहुत से मर्दों से भी संभोग भी किया होगा.. क्योंकि दोनों ही पति पत्नी खुले विचारों के थे.

माइक के धक्के कमाल के थे. उसके धक्के एक साथ दो काम कर रहे थे. तारा केवल अपनी जुबान को मुनीर की योनि पे रखती थी और धक्के से काम हो जाता था. पीछे से खुद तारा की योनि में लिंग का मजा आ रहा था और इसी धक्के से तारा की जीभ मुनीर की योनि को रगड़ने का सुख रही थी.

मुनीर अब बहुत गर्म होने लगी थी और उसने खुद ही दोनों हाथों से अपनी योनि चीर दी और छेद खोल प्रिया. तारा उसकी योनि की छेद में अपनी जुबान घुसाने का प्रयास करने लगी. मुनीर की योनि थूक और पानी के मिलने से चिपचिपी होने लगी थी. उधर माइक की गति और तेज़ हो गयी. वो लगातार बिना रुके धक्के मारने लगा, मैं समझ गयी कि माइक चरम सुख के नजदीक है. वो काफी थक गया था, पर उसके धक्कों की गति में कोई बदलाव नहीं था.

ऐसा लग रहा था कि अब या तो वीर्यपात होगा या जान जाएगी. अचानक तारा ने मुनीर की योनि चाटनी छोड़ दी और जिस हाथ से वो उसकी योनि को सहला रही थी, उसी हाथ से उसकी जाँघें दबोच लीं. उसने अपने होंठों को भींच लिया, सिर ऊपर उठा लिया और नाक से सीत्कार भरने लगी. तारा अब फिर से झड़ने वाली थी और माइक पूरी ताकत से उसकी कमर पकड़ कर तेज़ और जोरदार धक्के मारे जा रहा था. मुझे यकीन था कि उसका लिंग तारा की योनि की गहराई तक जा रहा होगा, तभी तो ऐसा लग रहा था कि अब वो रो पड़ेगी.

तारा के हाथों की पकड़ मुनीर की जांघों पे और मजबूत होती जा रही थी. फिर बस दो और धक्कों में तो उसका पूरा बदन कांपते हुए झड़ने लगा. कुछ और धक्के पड़ते रहे, उधर अब माइक भी हांफते हुए आवाजें निकालने लगा; ‘ओह्ह ओह्ह ओह्ह..’ की आवाज के साथ वो भी झड़ने लगा.

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मैं महसूस करने लगी थी कि वीर्य की पहली पिचकारी में माइक का जिस्म सहम गया. फिर बाकी बूंद बूंद वीर्यपात के साथ ही उसके धक्के कम होते चले गए. इसके साथ ही दो धक्कों के बीच का अंतराल भी बढ़ता चला गया और एक पल ऐसा आया, जब माइक एक आखिरी धक्का मार अपने लिंग को तारा की योनि में स्थिर कर उसके ऊपर गिर कर निढाल हो गया.

दोनों ही मुनीर के ऊपर गिर पड़े और सुस्ताने लगे. दोनों के चेहरे पे थकान भारी संतुष्टि थी और वो दोनों ही थक चुके थे, पर खुद पे गर्व कर रहे होंगे.वाकयी तारा की हिम्मत का जवाब नहीं था कि उसने इतने मोटे और लंबे लिंग को सहा और शिखर पे साथ चढ़े.

मुझे अंदाजा तो कैमरे पर सही से नहीं लगा, पर माइक का लिंग करीब 4 इंच मोटा और 9 इंच लंबा होगा. जैसा कि आम नीग्रो के होते हैं.

मैं भी उनकी संभोग क्रिया देख कर, अब बहुत व्याकुल हो चली थी और अब मुझसे भी नहीं रहा गया. मैंने कमरा खोला, फिर घर का चक्कर लगा कर देखा कि कोई आस पास है या नहीं.. फिर वापस कमरे में आकर दरवाजा बंद कर लेट गयी.

मेरा मन फिर मोबाइल की ओर गया, तो देखा तारा कैमरे की तरफ खड़ी होकर अपनी योनि मुझे दिखा रही थी. जिसमें से माइक का गाढ़ा वीर्य रिस रिस कर उसकी जांघों तक बहने लगा था.मैंने हैडफ़ोन कान में लगाया तो आवाज आई ‘अभी मत जाना … हम कुछ और देर मजे करेंगे..’

मुझसे तो अब और बर्दाश्त कर पाना मुश्किल था. फिर भी मन में जिज्ञासा थी कि आखिर ये लोग और क्या क्या करेंगे. मैंने उन्हें लिख कर संदेश प्रिया कि मैं खाना कर आऊँगी, तब तक वो भी थोड़ा सुस्ता लें.

इतना लिख कर मैंने फ़ोन बंद कर प्रिया. पर मेरी बैचैनी खत्म नहीं हो रही थी और मेरा हाथ स्वयं ही योनि पे चली गया. मैं खुद से ही अपनी योनि सहलाने लगी और तब रुकी, जब मैं झड़ गयी. मैंने पिछले 4 महीने से संभोग नहीं किया था और ये सब देख मुझसे रहा नहीं गया.. अत: मुझे हस्तमैथुन के सहारे अपनी अग्नि को शांत करनी पड़ा.

मुझे थोड़ा हल्का महसूस हुआ. थोड़ा आराम करने के पश्चात मैंने हाथ मुँह धोकर कपड़े बदले और खाना खाने चली गई. खाने के बाद कुछ देर घरवालों के साथ बिताया.. बच्चों के साथ बातें की. फिर सब लोग अपने अपने कमरे में चले गए. मैं भी अपने कमरे में चली आयी कपड़े बदल मैंने नाइटी पहनी और बिस्तर तैयार किया.

मैंने सोचा कि अब तो काफी देर हो चुकी है तो माइक मुनीर और तारा भी चले गए होंगे. सो मैंने दोबारा फ़ोन नहीं देखा और सोने का प्रयास करने लगी. पर ये क्या.. मुझे तो नींद ही नहीं आ रही थी.

करीब आधा घंटा करवटें बदलते बदलते हो चला था, पर मुझे नींद ही नहीं आ रही थी. बस मेरे मस्तिष्क पर उनके संभोग क्रिया के दृश्य ही घुमड़ रहे थे. हार कर मैंने अपना फ़ोन फिर चालू किया और लॉगिन कर के माइक की प्रोफाइल देखी तो वो अब भी ऑनलाइन था.मैंने एक संदेश भेजा और पूछा कि क्या अभी भी तारा साथ है?उत्तर आया- खुद देख लो.

उसने मुझे अपने कैमरे का रिक्वेस्ट भेजा. कैमरा खोला तो अलग ही नजारा दिखा. माइक तो कैमरे के सामने कुर्सी पे बैठा था.. मगर पीछे बिस्तर पर मुनीर और तारा एक दूसरे के साथ गुत्थम गुत्था हो रही थी. दोनों एक दूसरे की योनि को योनि से टांगें उलझा के घर्षण कर रही थीं. कुछ पलों के बाद दोनों अलग हुई और मुनीर बिस्तर पर खड़ी होकर दीवार से पीठ के बल लग गयी. उसने अपनी टांगें फैला दीं और तारा घुटनों के बल खड़ी होकर उसकी योनि चाटने लगी. माइक इधर मुझे बातें करने लगा, उसने पहले तारा की तारीफ करनी शुरू कर दी.

उसने कहा कि तारा का बदन जितना मजेदार लगा, पहले किसी का नहीं लगा. उसने कहा कि उसे तारा और बाकी विदेशी लड़कियों में देसी और बॉयलर मुर्गी जैसा फर्क महसूस हुआ. उसकी ये बात सुनकर मुझे थोड़ी हंसी जरूर आयी, पर मेरे ख्याल से उसकी बात सही थी.

माइक ने आगे बताया कि उसने अलग अलग देशों की करीब करीब 200 महिलाओं के साथ संभोग किया होगा.. पर उसने पहली बार किसी हिंदुस्तानी लड़की के साथ संभोग किया और उसे बहुत फर्क लगा.उसने बताया कि उसकी पहली पत्नी एक नीग्रो थी और वो हम हिन्दुस्तानियों से भी ज्यादा काली थी. पर संभोग क्रिया में वो तारा की भाँति फुर्तीली नहीं थी और उसकी भी योनि उसे तारा जैसी महसूस नहीं हुई.

उसने आगे बताया कि मुनीर का बदन भी बाकी की अमरीकी और यूरोपियन महिलाओं की तरह है. मतलब के बायलर मुर्गी जैसी ही है.

मैं कभी माइक के सवालों का जवाब देती, तो कभी उसके पीछे का दृश्य देखती. इस तरह मैं धीरे धीरे फिर से उत्तेजित होने लगी. इसी बीच उसने मुझे संदेश भेजा कि क्या वो लोग मुझसे मिल सकते हैं.

पर मैंने कोई ध्यान नहीं प्रिया और पीछे तारा और मुनीर को देखती रही. तारा ने मुनीर की एक टांग को अपने कंधे पर चढ़ा लिया और दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर उसके स्तनों को मसलते हुए उसकी योनि ऐसे चूसने लगी, जैसे कि किसी फल से हम रस चूसते हैं.मुनीर तो पागलों की तरह तारा के बालों को जोर से पकड़ सिसकारी भरी आवाजें निकालने लगी और थोड़ी देर में माइक को बुलाने लगी. माइक उनके पास चला गया.

मेरी काम की अग्नि फिर से ज्वलित होने लगी. इस समय कमरे में कोई नहीं था, केवल मैं अकेली थी और अब मुझे परेशान करने कोई नहीं आने वाला था तो मैं निश्चिन्त होकर उन्हें देखने लगी. तीनों पूरी तरह से नंगे थे.

माइक जब उनके पास गया तो मुनीर ने तारा को अलग किया और झुक कर माइक के लिंग को पकड़ लिया. उसने अपने चूतड़ मटकाते हुए अपनी गुदा ऊपर की ओर उठा दी. तारा ने इशारा समझ लिया और मुनीर के पीछे जाकर झुक कर उसकी टांगें फैला कर चूतड़ पर थपकी मारते हुए दोनों कूल्हों को हाथों से फैला कर उसकी योनि में अपना मुँह भिड़ा प्रिया.

मुनीर ने सिसकारते हुए पूरे जोश से माइक का लिंग अपनी ओर खींचा और मुठी में भर कर उसके सुपाड़े को जीभ से चाटने लगी.

माइक का लिंग मुनीर की मुठ्ठी में पूरा नहीं आ रहा था. पता नहीं मुनीर की हथेली छोटी थी.. या माइक का लिंग वाकयी में सामान्य मर्दों के मुकाबले ज्यादा मोटा था. मोबाइल में सही अंदाजा लगाना मुश्किल था.

माइक सामान्य मर्दों के मुकाबले ज्यादा लंबा और चौड़ा दिख रहा था, पर मैं पूरे विश्वास के साथ फिलहाल नहीं कह सकती थी. माइक का लिंग अभी सामान्य अवस्था में था. फिर भी मुझे लंबा और मोटा प्रतीत हो रहा था.

मुनीर ने काफी देर माइक का लिंग ऊपर से चाटा.. फिर उसे मुँह में भर लिया. उसकी हरकतें बता रही थीं कि वो बहुत ही ज्यादा उत्तेजित और जोश में थी. उसने माइक के लिंग को चूसना शुरू किया और आंडों को हाथ से सहलाने और दबाने लगी. कुछ ही पलों में माइक का लिंग तनने लगा. मुनीर लगातार लिंग चूसती रही और कुछ मिनट में माइक का लिंग तन कर फनफनाने लगा.

इस वक्त लिंग ऐसा दिख रहा था मानो कोई मोटा जहरीला नाग हो. मुनीर लिंग चूसती रही और माइक मुख मैथुन का मजा लेता रहा.

आपको इस सेक्स स्टोरी में कितना मजा आ रहा है, ये आप मुझे मेल करके बताएं!support@mohakkisse.com

कहानी जारी है.

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Hello guys, I’m back with a new story of my after a very log time. Aaj free tha toh socha chalo story likh deta hun. Sabse pehle toh main sab readers se sorry feel karta hun, jo ki aapko itna lamba wait karna pada.

8 मिनट 740

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

रवि गुजराती

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

सुदीप्ता

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

हिमांशु जोरो

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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