होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई • पठन समय: 14 मिनट • पढ़ा गया: 760 बार

ग्रुप सेक्स की नई जोड़ीदार -1

सनी वर्मा

28 Aug 2020 को प्रकाशित

ग्रुप सेक्स की नई जोड़ीदार -1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, आप लोग मेरी लिखी कहानियाँ पसंद कर रहे हो, यह जान कर अच्छा लगता है।आपने मेरी पिछली कहानीभाभी की चचेरी बहन ग्रुप सेक्स मेंको पढ़ा जिसमें गीता राहुल और कावेरी की चुदाई की कहानी थी।

आपको याद होगा कि राहुल और गीता एक खुले दिमाग के और सेक्स में थ्रिल पसंद करने वाला दम्पत्ति हैं, जिनका एक ही बेटा है जो बाहर हॉस्टल में पढ़ता है इसलिए उन्हें सेक्स की कोई पाबन्दी नहीं है।

राहुल का दोस्त सनी गीता को पसंद आया और राहुल की सहमति से उन तीनों के बीच ग्रुप सेक्स होता है जिसे तीनों एन्जॉय करते हैं।गीता की एक हमउम्र चचेरी बहन है जो शादीशुदा है और उसके और गीता के बीच बहुत खुलापन है। गीता ने कावेरी के बारे में इतनी उत्तेजक बातें राहुल को बताई हैं कि अब राहुल कावेरी की चुदाई करना चाहता है, जबकि राहुल कावेरी से कभी मिला नहीं है।

गीता राहुल को बताती है कि कुछ दिनों बाद कावेरी यहाँ कुछ दिनों के लिए आएगी तब वो कोशिश करेगी कि कावेरी राहुल की हमबिस्तर हो जाए।

कावेरी जब गीता के पास रहने आती है तो गीता और कावेरी पहले तो लेस्बियन होकर एक दूसरे को एन्जॉय करती हैं और आखिर में राहुल कावेरी और गीता मिलकर ग्रुप सेक्स का मजा ले ही लेते हैं।जब तक कावेरी वहां रूकती है उनका चुदाई घमासान रोज होता है।

कावेरी जाते समय गीता से यह वायदा ले जाती है कि मौका निकाल कर गीता, राहुल, कावेरी और उसका पति धीरज कहीं बाहर घूमने चलेंगे और वहाँ कावेरी तो राहुल से चुदेगी और गीता धीरज से और वो सब ग्रुप सेक्स का मजा लेंगे।

अब आगे पढ़ें गीता की जुबानी:

कावेरी के जाते ही अगले दिन सुबह मैंने राहुल से कहा- बहुत दिन हो गए सनी से मिले, आज उसे बुला लो!कहना तो मैं यह चाह रही थी कि बहुत दिन हो गए सनी का लंड लिए… पर आखिर कुछ तो पर्दा होना ही चाहिए।

राहुल भी मुस्कुरा कर बोला- हाँ, मैं तो कह ही दूंगा, तुम भी कह देना।

मैंने राहुल के जाने के बाद सनी को फ़ोन किया… सनी ने फ़ोन पर एक लम्बा किस प्रिया, जिसका जवाब मैंने भी ढेर सारी चुम्मियाँ देकर प्रिया।

सनी की शिकायत थी कि मैंने उसे एक हफ्ते बिल्कुल नेगलेक्ट किया। अब मैं उसे क्या बताती कि पिछले सात दिन तो चूत और मम्मों की सेवा में ही निकले हैं।मुझे राहुल ने कसम दे दी थी कि जो कुछ हुआ, उसका पता सनी को कभी नहीं लगना चाहिए।

मैंने सनी से कहा- मैंने भी तुम्हें बहुत मिस किया है, चलो आज आ जाओ, सारी शिकायत दूर कर दूँगी।सनी बोला- रोज रोज रोमा को झूठ कैसे बोलूँ?

सनी ने मुझसे पूछा कि क्या इस खेल में हम रोमा को भी शामिल कर सकते हैं?पता नहीं क्यों, मुझे अच्छा नहीं लगा कि मेरा पति दूसरी औरतों के सात ज्यादा सेक्स करे। एक तरफ तो मैं राहुल के अलावा सनी से चुद ही रही थी और अब तो कावेरी भी मुझे धीरज का लंड दिला रही है।

धीरज के साथ करना मेरी मजबूरी होगी क्योंकि जब कावेरी राहुल से चुद रही होगी तो मैं या धीरज क्या करेंगे।

और दूसरे राहुल को कावेरी ने इतनी मजे दिये हैं और मैंने भी राहुल के सामने ही सनी से चुदाई की है तो अब राहुल को भी दूसरी चूत का चस्का लग गया है।

सनी की बात सुनकर मैंने कहा- चलो, आज तुम रोमा को लेकर आओ… आज चुदाई तो नहीं होगी पर रोमा की यह शिकायत दूर हो जाएगी कि तुम हमेशा अकेले ही राहुल के घर जाते हो। हाँ, कोशिश करना की रोमा अच्छे मूड में आये और ड्रेस भी वेस्टर्न पहन ले।किस्मत की बात, सनी की सास आई हुई थी, इसलिए रोमा ने मुझसे आने को मना कर प्रिया पर जब मैंने कहा कि मैंने तो सब्जी दोपहर को ही बना ली थी तो रोमा बोली कि वो तो नहीं आ पायेगी पर सनी आ जायेगा…

मेरे तो मन की हो गई… अब मेरा सनी मेरी बाँहों में होगा और समय की कोई पाबन्दी भी नहीं होगी।

शाम को सनी आया तो आज हम लोगों ने खाना नीचे ही खाया और राहुल और सनी ऊपर चले गए।रसोई का काम निबटा कर मैं भी ऊपर आ गई।

राहुल बोला- चलो नहा लें!सनी से राहुल ने कहा- चल पहले तू और गीता नहा लो…मैंने कहा- नहीं, मैं तुम लोगों के साथ नहीं नहाऊँगी, तुम दोनों नहाओ, मैं बाद में नहा लूंगी।

राहुल और सनी नहाने चले गए।अंदर से राहुल ने आवाज दी- चलो नहाओ मत, कम से कम हमारी पीठ पर साबुन तो लगा दो…

मैं अपनी साड़ी उतार चुकी थी तो ब्लाउज और पेटीकोट में ही अन्दर चली गई।अन्दर बाथरूम में अँधेरा था, शावर के नीचे दोनों खड़े थे नंग धड़ंग… राहुल ने मुझे भी खींच लिया।

ऊपर से पानी और दोनों ओर दो नंगे बदन… मेरे भी कपड़े उतरते चले गए…अब दोनों मेरे मम्मे चूस रहे थे और मेरे दोनों हाथों में उनके लंड थे।मुझे कावेरी के साथ शावर की मोटी धार से चूत मालिश याद आ रही थी।सनी नीचे बैठ कर अब मेरी चूत चूस रहा था और राहुल मेरे पीछे आकर मेरे दोनों मम्मे दबा रहा था और उसने मेरा मुँह पीछे घुमाकर अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी थी।

अब मेरी चूत को लंड चाहिए था… मैंने अपनी एक टांग नल की टोंटी पर रख दी अब मेरी चिकनी चूत पूरी खुली हुई सनी के सामने थी।उसने भी बात समझते ही अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़ प्रिया।मजा आ गया..मैं भी सीत्कार करने लगी- मजा आ गया जानूं … बहुत दिनों बात दो दो लंड मिले हैं…

अब राहुल की बारी थी… उसने अपने लंड पर पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाया और मेरे न न कहने पर भी मेरी गांड में घुसेड़ प्रिया।मेरी तो जान ही निकल गई… पर अब मजा बहुत आ रहा था।

मेरे मम्मे राहुल मसल रहा था और चूत और गांड दोनों में ही लंड धकापेल कर रहे थे।दो-तीन मिनट की उछल-कूद के बाद दोनों ने ही अपना माल मेरे मम्मों पर छोड़ प्रिया।

नहा धोकर हम बाहर आ गए।

सनी घर जाना चाहता था… मैंने भी रोकना उचित नहीं समझा, पता नहीं उसकी सास क्या सोचती और मुझे अभी राहुल से और चुदवाना भी था।

मैं सनी के जाने के बाद नीचे जाकर कॉफ़ी बना लाई।

कमरे में आते ही राहुल ने मेरी नाईटी उतार फेंकी… खुद तो वो पहले ही बिना कपड़ों के था।मैंने कहा- कॉफ़ी तो पी लो!तो वो बोला- अन्दर करके पियेंगे।मैं समझ कर भी अनजान बन गई।

राहुल ने बिस्तर पर अधलेटे होकर मुझे अपने ऊपर बिठाया और अपना लंड मेरी चूत में कर प्रिया।मैं जोर से राहुल से चिपक गई, उसका लंड अंदर दूर तक घुस गया।

फिर चूमते हुए राहुल ने मेरे मम्मे दबाने शुरू किये।मैंने कहा- कॉफ़ी ठंडी हो रही है!

यह भी पढ़ें (Recommended)

Bhabhi Ka Pyaar Ya Phir Zarurat

तब ऐसे ही अंदर किये किये हम लोगों ने कॉफ़ी ख़त्म करी, कॉफ़ी का मग साइड में रखते ही राहुल ने मुझे नीचे पटक प्रिया और मेरी टांगों को ऊपर करके जंगलियों की तरह मुझे चोदने लगा।

सच बताऊँ मुझे बहुत मजा आ रहा था… लग रहा था कि हम रोज ऐसे ही क्यों नहीं करते।मैं दावे के साथ कह सकती हूँ कि जो लोग ग्रुप सेक्स करते हैं या अपने पार्टनर के अलावा अन्य से भी सेक्स करते हैं, उनकी सेक्स लाइफ बहुत रंगीन होती होगी।

अगले दिन मैंने रोमा के घर जाने का प्रोग्राम बनाया।मैंने सोचा देखती हूँ कि जो सनी ने कहा है क्या वो संभव है।

मैं दोपहर खाना खाने के बाद रोमा के घर गई।उसकी माँ सुबह ही वापस गई थीं और वो दस दिनों के लिए रोमा के बेटे को भी अपने साथ ले गई थीं।

रोमा घर पर अकेली थी और चूंकि मैंने उसे बता प्रिया था कि मैं दोपहर में उसके पास ही रहूंगी तो उसने मेरे लिए दही वड़ा और फ्रूटचाट बना कर रखी थी।मैं उसके लिए गिफ्ट में एक शॉर्ट्स वाला नाईट सूट ले गई थी।

खा पीकर जब हम बेड पर बैठी तो मैंने उससे कहा- मुझे नाईट सूट पहन कर दिखा?उसे कुछ शर्म आ रही थी।मैंने उससे कहा- रोमा, माना मैं तेरे से तीन चार साल बड़ी हूँ, पर इतनी बड़ी नहीं हूँ कि हम अच्छे दोस्त न बन पायें। और दोस्तों में शर्म कैसी?

खैर रोमा वो नाईट सूट पहन कर आ गई। गजब की प्यारी लग रही थी।मैंने उसे प्यार से अपने पास बिठाया और पूछा- सच बताना, तुम दोनों की सेक्स लाइफ कैसी है?वो चुप रही।

मैंने उसके दोनों गाल अपने हाथ में लिए और दोबारा पूछा।वो रो पड़ी, बोली- भाभी बेटे के चक्कर में मैं सनी को बिल्कुल टाइम नहीं दे पाती हूँ और मुझे इसका बहुत अफ़सोस है। सनी सोचता है कि मैं ठंडी हो गई हूँ, पर पता नहीं क्यों, अब सेक्स में मन नहीं करता।

रोमा को समझाया मैंने कि वो अब मुझे गीता बोलेगी भाभी नहीं और मुझ से हर बात शेयर करेगी।मैंने उससे कहा कि वो अभी ब्यूटीपार्लर जाए और आज रात कैसे रंगीन हो, इसकी प्लानिंग करे।

रोमा ये सब सुनकर खुश हो गई और मुझ से चिपट गई।मैंने भी अपना अगला दाव चलते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

आज के लिए इतना ही काफी था।मैंने उसके गाल थपथपा कर अलग होकर उससे विदा ली।

अगले दिन रोमा का फ़ोन आया कि वो मेरे पास आना चाहती है।मैंने कहा कि बारह बजे तक आ जाना और खाना भी मेरे साथ ही खाना।

रोमा के आने से पहले सनी का फ़ोन आया, वो बोला- भाभी, तुमने क्या जादू कर प्रिया, ऐसी रंगीन बीवी और रंगीन रात मेरी जिन्दगी में पहली बार आई…

वो बहुत खुश था।मैं भी खुश थी यह सोचकर कि आज कावेरी के बाद दूसरी लड़की के साथ में हमबिस्तर होने वाली हूँ।

रोमा बारह बजे से पहले ही आ गई थी… नीचे मां-बाबूजी के पास आधा घंटा बैठकर वो ऊपर आ गई।

किवाड़ बंद करते ही वो मुझ से चिपट गई और हम दोनों पांच मिनट तक होंठ से होंठ मिलाये चिपके रहे।वो बोली- आप मेरे पास पहले क्यों नहीं आई?वो बहुत खुश थी।

मैंने रामू को आवाज देकर खाना ऊपर ही मंगा लिया।खाना खाकर हम बिस्तर पर लेट गई… वो और मैं दोनों ही साड़ी पहने थी और इससे छुटकारा चाह रही थी।

रोमा मुझसे लिपट गई और बोली- भाभी, आपने मेरी जिन्दगी बदल दी। पता नहीं मैं कहाँ ठहर गई थी। आप न आती तो सच बहुत अनर्थ हो जाता। मेरे और सनी में बहुत दूरी हो गई थी जो आपने एक ही दिन में दूर कर दी।

मैंने रोमा के गालों को हाथ में लेकर कहा- तू अब मुझे गीता ही कहा कर भाभी नहीं, क्योंकि इज्जत तो मन से होती है, शब्दों से नहीं।रोमा बोली- मेरे मुंह से नहीं निकलेगा, शर्म आएगी।

मैंने कहा- चल तेरी शर्म ही निकाल देती हूँ।

उसके होंठों पर मैंने अपने होंठ लगा दिये।आग तो रोमा के अंदर भी लगी हुई थी, वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी।

मैंने अपनी और उसकी साड़ी उतार दी और पांच मिनट बाद हम दोनों बिल्कुल नंगी होकर चिपटी हुई थी, अब शर्म नाम की कोई चीज उस कमरे में नहीं थी।

मैं नीचे हो गई और उसकी चूत जो उसने कल ही साफ़ की थी, को चाटने लगी और फिर मैंने अपनी चूत उसे दे दी।अब हम 69 पोजीशन में एक दूसरे की चूत चूस रहीं थी।मैंने अपनी दो उंगली उसकी चूत में कर दी और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी।

अब रोमा जोर जोर से आवाजें निकल रही थी… मुझे लगा कि आवाज नीचे भी जा सकती हैं तो मैंने अपनी उंगली बाहर निकाल ली और रोमा को अपने से भींच कर उसके गर्म होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

पांच सात मिनट के बाद हम दोनों शांत हो गईं और रोमा ने शर्म से अपने हाथों से अपने मुंह को ढक लिया।मैंने बड़े प्यार से उसको अपने से अलग किया और कपड़े पहनने को कहा..कपड़े पहन कर रोमा मेरे बगल में चुपचाप बैठ गई, शर्म से वो कुछ बोल नहीं पा रही थी।

मैंने उसे समझाया की चलो आज से हम दोनों अच्छे दोस्त बन कर रहेंगे और अपनी हर बात शेयर करेंगे।रोमा ने मुझे कसम दी कि यह बात मैं राहुल को कभी नहीं बताऊँगी।मैंने उससे वादा किया कि जब तक वो सनी को खुद नहीं बताएगी तब तक मैं भी चुप रहूंगी।

रोमा डर कर बोली कि सनी को अगर पता चल गया तो वो तो मुझे छोड़ देगा!

मैंने रोमा को समझाया कि सनी को फिलहाल मत बताओ पर हर आदमी इस तरह की बेबाकी अपनी पत्नी से चाहता है और जब भी वो सनी को इस बारे में बताये तो यह न बताये कि उसने मेरे यानि गीता के साथ ऐसा किया है, बस वो अपनी किसी बचपन की सहेली का नाम ले ले वो भी शादी से पहले की बात बता कर …फिर देखना सनी उस रात तुम्हारी कितनी चुदाई करेगा।

अब रोमा नार्मल फील कर रही थी… हम नीचे आ गई, थोड़ी देर बाद चाय पीकर रोमा घर चली गई।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

ग्रुप सेक्स की नई जोड़ीदार

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Bhabhi Ka Pyaar Ya Phir Zarurat
भाभी की चुदाई

Bhabhi Ka Pyaar Ya Phir Zarurat

Namaskar dosto, mera naam Aman hai aur main Delhi ka rehne wala hun. Meri umar 25 saal hai par ye kahani jab ki hai, jab main 19 saal ka tha.

9 मिनट 734
Uncle’s Visit
भाभी की चुदाई

Uncle’s Visit

Ashok ke uncle, Kunal ne Ashok aur Savita ko milne jaane ka socha. Kya iska matlab ye hai ki Savita ke chudai kaand, Shobha, Taran aur Varun ke sath ab band ho jaayenge? Savita uss pal ko yaad karti hai jab Kunal uncle pehli baar milne aaye the 3 ...

2 मिनट 583
दोस्त की चुदक्कड़ भाभी श्वेता-1
भाभी की चुदाई

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी श्वेता-1

मेरा नाम बिपिन है। मैं धुले (महाराष्ट्र) का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 33 साल की है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। यह कहानी दिसम्बर महीने की ही है, जब मैंने मेरे सबसे पक्के दोस्त की भाभी को चोदा था और उस दिन से वो चाहती है कि वो हर रोज म...

11 मिनट 1,137

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।