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जीजा साली की चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 917 बार

अवन्तिका की बेइन्तिहा मुहब्बत-2

मानस गुरू

25 Jun 2016 को प्रकाशित

अवन्तिका की बेइन्तिहा मुहब्बत-2
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अब तक आपने पढ़ा..

मेरी जान डंबो मेरे साथ बिस्तर में थी और मैं उसकी उफनती जवानी में डुबकी लगा रहा था।

अब आगे..

उसकी चूत पूरी तरह से शेव्ड थी, मैंने भी अपने लंड और गोलियों के पास के सारे बाल पिछली रात को ही साफ़ कर लिए थे।

उस 23 दिसंबर का वो दिन रायपुर में बड़ा ही ठंडा था, मुझे थोड़ी सी ठंड लग रही थी।जैसे ही डंबो को मेरी इस तकलीफ़ का आभास हुआ.. उसने मुझे अपने गर्म शरीर से जकड़ लिया और अपने मम्मों से और शरीर से मुझे वो एक रगड़ सा एहसास देने लगी।

एक रत्ती भी झूठ नहीं कहूँगा दोस्तो.. यह रगड़ और प्यार किसी स्वेटर के गर्म अहसास से कम नहीं था। सही मायने में कहो तो यही एक भारतीय औरत का प्रेम होता है।

अब वो मेरे लंड को बड़े प्यार से चूसने लगी और यकीन मानो दोस्तो.. थोड़ी ही देर में मेरे शरीर में से पसीने छूटने लगे।

इस लंड चुसाई को अभी कुछ मिनट ही हुए थे कि डंबो ने कहा- मेरे शोना को भूख लगी होगी ना?मैंने सिर झुका कर ‘हाँ’ कहा..मैंने उसे मेरे हाफ पैन्ट जैसे बरमूडे की तरफ इशारा किया।

उसने कहा- शोना कल सुबह तक तुम्हें मैं एक भी कपड़ा पहनने नहीं देने वाली हूँ।मैंने कहा- शोना ये कैसी जिद है?जबाव में उसने कहा- है.. तो है..

अब मैं बिस्तर से खड़ा हुआ तो फिर उसने मुझे धक्के मार कर बिस्तर पर गिरा दिया।

मैंने कहा- अब क्या है?वो बोली- कल सुबह तक तुम मेरे बच्चे हो.. तुम्हें जहाँ जाना है.. मैं ही ले जाऊंगी। मैं अपने बच्चे को उसकी उंगली पकड़ कर टेबल तक ले जाऊंगी।तुरंत उसे मैंने अपने राइट हैण्ड दिया.. तो फिर उसने कहा- नो नो..

उसने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझे किस करते-करते टेबल तक ले गई।

डंबो ने मेरी पसंद का सारा खाना टेबल पर रखा हुआ था। डंबो हाथ धो कर आई और उसने अपने हाथों से मुझे कभी रोमांटिक स्टाइल में.. तो कभी डांटते हुए.. तो कभी मनाते हुए पेट फटने की स्थिति तक खाना खिलाया।मैंने भी उसे उसी तरह से उतना ही खाना खिलाया।

फिर हम दोनों ने हाथ धोए।अब उसने कहा- चलो साथ में नहाते हैं।मैंने कहा- ओके..

फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और मुझे ऊपर के बाथरूम तक ले गई। दोस्तो, जब वो चल रही थी, उसकी गांड की लचक देख कर मैं पागल हुआ जा रहा था। मुझे अपने आप पर एकदम कंट्रोल नहीं हो पा रहा था।

तभी मैंने डंबो से कहा- डंबो मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है।तो तुरंत उसने कहा- चल शोना.. तुझे थोड़ा ठंडा कर दूँ।

उसने मुझे सीधा खड़ा किया… अपने दोनों हाथों की हथेलियों से मेरी गांड को सहलाते हुए उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया।

आह्ह.. क्या गजब का अहसास था वो दोस्तो..

अगले कुछ ही मिनट में मेरा लावा उसके मुँह में छूट गया.. वो मेरा सारा लावा पी गई और कुछ देर तक मेरे मुरझाते हुए लंड को किस करती रही।फिर वो मेरी बांहों में आके झूल गई।

मैंने पूछा- डंबो इन सब चीज़ों के बारे में तुम इतना कैसे जानती हो?तो उसने फट से जवाब दिया- शोना कल मैंने 3 घंटे बैठ कर बहुत सारी पॉर्न साइट्स देखी हैं।

मैं उसकी इस बात को सुन कर अचानक से हक्का-बक्का रह गया।मैं मन ही मन में सोचने लगा कि अब ये कौन-कौन सी फंतासियों को मेरे ऊपर ट्राई करने वाली है।

मैं उठा और देखा कि 5 बज रहे हैं। मैं नीचे आया और मैंने चाय बनाई। चाय के टी-पॉट के साथ मैं नारियल और सरसों तेल की बोतल ऊपर ले आया।

जैसे ही में वापस कमरे में घुसा.. तो देखा डंबो मेरा फोन देख रही थी। तब मैं फिर से डर गया क्यूंकि मेरे फोन में ढेर सारी पॉर्न क्लीपिंग्स और फोटोग्राफ्स थे।

उसने मुझे देख कर कहा- शोना आज मैं तुम्हें ये सारे एक्सपीरियेन्सस दूँगी।

उसकी यह बात सुनकर मैंने फिर से उसे गोदी में उठा कर चूम लिया।हमने एक बड़े ही रोमांटिक अंदाज़ में चाय खत्म की।

फिर मैंने ज़मीन पर एक चटाई बिछाई और डंबो को उस पर लेटाया और डंबो के सिर पर एक हवादार पिलो रखा। अब मैंने डंबो के सिर से पैर तक पूरे जिस्म में सरसों के तेल को लगाया..वो मेरे इस अंदाज़ से बड़ी रोमांटिक हो उठी।

मैंने धीरे-धीरे और हल्के हाथों से उसके सर की मालिश की.. फिर उसके मम्मों को मैंने कुछ देर चूसा। फिर मम्मों की भी मालिश की। अब आई गांड और चूत की बारी.. मैंने डंबो की चूत को बड़े ही रोमांटिक अंदाज़ में चाटना शुरू किया और साथ ही साथ उसकी चूत को मैंने अपनी दो उंगलियों की मसाज भी दी।

कुछ ही पलों में डंबो ने कहा- शोना मेरा होने वाला है।मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया और अगले ही पल वो मेरे मुँह में झड़ गई।

मैंने उसके काम रस का बड़े आराम से और स्वाद लेते हुए मज़ा लिया और उसे अपने बाँहों में खींच लिया।डंबो ने मेरे गालों पर हाथ रख कर कहा- शोना आज के ये पल में कभी नहीं भूलूंगी।

उसके तुरंत बाद उसने मुझे एक बड़ी प्यारी सी किस दी।

अब डंबो ने मुझे चटाई पर लेटाया और उसने मेरी मालिश चालू की। उसका स्पर्श मुझे इसमें मुहब्बत और समर्पण दोनों का ही एक अलग आनन्द मिल रहा था।उसने मेरे सिर की जो मालिश की, उससे मुझे एक अलग ही ताजगी का अहसास मिला।अब उसने मेरे पैरों की मालिश की.. जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता, क्या मस्त मालिश थी वो..

पैरों की मालिश के बाद उसने मेरे लंड पे एक नारियल तेल की धार टपकाई.. और मेरे लंड और गोलियों को वो धीरे-धीरे अपने मुलायम हाथों से सहलाने लगी।

उसकी मुहब्बत देख कर मैं तब घायल हो गया, जब उसने कहा- शोना.. आपको कोई तकलीफ़ तो नहीं हो रही ना..

ये एक भारतीय लड़की के ही संस्कार होते हैं, जो अपने प्यार करने वाले लड़के का थोड़ा सा दर्द भी बर्दाश्त नहीं कर सकती, बाकी विदेशी लड़कियाँ तो बस अपनी वासना शांत करके निकल लेती हैं।

मैंने डंबो से कहा- मुझसे अब रहा नहीं जा रहा डियर..उसने तुरंत मुझे उठाया और मुझे बाथरूम में ले गई।

वहाँ डंबो ने पहले से ही बाथटब में गरम पानी रेडी रखा था। मैं और डंबो मालिश किए हुए चिकने और लाल बदन के साथ बाथटब में उतर गए.. बाथटब में हमने बहुत शरारातें की.. मेरी डंबो बड़ी शरारती थी।

फिर एक चुम्बन का बहुत ही मोहक दौर चला। अब समय 9 बजे का हो चला था.. डंबो ने मुझे बाथटब के ऊपर वाले हिस्से में बैठने को कहा। जैसे ही मैं वहाँ बैठा.. डंबो फिर मेरे लंड पे टूट पड़ी।अब सही में कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था क्योंकि डंबो अब अपने मम्मों से मेरे लंड को मालिश दे रही थी।

डंबो से मैंने कहा- शोना.. अब और नहीं रहा जाता। डंबो ने तुरंत मेरा लंड मुँह में लिया और मेरे लंड को बड़े ही मोहक ढंग से चूसने लगी।

अगले 3 मिनट में ही डंबो के मुँह में मेरा कामरस झड़ गया, उसने मेरा पूरा कामरस पी लिया।डंबो मेरे चेहरे की तृप्ति को देख कर बड़ी खुश थी।

मैं कुछ देर तक बाथटब में ऐसे ही पड़ा रहा.. और डंबो ने मुझे अपनी बांहों में भरके मेरे सिर को अपने सीने से लगाए रखा। वो कुछ देर तक मेरे बालों को सहलाती रही। डंबो का ये प्यारा एहसास शायद मुझे मेरी बीवी भी नहीं दे पाएगी।

अब दस बज चले थे… डंबो ने कहा- चल शोना डिनर करते हैं।

मैं उठा तो डंबो ने तुरंत एक बाथरोब डाला और मुझे एक लोवर और टी-शर्ट पहनाया। हमने अब एक बहुत ही लाइट कैंडल लाइट डिनर किया.. और फिर हम डिनर करके तकरीबन रात को 11 बजे फिर से बेडरूम में आ गए।

हम दोनों ने तकरीबन आधे घंटे तक कुछ प्यार किया.. तो कुछ शरारतें भी की। कुछ देर तक कल्पनाओं में उड़ते रहे। फिर उसने अचानक से कहा- शोना आज मेरा पहली बार है.. थोड़ा प्यार से… प्लीज।

मैंने डंबो के सर को दोनों हाथों से पकड़ कर कहा- जान तेरी तकलीफ़ यानि मेरी तकलीफ़.. आय लव यू..

अब मेरा लम्बा लंड लोवर में से खड़ा दिख रहा था।

डंबो- मेरा शोना.. ये शायद कोई बदमाशी करना चाह रहा है।मैंने भी कहा- हाँ बात तो तुम सही कह रही हो।

डंबो ने झटके से मुझे गिराया और मेरे लोवर को मुझसे अलग कर दिया और मेरे लंड को बेइन्तिहा चूसने लगी।बाप रे मुझे तो लग रहा था शायद डंबो जन्म-जन्मों से इस प्यार की भूखी थी।

थोड़ी देर बाद उसे भी मैंने बाथरोब से अलग किया और उसकी चूत को चाटना शुरू किया।वो बड़ी तेज़-तेज़ सिसकारियाँ लेने लगी और बड़ी ही मोहक आवाज़ में उसके मुँह से आवाज़ निकली।

‘शोना अब बस भी करो… अब मुझे लड़की से औरत बना दो ना जल्दी.. डाल दो ना अपना लंड मेरी चूत में शोना.. आज तेरी डंबो तुझे अपना पूरा शरीर सौंपती है।’

मैंने तुरंत उसके सिर पर एक तकिया रखा और एक तकिया उसकी गांड के नीचे रखा। फिर मैंने उसकी चूत में नारियल तेल डाला।

डंबो ने तुरंत मेरे हाथों से कन्डोम का पैकेट लिया और उसे कचरेदान में फेंक दिया। मैंने उसकी तरफ सवालिया निगाहों से देखा तो उसने तुरंत कहा- शोना आज तुम मेरे शरीर के स्वामी हो.. और स्वामी को पूरा हक होता है।

उसकी इस बात का मैं दीवाना हो गया और उसकी चूत की दीवारों पर मैंने अपना लंड रगड़ना शुरू किया। उसकी सिसकारियाँ तेज हो गईं।

मैंने एक झटके के साथ अपना पूरा लंड डंबो की चूत में घुसाया, पर उसकी चूत इतनी कसी हुई थी… कि मेरा लंड अन्दर नहीं गया।मैंने डंबो से कहा- जान मुझे थोड़ी ताक़त लगानी पड़ेगी.. और तुम्हें थोड़ा सा दर्द होगा। मैं अड्वान्स में ही तुमसे ‘सॉरी’ कहता हूँ।

मैंने उसे एक लंबी किस दी। उसने सर हिला कर ‘ओके’ कहा। मैंने फिर से थोड़ा तेल और लगाया और एक ज़ोर का झटका उसकी चूत में लगाया।

डंबो बड़ी ज़ोर से चिल्लाई- शोना बहुत दर्द हो रहा है..

अब सील पैक चूत फटेगी तो दर्द तो होगा ही.. चलिए देखते हैं कि अपनी डंबो की चूत का क्या हश्र हुआ।

आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपका मानस।support@mohakkisse.comमेरी यह सेक्स कहानी जारी रहेगी।

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अवन्तिका की बेइन्तिहा मुहब्बत

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विक्रम मलहोत्रा

1 week ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

सोनाली शाह

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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