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भाभी की चुदाई • पठन समय: 12 मिनट • पढ़ा गया: 1,031 बार

सगी भाभी ने दूध पिलाकर चुत चुदवायी- 2

रोहित राणा

08 Dec 2025 को प्रकाशित

सगी भाभी ने दूध पिलाकर चुत चुदवायी- 2
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हॉट भाभी की चूत स्टोरी में पढ़ें कि कैसे भाभी का दूध पीने से मैं उत्तेजित हो गया. मैंने भाभी को पूरी नंगी होकर दूध चुसवाने को कहा. वो पूरी नंगी हो गयी.

अब आगे हॉट भाभी की चूत स्टोरी:

मैं अपने कमरे में जाकर सो गया. ऐसे ही सुबह हो गयी और मैं नाश्ता करके अपने ऑफिस निकल गया.दोपहर एक बजे में फिर से खाना खाने घर चला आया और आकर देखा तो बंगालन भाभी मेरे घर पर आ गयी थीं. वो मेरी भाभी से कुछ बातें कर रही थीं.

मैं- भाभी मुझे भूख लगी है … प्लीज मुझे खाना दे दो.बंगालन भाभी- कितने स्वार्थी हो तुम अमित!

मैं- क्या हुआ भाभी … मैंने क्या किया!बंगालन भाभी- तुम्हें जरा भी शर्म नहीं आती … जब भूख लगी तो भाभी याद आ गयी और जब तेरी भाभी दिक्कत में है, तो तू उसकी मदद करने के बजाए उसे छोड़कर चला गया. ऐसा क्या गलत कह प्रिया था तेरी भाभी ने … यही ना कि उनका दूध पी ले!

मैं- भाभी, पर ये पाप है.बंगालन भाभी- कैसा पाप, हमारे यहां जब बच्चा होने के बाद दूध जल्दी नहीं निकलता है … तब देवर को बुलाकर भाभी के दूध चूसने को बोला जाता है, ये कोई पाप नहीं है.

उनकी बात सुनकर मैं सोचने लगा कि क्या बंगालन भाभी सही कह रही हैं. मुझे न जाने क्यों ऐसा लग रहा था कि अपनी सगी भाभी के साथ ऐसा करना एक पाप होगा. मैं अपने भाई के साथ दगा करूंगा.

मुझे सोचते देख कर बंगालन भाभी मेरे करीब आ गईं और मेरे गाल पर चूमती हुई बोलीं- क्या सोच रहे हो मेरे भोले देवर जी!

बंगालन भाभी ने जैसे ही मेरे गाल पर चुम्मी ली, मैं एकदम से हड़बड़ा गया.

फिर बंगालन भाभी से दूर होकर मैंने कहा- भाभी, आप ये क्या कर रही हैं?बंगालन भाभी ने इठला कर कहा- अभी तो सिर्फ चुम्मी ली है अमित … यदि मेरा बस चले … तो मैं तुझे कच्चा ही खा जाऊं.

मैं बंगालन भाभी की इस अदा को देख कर एकदम से गर्मा गया.मेरा मन तो हुआ कि उन्हें पकड़ कर अभी के अभी चोद दूं … पर वो मुझे मेरे लिए एक आसान शिकार लगीं … तो मैं चुप रह गया.

अब बंगालन भाभी ने फिर से कहा- अमित तुम अपनी भाभी को दर्द से निजात दिलाओगे, तो ये एक पुण्य का काम होगा. मैं सच कह रही हूँ, ये कोई पाप नहीं होगा … बल्कि तुम्हारा धर्म होगा.

मैंने कहा- क्या ये सच है भाभी!बंगालन भाभी- हां बिल्कुल सच है. मेरी बात को गम्भीरता से लो और अपनी भाभी की सेवा करो.

मैंने बंगालन भाभी से पूरी संजीदगी से कहा- सॉरी भाभी, आज से मैं अपनी भाभी को नाराज नहीं करूंगा.बंगालन भाभी- तो अब ये पक्का रहा न कि तू अपनी भाभी का दूध पियेगा!

मैं- हां भाभी मैं अपनी भाभी की पूरी सेवा करूंगा.मेरे ऐसा बोलते ही मेरी भाभी सामने आ गईं और बोलीं- लो … तो अभी पी लो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

मैं- हां भाभी … पर आपको कोई दिक्कत तो नहीं है ना!भाभी- नहीं … अब जल्दी से पी लो.मैं- अच्छा ठीक है.

फिर मैंने बंगालन भाभी की तरफ देखा, तो वो मुस्कुराकर चली गईं … पर जाते जाते मेरी भाभी को आंख मार कर गईं.मेरी भाभी ने भी उन्हें मुस्कुरा कर देखा और आंख दबा कर उनका शुक्रिया अदा किया.

मैंने उन दोनों की इस कारगुजारी को अनदेखा करते हुए अपनी भाभी से कहा- भाभी मुझे माफ कर दो, अब मैं आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा.भाभी- ठीक है … वो सब छोड़ … पहले दूध तो पी.

ऐसा बोलकर उन्होंने अपना टॉप निकाला और ऊपर से पूरी नंगी हो गईं, यहां तक कि भाभी ने अपनी ब्रा भी निकाल दी.भाभी के भरे हुए मम्मे देख कर मेरा तो लंड एकदम से खड़ा हो गया.मेरा खड़ा लंड भाभी ने भी देख लिया.

भाभी नशीली आंखों से मुझे देखती हुई बोलीं- आ जा अमित … पी ले मेरा दूध.

ऐसा बोलकर वो बेड पर बैठ गईं और मेरा सर अपनी जांघ पर रख कर अपना एक चुचा मेरे मुँह में दे प्रिया.जैसे ही मैंने भाभी की चूची को चूसा … उसमें से दूध की धार निकलकर मेरे मुँह में आने लगी.

ओह माय गॉड … भाभी का दूध बहुत मीठा था. मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था और मैंने जोर जोर से भाभी के निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूसना चालू कर प्रिया.

ये देख कर भाभी को बड़ा आराम पड़ गया और वो अपने उस चुचे को दबाती हुई मुझे दूध पिलाने लगे.

कोई दो मिनट बाद मैंने भाभी का मम्मा अपने हाथ से पकड़ा और दबा दबा आकर दूध चूसने लगा.

भाभी मेरे सर पर हाथ फेरती हुई बोलीं- क्यों देवर जी … अब क्या हुआ … अब तो मेरे मम्मे को छोड़ नहीं रहे हो.मैं- भाभी अगर मुझे पहले पता होता कि आपका दूध इतना मीठा है … तो रोज ही आपका दूध पी लेता.

भाभी- हां रोज पी लेना मेरा दूध … मैं कहां भागी जा रही हूँ.मैं- हां भाभी मुझे आपका दूध अब रोज पीना है.

मैंने दूसरे हाथ से भाभी का दूसरा चूचा दबाना चालू कर प्रिया. उसमें से दूध की धार निकल कर कपड़ों पर गिरने लगी.

भाभी- अरे ये क्या कर रहे हो देवर जी! दूध से मेरी लैगी खराब हो रही है.मैंने दूध मसलते हुए कहा- भाभी अब आप कुछ नहीं बोलोगी, मुझे मेरे मन की कर लेने दो.भाभी- ठीक है, जल्दी से दोनों का दूध पी लो.

मैं मस्ती से अपनी भाभी की चूचियों का दूध पीने लगा. साथ ही मस्ती से उनकी दोनों चूचियों को मसल भी रहा था.

भाभी की चूचियों का दूध पीते पीते अब अब मेरा लंड इतना तन गया था कि मानो कोई बड़ा लोहे का औजार हो.

भाभी ने मेरे लंड को देखा और बोलीं- देवर जी आपका तो लंड बड़ा हो गया है … अब इसका क्या करोगे!मैं- भाभी सब आपके दूध चूसने का नतीजा है. आपके दूध में बहुत ताकत है. अब आपको ही इसे शान्त करना होगा.

भाभी- ठीक है … पर किसी को बताना मत!मैं- ठीक है भाभी … अब आपका एक का दूध निकलना बंद हो गया है.

भाभी- ओके अब दूसरा भी खाली कर दो.मैं- ठीक है … अब तो मैं रोज यही खाना खाऊंगा.भाभी हंस कर बोलीं- ठीक है … दूध पी कर ही भूख मिटा लेना.

करीब 15 मिनट में मैं भाभी के दोनों मम्मों का सारा दूध पी गया.

मैं- भाभी, इतना दूध तो मैंने अपनी मां का भी नहीं पिया होगा. सच में आपका दूध बहुत मीठा है. मैं रोज पियूंगा.भाभी ने मेरे सर पर हाथ फेरते हुए कहा- हां पी लेना … आज तुमने मेरा दूध पीकर मुझे काफी राहत दिला दी है.

मैं- भाभी, मुझे आपके साथ सेक्स भी करना है.भाभी- क्या, अपनी भाभी को चोदोगे?

मैं- हां भाभी मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो, मुझे आपसे प्यार है.भाभी- अच्छा देवर जी … अब ये पाप नहीं है क्या!

मैं- नहीं भाभी, बस अब मैं आपको चोदना चाहता हूँ.भाभी- ठीक है … पर जब मैं कहूँ तब तुम्हें मेरा दूध पीना होगा.

मैं- वो तो मैं पी ही लूंगा, पर मुझे अभी आपकी चुत का पानी पीना है.भाभी- वो सब अभी नहीं, रात को कर लेना, अब तुम ऑफिस जाओ.मैं- ओके भाभी … आज रात को आप रेडी रहना मैं आपको चोदूंगा.

इतना कहकर मैं चला गया.

शाम को मैं ऑफिस से 5 बजे ही घर को गया.

मैं- भाभी, कहां हो!भाभी- क्या हुआ अमित … आज बहुत जल्दी आ गए!

मैं- क्या करूं भाभी … आपका दूध पीने का जी किया … तो आ गया.भाभी- अरे वाह मेरा प्यारा देवर, भाभी का कितना ख्याल रखता है.

मैं- भाभी पर अभी मेरी एक शर्त है.भाभी बोलीं- क्या?

मैं- आप पहले पूरी नंगी हो जाओ फिर मुझे दूध पिलाओ.भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- ठीक है.

उसी पल भाभी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मादरजात नंगी हो गईं.

मैं भाभी की सफाचट चुत देखकर पागल हो गया. मेरा लंड खड़ा होकर चुत को सलामी देने लगा.

मैंने भी फिर अपने सारे कपड़े उतार फेंके और भाभी को किस करने लगा.

भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं.

करीब दस मिनट किस करने के बाद भाभी के स्तनों से अपने आप दूध बहने लगा और मैं भाभी का एक निप्पल अपने होंठों में लेकर दूध पीने लगा.

कुछ ही मिनट में मैंने भाभी के दोनों मम्मों का सारा दूध पी लिया. फिर जैसे ही दूध पीकर अलग हुआ, तो मेरा लंड टनटनाने लगा.

भाभी- सच में मेरे दूध से तेरा लंड बहुत सख्त हो जाता है.ये कह कर भाभी हंसने लगीं.

मैं भाभी के सामने खड़ा होकर लंड हिलाने लगा.भाभी की चुत लंड देख कर पूरी गीली हो चुकी थी. भाभी ने मेरे लंड की तरफ देखा और चित लेट गईं.

मैंने भाभी की चुत पर मुँह लगा प्रिया और चुत चाटकर एकदम साफ कर दी.

अब भाभी गर्म आहें भरने लगी थीं- ओह्ह्ह अमित … ऊओह्ह अब मत तड़पाओ … आह जल्दी से मुझे चोद दे … ओह्ह्ह यस … चोद अमित चोद अपनी भाभी को चोद दे … ओह्ह्ह मैं बड़े दिनों बाद चुद रही हूँ.

मैंने भी भाभी के मुँह से ये सुनकर अपना लंड भाभी की चुत पर रख प्रिया और जोर का झटका दे मारा.

भाभी- उयी मां … चुद गयी आज तो … धीरे अमित … मैं मर गई. तेरा लंड तेरे भैया से काफी मोटा और लम्बा है.

पर मैं अब भाभी की किसी भी बात को कहां सुन रहा था. मैंने जोर जोर से धक्के देने चालू कर दिए थे.भाभी को लंड से मजा आने लगा था. वो भी अपनी गांड उठाने लगी थीं.

कुछ मिनट बाद मैं भाभी की चुत में ही झड़ गया. अब तक भाभी भी झड़ गयी थीं.

चुदाई के बाद हम दोनों लम्बी लम्बी सांसें भर रहे थे.भाभी मुस्करा रही थीं.

मैंने पूछा- क्या हुआ भाभी, मुस्कुरा क्यों रही हो?भाभी बोलीं- आज बहुत दिनों के बाद मेरी चुत भर गयी अमित … आई लव यू.

मैं- आई लव यू टू भाभी … अब तो मैं रोज ही आपको चोदूंगा.भाभी- हां मेरे देवर और मैं तुम्हें अपना सारा दूध भी पिलाऊंगी.

उसके बाद मैं और भाभी दोनों ही चुदाई के पार्टनर बन गए थे.जब भी हम दोनों का मन होता, हम दोनों खुल कर चुदाई का मजा ले लेते थे.

इसके बाद भाभी के माध्यम से बंगालन भाभी की चुदाई कैसे हुई, वो सब भी मैं आपको अपनी अगली सेक्स कहानी में लिखूंगा.आप मेरी हॉट भाभी की चूत स्टोरी के लिए मेल करना न भूलें.अमित राणाsupport@mohakkisse.com

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सगी भाभी ने दूध पिलाकर चुत चुदवायी

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