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पड़ोसी • पठन समय: 15 मिनट • पढ़ा गया: 680 बार

लेडी डेंटिस्ट की प्यासी जवानी- 4

अरविन्द कुमार

04 Nov 2022 को प्रकाशित

लेडी डेंटिस्ट की प्यासी जवानी- 4
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हॉट चीटिंग सेक्स कहानी में एक लड़की को शादी के बाद चुदाई का सुख अच्छे से नहीं मिला. तो वह गैर मर्द की और झुक गयी और एक दिन उसके घर अपनी चूत का इलाज करवाने चली गयी.

कहानी के पिछले भागशादीशुदा लड़की को सेक्स की जरूरत थीमें आपने पढ़ा कि पड़ोस में रहने वाले एक अधेड़ उम्र के आदमी कि दोस्ती अनजाने में पड़ोस में रहने वाली एक जवान भाभी से ऑनलाइन हो गयी. वे सेक्स करने को आतुर थे, तभी उन्हें पता चला कि वे पड़ोसी हैं.भाभी हिचकिचाने लगी पर बाद में चुदाई के लिए मान गयी.फिलहाल वह अपनी बीती कहानी बता रही है.

अब आगे हॉट चीटिंग सेक्स कहानी:

तो मित्रो, मैं इस तरह अपने नाज नखरे, एट्टीट्यूड दिखा दिखा कर अंत में रमेश से उसके कमरे पर मिलने को मान गयी.

और तय दिन और समय पर रमेश मुझे लिवाने अपनी बाइक से आ गया.मैं बाइक पर बैठ कर दुपट्टे से अपना मुंह छुपा लिया और चल दी चुदने के लिए.

रमेश के घर पहुँच कर उसने मुझे ड्राइंग रूम में बैठा प्रिया और खुद घर के भीतर चला गया.कुछ देर बाद वो वापिस लौटा और मेरे पास बैठ कर मुझसे लिपटने लगा.

फिर वो मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गया और दरवाजा भीतर से बंद कर मुझे दरवाजे से सटा कर किस करने लगा इस तरह हमारी चूमाचाटी हुई.

मैं उसके यहां इसी शर्त पर गयी थी कि किसिंग, चूमा चाटी के अलावा और कुछ नहीं होगा हमारे बीच!पर मेरा मन तो खुद चुदने को मचलने लगा था.

तो मैंने उसे अपनी कामुक अदाएं दिखा दिखा कर उसे चोदने पर ला प्रिया.

बंदा मुझे जैसी 22 साल की उफनती जवानी को अकेली उसके रूम पर पाकर जैसे पगला गया था.

मेरा हंसना मुस्कुरा देना मेरे कुछ ऐसे वैसे इशारे और मेरे मम्मों की हल्की सी झलक पाकर ही शहीद हो गया और मेरे सामने झुक कर मुझसे सम्बन्ध बनाने की विनती, मिन्नतें करने लगा और मेरे नजदीक आकर मुझे अपनी बांहों में भरने की कोशिशें करने लगा.

पर मैं बार बार उसके बंधन से मछली सी फिसलती उसे न न करती अंत में उसकी बांहों में सिमट गयी और वो मुझे सब जगह से यहां वहां चूमने लगा, कुर्ते के भीतर मेरी ब्रा में हाथ घुसा कर मेरे बूब्स दबाने मसलने लगा और मेरा निचला होंठ चूसने लगा, गाल चूमने लगा.

उसके यूं करने से मैं भी गर्म होने लगी और मेरी चूत गीली हो उठी.फिर हमारे कपड़े उतरते चले गए और फिर जल्दी ही हम दोनों एकदम नंगे एक दूसरे की बांहों में उसके बिस्तर पर पड़े थे.

रमेश को चुदाई का काफी अनुभव था.पहले उसने अच्छी तरह से फोरप्ले किया, मेरे गाल चूमे, गर्दन चूमी, होंठ चूसे, मम्में भी खूब मसल मसल कर दबाये, निप्पलों को भी मसला और मेरी चूत भी चाट डाली और मुझे इतनी गर्म कर प्रिया कि मैं फोरप्ले में ही डिस्चार्ज होने की रीमा तक आ पहुंची.

फिर उसके कहने पर मैंने उसका लंड अपने मुंह में भर कर चूसा, जीभ से चाटा भी!इस तरह मैंने जीवन में पहला लंड चूसा.

मेरे पति ने न कभी अपना लंड चूसने को कहा और न ही मैंने कभी चूसने की कोशिश की.

रमेश के लंड से एक अजीब से बास आ रही थी जो शुरू शुरू में मुझे बुरी सी लगी पर जल्दी ही लंड चूसना चाटना मुझे अच्छा, आनंददायक लगने लगा था.

और इस तरह उस दिन पहली बार मैं उससे अपनी खुद की मर्जी से चुद गयी.रमेश ने उस दिन मुझे पूरी नंगी करके, बेड पर लिटा कर और दो तकिये मेरी कमर के नीचे लगा दिए थे जिससे मेरी चूत अच्छे से उभर कर उसके लंड के निशाने पर आ गयी फिर उसने मुझे तीन बार तबियत से हचक कर चोदा.

मेरे पति पुनीत ने न तो कभी मेरे साथ फोरप्ले किया था, न कभी मेरी चूत चाटी थी.

बस उसे इतना ही पता था कि चूत में लंड घुसेड़ो और जितना बन सके, उतने धक्के मारो और फिर झड़ कर सो जाओ.पत्नी पर क्या बीत रही है उससे उसे कोई मतलब नहीं था.वो तो अपना पानी निकाल कर सो जाता था.जैसे कोई टॉयलेट गया और सू सू करके वापिस आ के सो गया, बस.

रमेश का लंड भी मेरे पति के लंड से थोड़ा सा बड़ा और टाइट था और उसकी चोदने की टाइमिंग भी मेरे पति से ज्यादा थी; उससे चुद कर मैं खुश हो गयी.मेरे पति तो दो तीन मिनट में ही झड़ कर फुस्स हो जाते थे और उनका मुर्झाया लंड मेरी चूत सिकुड़ कर तुरंत बाहर धकेल देती थी.

उन दिनों मैं समझती थी कि यही सेक्स है, चुदाई ऐसी ही होती होगी सबकी और मैं अतृप्त, प्यासी, आधी अधूरी सी रह कर सो जाती थी.

उस दिन जब रमेश का लंड पहली बार मेरी चूत में घुसा तो एक बार तो मुझे दिन में तारे नज़र आ गए थे, मेरी चूत चरमरा उठी थी.पर अगले ही मिनट में मेरी चूत रमेश का पूरा लंड बड़े आराम से, बड़े इत्मीनान से लील गयी थी.

पूरा लंड पेलने के बाद रमेश ने मेरे दोनों स्तन पकड़ कर वो रेल चलाई कि मैं मस्ता गयी.नीचे तकिये लगे होने की वजह से उसके लंड के धक्के मेरी चूत की गहराई तक महसूस हो रहे थे और मैं किसी रंडी की तरह लाज शर्म त्याग कर अपने यार के लंड का स्वागत अपनी चूत उछाल उछाल कर कर रही थी.

वैसी चुदाई कोई पहली बार ही मेरे साथ कर रहा था.मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि चूत मरवाने में इतना मजा भी आ सकता है.

जब मैं झड़ने की कगार पर पहुँचती तो रमेश की कमर में अपने पैर लपेट कर पूरी ताकत से उसे अपनी बांहों में कस लेती और उसके लंड से निकलतीं वीर्य की फुहारें मेरे तन मन आत्मा सबको तृप्त कर रहीं थीं.

उसके वीर्य को चूत में महसूस करते ही मेरी चूत में मस्त संकुचन होने लगते थे जैसे वो लंड से लिपट लिपट उसके रस की एक एक बूँद निचोड़ लेना चाहती हो.

जिन दिनों मैंने रमेश से चुदना शुरू किया था, उन दिनों मेरे पति दिल्ली में जॉब कर रहे थे और महीने में एकाध बार मेरे पास आते थे.तो मैं आजाद पंछी की तरह खुल कर मस्त होकर रमेश से बार बार चुद रही थी और अपनी खिलती जवानी को और भी खिला रही थी.

उन दिनों मेरी उम्र थी ही कितनी यही कोई 22 साल की रही होऊंगी.रमेश के साथ चुदने से मेरे स्तन जो 32 साइज़ के होते थे वो 34 के हो गए और फिर रमेश ने उन्हें दबा दबा के चूस चूस कर मसल मसल कर 36 साइज़ का कर प्रिया.

मेरे पति जब मेरे मम्मों का अप्रत्याशित रूप से बड़ा हुआ आकार देखते तो अचरज में पड़ जाते थे मुझसे कुछ पूछते तो मैं कह देती कि ये आपके इंतज़ार में मोटे मोटे हो गए हैं इन्हें कोई दबाने मसलने वाला चाहिए होता है तभी ये काबू में रहते हैं.

पति की गैर मौजूदगी का हमने खूब फायदा उठाया, हॉट चीटिंग सेक्स का मजा लिया.रमेश मुझे जयपुर घुमाने ले गया और मैं उसकी बीवी की तरह ठाठ से उसके साथ घूमी फिरी, होटल में रुकी और रात रात भर तरह तरह के आसनों में चुदी और तृप्त होती रही.

जयपुर के अलावा रमेश मुझे तीन बार पचमढ़ी भी लेकर गया जहां उसने चुदाई की हद ही कर दी और मुझे किसी रंडी की तरह रात रात भर चोदा, मेरी गांड भी मारी और मैं पूर्ण समर्पिता की भांति उसे अपने जिस्म से खेलने देती रही.

फिर कुछ दिनों के बाद की बात है मेरे पति मेरे शहर में ही रूम लेकर रहने लगे.तो रमेश ने भी उसी घर में रूम किराए पर ले लिया और मेरे पति से अच्छी दोस्ती कर ली और इन दोनों में अच्छी पटने लगी.

पति की अनुपस्थिति में रमेश मुझसे अपना लंड चुसवाता, मेरी चूत मारता और लंड चूसते टाइम वो मेरे सिर पर चादर डाल कर फोटो खींच कर मेरे पति के मोबाइल पर सेंड कर देता, मेरी चुदाई करते टाइम भी वो मेरा चेहरा कपड़े से छिपा कर सेल्फी लेता और मेरे पति को भेजता रहता और बोलता कि वो अपनी गर्लफ्रेंड को चोद रहा है.

वे फोटो देखकर मेरे पति भी खूब खुश होते थे और इस कमीने रमेश की तारीफें करते रहते थे कि क्या मुकद्दर पाया है जो इतनी मस्त गर्लफ्रेंड से लंड चुसवाता है और उसे चोदता है.और वो कभी शक भी नहीं कर सका कि रमेश उसी की बीवी को चोद चोद कर उसी चुदाई और लंड चुसाई के फोटो उसे भेजता रहता है.

एक बार की बात है कि मेरे पति ज्यादातर घर में ही रहने लगे थे जिससे मैं रमेश से चुद नहीं पा रही थी और उससे मिलने के लिए तरसती रहती थी.सो मैंने और रमेश ने एक प्लान बनाया जिसमें मुझे अपने पापा के घर जाने का नाटक करना था और फिर पापा के यहां न जाकर रमेश से कहीं और जाकर चुदना था.

तो मैंने इनसे कहा- मुझे पापा से मिलने जाना है.तो ये बोले- जाओ चली जाओ!

और ये खुद मुझे मेरे मायके जाने वाली बस में बैठा कर लौट आये.

बस चल दी और प्लान के अनुसार थोड़ी दूर जाकर अगले स्टॉप पर मैं उतर गयी जहां रमेश बाइक लिए मेरा इंतज़ार कर रहा था.फिर वो मुझे एक होटल में ले गया जहां मैं तीन दिन उसके साथ रुकी और उसने मुझे दिन रात कई कई बार चोदा और मेरी चूत को एक लम्बे समय के बाद सकून मिला.

इस तरह मैं करीब चार साल रमेश के साथ रिलेशन में रही.

मेरी बी डी एस की पढ़ाई भी पूरी हो गयी थी और मैं एक क्वालिफाइड डेंटिस्ट बन चुकी थी.रमेश भी अपना बी डी एस का कोर्स पूरा करके कहीं चला गया, बिछुड़ गया मुझसे और मैं अकेली रह गयी और आजकल नोयडा में रहती हूं पति के साथ.

मेरा डेंटिस्ट बनना मेरे किसी काम न आया.न तो पति ने जॉब करने प्रिया और न मैं अपना क्लिनिक स्टार्ट कर सकी.

डेंटिस्ट का क्लिनिक खोलने के लिए लाखों की मशीनरी चाहिए जिसके लिए हमें बैंक से कम से कम पचास लाख का लोन लेना पड़ता फिर छोटे से शहर में क्लिनिक चले न चले यही सब सोच कर मैंने सब्र कर लिया और चुप हो के बैठ गयी.

मित्रो, ये तो थी मेरी और मेरे यार रमेश की पहली चुदाई की दास्तान.

जैसा कि आप सब लोग समझ ही गए होंगे कि मैं अपने पति से कतई संतुष्ट नहीं थी (और न आज की तारीख में हूं) और उस रिश्ते को समाज के भय से ढोए जा रही हूं क्योंकि मैंने खुद उससे अपने परिवार की मर्जी के विरुद्ध प्रेम विवाह किया था.

अब मैं किसी से कहती भी तो क्या कहती?

अगर कुछ किसी से कहती भी तो सब मुझ पर ही हँसते कि देख लो अपनी लव मैरिज का नतीजा, अगर तेरे पापा अपने हिसाब से कोई रिश्ता ढूंढ के तेरा ब्याह करते तो वो दूल्हा इस निगोड़े से लाख दर्जा अच्छा होता.यही सब सोच कर मैं सब्र करके चुप रहती थी और आज भी चुप ही रहती हूं.

शादी के बाद न तो पुनीत, मेरा पति मुझे कहीं हनीमून पर ले के गया और शादी को आज सन 2019 में दस साल हो चुके हैं, मुझे आज तक कहीं घुमाने तक नहीं ले गया और चुदाई के मामले में वो जैसा है सो वो सब मैंने आपको सच सच बता प्रिया.

कभी सोचती हूं कि अगर शादी से पहले इससे एक बार चुदवा लेती तो इसकी परफॉरमेंस समझ आ जाती और मैं पक्का इससे शादी कभी नहीं करती.पर उन दिनों तो मुझ पर इश्क का भूत सवार था और मेरा प्रण था पहली बार चुदूँगी तो अपने पति से ही!

आज अपने उस प्रण का अंजाम देख, भुगत रही हूं और पछता रही हूं.

ये पुनीत भी कहता था कि हम शादी के बाद ही सेक्स करेंगे.

मैं भारतीय नारी हूं मुझे अच्छे कपड़े, गाड़ी, बंगला, गहनों की कोई चाह नहीं.क्वालिफाइड डॉक्टर होकर भी सारे दिन घर में खटती हूं इनकी ये गृहस्थी, चूल्हा चौका संभालने में.

मुझे पति से तन का सुख ही न मिले तो कोई क्या करे?किसी ने कहा भी है“औरत न मांगे ताज-ओ-तख़्त बस उसे सिर्फ चाहिए एक लंड सख्त”

ये कहावत कितनी सटीक बैठती है मुझ पर और मुझ जैसी प्यासी प्यासी चुदासी स्त्रियों पर.

सच कहती हूं मैं अपने पति से पिछले तीन माह से नहीं चुदी हूं और न ही मैं उन्हें कभी इस काम के लिए उकसाती हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि पहले तो इनका लंड खड़ा ही नहीं होगा, यदि जैसे तैसे हो भी गया तो ये तीन मिनट से ज्यादा मेरे भीतर टिकेंगे नहीं और मैं हमेशा की तरह चुदासी, प्यासी, कामाग्नि में जलती रहूंगी रात भर.इस लिए अब तो मैंने इन्हें कुछ कहना ही छोड़ प्रिया है.

जब कभी इनका खुद का मन होता है तो चढ़ जाते हैं मुझ पर और जब तक मैं गर्म होती होती हूं ये निपट पौंछ कर सो भी जाते हैं.

अगर जब कभी पति मुझे चोदते हैं तो उस समय भी मैं हमेशा अपने पहले यार रमेश को ही इमेजिन करती हूं, उसी का ध्यान मन में लाती हूं तो उसके साथ की हुईं वो मस्त चुदाइयां याद आने लगतीं हैं तो थोड़ी देर की उत्तेजना महसूस होती है पर पति जैसे ही मुझ पर से उतरते हैं फिर वही सूनापन और प्यास लिए मैं सुबकती रहती हूं.

इतना सब होने के बाद भी मैंने कभी भी किसी अन्य पुरुष को अपनी तरफ आकर्षित करके अपनी कामाग्नि बुझवाने का प्रयास कभी नहीं किया और न ही आगे कोई ऐसा काम करने का अब इरादा है; क्योंकि मेरा आगे का जीवन मेरे दोनों बच्चों को समर्पित है बस.

मुझे आशा है कि सब पाठक हॉट चीटिंग सेक्स कहानी पर अपने विचार कमेंट्स में लिखेंगे.धन्यवाद.

हॉट चीटिंग सेक्स कहानी का अगला भाग:लेडी डेंटिस्ट की प्यासी जवानी- 5

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लेडी डेंटिस्ट की प्यासी जवानी

कुल भाग: 7
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
l

love2hugyou

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

अ

अभिषेक सिम्पल

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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