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माँ की चुदाई पठन समय: 19 मिनट पढ़ा गया: 496 बार

मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा- 1

सैम 68

15 Mar 2018 को प्रकाशित

मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा- 1
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हॉट मदर फक कहानी में मेरी सौतेली माँ को मैं रोज चोदता था. एक रात में माँ की चुदाई कर रहा था कि पापा का फोन आ गया. तब माँ और पापा सेक्स रोल प्ले करने लगे और मेरा लंड माँ की चूत में था.

दोस्तो, मैं रोहित आपके सामने अपनी सेक्स कहानीप्यासी मॉम की चुदाईके तीन भाग पेश कर चुका हूँ.

अब मैं अपनी उसी कहानी से आगे की घटनाओं को लिख रहा हूँ और उसे वहीं से शुरू कर रहा हूँ, जहां से उसे रोका था.

अब तक आपने पढ़ लिया था कि जब मैं अपनी मॉम की गांड मार रहा था तो उसी वक्त सुनीता आंटी आ गई थीं.

मैंने फटाफट मॉम को छोड़ कर गेट खोला, मॉम ऊपर वाले बाथरूम में नहाने चली गई थीं.

अब हॉट मदर फक कहानी में आगे क्या क्या हुआ, उसका आनन्द लीजिए.

सुनीता आंटी मॉम की बेस्ट फ्रेंड हैं, जब भी मार्केट के लिए अपने घर से निकलती हैं तो वे हमारे यहां चली आती हैं.

वे यहां हमारे खेत से ताजी सब्जी वगैरह भी लेकर जाती हैं.मार्केट में कुछ भी नई चीज आती है तो वे उसके बारे में बताने के लिए मॉम के पास आ जाती हैं.फिर वे दोनों खूब शॉपिंग करती हैं.

आंटी मुझे देख कर मुस्कुराईं, वह मुझे अधनंगा देख कर कुछ चौंक भी गईं.वैसे आंटी हैं एकदम मस्त माल, हमेशा हंसती हुई आती हैं और बड़ी कातिल नजरों से देखती हैं.आज भी मैं उनके मम्मों की ओर ही देख रहा था.

आंटी- क्या यार, ये तेरी मॉम कब आएगी?

मैं- मॉम अभी नहा रही हैं, वे बस थोड़ी देर पहले ही तो गई हैं.

आंटी- तो हीरो, तुम तौलिए में कैसे घूम रहे हो?मैं- वह मैं सफाई कर रहा था, अब मॉम आ जाएं तो मैं भी नहाने जाऊंगा. आंटी आप बैठ कर टीवी देखिए, तब तक मैं अपना काम फिनिश कर लेता हूँ.

आंटी टीवी देखने लगीं, मैं कुछ देर आंटी के दूध निहारता रहा और वहीं खड़ा रह कर कुछ किताबों को साफ करने का ड्रामा करने लगा.कुछ देर बाद मॉम आ गईं.

सुनीता- अरे यार, आखिर तू आ ही गई, पहले तो मुझे गेट पर रोके रही और अब यहां बिठा कर नहाने चली गई. मैडम जी अब प्रकट हुई हैं.मॉम- सॉरी यार, जब तू आई थी, मैं तभी ऊपर नहा ही रही थी.

सुनीता- नहा रही थी या दौड़ लगा रही थी, तू हांफ रही थी … आखिर कर क्या रही थी?

मॉम ने हंस कर कहा- नहीं कुछ यार … बस वैसे ही तुझे लगा होगा कि हांफ रही थी … और बता आज तो तू बड़े दिन बाद आई!सुनीता- हां यार, मैं तो मायके गई हुई थी, उधर मेरी मॉम की तबियत ठीक नहीं थी. अब ठीक है.मॉम- चलो ठीक है.

सुनीता- आज तू चल मेरे साथ … शॉपिंग करनी है, कुछ चीजें लानी हैं. यार तेरे बिना तो शॉपिंग में मजा ही नहीं आता.मॉम- ओके रुक, बस अभी चलती हूँ. पहले तेरे लिए कुछ ठंडा लाती हूँ.

मॉम ठंडा ले आईं.

सुनीता- यार, अपना रोहित तो पूरा जवान हो गया है, आज तो पूरी बॉडी दिखा रहा था. अब तो इसके लिए कोई लड़की ढूंढ़ … फिर हम बस शॉपिंग ही करेंगे.वे दोनों हंसने लगीं.

थोड़ी देर में वे दोनों चली गईं.

जाने से पहले मॉम ने मुझे बताया कि वे 4 बजे तक वापस आ जाएंगी.

वे चली गईं और मैं टीवी देखने लगा.टीवी देखते हुए ही मुझे नींद आ गई.

शाम को 4 बजे मेरी आंख खुली.मॉम अभी तक नहीं आई थीं.

मैंने कुछ देर इंतजार किया, फिर खुद ही किचन में गया.थोड़ी देर में चाय लेकर बेडरूम में आ गया.

मैं चाय पी रहा था, तभी मॉम भी आ गईं.मॉम ने सामान मेरे पास रखा और फ्रेश होने के लिए चली गईं.

फिर वे वापस आईं तो मैंने मॉम को भी चाय दी.

मॉम- वाह, चाय तो बहुत मस्त बनी है.मैं- हां, शॉपिंग कर ली या कुछ बच गया?मॉम हंसने लगीं- अरे तू जानता है ना सुनीता को, यार थोड़ा थोड़ा करके बहुत सामान ले लेती है. उसके पास पैसा है, कोई कमी नहीं है … बस उसे सामान दिखना चाहिए.

मैं- बहुत सामान लिया है, मैं भी देखूं क्या क्या लाई हो?

तब मैं सामान देखने लगा, खाने पीने का सामान, इलेक्ट्रॉनिक का सामान और कपड़े थे.तभी मेरी नजर ब्रा और पैंटी पर पड़ी.

मैं- ओह मॉम ये किस लिए?

मॉम- अरे मेरे लिए है. नई है, इससे ब्रेस्ट को पसीना नहीं आता. सुनीता ने दिलाने की बात कही तो मैंने भी ले ली.मैं- ओह मगर मॉम मैं तुमको नंगी ही रखूँगा, फिर ये कब पहनोगी?मॉम- हां रात में नंगी रख लेना, पर दिन में तो पहनूंगी न … तू भी ना!

मैं- यार मॉम, सुनीता आंटी हैं बड़ी मस्त माल … उसके दूध बड़े मस्त हैं, आज यार उसे पकड़ने का मन हो रहा था.

मॉम- अरे नहीं, उसको मत छेड़ देना … वह साली अलग टाइप की है, उसको कभी मत बता देना कि तुम मुझे चोदते हो. उसके पेट में कोई बात नहीं पचती. उसको चोदने की तो मन से ही निकाल दो, वर्ना अपना सारा मामला गड़बड़ हो जाएगा.

मैं- चलो ठीक है.मॉम- हां बेटा, उसे तो रहने ही दे. तू बस अपनी मॉम से ही काम चला ले!मैं- ओके ठीक है.

मॉम अन्दर चली गई, मैं बाहर घूमने चला गया.

शाम को खेलने के लिए मैं बाहर चला गया.रात को करीब 8 बजे घर वापस आया तो मॉम मेरा खाने पर इंतजार कर रही थीं.मैं नहाया और तौलिया लपेट कर खाना खाने लगा.

हम दोनों ने खाना खा लिया और फिर मैं आराम करने लगा.

मॉम कुछ देर बाहर काम कर रही थीं.मैं उनका इंतजार करता हुआ ही सो गया.

रात को करीब 10 बजे मॉम ने मुझे उठाया.मॉम और मैं दोनों ऊपर वाले कमरे में चले गए.

उन्होंने कमरे में लाइट ऑन की और एसी ऑन कर प्रिया.

मैं- मॉम आपका इंतजार करते हुए मुझे तो नींद आ गई और आप अब आई हो.मॉम- काम तो सारे करने पड़ते हैं, अब मैं नहा कर आई हूं. नाराज मत हो, अब हमारा कोई और काम तो है नहीं, बस सोना ही तो है. तुमने कपड़े क्यों नहीं पहने, अभी भी तौलिये में ही क्यों घूम रहे हो?मैं- हां, वह मुझे नींद आ गई थी. गर्मी भी शुरू हो गई है, ये तौलिया भी अब खोलने वाला हूं. मॉम एसी का ये बहुत बड़ा फायदा है, थोड़ी सी देर में आराम आ जाता है. चलो अब आप इधर आ जाओ!

मॉम मेरी तरफ आने को हुईं, तो मैंने मॉम को पकड़ कर अपने बाजू में सीधा लिटा लिया और उनके गाल पर किस कर प्रिया.

मेरा एक हाथ उनकी गर्दन पर था और दूसरा गाल पर था.मुझे मॉम के गाल को चूसते हुए मजा आ रहा था.

मॉम- आआह बेटे, एसी की ठंडक में तेरा लंड लेकर बहुत मजा आएगा … आआह तूने तो मेरी जिंदगी ही बदल दी. बेटा तेरा लंड तो तेरे पापा से भी बड़ा है.मैं- मॉम तुम बहुत सेक्सी हो … आआह तुम बस ऐसे ही मेरे लंड से अपनी चुत चुदवाती रहो. तुम्हारे बेटे का लौड़ा ही तुमको भरपूर मज़ा देगा आह्ह्ह … मस्त माल है तू … साली तू मॉम नहीं … मेरी घरवाली है!

मॉम- ओह ये दूसरा गाल भी चूस न … बहुत देर से एक ही गाल चूस रहा है. आआह्ह … बेटा गाल को लाल कर देगा तू … आह दांत से मजा तो आ रहा है, पर काट नहीं … ओह … लगती है न रोहित आ आह्ह … बहुत मजा आ रहा है आआहह!

मैंने मॉम का दूसरा गाल चूसना शुरू कर प्रिया और कुछ ही देर में उनके दोनों गालों को चूस चूस कर लाल कर प्रिया था.

मॉम मेरी पीठ पर अपने हाथ फेरने लगीं, उनके हाथ फेरने से मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.

मैं कुछ देर तक मॉम के होंठ चूसता रहा, फिर होंठ चूसते हुए ही मैं उनके दूध भी दबाने लगा.

मॉम- ऊउह्ह्ह आआह बेटे!मैं- आहह मॉम, सेक्स में बहुत मजा आता है न!

मॉम- आआह बेटा हां तभी तो तेरे पापा ने शादी की थी … वे मुझे चोदने के लिए ही तो लेकर आए थे. शुरू में तेरे पापा मुझे बहुत चोदते थे, अब वे अपनी नौकरी के कारण मुझे उतना नहीं चोद पाते हैं … अब तू ही चोद मुझे!मैं- आआह, तुम्हारे दूध मस्त हैं मॉम … आआ चूसने दो न आआह्ह … कितना रस भरा है इनमें!

मॉम- ओह रोहित … आह दूध चूसा कर … सच में बहुत मज़ा आता है जब कोई मर्द औरत के दूध को दबाता है या चूसता है तो औरत चुदने के लिए झट से तैयार हो जाती है. फिर चुदने में भी बहुत मज़ा आता है … और हां, तू कभी सुनीता को मत छेड़ना, मैंने तुझे सब समझा प्रिया था न, कहीं ऐसा न हो कि तुम मुझसे ही हाथ धो बैठो!

मैं- उह्ह ठीक है मॉम आआह्ह … दोनों दूध को आज निचोड़ना है आआह.

मैं मॉम के दोनों मम्मों को पकड़ कर हिला रहा था.मेरी मॉम के बड़े दूध मस्त थे.

फिर मैं खड़ा हो गया और लंड को दूध के बीच रख प्रिया.मॉम ने अपने दोनों दूध पकड़ लिए और उसी वक्त मेरा लंड मॉम के चूचों के बीच आगे पीछे होने लगा था.लंड को मम्मों की मुलायम रगड़ से बड़ा मज़ा आने लगा था.

मॉम- आआह्ह … तेरा लौड़ा बड़ा गर्म है … आआह मुझे अपने मम्मों पर खूब अच्छा लग रहा है आह!मैं मॉम के मम्मों के साथ लंड को चुदाई का मजा दे रहा था.मॉम भी चुदाई में खूब मस्त थीं.थोड़ी देर बाद मैंने मॉम को चोदने के लिए मूड बना लिया.

मैं- आआह बहुत मज़ा आ गया है, साली बहन की लौड़ी छिनाल … चल सीधी हो जा कुतिया … अब तेरी चुत मारूँगा!

मॉम को मैंने सीधी किया और मिशनरी पोजीशन में लंड पेल कर चुत चोदने लगा.

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मैंने पहला शॉट मारा तो लंड बस थोड़ा सा अन्दर गया, उतने में ही मॉम की चीख निकल गई- उउइइइ मर गई … ओह रोहित, आराम से कर न … शुरू शुरू में ही एकदम से पेल देता है … आआह आराम आराम से कर न यार … दर्द होता है.

मैंने लंड बाहर निकला और चुत पर तेल लगा कर फिर से आराम से शॉट मार प्रिया.अब मॉम को ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था.

मैं- आह्ह … मेरा सारा लंड अन्दर जाने में टाइम लगेगा उह्ह्ह.

मॉम- सारी रात पड़ी है … आराम से कर उहुं आआ … आराम से मॉम को चोदेगा तो मज़ा आएगा … आआह.

मैं- आआह मेरी रंडी आआह साली बहन की लौड़ी छिनाल … तुझे चोदने में बहुत मजा आता है साली!

मॉम- आआह मुझे भी आ रहा है साले मादरचोद … जब तक तेरी बहनें नहीं आ जातीं, तब तक तो तू मुझे नंगी रख कर चोद … उसके बाद तो टाइम निकलना भी टेढ़ी खीर होगी … रात को ही चुत मिलेगी … दिन में कुछ नहीं मिलेगा!

मैं- अरे यार, डराओ मत … तू ऐसे ही मेरे नीचे आकर चुत मरवाया करेगी रानी आ आह्ह्ह! कुछ दिनों बाद सब सही रहा तो तुम तीनों को एक बिस्तर पर नंगी करके चोदूंगा.

मैंने जोर से शॉट मारा तो लौड़ा चुत की गहराई में चला गया. मैंने वापस जोर से शॉट मार कर लंड को पूरा का पूरा अन्दर डाल प्रिया और अन्दर ही पेल कर रुक गया.

मॉम- ओह रोहित आआ बहुत मजा आया … आआह थोड़ी देर ऐसे ही रुका रह … ऐसे ही चुत में लंड घुसा रहने दे … आआ बहुत अच्छा महसूस हो रहा है … आह मस्त है तेरा लंड … आह चुत में जाते ही मजा आने लगता है!

कुछ देर बाद मैं फिर से मदर फक करते हुए शॉट मारने लगा. मॉम मेरे हर शॉट पर आह आह कर रही थीं.मेरा लंड बार बार चुत की दीवार को चीर कर अन्दर तक जाता और बाहर आ जाता.

मैं- आहह मॉम बहुत मजा आ रहा है मेरी रंडी ऊह्ह्ह आआह आओह्ह्ह … साली तुझको तो अब रोज ही चोदूंगा आआह्ह्ह … आआह्ह्ह … मेरी रंडी, मस्त है तेरी चुत बहन की लौड़ी आआ ऊह्ह्ह आज के बाद बस तू मेरा लौड़ा ही चुत में लेना आआह्ह्ह.

तभी फोन की घंटी बजी.

मॉम- ओह साला कौन की गांड में कीड़े ने काटा … इस मादरचोद फोन को भी अभी ही आना था!

फोन की घंटी लगातार बज रही थी और मैं मॉम को दे दनादन चोद रहा था.

मैं- आह हिल मत यार … चोदने में मजा आ रहा है … कोई जरूरी होगा तो दुबारा से फोन कर लेगा.

तभी दुबारा से फोन बजा

मॉम- ओह रोहित, अब तो छोड़ मुझे … साले फोन उठाने दे.तब मॉम ने मुझे दूसरी तरफ किया और खड़ी हो गईं.

मैं- ओह मॉम बहुत मज़ा आ रहा था … थोड़ी देर रुक जा साली!मॉम एकदम नंगी थीं और स्टैंड पर रखे फोन को उठा कर वहीं खड़ी होकर बात करने लगीं.

वे थोड़ी हांफ भी रही थीं … यह पापा का फोन था.

पापा- क्या बात है, फोन नहीं उठाया?मॉम- हां, फोन अन्दर पड़ा था ना!

पापा- ओके तुम हांफ क्यों रही हो, क्या हुआ?मॉम- वह मैं अन्दर भाग कर आई हूं, आपका फोन लेने के लिए!

पापा- हां और सब ठीक है, बच्चा पार्टी!मॉम- हां सब ठीक है.

मॉम खड़ी खड़ी बात कर रही थीं, मुझसे रहा नहीं गया.मैंने सोचा मॉम बात करती हुई ही आधा घंटा लगा देंगी.

मैं मॉम के पास गया और उन्हें पीछे से पकड़ लिया.मॉम थोड़ी सी चौंक गईं.

मैं मॉम की गांड में लंड घुसेड़ने लगा.मॉम की हल्की हल्की आह निकलने लगी.

मॉम- ऊँह आह!पापा- अरे यार तुम तो ऐसे आह आह कर रही हो मानो कोई चोद रहा है तुमको!

मॉम एकदम से चौंक गईं, फिर हंसती हुई बोलीं- आप तो वहां हो, फिर यहां कौन मुझे वह सब करेगा!

पापा- तो किसी और को बुला लो!मॉम- हटो, तुम भी ना … मैं कह रही थी कि …

मैंने मॉम को इशारा किया कि वह बेड पर आ जाएं, पर वे बात कर रही थीं.

मैंने मॉम का हाथ पकड़ कर उन्हें बेड की ओर खींचा.फिर मैंने उन्हें गोदी में उठाया और बेड पर ले आया.

उधर मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में होने का इशारा किया.वे बात करती हुई डॉगी स्टाइल में हो गईं और आराम से चोदने का इशारा किया.

बड़े आराम से मैंने उनकी चुत पर लंड रखा और कमर पकड़ कर आहिस्ता से लंड को उनकी चुत में उतार प्रिया.

मैंने इतनी नजाकत से लंड पेला था मानो कोई डॉक्टर आराम से इंजेक्शन लगा रहा हो.

मॉम- आह … वह सायली और संध्या तो मामा के घर गई हैं. उनके मकान का मुहूर्त है.पापा- चलो ठीक है … और रोहित कहां है!

मॉम- वह आआह … वह यहीं है, पर वह तो अभी सो गया है, कहें तो उसे जगाऊं?

पापा- नहीं यार, मैंने तो बस यूं ही पूछा था … पर तुम आह आह क्यों कर रही हो … तुम्हारी आह आह से मेरा खड़ा भी रहा है!मॉम- अरे ये मच्छर भी ना … तंग कर रखा है. तुम्हारा खड़ा हो गया तो हाथ से बिठा लो न!

पापा- आह तू रुक … मुझे अपना हाथ में ले लेने दे फिर करता हूँ ढीला … आआह … अब आह आह कर.

मॉम- चलो ठीक … आआ चोदो मुझे यार … अपना लंड मेरी चुत में डाल दो … आआ ह्ह्ह.

मॉम को यह बहुत मस्त आइडिया आया था.मैं इधर मॉम को चोद रहा था, उधर मॉम पापा के साथ फोन सेक्स करने लगी थीं.

मॉम तो सचमुच में चुद रही थीं, उनकी सारी आवाजें असली थीं.उस वजह से मुझे अब और ज्यादा मजा आने लगा.

पापा- आह … चल चूस मेरा लंड, साली कुतिया!मॉम- ऊह्ह्ह … तुम डाल दो आआह्ह्ह.

मैंने मॉम के दूध पकड़ लिए.मॉम ने अब मेरी तरफ देखा और वह मुस्कुरा दीं.वे मेरी तरफ मुँह करके बात करने लगीं.

मॉम- ओह रोहित के पापा … आह चोदो मुझे … आह बहुत मज़ा आ रहा है … तुम बहुत मस्त चोदते हो!पापा- आह साली … जोर जोर से लंड चूस मेरा!

मॉम- आआ हहह आआहह तेरा ही लंड मजा देता है. आहहह यार मेरे दूध भी मसलो न आह चूसो न डार्लिंग!

मेरी मॉम पापा और मुझे दोनों को एक साथ खुश कर रही थीं.मॉम की ये अदा मुझे बहुत अच्छी लगी.

पापा- आआह … मेरी जान, थोड़ी देर में हो जाएगा मेरा … चलो यार हो गया आह!

मैं मॉम की चुत में चुपचाप लंड पेल रहा था.मॉम की आवाज मदहोश कर रही थीं.उन आवाजों से पापा को फोन पर मजा आ रहा था.

पापा सोच रहे थे कि वे ही मॉम को फोन पर चोद रहे हैं, पर उनको क्या पता था कि मॉम उनके ही बेटे से डॉगी स्टाइल में चुद रही हैं.

कुछ देर तक ये सब चलता रहा, हम तीनों को बहुत मज़ा आ रहा था.

पापा- आआ हहह यार!मॉम- उउउई मर गई रे … सारा डाल दे यार … तुम चोद दो मुझे आह!

पापा ने कुछ ही देर में मुठ मार ली और वे झड़ गए- आआह … आज बहुत मजा आया यार!

मैंने मॉम को इशारा किया कि फ़ोन काट दें.

मॉम- आआहहह मुझे भी … अब सुबह बात करेंगे … यहां मच्छर बहुत हैं, रखती हूँ बाय!पापा- बाय डार्लिंग.

मॉम ने फोन काट प्रिया.

तो दोस्तो, यह मेरी सेक्स कहानी मॉम के साथ उनकी सहेली को भी चोदा की कड़ी का यह पहला भाग था.इस हॉट मदर फक कहानी के आगे अभी और मजा आना शेष है. आप मुझे अपने विचार जरूर भेजेंsupport@mohakkisse.com

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मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा

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