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Hindi Sex Story पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 496 बार

बेवफाई की भी हद होती है- 2

सनी वर्मा

02 Dec 2017 को प्रकाशित

बेवफाई की भी हद होती है- 2
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हॉट वासना Xxx कहानी में पति को हठ लगा कि वह अपनी हॉट पत्नी को किसी गैर मर्द या अपने दोस्त से चुदवाये. अपनी इस कामेच्छा को पूरी करने के लिए वह अपने दोस्त को अपने बिस्तर पर ले आया.

कहानी के पहले भागथ्रीसम चुदाई की चुल्लमें अपने पढ़ा कि शादी के बाद पत्नी की खूब चुदाई का मजा लेने के बाद पति ने कुछ नया करने की चाह में अपने दोस्त को अपनी बीवी की जवानी चखाने का सोचा.

अब आगे हॉट वासना Xxx कहानी:

संजय ने पूछा- कल बुला लूं प्रिंस को?तो रिंकी बोली- रात खत्म बात ख़त्म. मुझे तो तुम्हारे अलावा कुछ और नहीं चाहिए.

पर बात यहीं ख़त्म नहीं हुई.अगले दो चार दिन रिंकी के टालने के बावजूद भी संजय सेक्स के दौरान बार बार प्रिंस का नाम लाने लगा.

अब रिंकी भी उसे उकसाने के लिए कहने लगी- हाँ, बुला लो. मैं भी एक बार उसका लंड पकड़ना चाहती हूँ. देखूं तो सही कितना मोटा है.पर चुदाई पूरी होने पर रिंकी अपनी बात से मुकर जाती कि यह तो केवल बेड की बात थी.

संजय को तो नए नए तजुर्बे करने का शौक था सेक्स में!आखिर उसने रिंकी को पटा ही लिया कि एक दिन प्रिंस को पीने के लिए बुलाता हूँ और फिर साथ साथ पोर्न देखेंगे.रिंकी ड्रामा करेगी साथ न बैठने का … पर संजय उसे जबरदस्ती बिठा ही लेगा.

रिंकी बोली- मुझे शर्म आएगी साथ बैठने में!तो संजय बोला- प्रिंस बेड पर आगे टीवी की ओर मुंह करके अधलेटा होगा, फिर मैं लेटूगा, तुम मेरे पीछे मुझसे चिपट कर लेट लेना.बात तय हो गयी.

संजय ने प्रिंस से कहा- आज रात घर आना, कुछ हिसाब भी मिलना है और एक पेग भी मार लेंगे और तुम डिनर भी हमारे साथ ही करना.प्रिंस बोला- यार डिनर तो नहीं लूंगा. सुमन नहीं मानेगी. मुझे तुम्हारे घर आने के लिए और देर तक रुकने के लिए उससे कुछ झूठ बोलना होगा. मैं डिनर लेकर 8 बजे तक आ जाउंगा.

संजय ने रिंकी को सब बता प्रिया कि अच्छे से तैयार हो जाना.रिंकी फ़ालतू के भाव दिखाते हुए बोली- क्यों अच्छे से तैयार होऊं? ऐसा क्या होने वाला है. कुछ बदमाशी मत सोचना. बस पेग लगाना और उसे भेज देना. और हाँ, मैं नहीं बैठने वाली तुम दोनों के साथ. तुम्हारे मूड का क्या पता. संजय हंस प्रिया.

वैसे तो रिंकी अपनी चूत हमेशा ही चिकनी रखती.आज उसने एक बार और वेक्सिंग कर ली, पता नहीं क्या मूड माहौल बन जाए.बेड शीट भी उसने नयी बिछा दी और बेड के सिरहाने की दराज में तीन छोटे तौलिये रख लिए.

संजय शाम को साढ़े छह तक आ गया.उसने आते ही कमरे का मौक़ा मुआयना किया और रिंकी से बोला- यार मूड अच्छा रखना.

रिंकी मानसिक रूप से पूरी तैयार नहीं थी किसी बदमाशी के लिए … तो उसका मूड थोड़ा उखड़ा हुआ था.

अब संजय ने ब्रह्मास्त्र चलाया- क्या तुम अपने पति की ख़ुशी के लिए उसका साथ नहीं दे सकती. कुछ नहीं होगा, बस साथ रहना.तब रिंकी ने भी सोचा कि देखा जाएगा. वह संजय को नाराज नहीं करना चाहती थी.और फिर दिल के एक कौने में उसे भी उत्सुकता थी कुछ थ्रिल करने की.

दोनों साथ साथ नहाये.संजय ने तो साटन का लुंगी और कुर्ता पहना.

रिंकी नाईटी गाउन पहनने लगी तो संजय ने मुंह फुला लिया, बोला- कुछ सेक्सी पहनो.अब रिंकी बात नहीं बिगड़ना चाहती थी, बोली- उसे जाने दो, फिर कुछ नहीं पहनूंगी, रोज की तरह. पर उसके सामने शोर्ट ड्रेस कैसे पहनूँ?संजय बोला- जालीदार ब्रा पैंटी सेट पहन लो, उसके ऊपर गाउन पहन लेना.

अब रिंकी क्या जिद करती … उसने ऐसे ही पहन लिया.उसने अपने जिस्म को डियो से महका लिया और होठों पर गहरी लिपस्टिक लगाई.

फिर न जाने कैसे उसका मूड बन गया तो उसने नेल पेंट भी चेंज कर लिया.कुल मिलाकर वह अब संजय के हिसाब से सेक्सी लुक में आ गयी.

संजय का तो खड़ा हो गया उसे देख कर.

रिंकी ने लुंगी में हाथ डाल कर उसका लंड बाहर निकला और नीचे झुककर उसे मुंह में ले लिया.

तभी मेड ने रूम नोक किया.वह डिनर ले आई थी.

8 बजे तक संजय और रिंकी सब कामों से फारिग हो गए.प्रिंस का फोन आ गया था, वो आने वाला ही था.

रिंकी ने टेबल सजा दी ड्रिंक्स की!

प्रिंस आया तो उसने रिंकी को भाभी नमस्ते कहकर विश किया.संजय बोला- तू रिंकी को भाभी क्यों कहता है, तू तो उसके बराबर का है, रिंकी ही बोला कर, जैसे मैं सुमन को सुमन कहता हूँ.प्रिंस मुस्कुरा कर बोला- नहीं ऐसे ही ठीक है.

रिंकी को आज प्रिंस कुछ ज्यादा ही स्मार्ट लग रहा था.प्रिन्स सिल्क का कुरता पजामा पहने हुए था.

संजय ने रिंकी से कहा- पेग बना दो.रिंकी कुछ सकुचाई प्रिंस के सामने.

प्रिंस बोला- लाइए मैं बनाता हूँ.संजय बोला- रिंकी बनाएगी तो नशा ज्यादा होगा.रिंकी हंस पड़ी और दो पेग बनाने लगी.

संजय बोला- अपने लिए भी बना लो. प्रिंस यार है मेरा, इससे क्या पर्दा.रिंकी ने काफी मना किया कि उसका मन नहीं है.पर संजय नहीं माना तो वह बोली- मैं तुम्हारे में से ही सिप ले लूंगी.

अब गप्पों और हंसी मजाक का दौर चलने लगा.संजय धीरे धीरे हंसी मजाक को पोर्न मूवी पर ले आया.

दो दो पेग लग चुके थे दोनों के.प्रिंस रिंकी की लिहाज़ कर रहा था.

संजय बोला- यार, वैसे तो तू रोज़ सीडी मांगता है, अब शरीफ बन रहा है. यार, हम भी तो रोज देखते हैं, और तुझे देने के लिए सीडी भी तो मैं रिंकी से ही मांगता हूँ.तीनों हंस पड़े.

संजय रिंकी से बोला- यार चलो बेड पर बैठते हैं, कुछ एन्जॉय करते हैं. सीडी लगा देता हूँ.प्रिंस सकुचाया.तो संजय बोला- यार नौटंकी मत कर.

रिंकी उठ कर जाने लगी और बोली- मैं किचन में होकर आती हूँ.तो संजय ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला- यार, तुम दोनों मूड खराब मत करो.

अब जैसा तय था, तीनों अधलेटे से होकर मूवी देखने लगे.मूवी वही थ्रीसम सेक्स की थी.

दोनों मर्दों के हाथ में तीसरा पेग था.रिंकी संजय के पीछे बैठी थी.

रूम की लाइट उसने बंद कर दी थीं, बस टीवी की रोशनी आ रही थी.प्रिंस संजय से सटा हुआ उसकी और पीठ किये हुए लेटा था.

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अंधी चाहत-1

रिंकी संजय से चिपटी हुई थी और उसका हाथ आदतानुसार संजय की लुंगी में उसके लंड से खेल रहा था.

माहौल गर्म हो चला था.रिंकी ने संजय के कान पर हल्के से काट लिया.संजय चिहुंक गया.प्रिंस पलट कर मुस्कुराया. वह समझ गया कि इनकी छेड़खानी शुरू हो गयी है.

उसका लंड भी तन गया था; वह संजय से बोला- यार चलता हूँ अब, तुम दोनों भी एन्जॉय करो.संजय बोला- चले जाना थोड़ी देर में, बस पेग ख़त्म कर लूं.

अब रिंकी से बर्दाश्त नहीं हो रहा था.उसने संजय को पीछे से धक्का प्रिया और आँख से इशारा किया कि वह प्रिंस को वापिस भेजे.

रिंकी संजय का लंड मसल रही थी और अब संजय ने हाथ पीछे किया हुआ था पर वह चाह कर भी रिंकी की चूत में नहीं जा पा रहा था.उसके हिलने डुलने से रिंकी का हाथ बार बार प्रिंस से छू जाता था.

प्रिंस पर भी अब शराब और शवाब का सुरूर हो चला था.उसने बिना पीछे मुड़े संजय से पूछ ही लिया- भाभी का हाथ तेरी लुंगी में क्या कर रहा है?

यह सुनते ही रिंकी ने झट से अपना हाथ बाहर निकाल लिया.संजय बोला- इसे आदत है अंदर हाथ डालने की … और ये इतनी देर से यह ही कह रही है कि मुझे प्रिंस के पजामे में हाथ डालना है.

सब सन्न.किसी ने नहीं सोचा था कि संजय इतनी नंगी बात इतने आराम से कह देगा.

रिंकी ने उसे एक धौल लगाया- कुछ भी बोल देते हो.प्रिंस तो बस खी-खी करके हंस प्रिया.

संजय ने आगे बढ़ते हुए कहा- रिंकी एक बार पकड़ कर तो देख, हमारे ग्रुप में सबसे बड़ा इसी का था.रिंकी उठी और बोली- तुम दोनों पकड़ो आपस में, मैं बाहर जा रही हूँ.

प्रिंस संकोच में उठने को हुआ तो संजय ने उसे दबा कर लेटने को कहा और फिर रिंकी को होठों पर चूमते हुए कहा- एक बार छूकर देख लो, फिर और कुछ नहीं कहूंगा.

रिंकी चुप रही.उसका दिल जोरों से धड़क रहा था.चाह तो वो भी रही थी कि आगे आये और प्रिंस के पजामे से उसका लंड निकाल कर पकड़ ले.

पर ये सब सपनों और मस्ती की बातें थीं, सच में ऐसा हो जाएगा, उसने कभी सोच भी नहीं था.

अब संजय ने प्रिंस से कहा- यार तू ही बता … तुझे तो कोई ऐतराज नहीं अगर रिंकी एक बार तेरे पजामे में हाथ डाल दे.प्रिंस भी रपट गया, मिमियाते हुए बोला- अगर भाभी चाहें तो मैं क्यों मना करूंगा.

अब संजय ने रिंकी का हाथ पकड़ कर उसे प्रिंस के पजामे में लंड के ऊपर रख प्रिया.रिंकी को जैसे करंट लग गया.फनफनाता हुआ लंड था प्रिंस का.उसे ऐसे लगा कि जैसे कोई मूसल पजामे के अंदर है.

Xxx वासना से रिंकी का मन बेकाबू हुआ … उसने ऊपर से कस के दवाब बना कर पकड़ लिया प्रिंस के लंड को.संजय ने और आगे बढ़ते हुए प्रिंस के पजामे का नाड़ा टटोला और ढीला करके अब रिंकी का हाथ अंदर कर प्रिया.

रिंकी तो कांप गयी.एक पराये मर्द का लंड उसकी मुट्ठी में था.उसने अब जकड़ लिया उसे.

संजय ने अब रिंकी को बीच में कर लिया और रिंकी का एक हाथ अपनी लुंगी में कर लिया.

अब रिंकी के दोनों हाथों में लंड थे.उसकी आँखें बंद थीं.

प्रिंस का लंड संजय के मुकाबले मजबूत और लंबा था.

रिंकी ने हाथ का दवाब बढ़ाया प्रिंस के लंड पर.

संजय का हाथ अब उसके गाउन से होते हुए उसकी चूत तक पहुँच गया था और उसने अपनी उंगली उसकी चूत में करके मालिश शुरू कर दी थी.रिंकी की चूत से फच फच की आवाज आनी शुरू हो गयी.उसको लग रहा था कि अब वह अगर नहीं रुकी तो एक बार को अगर प्रिंस उसे दबोचे या न दबोचे वो खुद प्रिंस पर चढ़ जायेगी.

हॉट वासना से उसने कसमसाते हुए प्रिंस से कहा- प्रिंस, अब तुम जाओ प्लीज़.प्रिंस बड़े बेमन से खड़ा हुआ और चुपचाप नाड़ा ठीक करके रूम से बाहर चला गया.

संजय भी उसे गेट पर छोड़ने गया.

जब संजय उसे छोड़ कर आया तो रिंकी ने उसे दबोच लिया और ताबड़तोड़ चूमने लगी.उसने अपने कपड़े उतार दिए थे.वह बहुत गर्म हो रही थी.

दोनों एक दूसरे में समाने को बेताब हुए जा रहे थे. दोनों बोल कुछ नहीं रहे थे पर चुदास की आग इतनी जोरों से लगी थी कि वे बेकाबू होकर एक दूसरे के ऊपर चढ़ रहे थे.

आखिरकार संजय रिंकी के ऊपर चढ़ ही गया और उसकी दोनों टांगों को चौड़ा कर अपना लंड पेल प्रिया उसकी मखमली चूत में.अब दोनों गुत्थम गुत्था हो गए.

संजय हिम्मत करके बोला- यार क्यों भेज प्रिया संजय को वापिस? आज तुम्हें दो दो लंड का मजा दिलवाता. दोनों मिलकर चोदते तुम्हें!रिंकी भी बहक गयी, बोली- हाँ बड़ा मजा आता. अब बुला लो उसे!संजय बोला- अब इस समय वो नहीं आयेगा.

रिंकी बोली- फिर तुम ही मेरी आग बुझाओ.संजय ने रेलम पेल और जोर से शुरू कर दी.

उस रात रिंकी ठीक से नहीं सो पायी.

अगली सुबह संजय ने ऑफिस जाते समय रिंकी को छेड़ते हुए कहा- आज रात को प्रिंस को बुला रहा हूँ, अधूरा काम पूरा करने के लिए.पर रिंकी ने साफ़ मना कर प्रिया और बोली- इस बारे में अब कभी बात नहीं करेंगे.संजय ने कुछ कहना भी चाहा तो रिंकी ने इस बारे में बात करने से साफ़ मना कर प्रिया- यह केवल एक रात की बात थी, अब इस बारे में कभी कोई बात नहीं और यह बात प्रिंस को भी कह देना.

संजय बिना कुछ कहे फिर ऑफिस चला गया.

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बेवफाई की भी हद होती है

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