होम पर वापस जाएं
हास्य रस- चुटकुले पठन समय: 1 मिनट पढ़ा गया: 621 बार

कहाँ से आये हो?

कहाँ से आये हो?
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

संता वेश्यालय में जाकर- मुझे रीटा से मिलना है !

एक लड़की- वह एक बार का एक हजार लेती है।

संता- कोई बात नहीं जी, मैं दे दूँगा।

संता रीटा से मज़े लेकर उसे एक हजार रुपए दे देता है।

अगले दिन फिर से मज़े लेकर उसे एक हजार रुपए देता है।

तीसरे दिन फिर रीटा से मज़े लेकर उसे एक हजार रुपए देता है तो जब वो जाने लगता है तो रीटा कहती है- तुम मुझे बहुत अच्छे लगे, पैसे के लिए कोई मोल भाव नहीं किया, कहाँ से आये हो?

संता- जी, ******* से !

रीटा- ओह, वहाँ तो मेरी बुआ की लड़की भी रहती है।

संता- “हाँ, उसी ने तो मुझे तीन हजार रुपए दिए थे, कहा था कि तुम्हें दे दूँ, जो मैंने तुम्हें दे दिए।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

सन्ता, प्रीतो जीतो के चुटकुले
हास्य रस- चुटकुले

सन्ता, प्रीतो जीतो के चुटकुले

सन्ता का गला बैठ गया, बहुत कोशिश की पर आराम नहीं मिला।

3 मिनट 892
तीन चुटकले टायलेट से
हास्य रस- चुटकुले

तीन चुटकले टायलेट से

चलती गाड़ी में अपने शरीर का कोई अंग बाहर न निकालें !

1 मिनट 685
आप अन्तर्वासना पढ़ें
हास्य रस- चुटकुले

आप अन्तर्वासना पढ़ें

बारिश हो और ज़मीन गीली न हो

1 मिनट 201

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।