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Group Sex Story पठन समय: 23 मिनट पढ़ा गया: 1,132 बार

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-14

वन्द्या

08 Dec 2023 को प्रकाशित

कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-14
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अब तक आपने पढ़ा था कि शादी के बीच में लाइट चली जाने से मेरे कजन निहाल ने मेरी चूत में आग लगा दी थी और उसके बाद किसी एक और ने मेरी गांड भी गरम कर दी थी, तभी लाइट आ जाने से मैं चुदासी कुतिया से लंड ढूँढने में लग गई थी. तभी मानकपुर के स्टोर वाला शादी में आ गया और उसके साथ दो नीग्रो और एक सेठ का लौंडा भी आ गया था.वे सब मुझे अपनी गाड़ी में ले जाना चाहते थे. उधर मेरी चूत की चुदाई का खेल होना तय हो गया था.अब आगे:

तभी वह लड़का लंबा सा हैंडसम निकल गया और स्टोर वाला मेरे से बोला- थोड़ा जल्दी करो, जिसको कहना हो बता कर और आ जाओ. ज्यादा कुछ नहीं, जल्दी ही एक डेढ़ घंटे में तुझे फ्री कर देंगे. यह शादी तो पूरी रात चलने वाली है.मैं बोली- ठीक है आप 5 मिनट रुको, मैं मम्मी से बात करके देखती हूं.

मैं मम्मी के पास गई और बोली- मम्मी मेरा सर दुख रहा है, मुझे आराम करना है.. मैं एक-दो घंटे थोड़ा नींद ले लूं.. फिर आ जाऊंगी.मम्मी बोली- खाना खा ले, फिर चली जाना.मैंने झूठ बोल प्रिया. मैं बोली- अभी अभी थोड़ा केला वगैरह खा चुकी हूं, मैं चली जाऊं?तो मम्मी बोलीं- किसी को साथ ले ले.

मैंने वहीं खड़े कपिल को आवाज दी- कपिल भैया इधर आना.. मेरे साथ चलो, मुझे थोड़ा घर तक पहुंचा दो, फिर चले आना. मुझे जरा आराम करना है.मैंने कपिल को बुलाया और मम्मी से बोली- मैं जा रही हूं.मम्मी बोलीं- ठीक है.. कपिल इसे ले जा.. और इसे एक-दो घंटे में, जब शादी स्टार्ट हो जाए, तो उठा देना.कपिल बोला- ठीक है मौसी मैं उठा लाऊंगा.

मैंने कपिल को बोला- मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए है.. प्लीज मना नहीं करना. तुम जो कल बोलोगे, मैं करूंगी, पर अभी मुझे थोड़ी सी हेल्प चाहिए.तो वह बोला- बता तो, तेरे लिए तो कुछ भी करेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा.मैं बोली- कपिल मेरे फ्रेंड मुझसे मिलने बाहर से आए हुए हैं.. वे दूर से आये हैं. तू साथ में चल और हां मेरे साथ पास में ही बने रहना. एक-दो घंटे जो भी समय लगे, मेरे साथ ही रहना. मैं उनसे ठीक से मिल लूंगी, तो वास आ जाऊंगी.

उसने मेरी तरफ आंख मारी और बोली- वही वाले फ्रेंड हैं क्या, तेरे को अपना काम और उनका काम दोनों का फिट करना है न?मैं मुस्कुरा कर बोली- कुछ ऐसे ही समझ ले.. अब तुझसे क्या छुपाना, तुझसे तो सब ओपन हो चुका है.वह तैयार हो गया. बोला- चल चलता हूं तेरी हेल्प कर देता हूं, पर कल तू मुझे भी खुश कर देना.मैं बोली- पक्का वादा.. जो तू बोलेगा वह कल करूंगी.

डीजे के पास, जो स्टोर वाला खड़ा था, मैं उसके पास गई और बोली- यह मेरा दोस्त है और इसी की गारंटी में मम्मी ने मुझे भेजा है, तो यह भी साथ ही रहेगा.. बाकी ये कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा, वरना अकेले मैं निकल नहीं पाऊंगी.तो वह बोला- कोई दिक्कत नहीं है, मुझे पता है कि रात में कोई ना कोई साथ चलेगा ही.. अच्छा है.. कोई बात नहीं तुम्हारे फ्रेंड को भी हम खुश कर देंगे.तब मैं उससे बोली- एक्चुली यह मेरी मौसी का बेटा है, फ्रेंड नहीं है.तो स्टोर वाला बोला- कोई बात नहीं है.. यार इसे तेरी जानकारी है तो चलो और भी ठीक है.. अब कोई दिक्कत नहीं होगी.

वह आगे आगे चल प्रिया. मैं और कपिल उसके पीछे पीछे चल दिए. गेट के बाहर निकले तो थोड़े ही दूर बगल से एक वाइट कलर की फार्च्यून खड़ी थी. उसका गेट स्टोर वाले ने खोला और कपिल को बोला कि पहले तुम अन्दर जाकर पीछे बैठ जाओ.फिर मुझसे बोला- वन्द्या तुम बीच में बैठ जाना.मैं बोली- ठीक है.

कपिल घुसा और अन्दर पीछे वाली सीट में बैठ गया. मैं अन्दर जैसे ही घुसी.. मैंने देखा बीच वाली सीट में दो बहुत लंबे लंबे करीब सात-सात फिट के बिल्कुल काले सांड जैसे नीग्रो बैठे थे. मैंने हकीकत में इस तरह के आदमी नहीं देखे थे. सिर्फ ब्लू फिल्म की जो चुदाई के वीडियो होते हैं, उसमें चुदाई करते देखे थे. पर अब मेरी आंखों के बिल्कुल सामने ही वह मौजूद थे. उनके साथ वही हैंडसम सा लड़का था और ड्राइवर के बगल से आगे वाली में वह स्टोर वाला बैठ गया था.

जो हैंडसम लड़का था, उसने अपना नाम पुनीत बताया और ड्राइवर को बोला कि यहां से गाड़ी जल्दी निकालो.ड्राइवर ने गाड़ी को स्टार्ट किया और वहां से हटाकर थोड़ी दूर, लगभग आधे किलोमीटर पर ले जाकर खड़ी कर प्रिया.

उस समय लगभग रात के 11:00 बज रहे थे. मैं बिल्कुल आश्चर्य में थी, मुझे तीनों ने बीच में बैठा लिया था. वे मुझे एकटक घूर रहे थे. मेरे सामने जो नीग्रो दोनों थे, उनको हिंदी नहीं आती थी. वह उस हैंडसम लड़के पुनीत से इंग्लिश में बात कर रहे थे.

पुनीत मुझसे बोला कि तुम बहुत कातिल और कयामत माल हो.. अगर तुम हमारे साथ चले चलोगी तो तुम्हें हम बाहर भी ले चलेंगे.फिर पुनीत ने पूछा- तेरे साथ ये लड़का कौन है?तो वह आगे बैठा स्टोर वाला बोला कि वन्द्या का कजिन ब्रदर है, इसी के साथ मम्मी ने इसको आने प्रिया है, नहीं तो पॉसिबल नहीं था. इस लड़के को सब कुछ पता है.. ये इसके साथ पूरा ओपन है.. सर जी आप इसको भी कुछ कर दीजिएगा.तो पुनीत ने बोला- ओके कोई प्रॉब्लम नहीं है. चलो अब स्टार्ट करते हैं लेकिन वह जगह कौन सी है.कपिल बोला- कहां जाना है?तो वही स्टोर वाला बोला- यहीं पर शंभूदीन त्रिपाठी का मकान है, वहीं पर उनसे बात हुई है.कपिल पीछे से बोला- हां मैं शम्भूदीन अंकल को जानता हूं, बगल से आगे थोड़ी दूर पर ही मकान है.. उनके यहां चलना है.. कोई दिक्कत नहीं.

कपिल ने ही ड्राइवर को रास्ता बताया और ड्राईवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी.

वहां से लगभग 200 मीटर की दूरी पर ही मकान था, ड्राईवर ने आगे ले जाकर गाड़ी उधर लगा दी.

स्टोर वाला गाड़ी से उतर गया, उसने फोन करके किसी को बुलाया, तो कोई एक अंकल गाड़ी के करीब आ गए. उन्होंने बोला- मैं ऊपर चला जाता हूं. आप लोग नीचे आराम से रेस्ट कर लीजिए. उन्होंने चाबी दे दी और चाबी देकर बगल वाली सीढ़ी थी, वे उससे ऊपर चले गए. स्टोर वाले ने नीचे का गेट खोला, फिर वो गाड़ी के पास आ कर हम लोगों से बोला- आ जाइए.. कोई दिक्कत नहीं है.. अपन जब तक चाहें, इस घर में आराम से रुके रहेंगे.. बिल्कुल घर की तरह ही है.

गाड़ी का गेट खुल गया. वे दोनों नीग्रो भी नीचे उतरे और सब लोगों के साथ कपिल भी नीचे उतर आया. सब अन्दर आ गए. मैंने देखा कि वो दोनों नीग्रो बहुत बड़े-बड़े थे, उनमें से एक की उम्र तो करीब 45 के ऊपर रही होगी और दूसरे की लगभग 30 साल. वह जो हैंडसम सा उनीत नाम का सेठ लड़का था. उसकी भी उम्र वही 30 के आस पास थी.

मैं उनके साथ अन्दर चली गई. गेट अन्दर से बंद कर प्रिया गया. मैं अन्दर गई तो देखा अन्दर 3 बेडरूम थे.. बाहर एक हॉल था. बाहर की तरफ जो हाल था उसमें सोफा और दीवान रखे थे.

उन लोगों ने कपिल और उस स्टोर वाले को बोला- आप दोनों यहीं पर आपस में बातचीत करो, हम थोड़ी देर अन्दर वन्द्या से पर्सनल मीटिंग कर लेते हैं.तो वही स्टोर वाला कपिल से बोला- हां.. आओ हम दोनों यहीं बैठते हैं, इन लोगों को जाने दो.

वे मुझे लेकर अन्दर वाले कमरे में आ गए, उसमें एक डबल बेड लगा हुआ था. पुनीत ने उस बेडरूम का दरवाजा भी बंद कर प्रिया. वहां पर अन्दर कमरे में वे तीनों लोग मतलब दोनों नीग्रो और वह हैंडसम सा पुनीत बैठ गए.

हैंडसम लड़का अन्दर कमरे में आते समय हाथ में एक बैग लेकर आया था. वो एक थैला सा था, जिसमें एक दारू की बोतल और पानी सोड़ा स्नेक्स वगैरह था. उसने सब निकाला और वहीं पर रख प्रिया. वह नीग्रो आपस में कुछ इंग्लिश में बात कर रहे थे.

तभी एक नीग्रो मेरे नजदीक आया और मेरी कमर को पकड़ कर मेरी तरफ हुआ. उसकी हाइट में मैं कमर से थोड़ा ऊपर ही थी, वे बहुत लंबे थे. मुझे थोड़ी घबराहट लग रही थी, पर इस समय मेरा बहुत ज्यादा मन था, इसलिए निडर होकर उनके साथ आ गई थी. तब भी मुझे कुछ अजीब सा डर भी लग रहा था. फिर पुनीत ने उन दोनों का मुझे नाम भी बताया. एक का नाम गैब्रियल और दूसरा का मैक था.

पुनीत ने मुझसे बोला- ड्रिंक ले लो.मैंने मना कर प्रिया- नहीं, मैंने कभी नहीं ली.तो पुनीत ने बोला- आज थोड़ा ले लो.. बहुत एन्जॉय होगा.. यह कोई आम दारू नहीं है.. यह स्काच है.मैं बोली- चाहे जो भी हो, मैं नहीं लूंगी.वो बोला- ठीक है.

फिर उन लोगों ने जो नीग्रो थे, ड्रिंक बनाए.. और चियर्स बोल कर चुस्की ली. फिर उन तीनों ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और ऐसे ही खुले सीने में आ गए. मैं चुदासी सी बेड पर बैठी उन लोगों को देख रही थी.

फिर एक नीग्रो ने बेड में आकर मेरी तरफ देख कर स्माइल किया और मेरे चेहरे को पकड़कर मेरे होंठों को किस कर प्रिया. मैं उसके सामने बिल्कुल नाजुक कली सी लग रही थी. उसने मुझे पकड़ के उठा लिया और बेड में लेट गया. उसके बगल में मैं हो गई, मेरी तरफ बांहें डालकर वो मेरे होंठों को जमके चूमने लगा. यह जो चूमाचाटी कर रहा था, वो गैब्रियल था. उसकी एज 45 के आसपास थी. उसकी मदिरा से लिप्त सांसें मेरी सांसों में टकरा रही थीं. पहली बार किसी विदेशी ने, वह भी नीग्रो ने मुझे टच किया था. उसके किस करने का, होंठों को चूमने का स्टाइल ही अलग था. उसने मुझे चूमने के साथ ही मुझे अपनी ओर जोर से बांहों में खींच कर मुझे भर लिया. वो नॉन स्टॉप मेरे होंठों को चूस रहा था.

तभी मैंने महसूस किया कि मेरी टांगों के बीच में ही उसका लौड़ा धीरे धीरे खड़ा होने लगा. उसने मेरा हाथ ले जा कर अपनी पैंट की ज़िप पर रखवा प्रिया. जैसे ही मैंने एहसास किया, एक बहुत ही बड़ा लंड का उभार मेरे हाथ से स्पर्श कर रहा था. तभी वो मेरे सीने को अपने हाथों से दबाने लगा. मेरे बूब्स उसके लिए बहुत छोटे छोटे से थे, फिर भी उसने कस के मेरे एक दूध को दबा प्रिया.

अब जो दूसरा नीग्रो था, मैक वह आया और मेरे पीछे तरफ लेट गया. उसने तो उसने मेरे पिछवाड़े में आकर अपनी कमर चिपका दी और बोला- ओह बेबी कम ऑन.वो मेरी पीठ को और पेट को चूमने लगा. उसके एक हाथ में ड्रिंक का ग्लास था, वो एक हाथ से ड्रिंक ले रहा था और दूसरे हाथ से मुझे चूम रहा था.

इधर वह मेरे होंठों को चूसे जा रहा था. मैं बिल्कुल पागल हुई जा रही थी. मैंने मुँह खोल प्रिया तो उसने अपनी जीभ मेरे मुँह के अन्दर डाल दी. वो नीग्रो मेरी जीभ से अपनी जीभ टच कराने लगा. फिर उसने मेरी जीभ निकालकर बाहर की.. और जीभ चूसने लगा.

इससे मुझे बहुत ही गर्मी आने लगी.

तभी वह जो पीछे मैक था, वह अपना पैंट खोलने लगा और जल्द ही वह अंडरवियर में आ गया. उसका अंडरवियर बहुत शार्ट था.

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गैब्रियल मेरे होंठों को चूस रहा था. उसने बोला- यू आर वेरी सेक्सी वन्द्या.यह कह कर उसने भी एक ग्लास उठा लिया और एक बार में ही पूरा ड्रिंक गटक कर अपनी पैंट उतार दी. उसने मेरे चोली को अपनी मुट्ठी में भरके इतना कस के दूध दबाया कि मैं बिलख पड़ी.

तभी पुनीत ने बोला- वन्द्या, आज तुम भी ऐसे ही अपनी लाइफ को एंजॉय करना.. फिर ऐसे पल नहीं मिलेंगे.मैं बोली- आराम से करना.. बस मुझे बहुत एन्जॉय करना है.

इसके बाद मैंने एक नीग्रो को देखा तो उसने अपने अंडरवियर को उतार कर अपना लौड़ा बाहर कर प्रिया और मेरे मुँह के पास ला प्रिया. वो बोला- सक माई काक..मैंने उसके लंड को मुँह में लेने की कोशिश की, पर घुस नहीं रहा था. इतने में दूसरा जो था, उसने मेरी कमर को पकड़ कर बोला- यू आर फकिंग गर्ल.वो मेरे ऊपर आ गया. उसका बड़ा सा लंड मेरी जांघों में चुभ रहा था.

अब गैबरियल ने मुझे सीधा लिटा प्रिया और मेरे पैरों से मुझे चूमना शुरू कर प्रिया. मेरे एक-एक अंग को वह जमके चूसने लगा और बोला कि आई विल सक यू फर्स्ट.. देन फक यू हार्ड.

वह हिंदी नहीं बोल सकता था, मैं समझ गई. वो धीरे धीरे मेरे तलवों को होंठों से चाटने लगा और फिर मेरी टांगों को चाटते हुए धीरे-धीरे अपने हाथ से मेरे लहंगा को ऊपर करने लगा. जैसे जैसे ऊपर करता जा रहा था. मेरे सीने की धड़कन बढ़ती जा रही थी. उसने मेरे लहंगे को जांघों तक ला कर चढ़ा प्रिया था. वो मेरी नंगी जांघों को सहलाते हुए चाटने लगा. फिर उसने मेरे लहंगे को मेरी कमर तक पहुंचा प्रिया.

उसने देखा कि मेरे नीचे पैंटी नहीं है क्योंकि द्वारनेहा में निहाल ने मेरी चड्डी को उतार कर फेंक प्रिया था.

पुनीत खड़े खड़े ये सब देख रहा था. वो बोला- वन्द्या, तुम तो बिल्कुल कयामत हो.. पहले से ही चुदने की तैयारी में थी.. क्या पेंटी नहीं पहनती हो?तो मैं बोली- हां, मेरी आदत नहीं है … मैं नीचे पेंटी कम ही पहनती हूं.

तो वह एकदम से आहें भरने लगा और तभी जो दूसरा नीग्रो मैक था, वह सामने से मेरे ऊपर तरफ आ गया और मेरे सीने को और नाभि को चूमने लगा. पुनीत और गैब्रियल ने भी साथ में अपने अपने अंडरवियर सहित सारे कपड़े उतार कर एकदम नंगे हो गए. तीनों के सामान यानि लंड मेरे आंखों के सामने थे.

मैक और गैब्रियल के लंड तो मेरे हाथ के बराबर मोटे और लंबे थे. थोड़ा बहुत अंतर रहा होगा. पुनीत का भी बहुत लंबा था, पर फिर भी गैब्रियल से आधा था.

अब तीनों ने एक साथ दारू का पैग बनाया और चियर्स करके कुछ इंग्लिश से बोले, पर पुनीत ने हिंदी में बोला कि वन्द्या आज यह पैग तेरी मस्त चुदाई के नाम है.. तू इन दो-तीन घंटे की चुदाई को अपनी सारी लाइफ में याद करेगी. ये दोनों शेर तुझे इतना बेस्ट और अच्छे से फुल वाइल्ड तुझे चोदेंगे और फुल सेटिस्फाइड करेंगे कि तेरी सब तमन्ना पूरी हो जाएगी. यदि मन हो तो अभी भी वक्त है, एक दो पैग मार ले.. तुझे जरा भी दर्द नहीं होगा, सिर्फ मजा ही मजा आएगा.मैंने मना कर प्रिया. मैं बोली- मैं पियूंगी नहीं.. जो भी दर्द होगा, सब सहन कर लूंगी.. उसकी चिंता आप मत करिए.

इस तरह से तीनों एक साथ ही उस डबल बेड में आ गए. गैब्रियल ने मेरे सीने में हाथ से धक्का देकर मुझे बेड में गिरा प्रिया और अपने दोनों बाजू इधर उधर करके मेरे ऊपर चढ़ गया. जब उसने अपनी बॉडी लगभग एक फीट मेरे ऊपर किया हुआ था, तभी उसका लौड़ा मेरे पेट में टच कर रहा था. गैबरियल का लौड़ा बहुत ही बढ़ा और तना हुआ था.

गैब्रियल मेरे सीने को चोली के ऊपर से ही टच करके चूमने लगा. वो मेरी चोली को धीरे धीरे अलग ही अंदाज में खोलने लगा. मैंने आज दूधों के ऊपर पैड लगा रखे थे, जैसे ही उसने चोली की बद्धियां और हुक खोला, तो मेरी ब्रा के अन्दर जो पैड फिट थे. उसने पैड सहित मेरे दूधों को कस के दबा प्रिया और फिर एक ही झटके में ब्रा को ताकत से खींच प्रिया, जिससे ब्रा की बद्धियां टूट गईं.

इसके बाद वो सीधे मेरे ऊपर चढ़ गया. गैब्रियल का जो लोहे के रॉड जैसा लौड़ा था, वह मेरी जांघ और पेट में रगड़ खाने लगा. उसने मेरे होंठों को चूम लिया. फिर मेरा नाम लेकर बोला- वन्द्या योर नोज इज वेरी सेक्सी.वो मेरी सुतवां नाक को अपने मुँह में डालकर चूसने लगा. मैं खुद नहीं समझ पाती हूँ कि सबको मेरी नोज ही क्यों इतनी पसंद आती है.

करीब दो-तीन मिनट मेरी नाक को चूसता और चाटता रहा. फिर मुझसे लिपट के खुद गैब्रियल नीचे हो गया और मुझे उठा के अपने ऊपर कर प्रिया.

उसने मुझे बांहों में अपनी जकड़ लिया था. इतने में जो गैबरियल के जैसा ही उसका नीग्रो साथी मैक था, वह पीछे से मेरी पीठ की तरफ आ गया और मेरी पूरी नंगी पीठ में अपना हाथ चलाने लगा. फिर वो अपनी जीभ से मुझे पीछे से मेरे कूल्हों को और पीठ को चाटने लगा.

उसके बाद तभी पुनीत ने अंग्रेजी में मैक से बोला, तो मैक ने मेरे लहंगा को मेरी कमर से खींचते हुए पूरा नीचे कर प्रिया. अब मैं पूरी नंगी गैब्रियल के ऊपर लेटी थी और मैक मेरे पीठ और कूल्हों को चाट रहा था.

मैं बिल्कुल मदहोश होती चली जा रही थी. इतने में मैक मेरे कूल्हों को फैला कर मेरी गांड को अपनी जीभ से चाटने लगा और मेरी गांड में अपने नाक भी रगड़ने लगा. उसकी इस हरकत से मैं बिल्कुल मदहोश और पागल होने लगी.

मैंने गैब्रियल के मुँह में अपने आप ही अपनी जीभ डाल दी और बहुत जोर से उसे किस करने लगी. इतने में मैक मेरी कमर पर हाथ डाल कर मुझे थोड़ा ऊपर करके मेरे पीछे से ही मेरी तरफ अपना सर डालकर मेरी चूत को भी जोर से चाटने लगा.मेरी चूत को पहली बार इस तरह से कोई ने चाटा था. मैं बिल्कुल उछल पड़ी. मैक की जीभ बहुत लंबी थी. चूत की सुराख में ऊपर से ही मेरी चूत की जो क्लिट है, उस पर वो अपनी जीभ को जोर जोर से अन्दर बाहर करके रगड़ने लगा.मैं पहले से चूत की आग से तप्त थी.. अब तो बिल्कुल पागल होने लगी. तभी मैक ने गैब्रियल को अंग्रेजी में कुछ बोला और मुझे उठा कर बैठा प्रिया. फिर मैक अपना लौड़ा मेरे बाल पकड़कर मेरे मुँह में रगड़ने लगा और मुझे अपनी भाषा में बोला- सक बेबी.

अब सच में मैं बहुत एक्साइटेड थी, तो उसका लौड़ा अपने हाथ में पकड़ कर अपनी जीभ से मैक के लंड का सुपाड़ा चाटने लगी. बहुत मोटा और गर्म सुपारा था. मेरे मुँह में ठीक से जा ही नहीं पा रहा था. तब भी मैंने पूरा मुँह खोल प्रिया और जोर से लंड की चमड़ी को खोल कर उसका सुपारा चूसने लगी, चाटने लगी. इधर मेरी कमर से मुझे उठाकर गैब्रियल मेरी चूत को पकड़ कर अपनी जीभ से चाटने लगा और हल्के हल्के से उंगली भी डालने लगा. मैं बहुत पागल हुई जा रही थी.

तभी पुनीत भी आ गया और मेरी एक साइड में मैक के बगल से खड़ा हो गया. वो बोला- वन्द्या तू बहुत मस्त लगती है.. तेरी चूत भी बहुत सेक्सी लगती है. तू पागल कर देगी, तेरा लुक बहुत हॉट है. हम लोग बहुत लकी हैं. अब ले ये मेरा भी लंड चूस.

मैं तुरंत पुनीत का लंड पकड़ कर सहलाने लगी. उसका लंड थोड़ा छोटा था.. मैंने उसके लंड को अपने मुँह में पूरा भर लिया और चूसने लगी.

तभी गैब्रियल मेरी चूत में अपनी उंगली डालकर जोर से अन्दर बाहर करने लगा. मैं पुनीत और मैक दोनों का लौड़ा बारी बारी से चाटने चूसने लगी. करीब आधे घंटे इतना गैब्रियल ने मेरी चूत को चूसा और चाटा और मैंने मैक और पुनीत के लंड को चूसा और चाटा कि हम चारों मदहोश और पागल हो चुके थे.

गैब्रियल ने मेरी चूत में इतनी उंगली की थी कि मैं चिल्लाने भी लगी थी.

मैं बोली- पुनीत कुछ करो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा. मैं लंड के लिए बिल्कुल पागल हो रही हूं.. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा.. मुझे जम के चोदो.तभी पुनीत ने अंग्रेजी में उन लोगों को बोला- फ्रेंड्स.. नाओ सी नीड फकिंग..

दोनों ने अपने अपने अपने लंड मेरी तरफ कर लिए. पुनीत बोला- तू बहुत चुदासी हो गई है, तेरी चूत को आज हम तीनों चोदकर भोसड़ा बना देंगें.वो मेरे को बोला- बता तीनों एक साथ चोदें या एक एक करके लेगी?मैं उस समय बिल्कुल मदहोश पागल और बेहोश थी. मैं बोली- हां तीनों एक साथ डाल दो.. मुझसे नहीं रहा जा रहा.. मैं तुम तीनों का लंड एक साथ ले लूंगी.. तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो. मुझसे अब नहीं रहा जा रहा है.. मुझे जल्दी चोदना शुरू करो.

ये सुन कर तीनों ने मेरे साथ करना शुरू करने के लिए मुझे उठाया. गैब्रियल खड़ा हो गया. उसने मुझे गोदी में उठाकर कहा- सी इज लाइक व्हिच..

उसने मुझको उल्टा कर अपने बगल से बेड में लिटा प्रिया और मेरी चूत को हथेली से थप थपाया कर बोला कि वन्द्या यू आर सो हॉट गर्ल.. आई विल रॉक यू बेबी.ये कह कर ही उसने मेरी चूत को जोर से चाट कर अपना लंड टच करा प्रिया.

कहानी जारी है. आपके विचारों का इन्तजार रहेगाsupport@mohakkisse.com

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10 मिनट 883

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राकेश रंजन

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

l

loveonce1978

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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