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जन्म दिन का तोहफ़ा-2

रवीश सिंह

03 Jun 2022 को प्रकाशित

जन्म दिन का तोहफ़ा-2
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दोस्तो, इस कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं लिंडा की मित्र मीरा का बर्थडे गिफ्ट था और उसे रात को बालकनी में चोदा। रात के खेल में देर हो गई तो सुबह 9:30 पे ही नींद खुली। मीरा तब भी बेसुध सी नग्न सो रही थी। रात की चुदाई और दारु के नशे में !

मैंने कमरे में नज़र दौड़ाई तो सिगरेट का पैकेट दिखा और उसके नीचे एक थैले में मेरे साइज़ के टी-शर्ट और बरमूडा थे, शायद लिंडा ने रखवाये थे। एक जोड़ी पहन के सिगरेट पीते हुए बाहर निकला, सोचा कि थोड़ा घूम कर तजी हवा ले लूँ।

तभी फार्म हाउस केअर टेकर की पत्नी आई, “साहब नाश्ता बनाना है?”

घूर कर देखा तो पाया कि वो काफी सांवली थी और नाक नक्श भी ठीक ठाक थे, पर चूचे मस्त थे, वो भी इम्प्लांट्स के बिना।

“नहीं, अभी कसरत करूँगा।” बोलते हुए मेरी नज़र उसकी छाती पर ही थी।

फार्म हाउस में कुएँ का पानी एक झरने जैसे फाउंटेन से हो कर ही खेत में जा रहा था। उसी कारण थोड़ा कीचड़ सा भी हो गया था। एक लम्बी छलांग लगा मैंने कीचड़ पार किया और वहीं पास में अपना टी-शर्ट निकाल पुश-अप व अन्य एक्सरसाइज करने लगा।

तभी टहलते हुए कनिका आई और मेरे कसरती बदन को निहारने लगी, मेरी ओर आने लगी, तभी कोशिश के बावजूद पैर फिसल गया और वो कीचड़ में गिर गई।

मैं गया और उसे हाथ पकड़ कर निकाला, “लगी तो नहीं आपको?”

“लगी नहीं पर गंदी हो गई हूँ”, कनिका बोली।

“झरना बह रहा है, साफ़ हो जाइये !”

“यहाँ खुले में?”

“क्यूँ, एकदम फ्रेश पानी है, केअर टेकर भी नहीं है, उसकी वाइफ ने बोला कि वो पास के गाँव तक सामान लाने गया है और मैं चला जाता हूँ।”मैंने कहा जबकि मैं जाना नहीं चाहता था।

“तुम चले जाओगे तो साफ़ कौन करायेगा?” कनिका आँख मारते हुए बोली।

मेरा हाथ पकड़ झरने के नीचे गई और पानी से धुल उससे कपडे नंगे जिस्म से चिपक गए। अन्दर कुछ नहीं पहन रखा था। और कनिका एक कामुक हसीन हूर लग रही थी।

“यहाँ भी लगा है !” कहते हुए मैंने उसके चूतड़ नाप लिए।

“और कहाँ लगा है साफ़ कर दो ना !” कनिका एकदम करीब आते हुए बोली।

मैंने कनिका को निर्वस्त्र किया तो उसने मेरी बरमुडा उतारा और मेरे लौड़े को चूसने लगी। कनिका की हरकत से एक बात साफ़ थी कि कामवासना उस पर हावी थी क्यूंकि ज्यादातर क्लाइंट्स लंड नहीं चूसती है, हाँ चूत चटवाती हैं। झरने के नीचे कनिका ने अपने मम्मों को भींचा और मेरा लंड उसके बड़े बड़े मम्मों के बीच चलने लगा। झरने से निकल एक पत्थर के सहारे कनिका झुकी और मैंने पीछे से उसके चूतड़ चूमना चालू किये और गांड चाटने लगा। रात को यही गाण्ड लिंडा ने चाटी थी।

सुबह की चिड़ियों की चहचाहट के बीच कनिका की कामुक ध्वनि मुझे उसकी गुलाबी चूत की गहराइयों में चाटने को उकसा रही थी।

“अब आ जाओ, और मत तड़पाओ…” कनिका ने कांपती आवाज़ में कहा।

मैं कनिका के चूतड़ों के पीछे खड़ा हुआ और लण्ड उसकी चूत में पेल प्रिया।

हल्के हल्के धक्कों के साथ चूत में पूरा लंड घुसा प्रिया, फिर धीरे धीरे गति बढ़ाने लगा, कनिका भी मज़े ले कर चुद रही थी। मैं कभी तेज कभी हौले से अपना लवड़ा चूत में अंदर बाहर कर रहा था और कनिका अपने मम्मे मसल रही थी।

मैं थोड़ा रुका और उसकी पीठ को चूमता चाटता उसकी गर्दन को चाटने लगा, चेहरा घुमा उसने अपने रसीले होंठ मुझे दिए चूमने के लिए। चूत में मेरा लंड और मुँह में कनिका की जिबान दो जिस्मों की कामाग्नि में घी का काम कर रहे थे।

“मेरी गांड मारो ना !” कनिका ने धीरे से कहा।

मैंने चूत चोदन की गति बड़ा दी और कनिका की चूत ने पानी छोड़ प्रिया।

कनिका की गांड देख कर आभास हुआ कि पहले भी गाण्ड मरवाने की आदी है। मैंने उसकी गांड चौड़ी कर उसमे बहुत थूक भर चिकना किया और चूत रस से नहाये लंड को गांड के मुहाने पर लगा एक झटके में आधा अन्दर डाल प्रिया।

कनिका की आँखों में आँसू आ गए लेकिन मुख से कामुक सीत्कारियाँ मुझे गांड फाड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। मैंने ज़ोर से झटके मारने शुरू किये और कनिका अपने हाथ से अपनी भग्नासा मसल रही थी।

थोड़ी देर में वो फिर झड़ी और साथ ही मेरा वीर्य उसकी गांड में भर गया। लंड बाहर निकला तो उसकी गांड से मेरा सफ़ेद माल रिस रहा था।

वह मुड़ी और मुस्कराते हुए चूमने लगी और कहा, “लिंडा सही कहती है, तुम बहुत मस्त चोदते हो। इतनी मस्त चुदाई और गांड मरवाने के बाद में चल नहीं सकती, प्लीज अपनी बाँहों में ले जाओ।”

मैंने अपनी गीली बरमूडा पहनी और नंगी कनिका को उठा कर अन्दर चले गए। रात को मीरा को चांदनी रात में और अब कनिका को खुले में चोदने का आनन्द ही यादगार है।

अन्दर का माहौल देख कर मैं दंग रह गया। उसका वर्णन जारी रहेगा।

रवीश सिंह

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कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

जन्म दिन का तोहफ़ा

कुल भाग: 3
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प्रेषक : राज कार्तिक

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

सैंडी 1990

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

सेक्सी सोनू

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

कुमार राहुल

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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