इस हिंदी सेक्स की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि विक्रांत के बेटे को उसकी भाभी एडल्ट मूवी दिखाने ले गई है.
अंजना ने उसे हल्का धक्का देते कहा- बगल में देखो क्या हो रहा है।विकास ने मुड़ कर देखा तो एक लड़का लड़की को किस कर रहा था और उसके मम्में दबा रहा था।विकास- गर्लफ्रैंड-बॉयफ्रेंड हैं शायद!अंजना- हम भी तो हैं।विकास- पर..पर…यह तो गलत है।अंजना- प्यार करना गलत है? और तुम्हारा मन भी तो कर रहा है ना? बोलो?
विकास कुछ जवाब न दे सका पर उसकी चुप्पी का मतलब अंजना अच्छे से समझती थी। उसने विकास के होठों पर हल्की सी किस की और धीमी आवाज़ में उसके कान में फुसफुसाई- अपना हाथ मेरी टॉप में डालो।विकास डरते डरते अपना हाथ उसकी टॉप के अंदर ले गया।“क्या महसूस कर रहे हो विकास?”“अच्छा लग रहा है ना?”विकास- हम्म… अच्छा लग रहा है, आप सॉफ्ट सॉफ्ट हो बहुत।अंजना विकास के होंठों पर एक किस और करते हुए- और मज़ा आएगा, अपना हाथ ऊपर ले जाओ और मेरे बूब्स को दबाओ… खेलो उनसे!
विकास ने हाथ अंजना की टॉप में और अंदर तक घुसा प्रिया, अंजना ने ब्रा नहीं पहन रखी थी विकास को अपने नीचे गर्म गर्म गुब्बारों सी चीज़ का एहसास हुआ… उसका रोम रोम उत्तेजित हो रहा था. उसने धीरे से पहले एक मम्में को दबाया फिर दूसरे को, अंजना ने उसकी ज़िप खोल दी और उसके कच्छे में हाथ डाल के उसके तने हुए लौड़े को पकड़ लिया.“भाभी क्या कर रही हो?” उसने धीरे से कहा.पर अंजना रुकी नहीं, उसे अपने हाथ में एक हैवी लन्ड महसूस हो रहा था- तुम मेरे मम्मों से खेलो, मैं तुम्हारे लन्ड से!
इतना कह कर उसने अपने गर्म गर्म होंठ विकास के होंठों पे रख दिए और चूसने लग गई. उसने एक हाथ से विकास के चेहरे को थाम रखा था और दूसरे से वो विकास का मूसल लन्ड हिला रही थी.विकास को अजीब महसूस हो रहा था, अनजाने में ही वो अंजना के स्तनों को काफी जोर जोर से दबा रहा था… उसका सारा बदन अकड़ा जा रहा था जिस का बदला वो अंजना के मम्मों से ले रहा था.कुछ ही देर में वो बेसुध सा हो गया और जैसे किसी कपड़े को निचोड़ा जाता है, पूरी ताकत से बिल्कुल वैसे ही उसने अंजना के स्तन निचोड़ दिए और एक लम्बी आह के साथ झड़ गया।
अंजना ने अपने बैग से रुमाल निकाला और अपने हाथों और कपड़ों पर गिरा विकास का वीर्य साफ किया।पूरी मूवी के दौरान दोनों ने यही परिक्रिया एक बार और की।विकास को अब बनना था मर्द वो भी चोदू मर्द।
रात के खाने के बाद अंजना ने विकास के कान में कहा- आज रात को 1 बजे आऊँगी तुम्हारे कमरे में, इसलिए कुंडी मत लगाना।
अंजना कहे अनुसार रात ठीक एक बजे विकास के कमरे में दाखिल हुई। अंजना ने सोते वक़्त पहना जाने वाला सफेद रंग का गाऊन पहना हुआ था. उसने धीरे से दरवाजा खोला ताकि कोई आवाज़ न हो. कमरे में गुप्प अंधेरा था इसलिए उसने फ़ोन की लाइट ऑन की तो उसकी नज़र हड़बड़ी में कच्छा ऊपर करते विकास पर पड़ी. वो यह तो न देख पाई कि वो क्या कर रहा था पर कच्छे का बड़ा सा उभार देख कर समझ गयी कि विकास मुठ मार रहा था.
उसकी हँसी छूट गयी पर उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया ताकि आवाज़ न हो।विकास हड़बड़ी में- क्या भाभी, दरवाजा नॉक तो करती।अंजना- तुम ऐसा क्या कर रहे थे जो इतना घबरा रहे हो?विकास- कुछ नहीं… कुछ नहीं सो रहा था, बस आपके आने से चौंक गया।अंजना- अपनी गर्लफ्रैंड से झूठ बोल रहे हो? तुम मुठिया रहे थे न?विकास- वो… वो… मैं…
अंजना विकास के पास जाकर उसके कच्छे पर हाथ मलते हुए- इतना घबरा क्यों रहे हो? लन्ड हिलाना कोई पाप नहीं है. और वैसे भी जिसका इतना मस्त लौड़ा हो, उसे शर्माना शोभा नहीं देता। इतना कह कर अंजना ने उसका कच्छा नीचे कर प्रिया और एक झटके से विकास का 9 इंची हथियार पट से बाहर आ गया।
“हे राम ऐसा लल्ल….लन्ड!” अंजना हैरानी में बड़बड़ाई।दिन के वक़्त ही अंजना को यह एहसास हो गया था विकास के लिंग का आकार काफी बड़ा है पर लन्ड की जगह अजगर होगा यह उसने नहीं सोचा था।
अंजना ने अपना गाऊन खोल प्रिया और टाँगें नीचे लटका कर लेट गयी। विकास बुत बना उसे देख रहा था, उसके बड़े बड़े मम्में विकास को अपनी और खींच रहे थे पर उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो करे क्या!अंजना ने उसे कच्छा उतार कर अपने पास लेटने के लिए कहा, विकास ने आज्ञाकारी शिष्य की तरह कच्छे को उतारा और डरते मन से अंजना के पास लेट गया।अंजना विकास का 90 के कोण पर तना हुआ लौड़ा देख रही थी.
पर वो जानती थी कि वोएक कुंवारे लड़के के साथहै, उसका शिष्य घबराया हुआ है इसलिए उसने पहले विकास को शांत होने प्रिया और फिर उसके लन्ड के आसपास हाथ घुमाते हुए बात शुरू की- विकास तुम डर क्यों रहे हो? डरते तो वो लोग हैं जो कुछ गलत या बुरा करते हैं।विकास छत की ओर देखते हुए- भाभी, आपको ऐसे देख कर अजीब सा लग रहा है।
अंजना ने विकास के चेहरे को अपनी ओर घुमाया और उसकी आँखों में आँखें डाल कर कहा- विकास, सेक्स करना कोई पाप नहीं है, फिर डरना क्या और शर्माना क्या? मुझे बताओ कि मुझे देखकर तुम्हारे मन में क्या आता है?विकास- भाभी आपको देखकर मेरे ल..ल..लन्ड में करंट सी दौड़ने लगती है।अंजना उसके लन्ड को पकड़ते हुए दोनों अभी भी लेटे हुए हैं और एक दूसरे को देख रहे हैं… अंजना आहिस्ता आहिस्ता विकास के लन्ड को हिलाने लगी- कैसा लगा?विकास- अच्छा, मज़ा आ रहा है।अंजना- और क्या आता है तुम्हारे मन में… जब मुझे देखते हो?
विकास- आपके होंठों को देखकर जी करता है कि आप मेरा लन्ड चूसो और मैं आपकी फ़ोटो लूँ लन्ड चूसते हुए। बेहद सेक्सी हैं आपके होंठ।अंजना- यह हुई न बात… तो रेडी हो जाओ फ़ोटो लेने के लिए!विकास- तो आप चूसोगी?अंजना- जैसे तुम्हारा मन कर रहा कि मैं तुम्हारा लन्ड चुसूं वैसे ही तुम्हारा ये बड़ा और सुंदर लन्ड देखकर मेरा भी मन कर रहा कि मैं इसके साथ खेलूं, इसे मुँह में लूँ… लड़का लड़की एक जैसा सोचते हैं। लड़कियाँ भी उत्तेजित होती हैं उन्हें भी सेक्स करने की चाहत होती है।
भाभी की मस्त चुदाई
अंजना हल्का सा उठी, अपने घने- लम्बे काले बाल पीछे किये और विकास के लन्ड के मोटे गुलाबी टोपे पे हल्की सी किस की, फिर विकास की ओर देखते हुए उससे पूछा- कैसा लगा?विकास- बड़ा मजा आया, और करो न!अंजना कई चुम्मियाँ करते हुए- अब?विकास- आह… रुको मत और करो।अंजना- तुम्हें फ़ोटो लेनी थी न? पहले फ़ोटो तो लो! मैं भी देखूँ कैसे लगते हैं मेरे होंठ तुम्हारे लन्ड को चूसते हुए।अंजना ने O का आकार बनाते हुए विकास के आधे टोपे को मुँह में लिया, फिर उसी पोजीशन में रुक गई ताकि विकास फ़ोटो खींच सके।
विकास ने फ़ोटो खींच कर उसे दिखाई, अंजना को फ़ोटो देख कर हैरानी होती है कि सच में उसके होंठ लन्ड चूसते हुए बेहद कामुक और आकर्षक लग रहे थे।विकास अंजना के हाथ से फोन लेते हुए- अंजना कुछ फोटोज और लेते हैं ना अलग-2 एंगल्स से?अंजना ने अलग अलग तरह से कई फोटोज खिंचवाये जैसे टोपे को जीभ की नोक से छूते हुए, चाटते हुए, लन्ड चाटते हुए, चूसते हुए, टट्टे चाटते और चूसते हुए।
अपने इस फोटोशूट के बाद उसने विकास को लेटे रहने के लिए कहा और खुद बिस्तर से उतर कर विकास की टाँगों के बीच आ गई और घुटनों के बल बैठ विकास के लन्ड को दोनों हाथों से पकड़ कर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी… कभी लन्ड को वो जड़ तक मुँह में लेती, कभी टट्टे दबाती, कभी चाटती कभी चूमती!
विकास आँखें बंद किये काम आनन्द में हल्के हल्के कराह रहा था, उसे पता ही नहीं चला कि कब उसने वीर्य की पिचकारी अंजना के मुँह पर छोड़ दी।
अंजना ने जब नखरा दिखाते हुए कहा कि ‘विकास यह क्या, तुमने तो मेरा फैशियल ही कर प्रिया?’तब जाकर उसने आँखें खोली और सॉरी कहा।अंजना- सॉरी से काम नहीं चलेगा।विकास- फिर क्या करना होगा मुझे?अंजना- मैंने तुम्हारे लन्ड को सुख प्रिया है अब तुम्हें मेरी चूत की आग को शांत करना होगा।विकास- लन्ड डाल के?अंजना हँसते हुए- नहीं जनाब, अभी तो आपके लन्ड की हवा निकल चुकी है और फिर यहां चुदाई की तो सबको पता चल जाएगा, अभी तो आपको मेरी चूत की आग चाट चाट कर ही मिटानी होगी। तो अपनी अपनी जगह बदल लें?विकास संकोची आवाज़ में- हम्म!
अंजना समझ गई कि विकास अभी भी शर्मा रहा है- मेरे बड़े लन्ड वाले देवर जी, आपके लन्ड को भी मौका मिलेगा पर कल होटल में! अभी आओ और मेरी चूत का रसपान करो।विकास अंजना की बातों से फिर जोश में आते हुए- ठीक है अब देखो मेरा कमाल।अंजना बिस्तर पर लेट गई अपनी टाँगें नीचे करके और विकास उसकी टाँगों के बीच आ कर बैठ गया।अंजना- क्या दिख रहा है?विकास- चूत।अंजना- शाबाश अर्जुन, तुम्हारी नज़र निशाने पर है, कैसा है तुम्हारा निशाना?विकास- बिना झाड़ियों के, गुलाबी गुलाबी छेद और उस पर एक छोटा सा दाना।अंजना- बिल्कुल ठीक… जिसे तुम दाना कह रहे हो, उसे भगनासा कहते हैं, यह हम औरतों का लन्ड होता है, इसे जितना रगड़ो, एक औरत उतनी उत्तेजित होगी, याद रखना! अब तुम्हें अपनी नाक दाने पे रखनी है, जीभ से गुलाबी गुलाब चूत पे।
विकास वैसा ही करता है, अंजना उसे अगला निर्देश देती है, अब चाटना शुरू करो जैसे आइसक्रीम चाटते हो।विकास थोड़ा हिचकिचाया, पर एक दो बार चाटने के बाद उसे भी मज़ा आने लगा- शाबाश, तुम तो बड़ी जल्दी सीखते हो… आह… अहह.. हाँ ऐसे ही चाटते रहो पर बीच बीच में जीभ को अंदर बाहर भी करते रहो… ओह… मा… अहह… हाँ हाँ ऐसे ही… रुकना मत… तू नहीं जानता, जब से मुम्बई से आई हूँ आज कुछ… श…शा… शांति मिली है.अंजना बकती जा रही थी- अब भगनासा चूस… अहह… हाँ… हाँ ऐसे ही… आह… बड़ा मस्त चूस्ता है कुत्ते… ऐसे चूस… आह… आह… तू मेरा घोड़े के लन्ड वाला कुत्ता है… उम्म… और मैं तेरी कुतिया… ज…जाने वाली हूँ. जैसे आम चूसता है, अब वैसे ज़ोर से चूस… आह… उउ… ममम्म!
अंजना ने विकास का सिर पकड़ कर चूत पर ज़ोर से दबा प्रिया और कम्पकम्पाते हुए अपना सारा विकास के मुँह में छोड़ प्रिया और निढाल हो बिस्तर पर ढेर हो गई।अंजना- आ मेरे पास लेट!विकास उसके पास लेट गया- अंजना, बड़ा मजा आया तुम्हारी चूत को चूसने में।अंजना- उससे भी ज्यादा मज़ा तो मुझे आया।विकास- तुमने तो बहुत सारा रस छोड़ा।अंजना- हाँ, बहुत दिन हो गए थे न!
विकास- तुम बहुत अच्छी हो…अंजना- तुम भी, बस एक कमी है।विकास- वो क्या?अंजना- तुम लड़कियों से इतना डरते क्यों हो?विकास- मुझे उनसे बात करनी नहीं आती, उनके सामने जाते ही समझ नहीं आता कि क्या कहूँ।अंजना- विकास याद रखना, लड़कियां भी तुम्हारी ही तरह सोचती हैं बल्कि सभी ऐसा ही सोचते हैं.विकास- फिर मुझे क्या करना चाहिये?अंजना- कुछ नहीं।विकास- मतलब?अंजना- मतलब की कुछ असामान्य करने की कोशिश मत करो, वैसे ही बात करो जैसे दोस्तों से करते हो।विकास- समझ गया।
अंजना- अच्छी बात है… अच्छा यह बताओ कि क्या कोई ऐसी लड़की है जो तुम्हें पसंद करती हो?विकास- है तो… पर मुझे वो अच्छी नहीं लगती।अंजना- क्यों?विकास- उसके कई सारे बॉयफ्रेंड रह चुके हैं।अंजना- बॉयफ्रेंड होने से वो बुरी हो गयी क्या? फिर तो मैं भी बुरी हूँ, तुम्हें मैं अच्छी नहीं लगती?विकास- नहीं, वो बात नहीं है।अंजना- विकास, एक बताओ कि जब तुम अपने जूते खरीदने जाते हो तो क्या पहला जूता ही पसंद कर लेते हो?विकास- नहीं।अंजना- क्यों?विकास- किसी का डिज़ाइन अच्छा होता तो वो फिट नहीं होता, किसी का कलर पसंद नहीं आता।
अंजना- बिल्कुल ठीक, यही बात रिश्तों पर भी लागू होती है, हम जब तक किसी के साथ नहीं रहेंगे तब तक उसे जान नहीं सकते।विकास- भाभी, मुझे आपकी बात समझ आ गयी। अब मैं किसी के बारे उससे बात किये बिना राय नहीं बनाऊंगा।अंजना- नहीं विकास, तुम आधी ही बात समझे, जैसे हम केवल एक ही तरह के कपड़े नहीं पहनते, जूते नहीं पहनते, वैसे ही रिश्ते भी एक से ज्यादा हो सकते हैं, बस हमें किसी को धोखा नहीं देना चाहिए।विकास- इसका मतलब आज तक मैं रिया के साथ गलत कर रहा था?अंजना- रिया… अच्छा नाम है। हम्म तुमने उसका दिल दुखाया है।विकास- मुझे क्या करना चाहिए?अंजना- उसे कॉफी पिलाने ले जाओ.विकास- इस काम में आप मेरी मदद करेंगी न?अंजना- बिल्कुल मेरे नादान बुधू देवर, पर अब मुझे जाना चाहिये काफी समय हो गया है।विकास- थोड़ी देर बैठो न।अंजना उसके गाल पर चूमते हुए- तीन बजने वाले हैं ना, और तुम्हें कल स्कूल भी तो जाना है, चलो सो जाओ जल्दी।
अंजना ने विकास को बिस्तर पर लिटा के लाइट बंद की और गाऊन पहन के कमरे से बाहर चली गयी।
आगे क्या हुआ… यह मैं आपको इस हिंदीसेक्स की कहानीके अगले भाग में बताऊँगी।support@mohakkisse.com