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कोई मिल गया पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 907 बार

आग

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04 Sep 2009 को प्रकाशित

आग
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प्रेषक : कालबॉय जॉन

हाय दोस्तो, मेरा नाम जतिन है, मैं सूरत से हूँ, यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद है कि सबको पसंद आएगी।

मेरी उम्र छब्बीस साल है। मैं सबकी तरह यह नहीं कहूँगा कि यह कहानी सच्ची है। यह आप खुद ही तय करना कि मेरी कहानी सच्ची है या झूठी !

अब मैं कहानी पर आता हूँ।

मेरी शादी को चार साल हो गये हैं पर मेरी पत्नी सेक्स के बारे में एकदम ठण्डी है और मैं उसके सामने बहुत ही चुदक्कड़ इंसान ! मुझे रोज चुदाई चाहिये और उसको हफ़्ते या पंद्रह दिन में एक बार !वो भी एकदम साधारण अवस्था में और फटाफट करके सो जाना बस ! कोई रोमांस नहीं !

इसलिए मैंने सोचा कि ऐसे तड़फ़ने से कुछ नहीं होगा, कहीं और कुछ न कुछ जुगाड़ करना पड़ेगा।

मैंने अपने एक दोस्त को यह बात बताई तो उसने मुझे कहा- मेरे पास एक ऐसी भाभी (सूरत में शादीशुदा औरत को भाभी कहते हैं) का मोबाईल नम्बर है। उसका पति विदेश में और तेरी तरह प्यासी भी है, पैसे वाली भी है ! वो मेरी गर्ल फ्रेंड की सहेली है।

तो मैंने उसके पास से वो नम्बर लिया और थोड़ी देर बाद मैंने वो नम्बर जोड़ा तो सामने से एक मीठी सी आवाज आई- हेलो ! कौन?

मैंने कहा- मैं जतिन ! आपकी सहेली के बॉयफ्रेंड ने मुझे आपका नम्बर दिया है।

मैंने उससे नाम पूछा तो उसने अपना नाम बताया- सोनल (नाम बदला हुआ है)

फिर हम रोज फोन पर बातें करने लगे।

जब उसको मेरी बात और मुझ पर यकीन हुआ तब उसने मुझे मिलने के लिए अपने घर बुलाया।

मैं उसके बताये ठिकाने पर पहुँचा औरच दरवाजे की घण्टी बजाई तो उसने दरवाजा खोला।

मैं तो उसे देखता ही रह गया !

क्या खूबसूरती और सादगी थी उसमें !

उसने मुझे अन्दर बुलाया, हमने खूब बातें की। उसने मेरे लिए चाय बनाई। फिर उसने कहा- तुम अब रात को यहीं रुक जाना !

मैं शाम के करीब पाँच बजे गया था उसके घर, तो मैंने कहा- ठीक है।

फिर रात का खाना उसने होटल से मंगवाया। हमने साथ साथ खाना खाया।

फिर रात के करीब नौ बजे उसने कहा- चलो नहाते हैं।

तो हम साथ साथ नहाने गए।

उसने धीरे धीरे अपने कपड़े उतारने की शुरुआत की और मेरी हालत तो गला कटे मुर्गे जैसी होने लगी।

क्या फिगर था उसका ! कयामत लग रही थी !

उसने लाल रंग ब्रा और पैन्टी पहन रखी थी। मुझसे अब अपने पर काबू नहीं हो रहा था। मैं उसके पास गया और उसकी कमर पर हाथ फेरने लगा।

फिर धीरे धीरे उसके कूल्हों और पूरे बदन पर अपना हाथ फ़िराया। वो मेरी ओर मुड़ी और मेरे होंठों को चूमने लगी, जैसे वो बरसों से प्यासी हो, ऐसे चूमने लगी।

फिर मैंने उसको पूरा नंगा किया। उसकी चूत को देखते ही मैं उस पर टूट पड़ा !

दोस्तो, मैं एक बात बता दूँ- मुझे चुम्बन करना और चूत चूसना बहुत पसंद है।

वो गर्म होने लगी ! चूत चटवाने में उसे भी बहुत मजा आ रहा था। वो एकदम कामुक आवाजें निकालने लगी और झड़ गई। फिर थोड़ी देर हम वैसे ही नहाते रहे। मैं उसे फिर से गर्म कर रहा था। थोड़ी ही देर में वो फिर से गर्म हो गई। तब हमारा चुदाई का सिलसिला शुरु हुआ।

वो दीवार की तरफ मुँह करके खड़ी थी और मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लण्ड डाल दिया। खड़े खड़े ही हमने शॉवर के नीचे ही चुदाई चालू कर दी।

करीब पन्द्रह-बीस मिनट के बाद सोनल और मैं साथ में ही झड़ गए।

हम नहाकर उसके बेडरूम में गये नंगे ही !

फिर हमने पूरी रात पागलों की तरह चुदाई की। मैंने उसे उस रात पाँच बार चोदा। वो रात मेरी यादगार रात रही।

फिर सुबह जब मैं वापिस अपने घर आ रहा था तो उसने मुझे पैसे देने चाहे लेकिन मैंने मना कर दिया।

तो उसने फिर से मुझे चूमा और बोली- दिल जीत लिया तुमने !

फिर उसने अपनी चार सहेलियों को मुझसे चुदवाया। वो भी मुझसे चुदवा कर खुश रहती हैं, कहती हैं- जादू है तेरे लण्ड में !

कैसी लगी मेरी कहानी? मुझे जरुर मेल करना दोस्तो ! और कोई भूल हुई हो तो माफ़ करना।

support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राकेश रंजन

3 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

सेमोन जायसवाल

4 weeks ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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