किस्से पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 864 बार

भईया भाभी का साथ -1

रोमा शर्मा

08 Jan 2011 को प्रकाशित

भईया भाभी का साथ -1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मेरे पापा के एक दोस्त हैं अनिल अग्रवाल ! पापा और अनिल अंकल एक ही कम्पनी में काम करते हैं, दोनों की काफी अच्छी दोस्ती है।अनिल अंकल हमारे घर अक्सर आते रहते हैं।

एक दिन अनिल अंकल का पापा के पास फोन आया, कहा- यार मुझे और मेरी पत्नी को रिश्तेदारी में एक शादी में जाना है और मेरा बेटा भी काम के सिलसिले में बाहर गया है। हम शादी में जायेंगे तो पलक बहू घर में अकेली हो जाएगी, शादी में जाना भी जरूरी है और मेरी पोती बहुत छोटी है, तो हम पलक को अकेला नहीं छोड़ सकते। क्या तुम रोमा को कुछ दिन के लिए मेरी बहू के साथ हमारे घर में रहने के लिए भेज सकते हो?तो पापा ने कहा- मैं रोमा से पूछ कर बताता हूँ।फिर पापा ने मुझसे पूछा तो मैंने कहा- ठीक है, मैं चली जाऊँगी।

पापा ने अंकल को कह दिया- ठीक है, वो पलक के साथ रह लेगी !तो अंकल ने कहा- हमें कल शाम में जाना है, मैं कल सुबह रोमा को लेने आ जाऊँगा।

उनका घर हमारे घर से काफी दूर है, मैंने अपनी तैयारी की जाने की और अगले दिन सुबह अंकल मुझे लेने के लिए आ गये। मैं तैयार हो रही थी, मम्मी ने उन्हें जलपान कराया फिर उन्होंने कहा- हम दोनों में तो एक हफ्ते के लिए जा रहे हैं पर मेरा बेटा तीन-चार दिन में घर वापस आ जायेगा तो वो रोमा को वापस छोड़ देगा तब तक रोमा पलक और उसकी बेटी के साथ रह लेगी।पापा ने कहा- ठीक है यार, जब तक तुम दोनों नहीं आ जाते, रोमा वहाँ रह सकती है।और फिर अंकल मुझे लेकर अपने घर आ गए।

उनके घर जाकर मैं उनकी बहू से मिली, वैसे तो मैं उनसे पहले भी मिल चुकी थी जब वो हमारे घर आई थी पर हमारी ज्यादा बात नहीं हो पाई थी।

फिर शाम को पाँच बजे अंकल और आँटी की ट्रेन थी तो वो चले गये, मैं उनके घर में थोड़ी चुप-चुप सी थी तो पलक भाभी ने मुझसे कहा- रोमा, तुम इतनी चुप क्यों हो? क्या तुम्हें यहाँ अच्छा नहीं लग रहा है?मैंने कहा- नहीं नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं है !तो भाभी कहने लगी- रोमा, तुम इसे अपना ही घर समझो, किसी भी चीज की जरूरत हो तो बेझिझक मुझसे कहना ! तुम मुझे अपनी सखी-सहेली ही समझो।भाभी की बेटी अभी नौ महीने की है, मैं उसके साथ खेलने लगी।

भाभी ने रात का खाना बनाया, हमने खाना खाया, फिर मैंने भाभी से कहा- मैं कहाँ पर सोऊँगी भाभी?

तो भाभी ने कहा- रोमा, तुम मेरे साथ मेरे ही कमरे में सो जाओ, तुम्हारे भईया तो है नहीं, तुम मेरे साथ सोओगी तो अच्छा रहेगा।

रात में भाभी और मैं कुछ बातें करने लगे। उनकी बेटी रोने लगी तो भाभी ने अपना ब्लाउज ऊपर करके एक उरोज को बाहर निकाल कर गुलाबी निप्पल को बेबी के मुँह में देकर उसे दूध पिलाने लगी।मैं यह देख कर वहाँ से उठ कर जाने लगी तो भाभी ने कहा- कहाँ जा रही हो रोमा ! बैठी रहो ! इसमें क्या शरमाना !मैं वहीं बैठी रही।

भाभी के स्तन काफी बड़े थे जो मुझे साफ साफ दिखाई दे रहे थे। मैंने भाभी से पूछा- भाभी, आपकी अरेंज मैरिज थी या लव मैरिज?तो भाभी मुस्कुराने लगी कहा- अरेंज कम लव मैरिज थी।फिर मैंने पूछा- भाभी, आप और भईया कहाँ मिले थे?तो भाभी कहने लगी- हम कॉलेज में मिले थे !

काफी देर तक हम ऐसे ही बातें करते रहे, बात करते करते रात का एक बज गया था, मैंने भाभी से पूछा- भईया ने आपको प्रपोज कैसे किया था?तो भाभी कहने लगी- रात बहुत हो गई है रोमा, हमें सोना चाहिए, अब कल बात करेंगे।

फिर सुबह जब मेरी नींद खुली तो भाभी बिस्तर पर नहीं थी। मैं उठ कर बाथरूम की तरफ गई पर बाथरूम अन्दर से बन्द था। भाभी को पता चल गया था कि मैं उठ गई हूँ तो उन्होंने अन्दर से ही कहा- रोमा, मैं अभी 5 मिनट में निकलती हूँ !मैंने कहा- ठीक है।

फिर भाभी बाथरूम से निकली तो वो सिर्फ ब्रा-पेंटी में थी और वो ब्रा-पेंटी सफ़ेद रंग की पारदर्शी थी। भाभी तौलिये से अपने बालों को पौंछ रही थी।

मैं उन्हें देखती ही रही, उनके बड़े बड़े उरोज ब्रा में से छलक-झलक रहे थे और उनकी योनिस्थल पर हल्के हल्के बाल थे, जो मुझे उस पारदर्शी ब्रा पेंटी से दिखाई दे रहे थे। मैं उन्हें एकटक देखे जा रही थी।

फिर भाभी ने अलमारी से अपने कपड़े निकाले और उन्हें पहनते हुए भाभी ने मुझे कहा- जाओ रोमा, तुम भी जाकर नहा लो।मैं अपने बैग से कपड़े निकलने लगी पर बैग में ब्रा और पेंटी दिखी नहीं तो मैं बैग में ही ढूंढने लगी।तो भाभी ने मुझे देख कर पूछा- क्या ढूँढ रही हो रोमा?तो मैंने कहा- कुछ नहीं भाभी !

तो उन्होंने कहा- क्या हुआ, बताओ? तुम कुछ परेशान सी लग रही हो?तो मैंने कहा- हाँ भाभी, लगता है मैं अपनी ब्रा-पेंटी घर ही भूल आई हूँ, वो बैग में नहीं है !

तो भाभी ने कहा- इसमें परेशान होने की क्या बात है, मेरे पास बहुत सारी हैं तुम वो ले लो !तो मैंने कहा- भाभी, आपकी ब्रा-पेंटी मुझे कहाँ फिट आयेंगी, आप का साइज़ और मेरा साइज़ अलग अलग है।तो भाभी ने कहा- मेरे पास तुम्हारे साइज़ की ब्रा-पेंटी भी हैं। जब मेरी नई नई शादी हुई थी तो मेरा साइज़ भी तुम्हारे साइज़ जितना ही था, तुम्हारे भईया जब भी बाहर जाते हैं, मेरे लिए ब्रा पेंटी लेकर ही आते हैं। रुको, मैं तुम्हें वो लाकर देती हूँ !

तब भाभी ने अलमारी खोली और उसमें से मुझे अपनी 4-5 ब्रा-पेंटी निकाल कर दी और कहा- ये लो रोमा, ये तुम रख लो ! अबये मेरे साइज़ की नहीं है, ये तुम्हारे काम आयेंगी।मैं नहाने चली गई। जब मैं नहा कर बाहर आई तो भाभी कमरे में ही थी।भाभी ने मुझे कहा- रोमा, दिखाओ तो तुम्हें ब्रा पेंटी ठीक आई या नहीं?

तो मैंने कहा- हाँ भाभी, ठीक साइज़ की हैं।तो उन्होंने कहा- दिखाओ तो ! मुझ से क्या शरमा रही हो?

और उन्होंने मेरा तौलिया हटा दिया, फिर कहा- हाँ ठीक हैं ये !और कहा- रोमा, मुझसे तुम शर्माया मत करो, मुझे अपनी दोस्त ही समझो !तो मैंने कहा- ठीक है भाभी !और वो कमरे से चली गई, मैंने अपने कपड़े पहने, फिर हमने नाश्ता किया।

मैंने फिर भाभी से पूछा- बताओ नाअ भाभी, आप लोग कैसे मिले थे?तो भाभी ने कहा- मैंने बताया तो था कि हम कॉलेज में मिले थे और तुम्हारे भईया ने मुझे वहाँ प्रपोज किया, मुझे भी वो पसंद आये तो मैंने भी हाँ कर दी थी। फिर हम ऐसे ही मिलते रहे थे और पढ़ाई पूरी करने के बाद हमारी शादी हो गई।और कहने लगी- शादी से पहले हमने लाइफ को खूब एन्जोय किया !तो मैंने कहा- वो कैसे भाभी?तो उन्होंने कहा- हम शादी से पहले खूब घूमते थे और मस्ती किया करते थे।मैंने कहा- क्या क्या मस्ती करते थे आप?तो उन्होंने कहा- हमने शादी के पहले भी बहुत चुदाई की है !

फिर भाभी ने मुझ से कहा- रोमा, तुमने कभी चुदाई की है?तो मैंने कुछ नहीं कहा और मुस्कुराने लगी।फिर भाभी ने कहा- बताओ रोमा? की है तुमने कभी चुदाई?‘की है !’ मैंने भाभी से कहा- हाँ मैंने की है भाभी ! आप किसी को बताना मत !उन्होंने ने कहा- ठीक है !

फिर भाभी ने कहा- कैसा लगा था तुम्हें?तो मैंने कहा- बहुत अच्छा लगा था !फिर भाभी ने कहा- चलो, मैं तुम्हें कुछ दिखाती हूँ !

हम कमरे में गए तो भाभी ने एक बैग निकाला, उसे खोला तो उसमें ढेर सारी सीडी थी !मैंने पूछा- ये किसकी सीडी हैं?तो भाभी ने कहा- चुदाई की सीडी हैं, तुम्हारे भईया की हैं हम कभी कभी साथ बैठ कर देखते हैं। और फिर जैसे जैसे उस सीडी में चुदाई होती है तुम्हारे भईया भी मुझे वैसे वैसे ही चोदते हैं। बहुत मजा आता है।

भाभी ने एक सीडी लेपटोप में लगा दी, भाभी और मैं उस सीडी में चल रही चुदाई को देखने लगे। चुदाई को देख कर मेरा मन भी चुदने का करने लगा और भाभी भी गर्म हो गई थी तो उन्होंने अपनी साड़ी उठाई और पेंटी के अन्दर हाथ डाल कर अपनी चूत में उंगली करने लगी, मैं उन्हें देख रही थी फिंगरिंग करते हुए !फिर भाभी ने कहा- रोमा, क्या तुम्हारा मन नहीं कर रहा चुदने का?मैंने कहा- भाभी कर तो रहा है !तो उन्होंने मुझे कहा- तुम भी फिंगरिंग कर लो, तुम्हें अच्छा लगेगा !

और उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया। मैं भी गर्म थी तो मैंने भी अपनी सलवार उतार दी।फिर भाभी ने कहा- अब तुम भी करो रोमा !तो मैं भी करने लगी।भाभी ने कहा- रोमा, मैं तुम्हारी कुछ मदद करूँ क्या?

और फिर उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया और मेरी चूत में अपनी उंगली डाल कर आगे पीछे करने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था कुछ ही देर बाद मैं झड़ गई।

फिर भाभी कहने लगी- रोमा, तुम्हारे भईया का लंड बहुत बड़ा और मोटा है, मुझे उससे चुदने में बहुत मजा आता है। वो 8-10 दिन से बाहर हैं तो मैं चुदाई की प्यासी हो गई हूँ, अब तो ऐसे लग रहा है कि वो जल्दी से आ जायें और मुझे चोदें ! और वो भी मुझे चोदने के लिए उतने ही बेताब होंगे जितना कि मैं उनसे चुदने के लिए बेताब हूँ ! देखना आते ही सबसे पहले वो मेरी चुदाई करेंगे !

कहानी जारी रहेगी।आप मुझे निम्न इमेल पर मेल कर सकते हैं और इसी पर फ़ेसबुक पर भी मिल सकते हैं।support@mohakkisse.com3351

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

भईया भाभी का साथ

कुल भाग: 5
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरी जवान बुआ की चुदाई का मजा लिया
कोई मिल गया

मेरी जवान बुआ की चुदाई का मजा लिया

हॉट बुआ सेक्स स्टोरी में एक शादी में मुझे दूर के रिश्ते की बुआ के साथ सोने का मौका मिला. बुआ की छाती मेरे चेहरे के पास थी. मेरा लंड खड़ा हो गया.

6 मिनट 980
भिखारी को बेटा बनाकर उसके लंड से चुदी
कोई मिल गया

भिखारी को बेटा बनाकर उसके लंड से चुदी

हिंदी Xxx सेक्स कहानी में मैं पति की गैरमौजूदगी में लंड के लिए तरस रही थी कि मुझे एक भिखारी लड़के का लंड दिखा तो मैं उसे घर ले आयी क्योंकि उसका लंड 8″ का था.

19 मिनट 686
ट्रेन में मिली भाभी ने दिया सेक्स का मजा
कोई मिल गया

ट्रेन में मिली भाभी ने दिया सेक्स का मजा

गरम भाभी सेक्स स्टोरी में ट्रेन में मेरी रिज़र्व सीट पर एक भाभी बैठी थी. उसकी टिकेट कन्फर्म नहीं थी. उसने मेरी सीट शेयर कर ली और मेरे साथ लेट गयी.

6 मिनट 1,135

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अमृता यादव

1 week ago

मजा आ गया भाई! भाभी को अच्छे से मनाया। अगला पार्ट भी जल्दी पब्लिश करना।

रौनक

2 weeks ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।