होम पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,178 बार

पैसों के लिए शादी कर बैठी-3

मिसेज़ सीमा शुक्ला

30 Jan 2022 को प्रकाशित

पैसों के लिए शादी कर बैठी-3
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सबको प्यार भरी नमस्ते, इस नाचीज़ रीमा की खूबसूरत अदा से प्रणाम!

मैं पच्चीस साल की एक हसीन लड़की हूँ और बाकी सब आपने मेरी पिछली चुदाई की दास्तान में पढ़ ही लिया होगा किस तरह मैंने पैसों के लालच में आकर फुद्दू बन्दे से शादी कर ली।

अपने पति के गाँव के एक बाकें जवान से चुदकर मेरी वासना कुछ दिन शांत रही। पति का पास होना, न होना एक बराबर है। मैं सोचने लगी कि किसको बिस्तर का साथी बनाऊँ, कहीं इनको मालूम पड़ा तो घर से निकाल देंगे और मैं फिर से वही छोटे से घर में चली जाऊँगी।

मेरा जन्म दिन था, इन्होंने दोनों ऑफिस और कम्पनी मेरे नाम कर दी। मैं खुद को सुरक्षित महसूस करने लगी।

रात को ढीली लुल्ली से मुझे आधी अधूरी चोद कर अगले दिन शुक्ला जी फिर चले गए।

मैं जब अकेली घर में रूकती हूँ, रोज़ खाने के बाद छत पर टहलने, हवा खाने जाती हूँ सिर्फ ब्रा शॉट्स पहन कर!

मैंने अचानक से नीचे ध्यान प्रिया, शायद कोई मुझे देख रहा था।मैंने सैर ज़ारी रखी और फिर वो लड़का गली में सैर करने लगा, बार बार मुझे देख रहा था।

मैं सैर छोड़ किनारे पर खड़ी उसको ताकने लगी। मैंने दोनों हाथों से ब्रा के ऊपर से सहलाया उसको उकसाने के लिए, उसने इधर उधर देखा और पजामा नीचे करके अपने लुल्ले को सहलाने लगा।

उसका विकराल लुल्ला देख कर मेरी चूत मचलने लगी। उसने पने लौड़े को सहला सहला कर खड़ा कर प्रिया। उसने वापस पजामे में डाला और सैर करने लगा।

मैं एक रण्डी की तरह चुदक्कड़ बन चुकी हूँ मुझे सिर्फ वासना दिखती है!मैंने अपनी ब्रा उतारी और दोनों हाथ से अपने मस्त मम्मों को उठा उठा मसलने लगी।

वो फिर से रुक गया, मुझे चोदने का गंदा इशारा करने लगा, अंगूठे और साथ वाली ऊँगली से मोरी बना कर दूसरे हाथ की ऊँगली उस मोरी में अन्दर बाहर करने लगा।

मुझे उसकी यह गंदी हरक़त बहुत पसंद आई। वो हमारे गेट पर ही खड़ा हो गया, मैंने उसको दिखा मम्मे खूब सहलाए, मैंने भी होंठ काटते हुए चबाते हुए चुदने का गंदा इशारा उसकी तरफ किया।

उसने उसको अंदर आने को कहा। मैं नीचे गई, इधर उधर देख वो जल्दी से मेरे घर में घुस गया और उसको अंदर लेकर मैंने दरवाज़ा लॉक किया और उसने मुझे बाँहों में समेट लिया।

यह भी पढ़ें (Recommended)

जन्म दिन का तोहफ़ा-2

हाय भाभी! बहुत दिनों से तुझे पसंद करता था! काश तेरी चूड़ियों वाली बाजू मेरा तकिया बनती!

‘अब क्या हो गया? बना लो अपनी!’

उसने मेरी ब्रा खोल शॉर्ट्स उतार प्रिया और पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को चूमने लगा। तभी उसने पैंटी सरका दी, मुझे बिस्तर पर लिटा कर जम कर मेरी चूत चाटी और मैंने बराबर उसका लुल्ला चूसा। यह कहानी आप अन्त र्वा स ना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

वो भी पागल हुए जा रहा था, उसका नौ इंच का लुल्ला काफी मोटा भी था, चूसने में तब थोड़ी परेशानी हुई, जब पूरा तन गया तो!

उसने मेरे मम्मे बारी बारी मुँह में लेकर खूब चूसे!उस लड़के की उम्र तो चाहे कम थी, 18 का ही होगा लेकिन जान बहुत थी, उसने मुझे जम कर मसला और फिर उसने मुझे घोड़ी बना लिया, पहले मेरी चूत को और चाटा और फिर लंड घुसाने लगा।

उससे घुस नहीं पाया, वो अनजान राही था, मंजिल हासिल करने में कच्चा था, मैंने हाथ ले जा कर उसके लुल्ले को पकड़ सही जगह टिका प्रिया और उसने झटका प्रिया, सर सर करता चीरता लंड घुसता चला गया मेरे!

दर्द से मेरी एक बार जान निकल गई लेकिन फिर उसी मोटे लुल्ले ने मुझे स्वर्ग दिखाया।

उसने अपने घर फ़ोन किया और बोला- मुझे अनिल मिल गया था और मैं उसके साथ हॉस्पिटल में हूँ, उसकी माँ बीमार है।

पूरी रात उसने मेरी चूत बजाई और एक बार फिर से मुझे तृप्त कर सुबह चला गया। मैं फिर से हल्की हल्की सी महसूस कर रही थी। लेकिन जब मुँह को खून लग जाता है तो वो नये नये शिकार ढूंढने निकलता है।

एक रात में कई बार चुदने के बाद मैंने उसको मैंने त्याग प्रिया क्योंकि मेरे खसम ने एक ड्राईवर मेरे आने जाने के लिए रख प्रिया।

काफी गठीला बदन था उसका, कड़क जवान था!

मैं कार में पीछे बैठने के बजाये उसके बराबर बैठती और मन में उसको बिस्तर पर ले जाने के सपने देखती।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

पैसों के लिए शादी कर बैठी

कुल भाग: 5
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

रीमा सिंह की चूत चुदास -2
कोई मिल गया

रीमा सिंह की चूत चुदास -2

‘अहाहाहा…’ क्या आनंद आया, मेरी मुँह से तो चीखें ही निकाल दी साले ने, जिसका लंड मेरे मुँह में था, मैंने तो जोश में काट खाया साले को।और एक दो मर्द बोले- अरे देख, मादरचोद कैसे पानी की धारें छोड़ रही है, साली छिनाल, बहुत आग लगी है इसके भोंसड़े में!

8 मिनट 638
कामदेवी जैसी कामिनी के संग प्यार भरे पल
कोई मिल गया

कामदेवी जैसी कामिनी के संग प्यार भरे पल

देसी मैरिड गर्ल फक़ स्टोरी में पढ़ें कि दिल्ली के बाजार में घूमते हुए एक सेक्सी लड़की दिखी, नजरें मिली और बस दोस्ती हो गयी. उसके बाद हम दोनों ने सेक्स का मजा कैसे लिया?

16 मिनट 1,043
जन्म दिन का तोहफ़ा-2
कोई मिल गया

जन्म दिन का तोहफ़ा-2

दोस्तो, इस कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं लिंडा की मित्र मीरा का बर्थडे गिफ्ट था और उसे रात को बालकनी में चोदा। रात के खेल में देर हो गई तो सुबह 9:30 पे ही नींद खुली। मीरा तब भी बेसुध सी नग्न सो रही थी। रात की चुदाई और दारु के नशे में !

6 मिनट 968

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

समीर सिंह xxx

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

रोबिक्स अंजल

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।