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शिल्पा के साथ ट्रेन का सफ़र-7

माइक डिसूजा

14 Sep 2020 को प्रकाशित

शिल्पा के साथ ट्रेन का सफ़र-7
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लेखक : माइक डिसूज़ा

अब तक आपने पढ़ा कि मुझे ट्रेन में शिल्पा नाम की एक लड़की मिली जिसने मुझे चुदाई का भरपूर मज़ा प्रिया और अपने चुदाई के किस्से भी सुनाये। मेरे साथ साथ उसने टीटी को भी पूरे मज़े दिए।

पर अगले स्टेशन के बाद जो होने वाला था उसके लिए न तो मैं तैयार था और न ही शिल्पा।

अगले स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी मैं पानी लेने के लिए नीचे उतरा। वहाँ पर काफी भीड़ थी शायद कोई रैली थी। मैं पानी लेकर डिब्बे में चढ़ा तो देखा कि शिल्पा एक कोने में बैठी है और पूरे डब्बे में लोग बैठे हुए हैं।

तभी धीरे से उनमें से एक बोला- लगता है साली का यार आ गया है !

और सब हँसने लगे।

मैं समझ गया कि अब शिल्पा की खैर नहीं ! वह भी डरी हुई बैठी थी। ट्रेन चलने लगी। थोड़ी देर तक कुछ नहीं हुआ तो मुझे लगा कि शायद शिल्पा की जान बच गई।

मैं भी सामने की सीट पर बैठ गया। पर शिल्पा बहुत देर तक खैर नहीं मना पाई। उसके बगल में जो लड़का बैठा था वो नींद का बहाना करके उसके ऊपर गिरने लगा।

पहले तो शिल्पा ने उसको अपने ऊपर से दो तीन बार हटाया फिर जब वो नहीं रुका तो पड़े रहने प्रिया। उसने अपना सर शिल्पा की गोद में रख प्रिया। फिर धीरे से अपना हाथ उसकी जाँघों पर रखकर सहलाने लगा और उसकी जांघों को चूमने लगा।

शिल्पा ने सर पीछे किया और आँखें बंद कर ली।

मैं समझ गया कि अब शिल्पा का सामूहिक सम्भोग होने वाला है। यह सोचकर ही मैं उत्तेजित हो रहा था। उस लौंडे ने तब तक अपना हाथ उसके गाउन के अन्दर डाल प्रिया था और उसकी नंगी जांघ को सहला रहा था।

बाकी सब लोग भी अब यह नज़ारा देख रहे थे। सबके लंड खड़े होने लगे थे। उस डिब्बे में कम से कम 20-22 लोग थे और सबकी आँखों में भूख दिखाई दे रही थी।

वो लड़का अब शिल्पा का गाउन और ऊपर उठा रहा था और हमेशा की तरह शिल्पा ने पैंटी नहीं पहनी थी। उसने उसकी टांगें चौड़ी की और चूत चाटने लगा। शिल्पा अब उत्तेजित होने लगी और अपनी टाँगे और फैला दी।

लोगों ने अपने लंड निकाले और मुठ मारने लगे। एक और लड़का अपना लंड लेकर शिल्पा के मुँह के पास गया और उसे खोलकर उसमें अपना लंड घुसा प्रिया।

शिल्पा ने उसका लंड पकड़कर चूसना शुरू कर प्रिया। उसके बाद दो लड़के और शिल्पा के पास गए और उसका गाउन फाड़ प्रिया और उसे नंगा कर प्रिया. और उसकी चूचियाँ चूसने लगे।

पूरे डिब्बे में सब बेसब्रे और बेकाबू होकर शोर मचाने लगे और गालियाँ दे दे कर शिल्पा के साथ मस्ती करने लगे। फिर शिल्पा को नीचे लिटाया गया और उसकी टाँगे फैलाकर पहले लड़के ने उसको चोदना शुरू किया। बाकी लोग उसके शरीर को मसलते और कुचलते रहे। शिल्पा को भी आनन्द आ रहा था और उसने मजे में चिल्लाना शुरू कर प्रिया।

तो उन्होंने उसके मुँह में अपने लंड डाल डाल कर चोदना शुरू कर प्रिया। थोड़ी देर में शिल्पा पूरी तरह से वीर्य में नहा चुकी थी।

फिर उसको उल्टा लिटा कर लोगों ने उसकी गांड मारी। 2-3 घंटे तक उसकी लगातार चुदाई होती रही। वो कब बेहोश हो गई पता ही नहीं चला पर उन लोगों ने उसको चोदना जारी रखा जब तक उनका स्टेशन नहीं आ गया।

उसके बाद वो उसे अधमरा छोड़कर नीचे उतर गए। शिल्पा को करीब एक घंटे के बाद होश आया. उसके बाद वो बाथरूम में जाकर अपने को साफ़ करके कपड़े पहन कर आई और कई घंटे तक सोती रही। सुबह हम लोगों का स्टेशन आने वाला था तो मैंने उसको उठाया।

उसने आँख खोली और मुझ देखकर मुस्कुराने लगी। मैं आश्चर्यचकित था कि इतना होने के बाद भी वो कैसे मुस्कुरा सकती है।

उसने कहा- मुझे नहीं लगता था कि मैं इतने लोगों से चुदाई के बाद भी जिंदा बचूंगी। अब मुझे पता है कि मैं इतने लोगों को झेल सकती हूँ।

उसने मुझे अपनी ओर खींचा ओर मेर होठों पर एक प्रगाढ़ चुम्बन प्रिया और बोली- यह सफ़र मुझे हमेशा याद रहेगा !

इसके बाद हम लोग स्टेशन पर उतर गए। उसके बाद मुझे शिल्पा कभी नहीं मिली।

पर मुझे पता है कि वह कहीं न कहीं किसी के साथ मज़े ले रही होगी………

आपको कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके बताएं।

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शिल्पा के साथ ट्रेन का सफ़र

कुल भाग: 5
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अंकिता सिंह 7

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

प्रेम पटेल

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

लव चौधरी

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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